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जगन्नाथ पुरी से कोणार्क तक अब सिधुवा ट्रेन, भारतीय रेलवे क सौगात से सरदालुन क सफर भवा आसान

भगवान जगन्नाथ क नगरी पुरी अउर सुरुज मंदिर खातिर मसहूर कोणार्क के बीच अब रेल सेवा क दूरी खतम होय वाली अहै। भारतीय रेलवे सरदालुन अउर घुमइया लोगन का बड़ सौगात देइत भए पुरी से कोणार्क के बीच सिधुवा ट्रेन चलावै क जोजना का मंजूरी दइ दिहिस अहै। ई नई रेल लाइन बनै से जातरीन का न खाली सुबिस्ता होई, बल्कि समय क भी बहुत बचत होई।

बतावा जात है कि पुरी अउर कोणार्क ओड़िसा क सबसे जरूरी पर्यटन जगहिन में से अहैं। ई समइ इन दुइनौ सहरन के बीच कउनो सिधुवा रेल क जुड़ाव नाहीं अहै अउर जातरीन का सड़क के रस्ता क सहारा लेइ का पड़त है। नई रेल लाइन बिछावै की ई परियोजना पर रेल मंत्रालय तेजी से काम करै क हुकुम दिहिस है।

नई रेल लाइन क खासियत

ई परस्तावित रेल जोजना के तहत पुरी अउर कोणार्क के बीच लगभग 32 किलोमीटर लम्बी नई पटरी बिछाई जाई। ई लाइन बनावै में नई तकनीक क इस्तेमाल कीन जाई ताकि पर्यावरण पर कम से कम असर पड़ै। रेलवे क अधिकारिन क मानब है कि ई जोजना खातिर जमीन हथियावै क काम जल्दीय सुरू कीन जाई।

सरदालुन खातिर बड़ राहत

हर साल लाखन सरदालु पुरी में जगन्नाथ मंदिर क दरसन करै आवत हैं अउर ओकरे बाद कोणार्क सुरुज मंदिर भी जात हैं। सिधुवा ट्रेन सेवा सुरू होय से बुढ़वन अउर लरिका-बच्चन के साथै सफर करै वाले परिवारन का सबसे ढेर फाइदा होई। साथै-साथै, एकरे से ईंहा क पर्यटन अउर रोजगार क मौका में भी बढ़ती होय क उम्मेद है।

भारतीय रेलवे क लच्छ है कि ई रेल लाइन का तय समय के भीतर पूरा कीन जाय ताकि जल्दी से जल्दी जातरी सेवा क लाभ उठाय सकें। ई कदम ‘देखो अपना देश’ पहल के तहत पर्यटन का बढ़ावा देइ क कोसिसन क एक जरूरी हिस्सा माना जात है।

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