प्रेस नोट

=PN 15-05-2026

पत्र सूचना साखा

सूचना अउर जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेस

राज्यमंत्री श्री दानिस आज़ाद अंसारी सरकारी आवास से सचिवालय तक क सफर बाइक से कइके ईंधन क बचत के प्रति जागरूकता क संदेस दिहिन

लखनऊ: 15 मई, 2026

माननी परधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी दुआरा ऊर्जा संरक्षण अउर पेट्रोलियम उत्पादकन क खपत कम करै बरे कीन गय आवाहन के क्रम म उत्तर प्रदेस सरकार लगातार सक्रिय भूमिका निभावत अहै। इहै दिसा म माननी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी प्रदेस के सबहिं माननी मंत्री लोगन, जनप्रतिनिधिन अउर अधिकारिन का साफ निर्देश दिहिन अहैं कि तेल अउर दूसर संसाधनन क जहाँ तक होइ सकै कम उपयोग कीन जाय अउर ओकरे सही उपयोग का प्राथमिकता दीन जाय। इहै क्रम म आज उत्तर प्रदेस सरकार के अल्पसंख्यक कल्यान, मुस्लिम वक्फ अउर हज राज्यमंत्री श्री दानिस आज़ाद अंसारी जी एक नीक पहल करत भए अपने लखनऊ स्थित सरकारी आवास से सचिवालय तक क सफर बाइक से पूरा कीन। उनका इ कदम न खाली ईंधन क बचत के प्रति जागरूकता क संदेस देत अहै, बल्कि आम जनता का भी पर्यावरन संरक्षण अउर संसाधनन क समझदारी से उपयोग करै बरे प्रेरित करत अहै।

राज्यमंत्री श्री अंसारी जी कहेन कि परधानमंत्री जी क इ आवाहन खाली एक अपील नाहीं अहै, बल्कि देस के हित म एक जरूरी कदम अहै। जेकर हर नागरिक अपने स्तर पर थोर-थोर बचत क संकल्प लेइ, तौ एकर बड़ा नीक असर देस क अरथबेबस्था अउर पर्यावरन दुनौ पर पड़ी। प्रदेस सरकार दुआरा इ दिसा म लगातार कोसिस कीन जात अहै अउर आवे वाले समय म जनभागीदारी का बढ़ावा देइ बरे जागरूकता अभियान भी चलाय जाइहीं। इ पहल एक उदाहरण अहै कि जनप्रतिनिधि खुद आगे आइके समाज का एक नीक दिसा देइ क काम करत अहैं।

सम्पर्क सूत्र- राजेश राय

राघवेन्द्र/04:10 पीएम

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कानपुर म संयुक्त मण्डली खरीफ उत्पादकता गोष्ठी क आयोजन

कुदरती खेती अउर फार्मर रजिस्ट्री पर सरकार क बिसेस जोर

लखनऊ: 15 मई, 2026

कानपुर के चन्द्रसेखर आजाद कृषि अउर प्रौद्योगिक बिस्वबिद्यालय म कानपुर, चित्रकूटधाम अउर झांसी मण्डल क संयुक्त मण्डली खरीफ उत्पादकता गोष्ठी 2026 पूर भई। इ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेस के कृषि, कृषि सिच्छा अउर कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप साही रहेन, जे दीप जराइके गोष्ठी क कायदे से सुरुवात कीन। गोष्ठी क अध्यक्षता प्रमुख सचिव कृषि रबीन्द्र कीन। इ मौके पर तीन मण्डलन के 13 जनपदन के किसानन अउर अधिकारिन कृषि पैदावार बढ़ावे अउर तकनीकी जानकारी साझा करै बरे हिस्सा लीन।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप साही अपने भासन म कहेन कि देस म वैदिक काल से ही कुदरती खेती क रीत रही अहै, जे सेहत बरे बहुतै नीक अहै। आज के समय म रसायनिक खाद के बढ़त उपयोग से बेमारियां बढ़त अहैं, इहै बरे प्रदेस म कुदरती खेती का बढ़ावा दीन जा रहा अहै अउर इ साल एकरे बरे 95 करोड़ रुपिया क बजट रखा गवा अहै। उ जानकारी दिहिन कि प्रदेस म 110 लाख हेक्टेयर छेत्र म अन्न क पैदावार बढ़ावे क लच्छ अहै, जेम बिसेस रूप से दाल वाली खेती क घेरा 4 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाय जाय।

प्रमुख सचिव कृषि रबीन्द्र किसानन से रसायनिक खाद के जगह पर हरी खाद अउर जैविक खाद के उपयोग क अपील कीन ताकि माटी क सेहत बनी रहै। उ जोर देइके कहेन कि आगे चलिके खेती वाली योजनन क लाभ पावे बरे किसानन का फार्मर रजिस्ट्री कराउब जरूरी होई। कृषि निदेसक डॉ. पंकज त्रिपाठी पानी क कमी वाले इलाकन जैसे चित्रकूटधाम अउर झांसी मण्डल म दलहन, तिलहन अउर रागी जैसी फसलन का अपनावे क सुझाय दिहिन अउर बरखा क पानी बचाये बरे चेकडैम बनवावे क जानकारी दिहिन।

गोष्ठी के दौरान बिस्वबिद्यालय के बैज्ञानिकन किसानन का बढ़िया बीयँ, माटी क सेहत अउर पसुपालन के बारे म तकनीकी जानकारी दीन। इ मौके पर ई-लाटरी के माध्यम से चुने गय 4 किसानन का ढैचा बीयँ क मिनीकिट बाँटा गवा। कार्यक्रम म गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष स्याम बिहारी गुप्ता, कुलपति डॉ. संजीब गुप्ता, बीयँ बिकास निगम के निदेसक टी.एम. त्रिपाठी सहित अलग-अलग मण्डलन के मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी अउर बिभागीय अधिकारी मौजूद रहेन।

सम्पर्क सूत्र- डा0 मनोज चन्द्रा

राघवेन्द्र/06:10 पीएम

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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीबिका मिसन के तहत रू 15 अरब 29 करोड़ से बेसी क रकम क मंजूरी दीन गय

लखनऊ: 15 मई, 2026

उत्तर प्रदेस के उप मुख्यमंत्री श्री केसब प्रसाद मौर्य के निर्देश के मुताविक उत्तर प्रदेस सासन दुआरा माली साल 2026-27 म एन०आर०एल०एम० योजना के तहत एस०एन०ए० स्पर्श माडयूल के भीतर भारत सरकार दुआरा मंजूर मदर सैक्सन के बदले अनुदान सं0-13 (सामान्य मद) के तहत केन्द्रांस क रकम रू0 91794.64 लाख के बदले राज्यांस क रकम रू0 61196.427 लाख, इ तरह कुल रू0 152991.067 लाख (रुपया पन्द्रह अरब उन्तीस करोड इक्यानबे लाख छ हजार सात सौ मात्र) का जारी कइके आयुक्त, ग्राम्य बिकास के सुपुर्द करे अउर खरच करे क मंजूरी तय सरतन के अधीन दीन गय अहै।

जारी सासनादेस म निर्देश दीन गय अहैं कि रकम क खजाने से निकासी एकमुस्त न कइके जरूरत के हिसाब से किस्तों म कीन जाई। रकम क निकासी अउर खरच योजना क गाइड लाइन अउर इ बारे म समय-समय पर जारी निर्देश क पालन करत भए कीन जाई।

मंजूर कीन गय रकम के बदले तय लच्छन का पावे अउर ओकर जाँच/सत्यापन पक्का करे क जिम्मेदारी आयुक्त, ग्राम्य बिकास/मिसन निदेसक, राज्य ग्रामीण आजीबिका मिसन क होई। मंजूर रकम के नियम के हिसाब से खरच अउर मंजूर रकम के तय फार्मेट पर उपयोगिता प्रमान पत्र पावे क जिम्मेदारी आयुक्त, ग्राम्य बिकास/मिसन निदेसक, राज्य ग्रामीण आजीबिका मिसन क होई। मंजूर रकम का निकालिके जदि कौनों अइसन खाता म रखा जात अहै, जेम ब्याज मिलत अहै, तौ मिले ब्याज क नियम के हिसाब से समायोजन/तय खाता म जमा करावे क जिम्मेदारी आयुक्त, ग्राम्य बिकास/मिसन निदेसक, राज्य ग्रामीण आजीबिका मिसन क होई। मंजूर रकम से जरूरत के मुताविक सामान, औजार आदि खरीदे बरे सामान खरीद संबंधी सासनादेसन म तय प्रक्रिया क पालन करत भए कार्यवाही पक्का कीन जाई।

उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य निर्देश दिहिन अहैं कि रकम क निकासी अउर खरच के बारे म बचत संबंधी समय-समय पर जारी सासनादेसन अउर माली नियमन क कड़ाई से पालन कीन जाय।

सम्पर्क सूत्र- बी0एल0 यादव

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खादी ग्रामोद्योग बिभाग देई आधुनिक पॉपकॉर्न मेकिंग मशीन, 30 मई तक अरजी मँगाई गय

लखनऊ: 15 मई, 2026

उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड दुआरा चलायी जाय वाली मुफ्त टूल किट्स वितरण योजना के तहत माली साल 2026-27 म पिछड़ा वर्ग के पॉपकॉर्न बनावे वाले भुर्जी समाज के देहाती छेत्र के कारीगरन अउर इ काम म रुचि राखे वाले दूसर पुरान कारीगरन का आधुनिक पॉपकॉर्न मेकिंग मशीन मुफ्त म दइके रोजगार से जोड़े क फैसला लीन गवा अहै।

जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, लखनऊ ए०के० गौतम जानकारी देत भए बताइन कि जिला लखनऊ म पॉपकॉर्न बनावे अउर बेचे क काम करै वाले इछुक मनइन से अरजी मँगाई गय अहैं। इ योजना क मकसद पुरान कारीगरन का नई तकनीक से जोड़िके उनकर आमदनी बढ़ाउब अउर स्थानीय स्तर पर काम के मौका पैदा करब अहै।

उ बताइन कि पात्र मनई अपना फोटो, आधार कार्ड, राशन कार्ड, पढ़ाई क प्रमान पत्र, ग्राम प्रधान दुआरा जारी निवास प्रमान पत्र, जाति प्रमान पत्र सहित दूसर जरूरी कागजन के साथ बिभागीय वेबसाइट upkvib.gov.in पर ऑनलाइन अरजी दइ सकत अहैं। साथ ही अरजी क हार्ड कॉपी जिला ग्रामोद्योग अधिकारी दफतर, 8 कैण्ट रोड, कैसरबाग, लखनऊ म 30 मई 2026 तक हर हाल म जमा करावे क होई।

अधिकारी अपील कीन अहैं कि पात्र लोग समय रहते अरजी दइके योजना क लाभ उठावें अउर अपने पैरों पर खड़ा होवे क दिसा म आगे बढ़ें।

सम्पर्क सूत्र- धर्मवीर खरे

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योगी सरकार के एआई विजन का मिली नई रफ्तार, लखनऊ बना टेक्नोलॉजी अउर इनोवेशन क उभरत केंद्र

एआई ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव म जुटे देस भर के बड़े अफसर, निहति क उच्च स्तरीय वर्कशॉप म आगे क गवर्नेंस पर बिचार

₹368 करोड़ क एआई सिटी अउर ₹225 करोड़ के यूपी एआई मिशन के साथ उत्तर प्रदेस टेक्नोलॉजी आधारित सासन म बना सबसे आगे क राज्य

लखनऊ: 15 मई, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगुवाई म उत्तर प्रदेस तेजी से देस के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी अउर एआई इनोवेशन हब के रूप म उभरत अहै। इहै दिसा म सुकवार का राजधानी लखनऊ म आयोजित ‘एआई ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव 2026’ म देस भर से 50 से बेसी आईएएस अधिकारिन अउर बड़े लोक प्रशासकन हिस्सा लीन। कॉन्क्लेव के दौरान ‘द एआई-पावर्ड पब्लिक एडमिनिस्ट्रेटरः कॉम्पिटेंसीज फॉर ए न्यू एरा ऑफ गवर्नेंस’ बिसय पर बड़े स्तर क कैपेसिटी-बिल्डिंग वर्कशॉप आयोजित कीन गय, जेकर संचालन एनआईएचआईटी (NIHIT) क संस्थापक अउर इंडिया-यूएस सीईओ फोरम क वर्किंग ग्रुप-7 क शेरपा डॉ. सुबी चतुर्वेदी कीन।

डॉ. सुबी चतुर्वेदी कहेन कि उत्तर प्रदेस, खास कइके लखनऊ, भारत म एआई इनोवेशन क सबसे नीक केंद्र बनिके उभरत अहै। उ कहेन कि पहिले इ सहर तहज़ीब की पहिचान रहा, अब वर्तमान सरकार क अगुवाई म तरतीब अउर तखलीक यानी नवाचार क नई पहिचान बनावत अहै। उ कहेन कि इनमोबी जैसी कंपनियन के डीपटेक काम सुरु होवे से प्रदेस म गवर्नेंस, रिसर्च, टैलेंट, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर अउर आंत्रप्रेन्योरशिप क नया माहौल बन रहा अहै।

कॉन्क्लेव के दौरान उत्तर प्रदेस सरकार क महत्वाकांक्षी एआई नीति अउर टेक्नोलॉजी सोच पर भी बिस्तार से चरचा भई। हाल ही म लखनऊ क वृंदावन योजना म ₹368 करोड़ क लागत से देस क पहिली एआई सिटी का मंजूरी दीन गय अहै, जबकि यूपी एआई मिशन बरे ₹225 करोड़ क खास बजट रखा गवा अहै।

स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह (रिटायर्ड आईएएस) कहेन कि उत्तर प्रदेस सरकारी कामकाज म एआई ट्रांसफॉर्मेशन क राष्ट्रीय मॉडल बने क दिसा म आगे बढ़ रहा अहै अउर इ राज्य क ट्रिलियन डॉलर अरथबेबस्था के लच्छ का नई गती देई।

आईटी अउर इलेक्ट्रॉनिक्स बिभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार (आईएएस) कहेन कि सरकार एआई, क्वांटम अउर डीपटेक जैसी नई तकनीकन बरे मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करे बरे पूरी कोसिस करत अहै। उ कहेन कि हाल के बजट म यूपी एआई मिशन, एआई सिटी अउर नई तकनीकन बरे खास इंतजाम कीन गय अहैं।

वर्कशॉप म एआई इकोसिस्टम, साइबर सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, एमएसएमई, स्टार्टअप्स अउर मनइन से जुड़ी सेवा म एआई क भूमिका पर बिस्तार से बात भई। डॉ. चतुर्वेदी परधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुआरा बताय गय ‘MANAV’ फ्रेमवर्क क जिकर करत भए नैतिक, जवाबदेह, आसान अउर इंसान के काम आवे वाली एआई पर जोर दिहिन। उ कहेन कि सुरक्षित अउर इंसान के हक वाली एआई के माध्यम से ही सबका साथ लेके बिकास अउर भरोसेमंद तकनीकी भविष्य क निर्माण मुमकिन अहै।

एनआईएचआईटी (NIHIT) प्लेटफॉर्म इंडिया-यूएस सीईओ फोरम के तहत चलायी जाय वाली एक जरूरी पहल अहै, जेका इनमोबी, मास्टर कार्ड अउर टाटा संस क साथ मिला अहै। इ भारत अउर अमेरिका के बीच इनोवेशन, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, साइबर सुरक्षा अउर ग्लोबल सप्लाई चेन का मजबूत करे बरे जानकारी साझा करे वाला मंच अहै।

सम्पर्क सूत्र- धर्मवीर खरे

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अपने हित से बढ़िके अहै देस क हित

आर्थिक अनुसासन अउर ऊर्जा बचत का देखत भए सब काम कीन जायं

अधिकारी अउर कर्मचारी हफ्ता म कम से कम एक दिन सरकारी बस/साधन क उपयोग करैं

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बेसी से बेसी मीटिंग करे क निर्देश

-श्री धर्मपाल सिंह

लखनऊ: 15 मई, 2026

उत्तर प्रदेस के पसुधन, दूध बिकास अउर राजनैतिक पेंसन बिभाग के कैबिनेट मंत्री श्री धर्मपाल सिंह कहेन अहैं कि अपने हित से बढ़िके अहै देस क हित। इहै बरे आर्थिक अनुसासन अउर ऊर्जा बचत का देखत भए अधिकारी अउर कर्मचारी काम करैं अउर एक बढ़िया उदाहरण मनइन के बीच रखें। उ बिभागीय काम म समय, साधन अउर ऊर्जा के सही प्रबंधन बरे अधिकारिन का जरूरी निर्देश जारी कीन अहैं।

श्री सिंह कहेन अहैं कि पसुपालन अउर दूध बिकास बिभाग म मण्डल स्तर पर होवे वाले दूध महोत्सव, अलग-अलग मीटिंग अउर बिभागीय काम म बिना मतलब क आना-जाना कम कीन जाय। उ अधिकारिन से आसा कीन कि वे डिजिटल माध्यम क उपयोग करत भए बिभागीय तालमेल का मजबूत करैं।

श्री धर्मपाल सिंह निर्देश दिहिन कि बिभागीय मीटिंग बेसी से बेसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कीन जाय। नई तकनीक क सही उपयोग न खाली समय बचाई, बल्कि सरकारी साधनन के सही उपयोग के साथ काम करे क तरीका का अउर मजबूत करी।

पसुधन मंत्री पर्यावरन बचावे अउर ईंधन क बचत का ध्यान म रखत भए बिभाग के सब अधिकारिन अउर कर्मचारिन से हफ्ता म कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन (बस आदि) क उपयोग करे क अपील कीन अहैं। उ कहेन कि इ पहल न खाली पर्यावरन के प्रति जिम्मेदारी देखाई, बल्कि समाज म एक नीक संदेस भी देई। मंत्री जी निर्देश दिहिन कि सब अधिकारी अपने-अपने दफतर म इ बेबस्था का मजबूती से लागू कराउब पक्का करैं।

श्री सिंह कहेन कि देस के माननी परधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी सब देसवासिन से आज के अंतरराष्ट्रीय हालात का देखत भए देस हित के बिसयन पर सहयोग क अपील कीन अहैं अउर हम सबका इ समय एक साथ मिलिके देस हित म अपना योगदान देइ क अहै। प्रदेस के माननी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के अगुवाई म प्रदेस सरकार सरकारी काम का अउर जिम्मेदार, आधुनिक अउर जनता के हित वाला बनावे बरे लगातार कोसिस करत अहै अउर बिभाग म भी इहै भावना के मुताविक काम कीन जात अहैं।

सम्पर्क सूत्र- निधि वर्मा

राघवेन्द्र/07:10 पीएम

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खाद्य प्रसंस्करण छेत्र म बढ़त निवेस, अलग-अलग जनपदन से मिले प्रस्ताव पर भई समीक्षा

खाद्य प्रसंस्करण से किसानन अउर जवानन क आमदनी बढ़ावे बरे सरकार क ठोस कोसिस

खाद्य प्रसंस्करण के छेत्र म रोजगार क बहुतै सम्भाबना

लखनऊ: 15 मई, 2026

उत्तर प्रदेस के उप मुख्यमंत्री श्री केसब प्रसाद मौर्य कहेन अहैं कि खाद्य प्रसंस्करण के छेत्र म किसानन अउर कारबारी क आमदनी बढ़ावे अउर जवानन बरे काम-धंधा क बहुतै मौका अहैं। उ खाद्य प्रसंस्करण बिभाग के अधिकारिन का निर्देश दिहिन अहैं कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत दी जाय वाली सुबिधा अउर मंजूर अनुदान आदि के बारे म मनइन का जागरूक अउर प्रेरित कीन जाय, ताकि बेसी से बेसी कारबार सुरु होइ सकें। इ दिसा म उद्यान अउर खाद्य प्रसंस्करण बिभाग दुआरा बहुतै तेजी से काम कीन जात अहै। उ निर्देश दिहिन अहैं कि उद्यान अउर खाद्य प्रसंस्करण का बढ़ावा दइके किसानन के माल क बेसी से बेसी दाम दिवावें। बिकसित भारत के निर्माण म खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर क बहुत बड़ा योगदान रही।

उप मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताविक बिभाग दुआरा बहुतै असरदार कदम उठाये जात अहैं। इहै कड़ी म उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत मिले प्रस्ताव क जाँच बरे अपर मुख्य सचिव, उद्यान अउर खाद्य प्रसंस्करण बिभाग क अध्यक्षता म आज अप्रेजल समिति क मीटिंग ऑनलाइन कीन गय। मीटिंग म अलग-अलग निवेसक ऑनलाइन जुड़िके अपने प्रस्ताव क बारे म बताइन अउर चरचा म सामिल भए। उद्यमी मित्र अउर बिभागीय कर्मचारी भी साइट से ऑनलाइन मौजूद रहे। मीटिंग म प्रदेस म खाद्य प्रसंस्करण यूनिट लगावे अउर ओका बढ़ावे से जुड़े प्रस्ताव पर बिस्तार से बात भई।

बतावा गवा कि 13 मई 2026 तक कुल 19 नई अरजी ऑनलाइन पोर्टल पर मिली अहैं। प्री अप्रेजल के बाद 15 नये प्रस्ताव समिति के सामने रखे गय। जेम लखनऊ से 1, बिजनौर से 1, बरेली से 3, फतेहपुर से 1, प्रयागराज से 1, सीतापुर से 1, शाहजहांपुर से 2, शामली से 1, कानपुर देहात से 1, देवरिया से 1, गाजियाबाद से 1 अउर मैनपुरी से 1 प्रस्ताव सामिल रहे। समिति दुआरा प्रस्ताव क तकनीकी अउर माली जाँच कइके सही पाये गय प्रस्ताव का राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी के सामने रखे क मंजूरी दीन गय।

मीटिंग म अलग-अलग जनपदन म बेकरी, रेडी-टू-कुक फूड, स्नैक्स अउर खाद्य सामग्री बनावे वाली यूनिट लगावे के प्रस्ताव पर बिचार कीन गवा। समिति दुआरा स्थानीय किसानन से कच्चा माल खरीदे का प्राथमिकता देवे, प्रदूषण रोकै के नियमन क पालन करे अउर जरूरी मंजूरी लेवे क निर्देश भी दीन गय।

मीटिंग म इ भी जानकारी दीन गय कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत अब तक कुल 521 लेटर ऑफ कम्फर्ट (LOC) जारी कीन जा चुके अहैं, जबकि लगभग 400 यूनिट इ समय काम सुरु कइ चुकी अहैं। इ प्रदेस म खाद्य प्रसंस्करण छेत्र म बढ़त निवेस अउर कारबार क फुर्ती का दिखावत अहै।

एकरे अलावा परधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत करजा बाँटे म उत्तर प्रदेस देस म पहिले नंबर पर अहै। योजना के माध्यम से छोटी खाद्य प्रसंस्करण यूनिटन का माली मदद दइके रोजगार अउर कारबार का बढ़ावा दीन जा रहा अहै।

उत्तर प्रदेस सासन के अपर मुख्य सचिव, उद्यान अउर खाद्य प्रसंस्करण कहेन कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योगन का बढ़ावा दइके प्रदेस म रोजगार पैदा करे, किसानन क आमदनी बढ़ावे अउर स्थानीय माल का बाजार दिवावे क दिसा म जरूरी काम कीन जा रहा अहै। उ अधिकारिन का निर्देश दिहिन कि निवेसकन का कारबार सुरु करे बरे जरूरी मदद समय पर दीन जाय।

सम्पर्क सूत्र- बी0एल0 यादव

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जिला जेल लखनऊ म बिधिक सेवा प्राधिकरण क पहल

कैदियन के घर वालेन बरे लीगल हेल्प डेस्क बनी, मेहरारू कैदियन का चसमा बाँटा गवा

लखनऊ: 15 मई, 2026

राष्ट्रीय बिधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली अउर उ०प्र० राज्य बिधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ दुआरा जारी एक्शन प्लान साल 2026-27 के तहत अउर जिला जज श्री मलखान सिंह के निर्देश मुताविक जिला बिधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ दुआरा आज जिला जेल क मुआयना कीन गवा। इ दौरान कैदियन के घर वालेन क सुबिधा बरे जेल के बाहर लीगल हेल्प डेस्क बनायी गय, जेसे उनका कानून संबंधी जानकारी मिलि सकै।

सचिव, जिला बिधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा कहेन कि प्राधिकरण क मकसद कैदियन अउर उनके घर वालेन का आसानी से अउर जल्दी कानूनी मदद पहुँचाउब अहै। उ बताइन कि इ तरह क पहल से नियाय तक पहुँचब अउर आसान होई।

कार्यक्रम के दौरान ऑल इंडिया पयामे इंसानियत फोरम दुआरा कैदियन के उपयोग बरे एक वाटर कूलर अउर मेहरारू कैदियन बरे नजर के 30 चसमा दीन गय। सचिव दुआरा लीगल हेल्प डेस्क अउर वाटर कूलर क उद्घाटन फीता काटिके कीन गवा। इ मौके पर जेल के बड़े अधीक्षक आर०के० जायसवाल, जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी, राजेश कुमार, सुनील दत्त मिश्रा अउर अभय शुक्ला सहित वकील, फोरम के सदस्य अउर कैदियन के घर वाले मौजूद रहे।

एकरे बाद जिला जेल, लखनऊ म बनी मेहरारू अस्पताल क मुआयना कीन गवा अउर कैद मेहरारू मनइन का 30 चसमा बाँटा गवा। इ पहल से मेहरारू कैदियन का रोज के जिन्दगी म सुबिधा मिली।

जिला बिधिक सेवा प्राधिकरण दुआरा सब जरूरतमंद मनइन से अपील कीन गय अहै कि वे कानूनी मदद बरे बनी लीगल हेल्प डेस्क क फायदा उठावें अउर कौनों भी कानूनी समस्या के हल बरे प्राधिकरण से सम्पर्क करैं।

सम्पर्क सूत्र- धर्मवीर खरे

राघवेन्द्र/08:00 पीएम

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सूचना अउर जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेस

वेटरिनरी काउन्सिल बरे 110.48 लाख रुपिया क रकम मंजूर

लखनऊ: 15 मई, 2026

उत्तर परदेस सरकार परदेस मा पसु चिकिस्ता सेवायें अउर पसु स्वास्थ्य के तहत राष्ट्रीय पसु स्वास्थ्य अउर रोग नियंत्रण कार्यक्रम बरे उ0प्र0 वेटरिनरी काउन्सिल बरे ई वित्तीय बरिस मा 01 करोड़ 10 लाख 48 हजार रुपिया के धनराशि मंजूर किहिस है। ई बारे मा पसुधन विभाग डारे शासनादेश जारी कइ दीन्ह गवा है।

शासनादेश मा निदेशक, प्रसासन अउर विकास, पसुपालन विभाग का निरदेस दीन्ह गवा है कि मंजूर कीन जा रही धनराशि के निकासी/खरच तय कीन गइ कार्ययोजना अउर योजना बरे निर्धारित गाइडलाईन्स क पूरा पालन करत भये खरच के ब्योरा के साथ उपयोगिता परमान-पतर सासन का दीन्ह जाई।

सम्पर्क सूत्र-निधि वर्मा
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सूचना अउर जन सम्पर्क विभाग उत्तर परदेस

परदेस के 09 जिला मा 13 गो संरक्षण केन्द्र बनावे बरे 10 करोड़ 41 लाख 56 हजार रुपिया के धनराशि मंजूर

लखनऊ: 15 मई, 2026

उत्तर परदेस सरकार परदेस मा निरासरित गोबंस के बचाव बरे परदेस के 09 जिला मा 13 नया गो संरक्षण केन्द्र बनावे बरे 10 करोड़ 41 लाख 56 हजार रुपिया के धनराशि दूसर किस्ति के रूप मा ई वित्तीय बरिस मा मंजूर किहिस है। मंजूर धनराशि क खरच जिला ललितपुर के हरदारीमादौन, झांसी के लारौनी, हाथरस के नगलागढ़ू, देवरिया के समेरी, कानपुर नगर के नानामऊ, शाहजहांपुर के हसुआजाजू, आगरा के विक्रमपुर अउर मेढ़ावली, बरेली के फुलासी, अधकटा नजराना अउर जैनपुर कादिराबाद अउर जालौन के नेकापुर चुरखी अउर रतहरी मा गो संरक्षण केन्द्रन के अस्थापना मा कीन जाई। हर एक केन्द्र बरे 80.12 लाख रुपिया के धनराशि के बेवस्था कीन गइ है।

ई बारे मा पसुधन विभाग डारे शासनादेश जारी करत भये निदेशक, प्रसासन अउर विकास पसुपालन विभाग का जरूरी दिसा-निरदेस जारी कइ दीन्ह गइन हैं कि गो संरक्षण केन्द्रन बरे जउन रुपया दीन्ह गवा है ओकर नियम के हिसाब से खरच, ब्योरा/उपयोगिता परमानपतर अउर भौतिक परगति अउर सुद्धता तय करइ क जिम्मेदारी निदेशक, प्रसासन अउर विकास, पसुपालन विभाग क होई।

सम्पर्क सूत्र-निधि वर्मा
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सूचना अउर जन सम्पर्क विभाग उत्तर परदेस

परदेस के अलग-अलग जिला मा रामलीला मैदानन का मजबूत बनावे, सजावे अउर दूसर विकास काम बरे 23 परयोजना मंजूर

बनावे क काम सुद्धता अउर समइ के साथ पूरा कीन जाइ- जयवीर सिंह

लखनऊ: 15 मई, 2026

परदेस के अलग-अलग जिला मा 31 मार्च, 2026 तक रामलीला मैदानन का मजबूत करइ, सजावे अउर दूसर विकास काम बरे 23 परयोजना मंजूर कीन गइ हैं। सब परयोजना बरे रुपया के पहिली किस्ति जारी कइ दीन्ह गइ है। ई जगहिन के निर्माण बरे संबंधित काम करइ वाली संस्था डारे टेंडर के प्रक्रिया चल रही है।

ई जानकारी परदेस के पर्यटन अउर संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह दीहिन। उहइ बताइन कि जिला भदोही के गाँव अमीरपट्टी मा रामलीला मैदान के सजावट अउर दूसर विकास काम बरे 102.67 लाख रुपिया के धनराशि मंजूर कीन गइ है। अइसनय लखनऊ के वि0स0 क्षेत्र मोहनलाल गंज के गाँव सिसेंडी मा रामलीला मैदान के घेराबंदी (बाउण्ड्रीवाल) बरे 116.60 लाख रुपिया, मोहनलालगंज के गाँव हिलगी मा रामलीला मैदान के बाउण्ड्रीवाल बनावे बरे 112.66 लाख रुपिया, मोहनलालगंज के गाँव बरवलिया मा बाउण्ड्रीवाल बनावे बरे 119.70 लाख रुपिया, हरदोई के सवाइजपुर मा रामलीला मैदान क पक्का गर्त बनवावे बरे 102.67 लाख रुपिया के धनराशि मंजूर कीन गइ है।

पर्यटन मंत्री बताइन कि गोरखपुर जिला के वि0स0 खजनी मा रामलीला मैदान के विकास अउर सजावट बरे 279.71 लाख रुपिया, प्रतापगढ़ के तह0 पट्टी मा स्थित सार्वजनिक रामलीला मैदान के सजावट बरे 99.88 लाख रुपिया, जिला रामपुर के साहूकारा मोहल्ला मा रामलीला मैदान बरे 137.17 लाख रुपिया, रामपुर के विलासपुर के सोमवार की बाजार मा स्थित रामलीला मैदान बरे 299.205 लाख रुपिया, जिला गाजियाबाद के वि0स0 क्षेत्र साहिबाबाद मा स्थित रामलीला मैदान मंच अउर एक संस्कृति केन्द्र बनावे बरे 271.92 लाख रुपिया, जिला गोरखपुर के गीता वाटिका मा स्थित श्रीरामलीला मंच के फिर से निर्माण बरे 99.95 लाख रुपिया अउर जिला फतेहपुर वि0ख0 अमौली मा रामलीला परिसर रंगमच के सजावट काम बरे 242.55 लाख रुपिया के धनराशि मंजूर कीन गइ है।

पर्यटन मंत्री बताइन कि जिला गोंडा मा वि0स0 क्षेत्र तरबगंज मा स्थित पर्यटन स्थल महराज परमहंस बरियाडी के रामलीला मैदान के सजावट बरे 339.34 लाख रुपिया, जिला लखनऊ के ऐशबाग रामलीला मैदान के विकास बरे 129.60 लाख रुपिया, जिला भदोही के गाँव कंसापुर मा रामलीला मैदान के सजावट आदि बरे 250.17 लाख रुपिया, उन्नाव जिला के वृन्दावन पार्क रामलीला स्थल का विकसित करइ बरे 244.57 लाख रुपिया, जिला फतेहपुर के खागा मार्ग स्थित रावण मैदान अउर रमबंदी मा ऐतिहासिक रामलीला मैदान के मरम्मत (जीर्णोद्वार) बरे 301.19 लाख रुपिया, जिला बिजनौर के वि0स0 नगीना के गाँव कोतवाली स्थित रामलीला मैदान के चहारदीवारी आदि काम बरे 180.24 लाख रुपिया अउर हमीरपुर के ब्लाक श्रीराम जानकी मंदिर प्रांगण रामलीला मंच बनावे बरे 91.33 लाख रुपिया के धनराशि मंजूर कीन गइ है।

जयवीर सिंह बताइन कि अइसनय जिला फर्रूखाबाद के मोहम्मदाबाद आजाद नगर मा स्थित रामलीला मैदान मा टीन शेड डलवावे बरे 79.73 लाख रुपिया के धनराशि, जिला हरदोई के तहत गाँव बरबन के रामलीला मंच अउर दूसर विकास काम बरे 189.02 लाख रुपिया, जिला हरदोई के तहत वि0स0 भरखनी, गाँव लखनौर के रामलीला मंच अउर दूसर विकास काम बनावे बरे 183.85 लाख रुपिया अउर कुशीनगर लोकसभा के वि0ख0 खड्डा की ग्रा0स0 मठिया बुजुर्ग मा रामलीला स्थल के सजावट बरे 155.02 लाख रुपिया के धनराशि मंजूर कीन गइ है। पर्यटन मंत्री बताइन कि 07 जिला के परयोजना बरे सीएनडीएस संस्था का जिम्मेदारी दीन्ह गइ है। बाकी जिला के परयोजना बरे यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लि0 का काम करइ वाली संस्था नामित कीन गवा है। ई संस्था का सब काम सुद्धता अउर समइ के साथ पूरा करइ के निरदेस दीन्ह गइन है।

सम्पर्क सूत्र-केवल
वैशाली माथुर/04ः45 PM
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सूचना अउर जन सम्पर्क विभाग उत्तर परदेस

उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निरदेस के हिसाब से बाबा साहब अंबेडकर रोजगार परोत्साहन योजना 2.0 लागू करइ बरे परस्ताव तैयार कीन जा रहा है

लखनऊ: 15 मई, 2026

उत्तर परदेस के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के बाबा साहब अम्बेडकर रोजगार परोत्साहन योजना के मार्गदरसी सिद्धांतन का बदलत/सुधारत भये बाबा साहब अम्बेडकर रोजगार परोत्साहन योजना 2.0 लागू करइ क परस्ताव तैयार करइ क काम उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निरदेस के हिसाब से ग्राम्य विकास विभाग डारे कीन जा रहा है।

ई परस्ताव का मंजूरी मिलि जाय पर गाँव-देहात मा लोकल लेवल पर जउन सामान अउर जरूरत है ओका देखत भये बहुमुखी अउर बहु आयामी योजना मा तेजी आई, जेसे कि गाँव-देहात मा लोकल लेवल पर लगातार रोजगार मिलि सकी। उप मुख्यमंत्री बताइन कि बदली भइ योजना का बजट (वित्तीय आकार) भी बढ़ी।

सम्पर्क सूत्र-बी0एल0यादव
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सूचना अउर जन सम्पर्क विभाग उत्तर परदेस

प्रमुख सचिव के कहे पर परदेस के सब अटल अउर विहान आवासीय विद्यालयन मा पहुँची ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस

लखनऊ: 15 मई, 2026

डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम्, प्रमुख सचिव (तकनीकी शिक्षा) डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय, लखनऊ मा भइ विश्वविद्यालय के कार्यकारी समिति के बैठक मा सामिल भये।

दौरा के समइ उहइ कॉलेज अउर इस्कूल के बच्चन बरे चलइ वाली ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस का देखिन। उहइ कुलपति डॉ. ए.के. पांडे से कहेन कि अटल आवासीय विद्यालय, लखनऊ मा भी बस भेजी जाय जेसे हुवाँ के लरिका भी नया मोबाइल प्रयोगशाला क अनुभव पाइ सकें।

प्रमुख सचिव के कहे पर 14 मई का ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस का अटल आवासीय विद्यालय, लखनऊ भेजा गवा। लरिकन ने बड़े खुसी से प्रयोगशाला का देखिन, खुदु कुछ चीजिन क उपयोग किहिन अउर ढेर सवाल पूँछिन।

बच्चन क उत्साह देखत भये प्रमुख सचिव एकेटीयू के कुलपति से गरम के छुट्टी के बाद परदेस के बाकी सब 17 अटल आवासीय विद्यालयन अउर 24 विहान आवासीय विद्यालयन मा भी ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस भेजे क आग्रह किहिन है। लरिकन के गरम के छुट्टी 19 मई से सुरू होत है।

प्रमुख सचिव श्री सुंदरम बताइन कि अटल आवासीय विद्यालय मजदूरी करइ वालन के बच्चन अउर कोरोना काल मा माई-बाप का खोय चुके बच्चन बरे बनावा गवा है। उत्तर परदेस मा हर मंडल मा एक इस्कूल के हिसाब से कुल 18 विद्यालय चलत हैं।

ई विद्यालय सीबीएसई के हिसाब से पढ़ाई करवावत हैं। हर विद्यालय मा 1000 लरिकन (500 लरिका अउर 500 लरिकी) के रहइ क छमता है। नवोदय, केंद्रीय अउर सैनिक विद्यालयन के रिटायर्ड गुरुजी अउर चुने भये परिषदीय गुरुजी हुवाँ पढ़ावे क काम करइत हैं।

अटल आवासीय विद्यालय के पहिले बैच के 2178 लरिकन ई बरिस कक्षा 10 के सीबीएसई बोर्ड परीच्छा मा 93.15 प्रतिसत पास होवे क रिजल्ट पाइन। प्रयागराज अउर बनारस के विद्यालयन क रिजल्ट 100 प्रतिसत रहा, जबकि 15 विद्यालयन क रिजल्ट 90 प्रतिसत से ढेर रहा।

उहइ बताइन कि विहान आवासीय विद्यालय सरम विभाग डारे चलाय जात हैं। परदेस के 12 जिलन मा कुल 24 विद्यालय चलत हैं, हर जिला मा लरिका अउर लरिकी बरे एक-एक विद्यालय।

ई विद्यालय राज्य पाठ्यक्रम से जुड़े हैं अउर ई मा हिंदी माध्यम से कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाई दीन्ह जाति है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के तर्ज पर बने ई विद्यालयन मा हर कक्षा मा 100 लरिकन के छमता है।

सम्पर्क सूत्र-सोनी सिंह
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सूचना अउर जनसंपर्क विभाग, उत्तर परदेस

लेख
पर्यटन विभाग

मा0 मुख्यमंत्री पर्यटन विकास सहभागिता योजना से परदेस के तस्वीर बदल रही है

लखनऊ: 15 मई, 2026

उत्तर परदेस सरकार पर्यटन सेक्टर के बड़ी संभावना देखत भये मुख्यमंत्री पर्यटन विकास सहभागिता योजना चलावत है। ईके तहत परदेस के विधानसभा छेत्र का एक इकाई मानि के एक या एक से ढेर पर्यटन जगहिन का विकास बरे चुना जाई। चुनी भइ जगह धरमिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक, पौराणिक या ऐतिहासिक या पर्यटन के हिसाब से जनता के काम बरे जरूरी होवे क चाही। सहभागिता वाली ई योजना मा कम से कम 25 लाख रुपिया अउर बेसी से बेसी 05 करोड़ रुपिया तक के परस्ताव पर काम कीन जाई।

ई योजना मा 50 प्रतिसत हिस्सा मा० जनप्रतिनिधिन के अलावा कोनो भी बड़ा अउर काबिल आदमी या सरकारी, अध-सरकारी, गैर-सरकारी संस्था/संगठन आपन परस्ताव दइ सकत है। संबंधित छेत्र के मा० सांसद, लोकसभा/राज्यसभा डारे सांसद निधि अउर विधान सभा/विधान परिषद के विधायक आपन विधायक निधि के तहत नियम के हिसाब से काम बरे परयोजना के लागत क 50 प्रतिसत रुपया क परस्ताव दइ सकिहैं। सहभागिता आधारित 50-50 प्रतिसत के हिस्सा से ई योजना चलाई जाई। चुनी भइ जगह क नक्‍सा जिलाधिकारी पर्यटन विभाग के आर्किटेक्ट से बनवाइ के जिला पर्यटन अउर संस्कृति परिषद के सिफारिस के साथ महानिदेशक पर्यटन का भेजिहैं। पर्यटन विकास बरे निर्विवादित जगह क चुनाव कीन जाई, जहाँ कोनो अदालती रोक, जमीन क झगड़ा या कोनो अउर सीमा अउर मालिकाना हक क विवाद न होय।

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास सहभागिता योजना क मकसद उत्तर परदेस के हर विधानसभा छेत्र के एक या एक से ढेर जरूरी जगह क चुनाव क परस्ताव दीन्ह जाइ सकत है। ई पर्यटन जगह का एक बड़े लेवल के पर्यटन जगह के रूप मा बनावा जाई। कम जानल पहिचानल जगहिन का विकसित कइ के पर्यटन सेवा देवे वालन का बुलाया जाई। चुनी भइ जगहिन पर सैलानियों अउर सरद्धालुवन बरे सब जरूरी सुबिधा दीन्ह जाई। ई योजना क मुख्य मकसद पर्यटन जगहिन के बढ़ावे से लोकल व्यापारियों का बढ़ावा अउर पर्यटन सेवा मा रोजगार के मौका बढ़ाउब है। पर्यटन के काम बढ़े से सीधा अउर अप्रत्यक्ष रोजगार के मौका भी बनी। राज्य सरकार ई योजना मा पर्यटन जगहिन के विकास के साथ-साथ निवेश के संभावना भी खोजइ क काम करी।

चुनी भइ जगहिन पर जनसुविधा के विकास, पर्यटन परिसर क सजावट, बइठइ बरे बेंच बनाउब, साइनेज, जलपानगृह, स्टोर रूम, लॉकर, जूता घर, चबूतरा रेलिंग, घेराबंदी, इण्टरलॉकिंग, टाइल्स, सजावट आदि क काम करावा जाई। पौराणिक जगहिन पर वाल पेंटिंग, म्यूरल फ्रेस्को, परिसर के अंदर पार्किंग, गेट, रोशनी, पानी, एसटीपी, बिजली आदि क काम करावा जाई। योजना क काम जिला पर्यटन अउर संस्कृति परिषद डारे करावा जाई। ई परिषद के अध्यक्ष जिलाधिकारी अहइँ। ईके अलावा 13 विभाग के अधिकारी सदस्य के रूप मा सामिल कीन गइन हैं।

परदेस मा सैलानियों का बुलावे बरे चलइ वाली ई योजना के तहत चुनी भइ जगह के विकास बरे नीति बनाई गइ है। पर्यटन विभाग डारे चलइ वाली ई योजना मा राज्य के हर विधानसभा छेत्र मा एक या एक से ढेर पर्यटन जगह बनावे बरे कम से कम 25 लाख अउर बेसी से बेसी 5 करोड़ रुपिया तक होई, जेमा पर्यटन विभाग डारे लागत क बेसी से बेसी 50 प्रतिसत या 2 करोड़ 50 लाख रुपिया तक दीन्ह जाई। काम पूरा होइ के बाद ओकर देख-रेख, संचालन अउर मरम्मत क काम जिला के जिलाधिकारी करिहैं।

पिछले 09 बरिस मा मा० मुख्यमंत्री जी के बढ़िया देख-रेख मा रोजगार बनावे अउर पैसा कमावे क जरूरी जरिया मानत भये पर्यटन का बढ़ावा देवे वाले सब कामन का नीक बनावे पर जोर दीन्ह गवा है। पर्यटन के काम बढ़ाय बरे सैलानियों के पसंद के हिसाब से सुबिधा बनाई गइ है। ईके अलावा कम समइ मा परदेस के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुँचे बरे कनेक्टिविटी बढ़ावे के साथ सैलानियों के सुरक्षा पर खास ध्यान दीन्ह गवा है। पक्का तौर पर मुख्यमंत्री पर्यटन विकास योजना, जउन परदेस के हर विधानसभा छेत्र मा फैलाई जाई, ईसे उत्तर परदेस पर्यटन के छेत्र मा पूरे देस मा नया काम करी। ईसे ‘‘यूपी नहीं देखा तो इण्डिया नहीं देखा’’ क संकलप पूरा होइ सकी।

ई योजना के दिसा-निरदेस 15 मई, 2023 का जारी कीन गइन रहे। योजना के नीक से चले से उत्तर परदेस के हर विधानसभा छेत्र के जरूरी पर्यटन जगह अउर कम जानल पहिचानल जगहिन का बड़े लेवल के पर्यटन जगह के रूप मा बनावा जा रहा है। वित्तीय बरिस 2023-24 मा 41 परयोजना लागू कीन गइन। वित्तीय बरिस 2024-25 मा कुल 17 परयोजना लागू भइन। वित्तीय बरिस 2025-26 मा 02 परयोजना मंजूर कीन गइ हैं अउर बाकी 04 परयोजना मंजूर करइ क काम चलत है। ई तरह से पूरे परदेस के विधानसभा मा स्थित पुरान, ऐतिहासिक अउर पुरातात्विक जरूरी जगहिन का पर्यटन के नजर से कायाकल्प कीन जा रहा है।

———————————–
-केवल राम, से0नि0 सूचना अधिकारी

पत्र सूचना शाखा

सूचना अउर जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश

लेख

अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग

अलीगढ़ मा सौर क्रांति ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाईस

लखनऊ: 15 मई, 2026

आजु के जुग मा ऊर्जा कै मांग अउर ओकरी उपलब्धता के बीच क संतुलन कउनो भी राष्ट्र के तरक्की क आधार होत अहै। भारत जइसन बड़े देस मा, जहाँ ऊर्जा कै खपत लगातार बढ़त जात अहै, हुआं नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोतन् का अपनाब अब खाली एक विकल्प नाहीं बल्कि एक जरूरी आवश्यकता बनि गवा अहै।

प्रदेश सरकार अउर केंद्र सरकार के साझा प्रयासन् से चलय वाली ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ इहै दिशा मा एक क्रांतिकारी कदम अहै, जे न खाली मध्यम अउर निम्न आय वाले परिवारन का बिजली के बिलन के बोझ से छुटकारा दियावय क वादा करत अहै, बल्कि देस का एक टिकाऊ अउर पर्यावरण के अनुकूल भविष्य की ओर लै जाय क संकल्प भी राखत अहै। अलीगढ़ जनपद मा ई बदलाव एक शांत लेकिन बहुत प्रभावशाली ऊर्जा क्रांति के रूप मा आकार लै रहल अहै। ई क्रांति कउनो अचानक आई तकनीकी खोज क नतीजा नाहीं अहै, बल्कि आम नागरिकन की समझदारी, सरकारी योजनन की सुलभता अउर सुरुज की असीम ऊर्जा के बड़े उपयोग बदे कीन गये एक सफल तालमेल क फल अहै। बढ़त बिजली बिल अउर स्मार्ट प्रीपेड मीटरन मा तकनीकी चुनौतीन स्थानीय मनइयन का वैकल्पिक समाधान की ओर प्रेरित कीहिन, जेकर पक्का समाधान उनहिन का छतिया पर लाग रूफटॉप सोलर पैनल के रूप मा मिला अहै।

ई योजना के लागू करय की प्रक्रिया बहुत व्यवस्थित अउर पारदर्शी राखी गयी अहै, जेसे लाभ लेय वालन का कउनो भी तरह की परेशानी ना होय। अलीगढ़ के बारे मा देखल जाय तौ कुछ समय पहिले तक हियाँ के ज्यादातर परिवारन बदे बिजली क बिल एक बड़ी चिंता क बात रही। साधारण दिनन मा दुई हजार से ढाई हजार रुपया अउर गरमी मा चार हजार रुपया तक पहुँचय वाले बिलन घरेलू बजट का बुरी तरह से खराब कइ दिहे रहेन।

इहै हालतन मा जब केंद्र अउर प्रदेश सरकार की बड़ी योजना जमीन पर उतरीं, तौ मनइयन के सामने एक भरोसय वाला विकल्प खुलि गवा। ई योजना न खाली आर्थिक रूप से आसान रही, बल्कि पर्यावरण के हिसाब से भी ठीक रही। धीरे-धीरे मनइयन एका अपनाब सुरु कीहिन अउर देखत-देखत अलीगढ़ मा ई एक जन-भागीदारी क रूप लै लेहिस। आंकड़न के आइना मा देखी तौ सौर ऊर्जा के प्रति बढ़त जागरूकता क अंदाजा इहै बात से लगावा जाइ सकत अहै कि जनपद मा खाली चार महीना के भीतर सोलर पैनल लगवावै वालन की संख्या मा दुगना से बेसी बढ़ोत्तरी देखी गयी अहै। पिछला दिसंबर महीना मा जहाँ ई संख्या 576 रही, वहीं अप्रैल आवत-आवत ई बढ़िके 1185 तक पहुँच गयी। ई आंकड़ा खाली संख्या नाहीं अहैं, बल्कि ओहि भरोसे क निसानी अहैं जेका आम मनई अब सौर ऊर्जा पर जतावत अहैं।

आर्थिक नजरिया से देखल जाय तौ सब्सिडी ई योजना की सबसे बड़ी ताकत बनि के उभरी अहै। आम उपभोक्ता बदे जौन सोलर सिस्टम पहिले महंगा लागत रहा, उ अब काफी सस्ता अउर आसान होइ गवा अहै। ई समय मा एक किलोवाट के सिस्टम पर जहाँ साठ हजार रुपया क खरच आवत अहै, वहीं प्रदेश सरकार अउर केंद्र के सहयोग से पैंतालीस हजार रुपया तक की सब्सिडी दीन जात अहै। इहै तरह दुई किलोवाट अउर तीन किलोवाट के सिस्टम पर भी भारी छूट मिलत अहै, जेसे कुल लागत क लगभग 75 प्रतिशत तक हिस्सा सरकार द्वारा भरा जात अहै। एसे उपभोक्ता क आर्थिक बोझ काफी कम होइ गवा अहै अउर मध्यम वर्गीय परिवार भी आसानी से एका अपनाइ पावत अहैं।

अलीगढ़ के अलग-अलग इलाकन जइसन कि शताब्दी नगर, वैष्णो रॉयल सिटी अउर असदपुर कयामपुर से आय अनुभव ई बदलाव क पक्का करत अहैं। जिन परिवारन क बिजली बिल पहिले हजारन मा आवत रहा, सोलर सिस्टम लगवय के बाद उ घटिके कुछ सौ रुपया रहि गवा अहै अउर कइयौ मामला मा तौ बिल जीरो तक पहुँच गवा अहै। ई खाली पइसा क बचत नाहीं अहै, बल्कि एक आम मनई बदे आत्मनिर्भरता क उ अहसास अहै जे ओका हर महीना की चिंता से आजाद कइ दिहे अहै।

जिला प्रशासन अउर प्रदेश सरकार ई अभियान मा बहुत जरूरी भूमिका निभावत अहैं। सरकारी प्रयासन् के तहत न खाली पइसा की मदद दी जा रही अहै, बल्कि लगातार जागरूकता अभियान भी चलाय जात अहैं ताकि विभाग की ई नीकी योजनन क लाभ समाज के आखिरी मनई तक पहुँच सकै। ई वित्तीय बरीस 2024-25 अउर आवय वाले बरीस 2025-26 बदे तय कीन गये लक्ष्यन के मुकाबले जिला प्रशासन के देख-रेख मा कतहुं बेसी तेजी से सिस्टम लगाय जात अहैं।

अलीगढ़ मा अब तक हजारन घरन मा सोलर सिस्टम कामयाबी से लगि चुके अहैं अउर भविष्य बदे 21,868 सिस्टम लगवय क बड़ा लक्ष्य तय कीन गवा अहै। ई मजबूती आवय वाले बखत मा ऊर्जा के क्षेत्र मा अलीगढ़ का एक मॉडल जिला के रूप मा खड़ा करी। जब बिजली क पैदावार खरच होय वाली जगह पर ही होय लागत अहै, तौ बिजली आवय-जाय मा होय वाला नुकसान अपने आप कम होइ जात अहै, जेकर सीधा फायदा देस की अर्थव्यवस्था का मिलत अहै।

पर्यावरण के असर की बात करी तौ सौर ऊर्जा खाली आर्थिक फायदा ही नाहीं देत, बल्कि प्रकृति बदे भी बहुत बड़ा वरदान साबित होइ रही अहै। पुराना बिजली घरन मा कोयला अउर तेल क उपयोग हवा के प्रदूषण अउर कार्बन निकरय क मुख्य कारन अहै। एकरे उलट, सौर ऊर्जा पूरी तरह साफ-सुथरी अउर नवीकरणीय अहै। अलीगढ़ मा सोलर पैनलन की बढ़त संख्या क मतलब अहै कि जनपद के कार्बन उत्सर्जन मा धीरे-धीरे कमी आइ रही अहै। ई कदम आवय वाली पीढ़िन बदे एक सुरक्षित, प्रदूषण से आजाद अउर साफ वातावरण पक्का करय की दिशा मा मील क पत्थर अहै।

सरकार एका अइसन जीवन जियय के तरीका के रूप मा बताय अहै जहाँ हर नागरिक ऊर्जा बनावय मा हिस्सेदार बनि के देस बनावय मा आपन योगदान दइ सकत अहै। स्कूलन अउर सरकारी जगहन पर भी सौर ऊर्जा के फायदन का लैके दी जाय वाली जानकारी भविष्य के जागरूक नागरिकन का तैयार करि रही अहै।

जेहि रफ्तार से सौर ऊर्जा क फैलाव होइ रहा अहै, उ साफ इसारा अहै कि आवय वाले बरीसन मा ई क्षेत्र पूरी तरह आत्मनिर्भर बनि जाई। बरीस 2026-27 तक के लक्ष्यन का पावै के बाद अलीगढ़ न खाली बिजली के मामला मा अपने गोड़ पर खड़ा होई, बल्कि हियाँ क मॉडल अउर जिलन बदे भी प्रेरणा क जरिया बनी। ई एक अइसन मिसाल अहै जौन खाली तकनीक से नाहीं, बल्कि जन-जागरूकता, दूर के सोच अउर मिल-जुलि के प्रयास से कदम आगे बढ़ावत अहै। जब आम मनई अउर सरकार मिलिके एक साझा लक्ष्य की ओर बढ़त अहैं, तौ बड़े से बड़ा बदलाव मुमकिन होइ जात अहै।

आजु अलीगढ़ क हर उ घर, जे सौर ऊर्जा का अपनाय अहै, न खाली आपन माली हालत का मजबूत करि रहा अहै, बल्कि देस की ऊर्जा सुरक्षा का भी नई ताकत दइ रहा अहै। ‘सुरुज की जोति’ सचमुच मनइयन के जिनगी मा नई उम्मीद अउर खुशहाली क अंजोर भरि दिहे अहै, जौन आवय वाले समय मा अउर भी चमक के उभरी। ई एक ऊर्जा क्रांति अहै जेकर फैलाव भारत का दुनिया के ऊर्जा पटल पर एक राह देखावय वाले के रूप मा खड़ा करय की दिशा मा एक मजबूत नींव अहै।

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जनपद: अलीगढ़

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