
बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री ई समय बदरीनाथ धाम माँ नीलकंठ पर्वत की तरैठी माँ बनी ध्यान गुफा माँ खास साधना करत हइँ। 25 मई तक गुफा माँ ध्यान करै के बाद 26 मई से बदरीनाथ धाम माँ कथा कीन जाई, जेमाँ देस भर से सरधालुवन के पहुँचै की उमीद है। धीरेंद्र शास्त्री छह मई का बदरीनाथ धाम पहुँचे रहे। नौ मई का बदरीनाथ मंदिर माँ दरसन करै के बाद ऊ नगर पंचायत की ध्यान गुफा माँ साधना माँ लीन होइ गय। बतावा जात है कि उईं नौ से 25 मई तक साधना करै खतिर इजाजत लिहिन है। नगर पंचायत के ईओ सुनील पुरोहित बतइन कि धीरेंद्र शास्त्री के तरफ से ध्यान गुफा माँ साधना करै की इजाजत माँगी गयी रही।
खास साधना का संकल्प लिहिन
हुइँवै, चारधाम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता बतइन कि धीरेंद्र शास्त्री 25 मई तक हियाँ ध्यान माँ मगन रहिहैं अउर 26 मई से धाम माँ कथा करिहैं। धीरेंद्र शास्त्री पिछिले तीन सालन से बराबर बदरीनाथ धाम की जुआतरा पर आवत हइँ। ई दइयाँ उईं खास साधना का संकल्प लिहिन है। ऊ बदरीनाथ माँ खाकचौक के महंत बालकदास के चेला भी हइँ। कथा के आयोजन का लइके बदरीनाथ धाम माँ तैयारी भी सुरू होइ गयी हइँ। आयोजकन के मुताबिक कथा माँ कवी कुमार विस्वास के भी आवै की उमीद है। कथा अउर साधना के कारन धाम माँ सरधालुवन की भीड़ बढ़ै की उमीद है।




