प्रेस नोट

=गर्मियों में मटका रखने से बदल सकती है घर की ऊर्जा, जानें वास्तु से जुड़े नियम

Vastu For Matka: गरमी मा मटका रखइ से बदल सकत है घर कइ ऊर्जा, जानइँ

वास्तु से जुड़ा नियम

वास्तु शास्त्र मा मटका रखइ कइ लेके कुछ खास नियम औ दिसा-निदेस बतावा गवा हैं। नीक दिसा मा मटका रखइ से न खाली पानी साफ औ ठंढा रहत है, बल्कि ई घर कइ हवा-पानी मा नीक ऊर्जा भी बढ़ावत है। माना जात है कि एका सीधा संबन्ध घर कइ सुख-सान्ति औ समृद्धि से होत है।

*Water Pot Direction As Per Vastu: *गरमी मा माटी कइ मटका क पानी न खाली ठंढक देत है, बल्कि सेहत बरे भी बहुत फायदावाला माना जात है। ई देहिया कइ गरमी क बराबर रखइ मा औ पाचन क नीक बनावइ मा मदद करत है। भारतीय परंपरा मा मटका कइ उपयोग जुगन से पानी क साफ औ प्राकृतिक रूप से ठंढा रखइ बरे कीन जात आवा है। उहैं वास्तु शास्त्र मा भी मटका रखइ कइ लेके कुछ खास नियम बतावा गवा हैं। नीक दिसा मा धरा गवा मटका न खाली पानी क साफ रखत है, बल्कि घर कइ माहौल मा नीक ऊर्जा, सुख-सान्ति औ समृद्धि भी बढ़ावइ मा मददगार माना जात है।

*मटका रखइ कइ सही दिसा*

– ई दिसा मा मटका रखइ से घर मा नीक ऊर्जा क बहाव बढ़त है।

– ईशान कोण क देवतन कइ दिसा भी माना जात है, जेहसे ई बहुत पबित्तर औ सुभ होत है।

– हियाँ धरा गवा पानी ऊर्जा कइ स्तर पर भी जादा साफ औ फायदावाला माना जात है।

– जउं उत्तर-पूरब दिसा न होइ, तो उत्तर दिसा भी नीक रस्ता है।

– पूरब दिसा मा मटका रखइ से भी अच्छाई औ सान्ति क असर मिलत है।

– ई सब दिसा मा मटका रखइ से घर कइ माहौल सान्त, बराबर औ नीक बना रहत है.

*कौन दिसा मा न रक्खइँ मटका *

– दक्खिन दिसा या दक्खिन-पच्छिम दिसा मा मटका रखब असुभ माना जात है।

– ई सब दिसा मा आगि औ माटी क तत्व जादा असरदार होत हैं, जौन पानी तत्व कइ उल्टा हैं।

– एहसे वास्तु दोस पैदा होइ कइ डर बढ़ि जात है।

– टट्टी या गोसलखाना कइ पास मटका रखब मना माना गवा है।

– पैड़ी कइ नीचे मटका रखइ से खराब ऊर्जा बढ़ि सकत है।

– अइसन जगह पर धरा गवा पानी सफाई खोइ देत है औ ऊर्जा क तालमेल बिगड़ि जात है।

– सोवइ कइ कमरा मा मटका रखब भी सुभ नाहीं माना जात।

– खास कइके दक्खिन या पच्छिम दिसा वाले कमरा मा मटका रखइ से बचइ का चाही।

– एहसे घर कइ माहौल पर खराब असर परि सकत है।

*मटका से जुड़ी अउर वास्तु मान्यता*

– मटका सदा साफ, समूचा औ बिना कउनो दरार क होइ का चाही।

– टूटा या चटका भवा मटका असुभ औ बदकिस्मती क निसान माना जात है।

– मटका कइ पानी क अउर सुभ बनावइ बरे तुलसी क पत्ता, गुलाब कइ पंखुड़ी या नेबू डारब फायदावाला माना जात है।

– मटका क पानी रोजे बदलइ का चाही औ सदा ताजा पानी ही काम मा लावइ का चाही।

– बासी या पुरान पानी घर मा खराब ऊर्जा बढ़ाए सकत है।

– मटका क साफ-सुथरा रखब वास्तु कइ हिसाब से बहुत जरूरी माना गवा है।

– जउं मटका पर सुभ निसान जइसे ‘ॐ’ या ‘स्वास्तिक’ बना होइ तो ओकर असर अउर बढ़ि जात है।

*मटका से बढ़त है घर कइ अच्छाई*

वास्तु शास्त्र मा पानी क खाली सरीर बरे नाहीं, बल्कि मन औ आतम क ऊर्जा क स्रोत माना गवा है।

सही दिसा औ नियम कइ हिसाब से धरा मटका घर मा नीक ऊर्जा बढ़ावत है।

एहसे घर मा सुख, सान्ति औ समृद्धि क माहौल बनत है।

मटका लछमी माई कइ किरपा औ नीक भाग क खींचे वाला माना जात है।

ई खराब ऊर्जा क दूर कइके घर कइ माहौल क बराबर रखत है।

*डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): *हियाँ दी गई जानकारी आम मानयता, जोतिस, पंचांग, धरम ग्रंथन आदि पर आधारित है। हियाँ दी गई जानकारी औ बातन कइ सचाई, पूरन्ता बरे अमर उजाला जिम्मेवार नाहीं है।

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