पत्र सूचना शाखा
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
अंशकालिक अनुदेशकन क होइ सम्मान समारोह, मुख्यमंत्री करिहैं बढ़ल मानदेय वितरण क शुभारंभ
लोकभवन से सीएम योगी करिहैं कार्यक्रम क अध्यक्षता, सब जिलन मा होइ लाइव प्रसारण
हर जनपद मा जनप्रतिनिधिन क मौजूदगी मा बाँटा जाइ चेक
राज्यस्तरीय समारोह के साथै जिलाधिकारीन का भव्य आयोजन अउर प्रचार-प्रसार क निर्देश
लखनऊ: 16 मई, 2026
प्रदेश सरकार अंशकालिक अनुदेशकन के सम्मान अउर उनके बढ़ल मानदेय वितरण का लई के 17 मई, 2026 का पूरे उत्तर प्रदेश मा भव्य कार्यक्रम आयोजित करै जा रही अहै। राजधानी लखनऊ मा स्थित लोकभवन सभागार मा आयोजित राज्यस्तरीय समारोह मा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अंशकालिक अनुदेशकन के सम्मान अउर बढ़ल मानदेय वितरण कार्यक्रम क शुभारंभ करिहैं। कार्यक्रम संझा 4 बजे से आयोजित होइ। सरकार द्वारा पहिले जारी शासनादेश के तहत अंशकालिक अनुदेशकन के मानदेय मा बढ़ोत्तरी क फैसला लीन गवा रहा। बढ़ल मानदेय 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी कीन गवा अहै। इसी के तहत अब पूरे प्रदेश मा प्रतीकात्मक चेक वितरण कार्यक्रम आयोजित कीन जइहैं।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह अंशकालिक अनुदेशकन के सम्मान अउर बढ़ल मानदेय वितरण कार्यक्रम का प्रदेश सरकार क प्रतिबद्धता क प्रतीक बतावत कहेन कि ई फैसला मास्टरन के सम्मान अउर उनके आर्थिक मजबूती क दिसा मा एक बड़ा कदम अहै। उहय कहेन कि योगी आदित्यनाथ के अगुवाई मा सरकार लगातार शिक्षा व्यवस्था का मजबूत करै अउर मास्टरन के हितन क रक्षा करै क बरे काम कर रही अहै।
ई संबध मा बेसिक अउर माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा सब जिलाधिकारीन का निर्देश जारी करि दीन गय हवैं। निर्देश मा कहा गवा अहै कि मुख्यमंत्री क अध्यक्षता मा होय वाले कार्यक्रम के साथै-साथ सब जिलन मा भी भव्य आयोजन पक्का कीन जाय। कार्यक्रम मा प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, अउर जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी अउर जिला स्तर के अधिकारिन क सहभागिता रही।
जिलाधिकारीन का निर्देश दीन गवा अहै कि कार्यक्रम क खूब प्रचार-प्रसार करावा जाय। जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रमन मा बड़ी संख्या मा मास्टरन, अंशकालिक अनुदेशकन अउर आम जनता क सहभागिता पक्का करै क निर्देश दीन गय हवैं। कार्यक्रम खतम होय के बाद जिलन मा जनप्रतिनिधिन द्वारा अंशकालिक अनुदेशकन का बढ़ल मानदेय क प्रतीकात्मक चेक बाँटा जाइ। साथै मा सांस्कृतिक कार्यक्रम अउर जनप्रतिनिधिन क भासन भी आयोजित कीन जइहैं।
सम्पर्क सूत्र- धर्मवीर खरे
राघवेन्द्र/04ः35 पीएम
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सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
बरखा से पहिले सफाई व्यवस्था दुरुस्त करै क निर्देश, मंत्री ए.के. शर्मा किहिन समीक्षा बैठक, बिजली सप्लाई अउर नगर विकास काजन का लई के अधिकारिन का दीहिन तुरन्त कार्रवाई क निर्देश
वाराणसी के सौंदर्यीकरण, सफाई अभियान अउर बिजली व्यवस्था का बेहतर बनावै बरे मंत्री ए.के. शर्मा सख्त, देर रात किहिन सहर क निरीक्षण
नगर विकास अउर ऊर्जा विभाग क समीक्षा बैठक मा मंत्री ए.के. शर्मा क निर्देश, बरखा से पहिले नालन क सफाई अउर बिजली समस्या के तुरन्त समाधान पर जोर
अबकी बार नीक काजन के दम पर बनारस का स्वच्छता रैंकिंग मा नीक जगह दियावै क तैयारी
लखनऊ: 16 मई, 2026
नगर विकास अउर ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा वाराणसी मा नगर विकास विभाग अउर ऊर्जा विभाग क अलग-अलग समीक्षा बैठक कइके अधिकारिन का जरूरी दिशा-निर्देश दीहिन। मंत्री श्री शर्मा कहेन कि सहर से जुड़ल सब विकास काज जैसे सड़क, नाली, दीवालन क पेंटिंग, पार्कन क देख-रेख, पार्कन क सौंदर्यीकरण, इंटरलॉकिंग अउर सड़क के किनारे सुंदरीकरण के काजन का तुरन्त पूरा कीन जाय।
15 मई की रात मा नगर विकास मंत्री नगर आयुक्त के साथ सहर क निरीक्षण भी किहिन। ई दौरान उहय सहर क सड़कों, नालिन, सौंदर्यीकरण के काजन अउर दीवालन क पेंटिंग क जायजा लीहिन। कुछु जगह पर निर्माण काज चलत मिले, जहाँ मंत्री श्री शर्मा स्थानीय लोगन से बात कइके काजन क गुणवत्ता अउर प्रगति क जानकारी लीहिन। स्थानीय लोगन बताइन कि काम नीक गुणवत्ता अउर सही तरीका से कीन जात अहै।
उहय खास तौर पर निर्देश दीहिन कि बरखा से पहिले नालन क सफाई पक्का कइ लीन जाय ताकि पानी भरै जैसी समस्या ना आवै। सहर मा कहूँ भी कूड़ा-कचरा ना जमा होय पावै, ई पर खास ध्यान दीन जाय अउर पूरे बनारस क साफ-सफाई पूरी फुर्ती के साथ करावा जाय। मंत्री श्री शर्मा कहेन कि ई बार सब बनारसवासिन का मिलिकै नीक काजन के दम पर वाराणसी का स्वच्छता रैंकिंग मा बेहतर जगह दियावै बरे काम करै क होइ।
ऊर्जा विभाग क समीक्षा के दौरान ऊर्जा मंत्री अधिकारिन का निर्देश दीहिन कि बिजली सप्लाई का नीक बनाय रखै बरे सब जरूरी काम तुरन्त पूरा कीन जायं। उहय कहेन कि गरमी के मौसम मा कवनो तरह क बिजली क समस्या ना होय चाही। ट्रांसफार्मर क क्षमता बढ़ावै, ट्रांसमिशन लाइन क व्यवस्था अउर बिजली संबंधी समस्या क तुरन्त समाधान पक्का कीन जाय। उहय अधिकारिन से कहेन कि सिकायत करै वालन क समस्या बिजली उपकेंद्रन पर बैठिके सुनी जाय अउर उनका तुरन्त निपटारा सबसे पहिले कीन जाय।
बैठक मा राज्यमंत्री श्री हंसराज विश्वकर्मा, नगर आयुक्त श्री हिमांशु नागपाल, एम डी (पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम) श्री शंभू कुमार के साथै नगर विकास अउर ऊर्जा विभाग के अउर संबंधित अधिकारी मौजूद रहेन।
सम्पर्क सूत्र- प्रवीण मालवीय
राघवेन्द्र/06ः05 पीएम
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सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
दुनिया भर क हालात क देखत श्रम विभाग क तैयारी क समीक्षा, 2 दिन ‘वर्क फ्रोम होम’ लागू करै क परासर दीन गवा
लखनऊ: 16 मई, 2026
मा0 प्रधानमंत्री जी द्वारा दुनिया भर क हालात क देखत आम जनता से कीन गय अपील के नजरिया मा मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा राज्य सरकार क तैयारी क समीक्षा कइके कुछु निर्देश दीन गय।
इसी क्रम मा मा0 श्रम अउर सेवायोजन मंत्री, उ0प्र0 श्री अनिल राजभर क अध्यक्षता मा प्रमुख सचिव, श्रम अउर सेवायोजन डॉ एम0के0 शन्मुगा सुंदरम अउर श्रम विभाग से जुड़ल अलग-अलग विभागन/दफ्तरन के अधिकारिन के साथ वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित कीन गयी। बैठक मा श्रमायुक्त उ0प्र0, निदेशक सेवायोजन उ0प्र0 लखनऊ, निदेशक कर्मचारी राज्य बीमा योजना कानपुर, सचिव उ0प्र0 भवन अउर अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड लखनऊ, उप श्रमायुक्त उ0प्र0 असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड लखनऊ के साथै सब अधिकारी मौजूद रहेन।
बैठक मा पश्चिम एशिया मा होर्मुज जल डमरु मध्य से व्यापार क आवाजाही रुकै से खाड़ी देसन से कर्मचारिन के बेरोजगार होय क संभावना पर चर्चा भई। प्रदेश मा गैस आधारित अउर अउर ऊर्जा आधारित यूनिटन मा ऊर्जा क कमी अउर लागत बढ़ै के कारण छंटनी अउर रोजगार खतम होय क डर पर फुर्ती से रणनीति अपनावै पर जोर दीन गवा।
जहाँ बड़ी संख्या मा कर्मचारी काम करत हवैं, वहाँ हफ्ता मा कम से कम 2 दिन ‘वर्क फ्रोम होम’ लागू करै बरे परासर दीन गवा अहै।
दफ्तर के टेम का अलग-अलग शिफ्ट मा बाँटै बरे।
मजदूरन-कर्मचारिन का मेट्रो, बस, कार पूलिंग जैसे सरकारी परिवहन के इस्तेमाल बरे प्रेरित करै बरे।
औद्योगिक यूनिटन, स्टार्टअप्स अउर संस्थानन के साथ बैठक कइके उनका ‘वर्क फ्रोम होम’ बरे बढ़ावा देवै बरे।
ऊर्जा अउर संसाधन क बचत, सेहत अउर पोषण बरे मजदूर वर्ग का कम तेल वाले खाना का बढ़ावा देवै आदि उपायन पर भी गहिर चर्चा भई।
बैठक मा पश्चिम एशिया संकट के संभावित खराब असरन का देखत हेल्पडेस्क बनावै बरे।
ई-श्रम पोर्टल के डाटा क इस्तेमाल कइके सामाजिक सुरक्षा से फायदा पहुँचावै बरे।
अफ़वाहों क तुरन्त बातचीत से निपटारा करै बरे।
इलाकाई अधिकारिन का कम्युनिकेशन चैनल अलर्ट पर राखिके सूचना बटोरिके संबंधित का उपलब्ध करावै क निर्देश दीन गय।
श्रमायुक्त दफ्तर द्वारा अलग-अलग श्रेणी के कर्मचारिन क मजदूरी क नई दरन से मजदूरन का जानकारी देवै बरे।
निर्माण मजदूरन का मिलत रहे फायदा के अर्जी क महीनावार समीक्षा करै बरे।
श्रम विभाग के बनत रहे दफ्तरन मा तुरन्त कार्रवाई करै पर जोर दीन गवा।
बैठक के अंत मा मा0 श्रम मंत्री जी, उ0प्र0 मौजूद अधिकारिन क आभार जतावत शासन क सब नीतिन, योजनन अउर सामाजिक सुरक्षा क लाभ आखिरी आदमी तक पहुँचावै पर जोर दीहिन।
सम्पर्क सूत्र- महेन्द्र कुमार/सोनी सिंह
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सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश
लेख
वित्त विभाग
घाटा से गौरव तक: उत्तर प्रदेश बना रू0 35,000 करोड़ रेवेन्यू सरप्लस क शक्तिशाली आर्थिक इंजन
दिनांक: 16 मई, 2026
उत्तर प्रदेश क नाँव कबहूँ आर्थिक ऊँच-नीच, राजकोषीय बदहाली अउर विकास क असंतुलन के बारे मा लीन जात रहा, बाकी आज के टेम मा ई उहय प्रदेश अहै जे अपने वित्तीय चरित्र का अइसे बदल लीहिस अहै कि आज उह ₹35,000 करोड़ से जादा के रेवेन्यू सरप्लस के साथ एक मजबूत अउर आत्मविश्वासी अर्थव्यवस्था के रूप मा उभरिके सोझुआ आवा अहै। ई बदलाव अचानक नाहीं आवा, बल्कि दूरदर्शी नीति बनावै, कड़ा वित्तीय अनुशासन, कमाई बढ़ावै अउर खरच क समझदारी भरी बनावट क नतीजा अहै, जे उत्तर प्रदेश का “राजकोषीय जिम्मेदारी” क एक जिउँता मिसाल बनाय दीहिस अहै।
ई बड़े आर्थिक बदलाव के बीच मा प्रदेश क अगुवाई क बड़ा हाथ साफ़-साफ़ देखात अहै। मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी क अगुवाई मा सरकार के काम करै के तरीका मा जो ढाँचागत बदलाव आवा, उह वित्तीय अनुशासन का केवल एक नीति नाहीं बल्कि एक प्रशासनिक संस्कृति क रूप दइ दीहिस। उनके राज मा “कम खरच, जादा असर” क सोच का जमीन पर उतारा गवा, जेसे संसाधनन के इस्तेमाल मा फुर्ती अउर सफाई दुइनो पक्का भई। इसी क्रम मा राज्य के वित्तीय इंतजाम का नीक बनावै मा वित्त विभाग क भूमिका भी बहुत जरूरी रही, जे बजटीय संतुलन, कमाई बढ़ोत्तरी अउर खरच पर काबू के बीच एक बढ़िया तालमेल बनाइन।
रेवेन्यू सरप्लस क सोच अपने आप मा राज्य क आर्थिक सेहत क आइना होत अहै। जब कवनो राज्य क राजस्व कमाई ओकर राजस्व खरच से जादा होत अहै, तब उह न केवल अपने रोज के सरकारी काम बिना उधारी के कइ पावत अहै, बल्कि पूँजीगत खरच बरे अलग से संसाधन भी जुटा लेत अहै। उत्तर प्रदेश क ₹35,000 करोड़ से जादा क रेवेन्यू सरप्लस ई बात क ऐलान करत अहै कि राज्य अब खरचू वित्तीय ढाँचा से आगे बढ़िके निवेश वाला आर्थिक ढाँचा क ओर बढ़ चुका अहै।
अगर बीते टेम के नजरिया से प्रदेश क ई उपलब्धि क जाँच कीन जाय, त साफ होत अहै कि साल 2017 से पहिले प्रदेश क आर्थिक बनावट तमाम झगड़न से फँसी रही। राजकोषीय घाटा लगातार बढ़त रहा, टैक्स वसूली क तंत्र ढीला रहा, अउर सरकारी खरच मा सफाई क कमी रही। योजनन क काम खाली कागजी आँकड़ा तक रह जात रहा अउर आर्थिक संसाधनन क बर्बादी एक बड़ी चुनौती बनी रही। राज्य क अर्थव्यवस्था एक अइसे चक्कर मा फँसी रही, जहाँ आमदनी क कमी अउर खरच क बेकाबू तरीका वित्तीय संतुलन का डगमगाय दीहिस रहा।
साल 2017 के बाद उत्तर प्रदेश क आज वाली सरकार जे आर्थिक बदलाव क रस्ता चुनी, उह ई जड़ता का तोड़त भवा एक नई वित्तीय संस्कृति क जनम दीहिस। ई बदलाव के पीछे अगुवाई क साफ़ सोच अउर प्रशासनिक मजबूती क मेल रहा। मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी सरकार का नतीजा वाला बनावत भवा हर विभाग मा जवाबदेही अउर टेम क पाबंदी पक्का कीन, जबकि वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना जी वित्तीय संसाधनन के वैज्ञानिक इंतजाम के जरिए राज्य क आय-व्यय बनावट का बराबर कीन।
प्रदेश के टैक्स प्रशासन मा तकनीकी दखल अउर सफाई क जुड़ाव ने राजस्व वसूली क तरीका का न केवल तेज बनाइस, बल्कि ओका जादा भरोसेमंद भी बनाय दीहिस। जीएसटी (GST) के असरदार लागू होय से राज्य क टैक्स क आधार बढ़ा अउर टैक्स भरै क संस्कृति मजबूत भई। नतीजा ई रहा कि राज्य क टैक्स कमाई मा लगातार बढ़ोत्तरी देखे का मिली, जे रेवेन्यू सरप्लस क बुनियाद का मजबूत कीन। ई पूरी प्रक्रिया मा वित्तीय अगुवाई क सक्रिय भूमिका रही, जे नीति क साफ़-सफाई के साथै-साथ काम के असर का भी पक्का कीन।
इसके साथै, बिना टैक्स वाली कमाई के जरिया मा भी बदलाव ने ई वित्तीय बढ़ोत्तरी मा बड़ी भूमिका निभाई। खनन, बिजली, परिवहन अउर संपत्ति इंतजाम के क्षेत्र मा सुधार वाले कदम उठाय के राज्य अपने कमाई के जरिया का कई कोना वाला बनाय दीहिस। ई सोच ई बात क ईसारा अहै कि उत्तर प्रदेश पुरानी लकीर वाली कमाई पर निर्भरता का कम करत भवा एक सबको साथ लई के चलै वाला अउर टिकाऊ राजस्व ढाँचा तैयार कइ लीहिस अहै।
खरच इंतजाम के क्षेत्र मा भी राज्य ने कमाल क फुर्ती दिखाई अहै। बिना काम के खरच मा कटौती, सही जगह सब्सिडी व्यवस्था अउर डीबीटी (DBT) के जरिए संसाधनन क बर्बादी का रोकल गवा। ई उहय क्षेत्र अहै, जहाँ प्रदेश क वित्तीय समझदारी खास तौर पर देखात अहै, काहे कि बजट बनावै से लइके खरच के आखिरी काम तक एक अनुशासित ढाँचा बनावा गवा अहै।
कारखाना विकास क दिसा मा भी उत्तर प्रदेश ने एक मजबूत आर्थिक माहौल तैयार कीन अहै। निवेश का खींचै क नीति, व्यापार मा आसानी मा सुधार अउर बुनियादी ढाँचा क तेज फैलाव ने राज्य का निवेश करै वालन बरे एक नीक जगह बनाय दीहिस अहै। ई दिसा मा मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी क सक्रिय पहल, खास कइके इन्वेस्टर समिट अउर औद्योगिक नीतिन के जरिए, राज्य का देस ही नाहीं, बल्कि दुनिया भर के निवेश नक्सा पर जमावै मा मददगार रही अहै।
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र मा कीन गय निवेश ने आर्थिक विकास का एक ठोस आधार दीन अहै। सड़क, हवाई अड्डा, बिजली सप्लाई अउर सहर के परिवहन के क्षेत्र मा भवा फैलाव राज्य क पैदावार का बढ़ाइस अहै। ई ढाँचागत मजबूती न केवल आर्थिक हलचल का तेज करत अहै, बल्कि निवेश बरे नीक माहौल भी तैयार करत अहै, जेसे लंबे टेम तक राजस्व बढ़ोत्तरी पक्का होत अहै।
गाँव क अर्थव्यवस्था अउर खेती-बाड़ी के क्षेत्र मा सुधारों ने भी ई वित्तीय बदलाव का बड़ा आधार दीन अहै। किसानन क कमाई मा बढ़ोत्तरी, खेती क बाजार मा सुधार अउर गाँव के ढाँचा क विकास ने खरच अउर माँग का बढ़ावा दीन अहै। ई अंदरूनी माँग राज्य क अर्थव्यवस्था का चलायमान राखै मा बड़ी भूमिका निभावत अहै अउर सीधे तौर पर नाहीं त घूम-फिर के राजस्व बढ़ावै मा मददगार होत अहै।
समाज के क्षेत्र मा कीन गय निवेश ने भी आर्थिक बनावट का मजबूत कीन अहै। पढ़ाई, स्वास्थ्य अउर सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र मा सुधारों ने इंसानी पूँजी के विकास का तेज कीन अहै। एक मजबूत इंसानी संसाधन कवनो भी अर्थव्यवस्था क लंबे टेम क तरक्की क आधार होत अहै, अउर उत्तर प्रदेश ई दिसा मा सधा भवा तरीका अपनाइस अहै।
₹35,000 करोड़ से जादा क रेवेन्यू सरप्लस ई पूरे आर्थिक बदलाव क जीता-जागता नतीजा अहै। ई खाली एक वित्तीय आँकड़ा नाहीं अहै, बल्कि एक अइसी आर्थिक सोच क प्रतीक अहै, जेमा संसाधनन क अकलमंदी से इस्तेमाल, सफाई अउर विकास बरे लगन शामिल अहै। ई उपलब्धि मा जहाँ एक ओर नीति क साफ़-सफाई क हाथ अहै, वहीं दूसरी ओर अगुवाई क मजबूत इच्छाशक्ति अउर प्रशासनिक फुर्ती क भी बराबर क महत्व अहै।
आजकल उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर क अर्थव्यवस्था बनै क लच्छ तय कीन अहै, जो ओकर आर्थिक चाहत अउर भरोसा का देखात अहै। ई लच्छ का पावै बरे जरूरी अहै कि राज्य अपने आज के वित्तीय अनुशासन का बनाय रखत भवा नई सोच, निवेश अउर हुनर विकास पर लगातार जोर देत रहै। ई रफ्तार अउर संतुलन बना रहत अहै, त उत्तर प्रदेश न केवल भारत क अर्थव्यवस्था मा सबसे आगे रही, बल्कि दुनिया भर के आर्थिक नजारा मा भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
उत्तर प्रदेश क रेवेन्यू सरप्लस क हालत मा पहुँचब एक ऐतिहासिक बदलाव क ईसारा अहै—एक अइसा बदलाव, जो न केवल आँकड़न मा, बल्कि सरकार के काम करै के तरीका, आर्थिक सोच अउर विकास के नजरिया मा भी देखात अहै। ई एक अइसी कहानी अहै, जेमा लड़ाई से सफलता तक क सफर समाया अहै, जो ई संदेसा देत अहै कि मजबूत नीति, असरदार काम अउर जनता क साथ मिलिकै कवनो भी राज्य का आर्थिक संपन्नता के ऊँच शिखर तक पहुँचाई सकत अहै।
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-(जयेन्द्र सिंह), सहयुक्त सम्पादक
पत्र सूचना शाखा
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश
लेख
पंचायती राज विभाग
पंचायती राज व्यवस्था लखनऊ मा दर्ज किहिस गाँव क सशक्तिकरण अउर आत्मनिर्भरता क मजबूत आयाम
दिनांक 16 मई, 2026
उत्तर परदेस की विकास जातरा मा पंचायती राज बेवस्था गांव के स्वावलंबन अउर स्थानीय सुशासन कै अइसन आधारसिला बनि के उभरी अहै जउन गांविन कै तसवीर अउर तकदीर दुनो का बदलि दिहिस अहै। परदेस सरकार द्वारा चलायी गयि तमाम बड़ी-बड़ी योजनान गांव के जिनगी का न खाली आधुनिक सुबिधान से जोड़े अहैं बल्कि उनका आत्मनिर्भरता की ओर भी अगू कइ दिहे अहैं। जनपद लखनऊ के धरती पर भवा बदलाव कै गिनती करी तौ बीतय नौ बरिसन कै समय-अवधि गांव के तरक्की के पन्ना मा एक नवा युगांतरकारी दौर के रूप मा दर्ज भइ अहै जहाँ विकास की प्राथमिकता का नये सिरे से बतावा गवा अहै। बुनियादी ढांचा, सफाई, सुशासन अउर लोक-कल्याण के क्षेत्र मा भवा ई बेजोड़ काम तरक्की कै एक नई परिभाषा गढ़िस अहै। विकास की ई अनवरत धारा गांव के आख़िरी मनई तक सरकारी सेवा पहुँचावय का पक्का कीन अहै जेहसे गांव के माहौल मा एक नीक सामाजिक अउर आर्थिक बदलाव आजु पूरी तरह से साफै-साफ देखाय परत अहै।
ग्रामीण प्रसासन का मजबूत अउर जमीनी स्तर पर असरदार बनावै की दिशा मा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत बना पंचायत भवनन एक क्रांतिकारी भूमिका निभाय अहैं। ई भवन अब खाली सरकारी इमारतन तक नाहीं रहि गय अहैं बल्कि गांव के सचिवालयन के रूप मा बनिके स्थानीय सुशासन कै जीवंत केंद्र बनि गय अहैं। इहाँ होय वाली ग्राम सभा, विकास योजनान की नियमित बैठकी अउर जरूरी प्रशासनिक काम काज स्थानीय समस्यन के जल्दी समाधान कै जरिया बनि रहे अहैं।
आधुनिक सुबिधान से लैस ई सचिवालय गांव के स्तर पर प्रसासनिक काम मा ईमानदारी, जवाबदेही अउर काम करै की ताकत का बढ़ावा दइ रहे अहैं जेहसे गांव वालेन का अपने रोज के काम काज बर अब सहरन की ओर नाहीं दौड़य का परत। आधुनिक काम करै के तरीका से लैस ई सचिवालयन गांव के स्तर पर सुशासन की सोच का पूरी तरह धरती पर उतारे अहैं। इहै कड़ी मा ई-पंचायत मिशन मोड प्रोजेक्ट के माध्यम से पंचायतन कै पूरा डिजिटलीकरण कीन गवा अहै जउन प्रशासनिक काम का एक नये स्तर पर पहुँचावे कै काम कीन अहै।
सफाई के क्षेत्र मा जनपद जउन मिसाल कायम कीन अहै ओउ पूरे परदेस बर अनुकरणीय अउर प्रेरणादायी अहै। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के असरदार काम से खुद के शौचालय बनवावै मा जउन बड़ी तरक्की भइ अहै ओउ न खाली मेहरारू लोगन की इज्जत का सुरक्षित कीन अहै बल्कि गांव के सेहत के आँकड़ा मा भी बड़ा सुधार कीन अहै। एकरे साथै सैकड़न सामुदायिक शौचालय के निर्माण सरकारी सफाई बेवस्था का मजबूती दइ रहा अहै जउन खास तौर से मेहरारू, बुढ़वा लोगन अउर जरूरतमंद मनइन बर बहुतै गुनकारी साबित भवा अहै। मैदान मा सौच जाय से आजादी मिलै से लखनऊ के गांव वाले इलाकन मा सेहत से जुड़ी समस्यन अउर बीमारिन मा बड़ी कमी आयी अहै। ओ.डी.एफ. प्लस की सोच का पूरा करत भवा अब गांवन मा ठोस अउर गीला कचरा के इंतजाम पर खास ध्यान दीन जा रहा अहै ताकि गांव कै माहौल पूरी तरह साफ, सुघर अउर प्रदूषण मुक्त बना रहे।
जनपद के हर तरफ के विकास मा ग्राम पंचायत विकास योजना यानी जीपीडीपी कै भूमिका बहुतै महत्वपूर्ण रही अहै। ई योजना के माध्यम से गांव के स्तर पर माहौल बनावै अउर परिस्थिति देखिके खुदै गांव वालेन द्वारा अपनी तुरंत की जरूरतन का चुना जात अहै। इसी जनभागीदारी के आधार पर गांवन मा सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग, पानी अउर सौर लाइट जैसी बुनियादी सुबिधान का खूब विस्तार कइके जिनगी कै स्तर ऊँचा उठावा जा रहा अहै।
खेल के मैदानन के विकास ने जहाँ गांव के जवनन का अपनी हुनर निखारै बर नई ऊर्जा दीहिस अहै वही सौर ऊर्जा योजनान के मेल से घरन का मुफ्त बिजली की सुबिधा मिलि रही अहै। ई नई ऊर्जा के बढ़त उपयोग न खाली आम आदमी पर बिजली के बिल कै बोझ कम कीन अहै बल्कि बिजली बनावै की लागत मा कमी लावत भवा परदेस सरकार के संकल्प का भी मजबूती दीहिस अहै। कार्बन धुआं का कम करै कै ई कोशिश पर्यावरण बचावै मा मददगार साबित होय रही अहै। एकरे साथै समाज की जरूरतन का पूरा करै अउर सम्मान के साथ आख़िरी विदाई की बेवस्था करै बर जनपद मा करोड़न रुपिया की लागत से बने दरजनन आधुनिक अन्त्येष्टि स्थल गांव की जनता का एक बड़ी सुबिधा दिहे अहैं।
डिजिटल गवर्नेंस का बढ़ावा दइ बर बनाय गय जन सेवा केंद्रन नागरिक सेवा का सीधे गांव वालेन के दुआर तक पहुँचाए दिहे अहैं। तमाम तरह के सरकारी कागज, अर्जी अउर योजनान की जानकारी अब गांव मा ही मिलि जात अहै जेहसे गांव वालेन के समय अउर पइसा दुनो की बड़ी बचत होय रही अहै। डिजिटल गवर्नेंस की ओर बढ़त भवा ई-ग्राम स्वराज पोर्टल अउर ऑनलाइन निगरानी बेवस्था पंचायतन के काम अउर पइसा के इंतजाम मा ईमानदारी लावत भवा भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम लगाय दिहिस अहै अउर विकास की रफ़्तार का तेज कीन अहै। मेहरारू लोगन के मजबूती के दिशा मा भी पंचायतन गजब काम कीन अहै जहाँ चुनी गइ महिला प्रतिनिधीन की बढ़ती भागीदारी अउर स्वयं सहायता समूहन के साथ उनकर नीक तालमेल गांव की मेहरारू लोगन के आर्थिक अउर सामाजिक मजबूती का बेजोड़ ताकत दिहिस अहै।
पानी बचावै अउर पर्यावरण कै संतुलन बनाय रखै बर मनरेगा अउर अमृत सरोवर जैसी योजनान कै नीक उपयोग कीन गवा अहै। पुरान ताल-तलयन का फिर से सजावै अउर खूब पेड़-पौधा लगावै जैसे काम गांव के माहौल का फिर से जिन्दा कइ दिहे अहैं जेहसे आगू आवै वाले समय बर पानी की सुरक्षा पक्की भइ अहै। सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर परदेस सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अउर तमाम तरह की पेंशन योजनान के माध्यम से समाज के सबसे कमजोर मनइन अउर हकदार लोगन का सीधा फायदा पहुँचाए अहै। जिला प्रसासन की फुर्ती अउर दया भाव से ई कल्याणकारी योजनान कै लाभ बिना कौनों बाधा के सीधे हकदार मनइन तक पहुँच रहा अहै जेहसे उनके सामाजिक जिनगी के स्तर मा बड़ा सुधार आवा अहै।
आजु लखनऊ के गांव गिरांव मा जउन बड़ा अउर नीक बदलाव देखाय दइ रहा अहै ओउ खाली आँकड़ा नाहीं अहै बल्कि बदलत भवा जीवंत माहौल कै एक सुघर तसवीर अहै। डिजिटल पंचायत, आत्मनिर्भरता अउर आधुनिक बुनियादी ढांचा के ई बेहतरीन मेल ने भविष्य के ‘स्मार्ट ग्राम’ कै एक मजबूत नींव धरि दीहिस अहै। तकनीक अउर पर्यावरण के प्रति बढ़त समझ ने गांव की जिनगी का अउर जादा उन्नत, आसान अउर खुशहाल बनाय दिहिस अहै।
मजबूत पंचायतन अउर खुशहाल गांवन कै ई सोच न खाली प्रशासनिक पहुँच का आसान बनाय रही अहै बल्कि पइसा के लेन-देन मा ऑनलाइन भुगतान बेवस्था के उपयोग गांव के समाज का स्वावलंबी बनावै के साथै-साथै विकास की मुख्यधारा मा उनकर सक्रिय भागीदारी पक्की कीन अहै। परदेस सरकार की ई लोक-कल्याणकारी योजनान अउर जिला प्रसासन के नीक अउर ईमानदार काम से जनपद कै हर गांव आजु आत्मनिर्भरता अउर हर तरफ की तरक्की की एक नई ऊँचाई का छू रहा अहै।
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जनपद-लखनऊ