
पत्र सूचना साखा
सूचना अउर जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश
योगी सरकार राजकीय महाविद्यालयन मा ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया से कीहिस 91 प्राध्यापकन के तबादला
शिक्षकन के हितन अउर पारदर्शिता बरे प्रतिबद्ध अहै सरकार: उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय
लखनऊ: 29 मई, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगुवाई मा उत्तर प्रदेश सरकार शासन-प्रशासन मा पारदर्शिता, सुशासन अउर तकनीक आधारित व्यवस्था कय बढ़ावा देइ के दिशा मा लगातार प्रभावी कदम उठावत अहै। एही सिलसिला मा उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालयन मा काम करत प्राध्यापकन के तबादला कय प्रक्रिया का पूरी तरह से ऑनलाइन अउर पारदर्शी बनावत भवा सुकवार का 91 प्राध्यापकन के तबादला पूरा कीन गा।
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मौजूदगी मा सुकवार का लखनऊ मा बने अपने आवास पर ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी भई। एही प्रक्रिया के जरिया सहायक प्रोफेसर, सह-प्रोफेसर अउर प्रोफेसर संवर्ग के कुल 91 शिक्षकन के तबादला के आदेश जारी कीन गय।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय कहेन कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगुवाई मा प्रदेश सरकार शिक्षकन के हितन कय रखवारी करै के साथै-साथै प्रशासनिक प्रक्रियान मा पूरी पारदर्शिता तय करै बरे प्रतिबद्ध अहै। उइ कहेन कि ऑनलाइन स्थानांतरण व्यवस्था से मानुषी दखलअंदाजी कय संभावना खतम होई गय अहै अउर लायक शिक्षकन का तय नियमन अउर मेरिट के आधार पर बिना भेदभाव के मौका मिला अहै।
तबादला बरे मिले आवेदनन कय तय मानकन के मुताबिक जांच कीन गा अउर लायक आवेदनन का डिजिटल पोर्टल के जरिया मंजूरी दीन गय। सॉफ्टवेयर आधारित प्रक्रिया पूरी होतै संबंधित शिक्षकन का उनके तबादला कय खबर एसएमएस के जरिया भेज दीन गय, जेहसे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी अउर समय के भीतर पूरी भई।
मंत्री उपाध्याय एही सफल व्यवस्था बरे उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बी.एल. शर्मा, एनआईसी अउर विभाग कय तकनीकी टीम का बधाई देवत कहेन कि तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से शासन कय सेवा का अउर आसान, पारदर्शी अउर जवाबदेह बनावा जात अहै।
सम्पर्क सूत्र- धर्मवीर खरे
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आज पूसा, नई दिल्ली मा माननीय केंद्रीय कृषि अउर किसान कल्याण मंत्री, भारत सरकार, श्री शिवराज सिंह चौहान जी कइ अध्यक्षता मा आयोजित दुई दिवसीय राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन ‘खरीफ अभियान-2026’ (28-29 मई) क समापन भयउ। ई महत्वपूर्ण सम्मेलन मा खरीफ फसलिन कइ रणनीतियन, उन्नत कृषि तकनीकियन अउर किसानन कइ कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनन पर बिस्तार से चर्चा कीन गयी, जेहमा उत्तर प्रदेश कइ प्रतिनिधिमंडल सहित विभिन्न राज्यन कइ कृषि मंत्रिन, कृषि विशेषज्ञन अउर अधिकारिन सहभागिता कइके आवइ वाले खरीफ सीजन का सफल बनावइ क संकल्प लीहिन।
उत्तर प्रदेश सरकार खरीफ अभियान-2026 का जलवायु परिवर्तन अउर संभावित कमजोर मानसून कइ चुनौतियन का देखत भये एक विशेष रणनीति कइ साथे शुरू कीन है। प्रदेश सरकार कइ मुख्य उद्देश्य किसानन का मौसम आधारित कृषि तकनीकियन, जल संरक्षण कइ उपायन तथा दलहन अउर तिलहन आधारित खेती कइ तौर-तरीकन का अपनावइ बरे प्रोत्साहित करब अहै, ताकि खराब परिस्थिति मा भी खाद्यान्न उत्पादन कइ नया कीर्तिमान स्थापित कीन जा सकइ।
भारत मौसम बिज्ञान बिभाग द्वारा साल 2026 मा सामान्य से कम मानसून अउर एल-नीनो कइ प्रभाव कइ कारन अनियमित बारिस कइ आशंका जतायी गयी अहै। ई परिस्थिति का देखत भये राज्य सरकार धान कइ खेती बरे ‘डीएसआर’ (सीधी बुआई) तकनीक का बड़े पैमाना पर बढ़ावा देइ रही अहै। ई तरीका से पुरान पारंपरिक रोपाई कइ तुलना मा 15 से 20 प्रतिशत पानी कइ बचत होत है अउर फसल भी 15 से 20 दिन पहिले तैयार होइ जात है, जेहसे रबी कइ फसल बरे पूरा समय मिलि जात है।
खरीफ कइ तैयारीन का लयिके कृषि विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा किसानन का समय से प्रमाणित बीया, खाद अउर तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध करावा जात अहै। ग्राम पंचायत स्तर तक किसान गोष्ठी कइ आयोजन कइके किसानन का सूखा प्रबन्धन, फसल विविधीकरण अउर माटी संरक्षण कइ जानकारी दीन जात अहै। केंद्र सरकार कइ ‘खेत बचाओ’ अभियान कइ तहत किसानन का माटी जाँच कइ आधार पर ही खाद कइ उपयोग करइ कइ सलाह दीन जात अहै।
प्रदेश का दलहन, तिलहन अउर मिलेट्स उत्पादन मा आत्मनिर्भर बनावइ बरे किसानन का बिना कउनो पैसा कइ (निःशुल्क) मिनीकिट अउर सरकारी छूट (अनुदानित) कइ बीया समय पर उपलब्ध करावा जाई। सरकार कइ लगे बढ़िया क्वालिटी कइ बीया, खाद अउर कृषि रक्षा रसायणन कइ पर्याप्त उपलब्धता अहै। किसानन से अपील कीन गयी अहै कि वे ई सब सुबिधान अउर नया तकनीकियन कइ लाभ उठाय कइ अपनी फसल कइ पैदावार बढ़ावें अउर अपने आप का आर्थिक रूप से मजबूत बनावें।
सम्पर्क सूत्र- डॉ. मनोज चन्द्रा
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सूचना अउर जनसंपर्क बिभाग उत्तर प्रदेश
योगी सरकार कइ पहल, अब कौशल प्रशिक्षण केंद्रन मा सिर्फ ट्रेनिंगे नाहीं, व्यक्तित्व विकास अउर लीडरशिप क भी होई “धमाल”
डीडीयू-जीकेवाई के सबरौ आवासीय प्रशिक्षण केंद्रन बरे साल भर सह-पाठ्यक्रम गतिबिधिन अनिवार्य, जारी भयउ बिस्तार से कैलेंडर
लापरवाही करइ वाली संस्थायन पर होई कार्रवाई, हर केंद्र पर छः क्लब बनाउब अनिवार्य
सिर्फ रोजगार नाहीं, आत्मविश्वास अउर नेतृत्व क्षमता भी बिकसित करिहैं प्रशिक्षण केंद्र: मंत्री कपिल देव अग्रवाल
लखनऊ: 29 मई, 2025
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगुवाई मा उत्तर प्रदेश सरकार देहाती (ग्रामीण) जवानन का खाली तकनीकी रूप से होसियार बनावइ तक सीमित नाहीं रहइ चाहत अहै, बल्कि उनहन का आजु कइ कॉर्पाेरेट जगत कइ जरूरतन के हिसाब से आत्मविश्वासी, बातचीत मा नीक (संवाद कुशल) अउर नेतृत्व क्षमता से भरल जवान कइ रूप मा तैयार करइ कइ डहर मा बड़ा कदम उठावति अहै। इहै सिल्सिला मा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के तहत चलइ वाले सब आवासीय प्रशिक्षण केंद्रन बरे साल भर चलइ वाली सह-पाठ्यक्रम गतिबिधिन क बिस्तृत कैलेंडर जारी कीन है। ई नई व्यवस्था क उद्देश्य सीखइ वालन (प्रशिक्षाथियन) कइ भीतर लीडरशिप, बातचीत कइ तरीका (कम्युनिकेशन स्किल), डिजिटल साक्षरता, व्यक्तित्व विकास अउर काम पावै कइ योग्यता का बढ़ावब अहै। मिशन सबरौ परियोजना क्रियान्वयन संस्थायन (च्प्।) बरे इन गतिबिधिन कइ चलाउब जरूरी कइ दीहिस अहै। साफ-साफ निर्देश दीन गवा अहै कि जे कउनो संस्था लापरवाही करिही या गतिबिधिन का गंभीरता से नाहीं लागू करिही, ओकरे खिलाफ कड़ी कार्रवाई कीन जाई।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास अउर उद्यमशीलता बिभाग कपिल देव अग्रवाल बताइन कि जारी कैलेंडर के तहत पूरे साल राष्ट्रीय अउर अंतरराष्ट्रीय दिवसन, सांस्कृतिक कारयक्रमन, खेलकूद कइ प्रतियोगितियन, उद्यमिता सत्रन, डिजिटल साक्षरता कारयक्रमन अउर कैरियर से जुड़ान गतिबिधिन क आयोजन कीन जाई। जनवरी मा राष्ट्रीय युवा दिवस, गणतंत्र दिवस अउर कैरियर काउंसलिंग से सुरूआत होई, जबकि फरवरी मा सांस्कृतिक उत्सव अउर उद्यमिता कइ कार्यशाला आयोजित कीन जइहैं। मार्च मा महिला दिवस अउर सालाना सम्मान समारोह होई, ओही जगहे अप्रैल मा पृथ्वी दिवस, टैलेंट हंट, सेल्फ इंट्रोडक्शन प्रतियोगिता अउर अंबेडकर जयंती आधारित कारयक्रम आयोजित कीन जइहैं।
मिशन निदेशक पुलकित खरे कइ देखरेख मा जारी कैलेंडर कइ अनुसार, मई मा योग, खेलकूद कइ प्रतियोगिता, पोस्टर मेकिंग अउर वाद-विवाद प्रतियोगितियन पर जोर रही, जबकि जून का “हेल्थ एंड वेलनेस” थीम का सौंप दीन गवा अहै। जुलाई मा ग्रुप डिस्कशन, मॉक इंटरव्यू अउर पब्लिक स्पीकिंग कइ प्रतियोगितियां होइहैं। अगस्त मा स्वतंत्रता दिवस, रंगोली प्रतियोगिता अउर रक्षाबंधन पर आधारित सांस्कृतिक आयोजन होइहैं, जबकि सितंबर मा शिक्षक दिवस, हिंदी दिवस अउर साहित्यिक गतिबिधिन का बढ़ावा दीन जाई। अक्टूबर मा गांधी जयंती, स्वच्छता अभियान, श्रमदान अउर साइबर सुरक्षा कार्यशाला आयोजित कीन जइहैं। नवंबर मा संविधान दिवस, क्विज अउर खेलकूद प्रतियोगिता करवाई जइहैं, जबकि दिसंबर मा अंग्रेजी बोलचाल हफ्ता, डिजिटल साक्षरता अउर रिज्यूमे लेखन जइसन गतिबिधियां जवानन का काम-धंधा बरे तैयार करिहैं। योगी सरकार कइ ई पहल कइ सबसे जरूरी बात ई अहै कि अब हर आवासीय प्रशिक्षण केंद्र पर छः विशेष क्लबन क बनाउब अनिवार्य होई। इहमा सांस्कृतिक क्लब, खेल अउर फिटनेस क्लब, डिजिटल अउर आईटी क्लब, साहित्य अउर भाषा क्लब, पर्यावरण अउर सामाजिक जागरूकता क्लब तथा उद्यमिता अउर कैरियर विकास क्लब शामिल होइहैं। हर क्लब मा कम से कम पांच सीखइ वालन का शामिल कीन जाई अउर ओहमा कम से कम दुई मेहरारू (महिला) सीखइ वालन कइ भागीदारी जरूरी होई। दिव्यांग सीखइ वालन कइ भागीदारी पक्की करइ कइ भी निर्देश दीन गय अहैं। मिशन ई भी साफ कइ देहिस है कि हर गतिबिधि कइ जियोटैग फोटो, हाजिरी कइ ब्यौरा अउर प्रगति रिपोर्ट हर महीना मिशन मुख्यालय का ई-मेल के माध्यम से भेजइ क होई। जिला कार्यक्रम प्रबंधकन (डीपीएम) अउर ब्लॉक प्रोग्राम प्रबंधकन का भी
महत्वपूर्ण आयोजनन के दौरान प्रशिक्षण केंद्रन मा खुदै (व्यक्तिगत रूप से) मौजूद रहे क निर्देश दीन गवा अहै।
मिशन निदेशक पुलकित खरे कहेन कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास विभाग क ई कदम देहाती जवानन क खाली तकनीकी रूप से मजबूत नाहीं बनाइ, बल्कि उनके भीतर छिपान परतीति (आत्मविश्वास), अगुआई क क्षमता अउर सामाजिक हुनर क भी बढ़ाउब करी। ओन्हन कहेन कि आजु क कॉर्पोरेट जगत मा खाली तकनीकी होशियारी ही नाहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास अउर बातचीत क हुनर भी ओतने जरूरी अहैं अउर योगी सरकार इहै डहर मा जवानन क तैयार करत अहै।
सम्पर्क सूत्र- धर्मवीर खरे
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हर गरीब अउर पात्र मनई क मिलि पक्का मकान
प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण क नीक तरीका से लागू करइ मा उत्तर प्रदेश सबसे आगे राज
लखनऊ: 29 मई, 2026
उत्तर प्रदेश क उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य लखनऊ मा स्थित अपने सरकारी आवास, सात कालिदास मार्ग से, माननीय केंद्रीय कृषि अउर किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी क अध्यक्षता अउर माननीय केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी जी क गरिमामयी मौजूदगी मा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वित्तीय बरिस 2026-27 खातिर 12 राज्यन क बरे रू. 10,021 करोड़ क मदर सैंक्शन जारी होइ क खुशी मा ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार द्वारा बियफे क आयोजित वर्चुअल बैठक मा शामिल भएन। बैठक मा प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग श्री सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग श्री गौरी शंकर प्रियदर्शी, उपायुक्त श्री अखिलेश सिंह के साथे अउर अधिकारी मौजूद रहेन।
नई दिल्ली से वर्चुअल बैठक मा श्री शिवराज सिंह चौहान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण क बारे मा विस्तार से जानकारी देत भये कहेन कि ई योजना देस क प्रतापी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी क अगुआई मा साल 2016 मा सुरू भई रही। अब तक दाईं-बाईं (लगभग) 4 करोड़ 15 लाख घरन क लक्ष्य बांटा गवा, 3 करोड़ 91 लाख घरन क मंजूरी दीन गई अउर 3 करोड़ 5 लाख पक्के मकान गरीब हकदार लोगन क बन गए अहैं। इह मउका पर ओन्हन प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वित्तीय बरिस 2026-27 खातिर 12 राज्यन बरे रू. 10,021 करोड़ क दूसरी मदर सैंक्शन जारी कीन।
माननीय केंद्रीय कृषि अउर किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के साथे अउर राज्यन क वर्चुअल तौर पे जुड़े ग्रामीण विकास मन्त्रिन क स्वागत करत भये कहेन कि हम माननीय प्रधानमंत्री जी क अगुआई मा गरीबन क खाली पक्के मकान नाहीं देत अही, बल्कि उनके घर तक सड़क, घर तक नल से पानी, आयुष्मान कार्ड, रसोई गैस, बिजली, शौचालय आदि क फायदा भी देत अही। कहेन कि हम पूरी साफ-सफाई (पारदर्शिता) के साथ लक्ष्य पूरा करइ क डहर मा आगे बढ़त अही। उत्तर प्रदेश के साथे कइयौ राज्य बधाई क हकदार अहैं, जे समइ पर काम पूरा करत अहैं। स्वयं सहायता समूहन क बहिनिन क अउर राज मिस्त्रिन क सिखावन (प्रशिक्षण) दीन गवा अहै। 75 फीसदी से जादे मकान बहिनिन क दीन गए अहैं, इससे उनका आत्मसम्मान अउर स्वाभिमान बढ़ा अहै अउर उह समाज मा भी सम्मान पावत अहैं।
उत्तर प्रदेश क नांव खास तौर पे लेत भये ओन्हन कहेन कि नवा पात्र लोगन क मकान मंजूरी क प्रक्रिया हम जल्दी पूरी करइ वाले अही। श्री केशव प्रसाद मौर्य के साथे बात-बात (चर्चा) कइके नवा मकान देइ क काम कीन जाई। आजु जे धन क मंजूरी दीन गई अहै, उ पहिलै से बनत मकानन खातिर अहै। ओन्हन कहेन कि जिन पात्र लोगन के पास मकान बनवावे बरे जमीन नाहीं अहै, उनका पट्टा आदि दइके जमीन क इंतजाम करवावा जाय। ओन्हन कहेन कि 5 जून क पर्यावरण दिवस अहै, अपने-अपने मकान के पास एक पेड़ ‘माई के नांव’ जरूर लगाव, देस क तरक्की खातिर सब लोग मिलिजुलि के काम करत रहैं, ताकि 2029 तक सब क बरे आवास क लक्ष्य हर हाल मा पूरा कीन जा सके। हमार लक्ष्य हर गरीब हकदार क पक्का मकान देब अहै।
वर्चुअल बैठक के बाद उत्तर प्रदेश क उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ग्राम्य विकास विभाग क बड़े अधिकारिन के साथे प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण क बउत बड़ी समीक्षा बैठक कीन। ओन्हन अधिकारिन क हुकुम दीन कि प्रदेस मा योजना क काम क अउर जादे तेजी, साफ-सफाई (पारदर्शिता) अउर भलाई (गुणवत्ता) के साथे आगे बढ़ावा जाय ताकि कउनो भी पात्र गरीब परिवार आवास क सुविधा से छूटे नाहीं। श्री मौर्य कहेन कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी क अगुआई मा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण गरीबन क जिंदगी मा बहुत बड़ा बदलाव लावत अहै अउर उत्तर प्रदेश ई योजना क नीक तरीका से लागू करइ मा देस क सबसे आगे रहइ वाले राज्यन मा शामिल अहै।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य कहेन कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) क तर्ज पर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत हर लाभार्थी क दीन जाइ वाली मदद क रकम क अभी क रू. 1.20 लाख से बढ़ाए कइ रू. 2.50 लाख करे क बारे मा भारत सरकार क पूरा प्रस्ताव भेजा जाय अउर एकरे जरूरत क भी नीक तरीका से देखावा जाय। ओन्हन अधिकारिन क हुकुम दीन कि हाल ही मा ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथे भई बैठकिन मा उठान गए अलग-अलग बातन पर जल्दी चिठ्ठी-पतरी (पत्राचार) पक्का कीन जाय, ताकि प्रदेस क जादे से जादे फायदा मिलि सके।
श्री मौर्य कहेन कि राज सरकार गरीब, बेसहारा अउर जरूरतमंद परिवारन क इज्जतदार जिंदगी देइ बरे पूरी लगन के साथे काम करत अहै। ओन्हन अधिकारिन से कहेन कि मकान बनइ क काम क लगातार देखरेख कीन जाय अउर समइ के साथे बनावे क काम पूरा करवावा जाय, जेहसे पात्र लोगन क जल्दी पक्का मकान मिलि सके।
सम्पर्क सूत्र- बी0एल0 यादव
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प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत साल 2026-27 खातिर 192.15 करोड़ रुपिया क रकम मंजूर
खाद्य प्रसंस्करण उद्योगन क मिली बढ़ावा, रोजगार बनइ क मिली तेजी
-श्री केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ: 29 मई, 2026
उत्तर प्रदेश क उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा वित्तीय बरिस 2026-27 मा खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा चलावल जाइ वाली प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (च्डथ्डम्) के तहत फायदा पावे वालन (लाभार्थियों) क अनुदान खातिर
कुल 01 अरब 92 करोड़ 15 लाख 33 हजार रुपिया क धनरासि अवमुक्त कीन जाये क मंजूरी दीन गय अहै।
मंजूर भइ धनरासि मा अनुदान संख्या-83 क अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग बरे 2208.33 लाख रुपिया, अनुदान संख्या-81 क अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग बरे 252.00 लाख रुपिया अउर अनुदान संख्या-10 क अंतर्गत सामान्य अउर पिछड़ा वर्ग बरे 16755.00 लाख रुपिया क धनरासि सामिल अहै।
उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य कहेन कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना प्रदेस मा किसानन क आमदनी बढ़ावे, सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयन क मजबूत बनावे, स्थानीय उत्पाद क बढ़ावा देवे अउर रोजगार पैदा करे मा महत्वपूर्ण भूमिका निभावत अहै। उई कहेन कि ई योजना छोट अउर असंगठित खाद्य प्रसंस्करण उद्योगन क आधुनिकीकरण करे, वित्तीय सहायता देवइ अउर ओन्हन क संगठित बाजार से जोड़े क दिसा मा एक प्रभावी कदम साबित होत अहै।
उई बताइन कि योजना क अंतर्गत व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयन क परियोजना लागत पर 35 फीसदी तक क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी दीन जात अहै, जेकर अधिकतम सीमा 10 लाख रुपिया तक तय अहै। एकरे साथे ही खाद्य प्रसंस्करण काम मा लाग स्वयं सहायता समूहन क सदस्यन क कार्यशील पूंजी अउर छोट-छोट उपकरणन बरे प्रति सदस्य 40 हजार रुपिया तक क मदद भी उपलब्ध कराई जात अहै।
उपमुख्यमंत्री कहेन कि किसान उत्पादक संगठन, सहकारी समितियन अउर समूहन क कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज अउर विपणन सुविधायन क विकास बरे भी मदद दीन जा रही अहै। एकरे अलावा योजना क अंतर्गत तकनीकी प्रशिक्षण, ब्रांडिंग अउर मार्केटिंग सपोर्ट अउर उद्यम पंजीकरण मा सहयोग अउर आधुनिक पैकेजिंग सुविधायन भी उपलब्ध करावा जात अहैं।
उई कहेन कि अचार, पापड़, मसाला प्रसंस्करण, आटा मिल, तेल मिल, डेयरी उत्पाद, शहद प्रसंस्करण, जैम अउर जेली निर्माण, मिलेट आधारित उत्पाद अउर फल व सब्जी प्रसंस्करण इकाइयन समेत कय्यू सूक्ष्म खाद्य उद्योग ई योजना से फायदा पावत अहैं।
बताइ देई कि वित्तीय बरिस 2025-26 मा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना क अंतर्गत कुल 7575 लाभपात्रन क 02 अरब 69 करोड़ 47 लाख 15 हजार रुपिया क धनरासि अनुदान क रूप मा बांटी गय रही। इमा अनुसूचित जाति वर्ग क लाभपात्रन क 2454.88 लाख रुपिया, अनुसूचित जनजाति वर्ग क लाभपात्रन क 57.89 लाख रुपिया अउर सामान्य अउर पिछड़ा वर्ग क लाभपात्रन क 24434.38 लाख रुपिया क धनरासि दीन गय।
श्री मौर्य कहेन कि प्रदेस सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र क बढ़ावा देवे बरे लगातार प्रभावी कदम उठावत अहै। इससे किसानन क आमदनी मा बढ़ोत्तरी, स्थानीय उद्यमिता क बढ़ावा, मेहरारून अउर स्वयं सहायता समूहन क मजबूती अउर देहाती इलाकन मा रोजगार क नवा अवसर पैदा होत अहैं।
सम्पर्क सूत्र- बी0एल0 यादव
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निपुण भारत मिशन अउर गुणवत्ता शिक्षा अभियान क मिली नई गती, जिला समन्वयकम क मिली विशेष प्रशिक्षण
लरिकन क बुनियादी शिक्षा मजबूत करब सरकार क सबसे पहिली प्राथमिकता: मंत्री संदीप सिंह
लखनऊ: 29 मई, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क अगुवाई मा प्रदेस सरकार निपुण भारत मिशन अउर गुणवत्ता शिक्षा संवर्धन कार्यक्रमन क जमीनी स्तर पर अउर जादा प्रभावी बनावे क दिसा मा महत्वपूर्ण कोसिस कर रही अहै। इहै सिल्सिला मा राज्य स्तर पर काम करइया जिला समन्वयक (निपुण भारत मिशन) अउर जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) बरे 1 अउर 2 जून क राज्य स्तरीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम क आयोजन कीन जाई। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), लखनऊ मा होवे वाले ई प्रशिक्षण मा प्रदेस क सप्पै 75 जिलन क जिला समन्वयक हिस्सा लिहइहैं।
प्रदेस क बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह कहेन कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क मार्गदर्शन मा प्रदेस सरकार बुनियादी शिक्षा क गुणवत्ता सुधारे बरे लगातार काम कर रही अहै। निपुण भारत मिशन क जरिये लरिकन मा बुनियादी साक्षरता अउर संख्यात्मक ज्ञान बढ़ावे क साथे-साथ स्कूलन मा सीखे क नतीजन क अउर बेहतर बनावे पर विशेष ध्यान दीन जा रहा अहै। उई कहेन कि जिला समन्वयकम क ई प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षा व्यवस्था मा गुणवत्ता आधारित बदलाव लावे क दिसा मा बहुत जरूरी साबित होई। इससे स्कूल स्तर तक अकादमिक अनुश्रवण क मजबूती मिली, गुरुअन क बेहतर शैक्षणिक सहयोग मिली अउर पढ़इया बच्चन क सीखे क स्तर मा जौन सुधार चाही, उहइ पूरा होई।
उई कहेन कि योगी सरकार ऑपरेशन कायाकल्प, स्मार्ट क्लास, डिजिटल मॉनिटरिंग, ई-कंटेंट अउर निपुण भारत मिशन जइसन नवाचारन क जरिया परिषदीय शिक्षा व्यवस्था मा बड़ा सुधार कीन अहै। अब जिला समन्वयकम क ट्रेनिंग दइके ई कोसिसन क अउर जादा प्रभावी ढंग से स्कूलन तक पहुँचावे क प्रयास कीन जा रहा अहै, जेहसे हर एक लरिका क बढ़िया शिक्षा मिल सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम क मकसद निपुण भारत मिशन अउर गुणवत्ता शिक्षा संवर्धन से जुड़ा कामन क नीक ढंग से लागू करे, देखरेख अउर मूल्यांकन प्रणाली क अउर जादा मजबूत बनाउब अहै। ट्रेनिंग क दौरान जिला समन्वयकम क अकादमिक अउर प्रशासनिक अनुश्रवण, डेटा आधारित योजना अउर निर्णय लेब, प्रभावी समीक्षा प्रक्रिया, गुरु सहयोग तंत्र अउर सीखे क परिणाम मा सुधार बरे जरूरी प्रक्रिया अउर प्रणालियन क पूरी जानकारी दीन जाई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम दुई चरणन मा आयोजित कीन जाई। पहिला बैच क ट्रेनिंग 01 जून क होई, जेहिमा आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, देवीपाटन, गोरखपुर अउर चित्रकूट मंडल क जिला समन्वयक सामिल होइहैं। दूसरा बैच क आयोजन 02 जून क कीन जाई, जेहिमा झांसी, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर अउर वाराणसी मंडल क प्रतिभागी ट्रेनिंग पइहैं।
प्रशिक्षण मा निपुण भारत मिशन क लक्ष्यन, बुनियादी साक्षरता अउर संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन), गुणवत्ता मूल्यांकन, गुरुअन क छमता बढ़ावे, गतिविधि आधारित पढ़ावे अउर स्कूलन मा गुणवत्ता शिक्षा संवर्धन से जुड़ा अलग-अलग बिसयन पर विस्तार से चर्चा कीन जाई। एकरे जरिया जिला स्तर पर बढ़िया योजना, प्रभावी अनुश्रवण अउर शैक्षणिक सहयोग क बढ़ावा देत भवा स्कूलन मा बढ़िया ढंग से सीखे क माहौल तैयार कीन जाई।
सम्पर्क सूत्र- धर्मवीर खरे
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पत्र सूचना शाखा
सूचना अउर जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
पंचायतीराज विभाग के 5 बरिसन के उपलब्धिन का मुख्य सचिव के सोझा भा बिस्तृत प्रस्तुतीकरण
मुख्य सचिव पंचायतीराज विभाग के कामन क सराहेन, प्रस्तावित सबइ पदुन क दीहिन मंजूरी
पंचायतिन के विकास अउर डिजिटल व्यवस्थान क मजबूत करै बरे पंचायतीराज विभाग के अहम बैठक संपन्न भई
पंचायतीराज विभाग के नीक संचालन बरे खाली पदुन क भरै अउर प्रशासनिक मजबूती पर जोर
लखनऊ: 29 मई, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल के सोझा पंचायतीराज विभाग द्वारा पाछिल 5 बरिसन मा हासिल कीन गय बिसेस उपलब्धिन अउर कीन गय सराहनीय कामन क एक बिस्तृत प्रेजेंटेशन (प्रस्तुतीकरण) दीन गवा। ई उच्चस्तरीय बैठक के दउरान विभागीय योजनन के लागू करै, ग्राम पंचायतिन के सशक्तीकरण, डिजिटल गवर्नेंस, देहाती विकास अउर प्रशासनिक सुधारन से जुड़ान तमाम अहम पहलुअन पर गहिराई से विचार-मंथन कीन गवा।
मुख्य सचिव विभाग के काम करै के तरीका अउर तरक्की क सराहना करत भए, प्रस्तावित सबइ पदुन क आपन मंजूरी दइ दीहिन। एके साथे, वित्त विभाग के कइती से भी वित्तीय मामलन से जुड़ान महत्वपूर्ण सुझाव अउर टिप्पणिन साझा कीन गइन।
बैठक के दउरान पंचायतीराज विभाग के प्रमुख सचिव श्री अनिल कुमार विभाग के नीक अउर असरदार संचालन बरे खाली परे तमाम पदुन क तुरन्तै भरै के जरूरत पर जोर दीहिन। उइ जोर देइके कहेन कि देहाती इलाकन मा योजनन के नीक तरीका से लागू करै अउर विभाग के बढ़ती जवाबदेही क देखत भए जरूरी मानव संसाधन (स्टाफ) के होब बहुत जरूरी अहै।
बैठक मा पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह एक बड़े प्रस्तुतीकरण के जरिया पिछले पांच साल के सफरी अउर तरक्की के ब्योरा सोझा रक्खेन। उइ पंचायत भवनन के बनब, ई-गवर्नेंस कइती बढ़त कदम, ग्राम पंचायतिन मा बुनियादी ढांचा के विकास, मजबूत वित्तीय प्रबंधन अउर अलग-अलग जनकल्याणकारी योजनन के जमीनी सफलता के बारे मा बिस्तार से जानकारी दीहिन।
ई महत्वपूर्ण बैठक मा संयुक्त निदेशक श्री एस. एन. सिंह, उप निदेशक श्री प्रवीण सिंह, वित्त नियंत्रक श्री अमितोष श्रीवास्तव समेत विभाग के अउर तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहेन। बैठक के दउरान अधिकारिन विभाग के अगवा के काम के योजना अउर प्रशासनिक ढांचा क अउर जादा मजबूत बनावै के रणनीति पर भी गोठ-बातिन कीहिन।
सम्पर्क सूत्र- राजेश राय
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पत्र सूचना शाखा
सूचना अउर जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
समाज कल्याण मंत्रालय अउर अनुगम के विमुक्त, घुमंतू अउर अर्द्धघुमंतू समाज बरे बिसेस पहल
सरकारी योजनन क उठाउ लाभ, छोट-छोट समूह बनाइके करउ रोजगार: असीम अरुण
भागीदारी भवन मा भय उद्यमिता विकास कार्यक्रम, राज्यमंत्री युवन क आत्मनिर्भरता अउर समृद्धि बरे कीहिन प्रेरित
लखनऊ: 29 मई, 2026
आत्मनिर्भरता अउर समृद्धि कइती अगवा बढ़ै के मकसद से समाज कल्याण मंत्रालय अउर अनुगम के संजुक्त तत्वावधान मा सुकवार क गोमतीनगर मा रहै वाले भागीदारी भवन मा ‘उद्यमिता विकास कार्यक्रम’ के आयोजन कीन गवा। ई सिच्छण (प्रशिक्षण) कार्यक्रम मा मुख्य अतिथि के रूप मा समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण मौजूद रहेन।
कार्यक्रम मा राज्यमंत्री कहेन कि उद्यमिता आत्मनिर्भरता अउर आर्थिक मजबूती के एक बहुत नीक जरिया अहै। उइ कहेन कि प्रदेश सरकार विमुक्त, घुमंतू अउर अर्द्धघुमंतू (डीएनटी) समाज के युवन क रोजगार से जोड़ै बरे तमाम योजनन क चलावत अहै। उइ छोट-छोट समूह बनाइके सरकारी योजनन के लाभ उठाइके रोजगार देइ वाले बनै के गोहार लगाए। योजनन के जानकारी दीन गइ।
कार्यक्रम मा प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएम अजय-जीआईए), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, सीएम युवा योजना, ओडीओपी, विश्वकर्मा सर्वसम्मान योजना, स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया अउर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना समेत अलग-अलग योजनन के जानकारी जानकारन द्वारा दीन गइ। कार्यक्रम मा मौजूद डिक्की के प्रदेश अध्यक्ष श्री मनीष वर्मा बताइन कि कइसन वंचित समाज के लोग सरकार के योजनन के लाभ उठाइके आपन धंधा चलाइ सकत हीं। बैंक ऑफ बड़ौदा के असिस्टेंट जनरल मैनेजर श्री अनुज शर्मा करजा (ऋण) पावै, धंधा खड़ा करै अउर वित्तीय सहायता के काम-काज पर रस्ता देखाइन।
वन-टू-वन काउंसलिंग सत्र मा मिला रस्ता
कार्यक्रम मा वन-टू-वन काउंसलिंग सत्र चलाय गवा, जेहिमा ओन्हन के मन अउर जरूरत के हिसाब से अलग से सलाह-मसुइरा दीन गवा। उप निदेशक, भागीदारी भवन श्री आनंद कुमार सिंह बताइन कि हर हफ्ता ई ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाय जाई, जेहिमा उद्यमिता के बारे मा जानकारी दीन जाई। ई मौके पर डिक्की के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री कुँवर शशांक, श्री विपिन कुमार पांडेय समेत अउर तमाम अधिकारी अउर जानकार मौजूद रहेन।
सम्पर्क सूत्र- आशिया खातून
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पत्र सूचना शाखा
सूचना अउर जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना तीसरे हफ्ता भी ई-रिक्शा से कीहिन दफ्तर आवब-जाब
मा0 प्रधानमंत्री अउर मा0 मुख्यमंत्री जी के गोहार पर तेल बचावै के संकल्प क लगातार देइ रहे रूप
लखनऊ: 29 मई, 2026
उत्तर प्रदेश के वित्त अउर संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी अउर माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के गोहार पर डीजल अउर पेट्रोल के कम से कम खरच करै के संकल्प क लगातार अगवा बढ़ावत भए लगातार तीसरे हफ्ता भी आपन दफ्तर आवै-जाय बरे बिना पेट्रोलियम तेल के चलै वाली गाड़ी के इस्तेमाल कीहिन।
श्री खन्ना आज आपन सरकारी बंगला से विधानसभा मा रहै वाले दफ्तर ई-रिक्शा से पहुंचेन अउर दुपहरी मा खाय बरे बंगला आवै-जाय मा भी ई-रिक्शा के ही इस्तेमाल कीहिन। उइ कहेन कि हफ्ता मा एक दिन बिना पेट्रोलियम ईंधन के साधन से दफ्तर आवै-जाय के ओन्हन के फैसला खाली व्यक्तिगत पहल नाय अहै, बल्कि ऊर्जा बचाव अउर पर्यावरण सुरक्षा कइती एक जिम्मेदारी भरा संदेस अहै।
श्री खन्ना कहेन कि ऊर्जा बचाव, पर्यावरण सुरक्षा अउर ईंधन के बचत आज
राष्ट्रीय जरूरत बन चुकी है। देस कै बड़ी ऊर्जा जरूरतें अबहूँ आयातित ईंधन पर निर्भर हैं, अइसेन मा हर नागरिक कै ई धरम आय कि उ अपने रोज के जिनगी मा छोटे-छोटे बदलाव कइके देस के हित मा जोगदान देय। उइ कहेन कि जेकर समाज कै हर सछम मनई हफ्ता मा कम से कम एक दिन वैकल्पिक अउर पर्यावरण के अनुकूल साधनन कै प्रयोग करै तौ एहसे ना खाली प्रदूसन कम होई बल्कि बिदेसी रुपिया कै भी बड़ी बचत संभव होई।
सम्पर्क सूत्र-जयेन्द्र सिंह
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पत्र सूचना साखा
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
वित्तीय साल 2026-27 मा अलग-अलग जिलन मा संग्रहालयन कै स्थापना, विकास अउर क्यूरेशन काम बरे 17 नई परियोजनायें प्रस्तावत अहैं
संग्रहालयन कै स्थापना से नई पीढ़ी अपनी गौरवसाली संस्कृति अउर ऐतिहासिक धरोहरन का देखि पाई- जयवीर सिंह
लखनऊ: 29 मई, 2026
वित्तीय साल 2026-27 मा संस्कृति बिभाग कइती से संग्रहालयन कै स्थापना, विकास अउर क्यूरेशन काम कै 17 नई परियोजनायें प्रस्तावत कीन गयी हैं। इन परिजोजनान के तहत संग्रहालयन कै स्थापना, उच्चीकरण, नवीनीकरण, क्यूरेशन आदि कै काम करावा जाई। कुछ परिजोजनान पर सरकार के स्तर पर फैसला आवब बाकी अहै, जेकर जल्दिये निपटारा कइ दीन्ह जाई। संग्रहालयन कै स्थापना से जिला कै दुर्लभ चीजिन का देखायब जाई अउर नई पीढ़ी का अपनी समृद्ध संस्कृति अउर गौरवसाली इतिहास से जोड़ा जाई।
ई जानकारी आजु हियाँ उत्तर प्रदेश के पर्यटन अउर संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह दीन्हिन। उइ बताइन कि जिला गोरखपुर मा गौरव संग्रहालय के क्यूरेशन काम बरे 2250 लाख रुपिया कै रकम प्रस्तावत कीन गयी है। इसी तरह बाल संग्रहालय, कन्नौज कै स्थापना अउर क्यूरेशन काम बरे 1500 लाख रुपिया, जिला फर्रुखाबाद मा संग्रहालय कै स्थापना अउर क्यूरेशन काम बरे 2450 लाख रुपिया, जिला कासगंज पुरातत्व संग्रहालय कै स्थापना बरे 1682.58 लाख रुपिया अउर जिला झांसी के चिरगांव मा राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जी के संग्रहालय अउर पुस्तकालय कै स्थापना बरे 05 करोड़ कै रकम प्रस्तावत कीन गयी है।
जयवीर सिंह बताइन कि इहै तरे जिला सोनभद्र मा संग्रहालय कै स्थापना बरे अंदाजन 133.55 लाख रुपिया कै रकम, नई मांग के जरिया राज्य संग्रहालय, लखनऊ के उच्चीकरण, नवीनीकरण अउर सौंदर्यीकरण काम बरे 150 करोड़ रुपिया, नई मांग के जरिया राज्य संग्रहालय, मथुरा के उच्चीकरण, नवीनीकरण अउर सौंदर्यीकरण काम बरे 100 करोड़ रुपिया, जिला चित्रकूट मा स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम लालापुर चित्रकूट के पर्यटन विकास के तहत संग्रहालय के क्यूरेशन के काम बरे 05 करोड़ रुपिया अउर जिला चित्रकूट के तहसील राजापुर ग्राम पहाड़ी मा स्थित संत श्री तुलसीदास जी कै जनमभूइँ तुलसीपीठ अउर राजापुर मा तुलसी स्मारक के पर्यटन विकास अउर क्यूरेशन काम बरे 05 करोड़ रुपिया कै रकम प्रस्तावत कीन गयी है।
श्री जयवीर सिंह बताइन कि हरिऔध कला केंद्र, आजमगढ़ मा संग्रहालय मा पुस्तकालय कै स्थापना अउर क्यूरेशन काम बरे 05 करोड़ रुपिया, जिला लखनऊ मा गुरु गोबिंद सिंह स्मृति संस्थान अउर ऐतिहासिक स्मारक (विरासत-ए-खालसा) कै निर्माण बरे 10 करोड़ रुपिया, मानव संस्कृति विकास संग्रहालय बरे 25 करोड़ रुपिया कै रकम प्रस्तावत कीन गयी है। जिला बलिया, अलीगढ़, सहारनपुर अउर बरेली मा संग्रहालयन कै स्थापना बरे ऊँच स्तर पर कारवाही चलत अहै। जल्दिये एकर समाधान कइके आगे कै कारवाही सुरू कइ दीन्ह जाई।
सम्पर्क सूत्र-केवल
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पत्र सूचना साखा
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 06 करोड़ 11 लाख 25 हजार रुपिया कै रकम मंजूर
लखनऊ: 29 मई, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार अन्तर्देशीय मछली पालन बरे प्रदेश मा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मनसेधु (पुरुष) वर्ग के लाभ पावै वालन बरे मौजूदा वित्तीय साल मा 06 करोड़ 11 लाख 25 हजार रुपिया कै रकम मंजूर कीन है। ई संबन्ध मा मत्स्य बिभाग कइती से जरूरी शासनादेस जारी कइ दीन्ह गवा अहै। शासनादेस मा महानिदेशक, मत्स्य बिभाग का इ निरदेस दीन्ह गवा है कि मंजूर कीन जा रही रकम कै खरच राज्य सरकार अउर भारत सरकार कइती से पास कार्ययोजना के मुताबिक योजना कै गाइडलाइन्स कै पालन करत भवा कीन जाई। रकम कै खरच खाली ओही कामन पर कीन जाई जेकरे बरे रकम मंजूर कीन गयी है। आंकड़न कै सुद्धता कै जिम्मेदारी महानिदेशक मत्स्य/सम्बन्धित अधिकारी कै होई।
सम्पर्क सूत्र-निधि वर्मा
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सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
सूकर (सुअर) पालन कै योजना बरे 02 करोड़ 97 लाख रुपिया कै रकम मंजूर
लखनऊ: 29 मई, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश मा सूकर पालन कै योजना चलावै बरे मौजूदा वित्तीय साल मा खाली 02 करोड़ 97 लाख रुपिया कै रकम मंजूर कीन है। मंजूर रकम कै खरच अनुसूचित जाति बरे बिसेस घटक योजना के तहत कीन जाई। ई संबन्ध मा पशुधन बिभाग कइती से शासनादेस जारी कइ दीन्ह गवा अहै। शासनादेस मा निदेशक, प्रशासन अउर विकास, पशुपालन बिभाग का निरदेस दीन्ह गवा है कि मंजूर कीन जा रही रकम कै निकासी अउर खरच भारत सरकार/राज्य सरकार कइती से एस0सी0एस0पी/टी0एस0पी बरे तय मानकन/मंजूर कार्ययोजना अउर तय कामन मा योजना बरे तय गाइडलाइन्स कै पूरा पालन करत भवा खरच के ब्यौरा के साथ उपयोगिता प्रमाण-पत्र सरकार का सौपा जाई।
सम्पर्क सूत्र-निधि वर्मा
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सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
गोरखपुर अउर मुरादाबाद मा अत्याधुनिक फिश मार्केट (मछरी बाजार), एकीकृत एक्वापार्क अउर फिश प्रसंस्करण सेंटर (मछरी प्रोसेसिंग केंद्र) बनावा जाई
मछरी उत्पादन अउर उत्पादकता मा बढ़ोत्तरी होई अउर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नवा अवसर पैदा होई
ई एक्वा पार्क उत्तर प्रदेश के मछरी पालन क्षेत्र का आत्मनिर्भर अउर आर्थिक रूप से मजबूत बनावै मा अउर प्रदेश का वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी कइ अर्थव्यवस्था बनावै मा महत्वपूर्ण भूमिका निभइहैं।
लखनऊ: 29 मई, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार मछरी क्षेत्र के समग्र विकास, मछरी पालकैं कइ आय बढ़ावै, रोजगार पैदा करै अउर आधुनिक मार्केटिंग व्यवस्था का बढ़ावा देवै के उद्देश्य से जनपद गोरखपुर अउर मुरादाबाद मा ‘स्टेट ऑफ आर्ट होलसेल फिश मार्केट, एकीकृत एक्वापार्क अउर फिश प्रसंस्करण सेंटर’ कइ स्थापना करै क महत्वपूर्ण निर्णय लिहिस है। ई संबंध मा मछरी विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव, श्री मुकेश कुमार मेश्राम द्वारा जरूरी आदेश जारी कइ दीन गय हैं।
आदेस के मुताबिक प्रदेश मा “स्टेट ऑफ आर्ट होल सेल फिश मंडी, एकीकृत एक्वा पार्क, फिश प्रसंस्करण सेंटर” आदि एक आधुनिक अउर समग्र काम्प्लेक्स तैयार करै के उद्देश्य से ई योजना प्रदेश के जनपद गोरखपुर अउर मुरादाबाद मा चलाई जाई। ई योजना का लागू करै बरे प्रदेश के जनपद गोरखपुर के ताल कंदला मा लगभग 27 एकड़ जमीन चिन्हित कइ लीन गइ है। जनपद गोरखपुर कइ उपलब्ध जमीन पर “स्टेट ऑफ आर्ट होल सेल फिश मंडी, एकीकृत एक्वा पार्क अउर फिश प्रसंस्करण सेंटर” जइसन सुविधाइन के साथ एक आधुनिक अउर समग्र काम्प्लेक्स विकसित कीन जाब है। इसके अलावा जनपद मुरादाबाद मा लगभग 4.84 एकड़ जमीन चिन्हित कीन गइ है जहाँ स्टेट ऑफ आर्ट होल सेल फिश मंडी स्थापित कीन जाई। योजना के तहत मछरी पालन, प्रसंस्करण, विपणन (मार्केटिंग) अउर मछरी पालन पर आधारित एक बहुउद्देशीय पर्यटन स्थल विकसित करब है जेहमा जलीय खेती, मनोरंजन, जल-पर्यटन अउर जल-आधारित कामन का भी एक साथ मिलावा जाई।
ई एकीकृत एक्वापार्क अउर मछरी मंडी कइ परिकल्पना मछरी पालन अउर जलीय कृषि मूल्य श्रृंखला के अलग-अलग चरनन/पहलुअन का शामिल करत भवा तरह-तरह कइ मछरी पालन गतिविधीन/सुविधाइन कइ केंद्र विकसित करै के उद्देश्य से कीन गइ है। ई आधुनिक काम्प्लेक्स पूरा मछरी पालन मूल्य श्रृंखला बरे सिंगल विंडो के रूप मा काम करी जेहसे मछरी पालन कइ सब गतिविधीन, मछुआरन, मछरी पालकैं, प्रसंस्करण करइ वालन, फुटकर दुकानदरन अउर थोक व्यापारीन का एक साथ जोड़ के सबसे नीक उत्पादन बरे जगह अउर साधन उपलब्ध करावै मा महत्वपूर्ण योगदान देई। साथै स्थानीय मछरी पालन करइ वालन, व्यापारीन आदि का रोजगार के आसान साधन उपलब्ध कराई।
ई योजना मीठे पानी कइ मछरियन, खासकर पंगेसियस प्रजाति कइ मछरी उत्पादन, वितरण अउर मार्केटिंग मा आत्मनिर्भर बनै कइ दिसा मा एक महत्वपूर्ण कदम होई, जेहसे उत्तर प्रदेश से देस के दूसर राज्यों अउर पड़ोसी देस (नेपाल) मा जलीय खेती, ब्यौपार अउर मछरियन के निर्यात का बढ़ावा मिली। ई योजना लागू होवै से क्षेत्र मा ब्यौपार अउर आम मनइन के खाय बरे नीक क्वालिटी कइ मछरियन कइ उपलब्धता बढ़ी। अइसन बहुद्देशीय एकीकृत एक्वा पार्क बनै से मछरी पालन का ई क्षेत्र मा क्लस्टर के रूप मा विकसित कीन जाइ सकी। एक्वा पार्क कइ कल्पना उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन अउर निर्यात बरे अत्याधुनिक सुविधाइन देवै बरे मछरी पालन मूल्य श्रृंखला का मजबूत करै बरे कीन गइ है। गोरखपुर मा, ई प्रस्ताव इंडो-गंगा के मैदान मा जलीय भूगोल अउर भरपूर भूजल कइ उपलब्धता से फायदा पाई, जेहसे मछरी उत्पादन मा बढ़ती होई अउर लगभग तीन हजार स्थानीय मछरी बेचइ वालन बरे रोजगार के नवा अवसर देत भवा रोजी-रोटी मा सुधार करी। इसके अलावा बोटिंग जइसन पर्यटक सुविधाइन भी स्थानीय अर्थव्यवस्था का बढ़ावा देइहैं। अइसन परियोजना से मछरी पालकैं मा आधुनिक तकनीकियन का सामिल करत भवा किसानन का ट्रेनिंग दीन जाई जेहसे मछरी उत्पादन अउर उत्पादकता मा बढ़ती होई अउर स्थानीय मनइन बरे रोजगार के नवा मौका भी मिली, जेहसे मछरी पालन क्षेत्र आत्मनिर्भर अउर आर्थिक रूप से मजबूत बनी अउर प्रदेश कइ अर्थव्यवस्था मा मदद मिली।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय बरस 2026-27 मा ई योजना बरे पहिला चरण मा कुल ₹10000.00 लाख कइ रकम कइ व्यवस्था कीन गइ है। ई योजना क असली मकसद मछरी कइ चीजन के सही इस्तेमाल अउर नोकसान का कम कइके घरेलू स्तर पर इनकर लगातार अउर पक्का आपूर्ति तय करब है। साथै मछरी बाजार मा परियोजना के माध्यम से बिचौलियन कइ भूमिका का कम करब अउर पैदा करइ वालन का सही दाम दिवाउब, खाद्य सुरक्षा, आयात-निर्यात अउर स्थानीय स्तर पर भी बढ़िया क्वालिटी कइ साफ-सुथरी (हाइजीनिक) मछरी आम मनइन का उपलब्ध कराउब है। मण्डियन मा आधुनिक सुविधाइन जइसन कोल्ड स्टोरेज, चिल्ड रूम, अउर कचरा प्रबंधन प्रणालियन का लागू करब है। साथै डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से मछरी बाजारन अउर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सीधे बिक्री का बढ़ावा देत भवा रोज मण्डी के भाव आदि कइ जानकारी किसानन का उपलब्ध कराउब है।
योजना के तहत नीचे लिखी गइ गतिविधि/कार्यक्रम तय कीन गय हैं – मीठे पानी कइ बढ़िया प्रजाति कइ मछरी, जइसन पंगेसियस, तिलपिया, अमूर कार्प, अमृत कतला, ब्लैक कार्प आदि बरे उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस), मनोरंजन अउर सांस्कृतिक इकाई, सीधा प्रदर्शन केंद्र अउर संग्रहालय (म्यूजियम) तथा मीठे पानी कइ जलीय खेती कइ नई संभावित प्रजातियन के ट्रेनिंग, प्रदर्शन, फैलाव अउर नवा व सबसे नीक तकनीकियन का अपनावै बरे केंद्र विकसित कीन जाई। मछरी उत्पाद ब्यौपार का बढ़ावा, सजावटी (आर्नामेंटल) मछरी ब्यौपार तथा एक्वा-टूरिज्म अउर जल क्रीड़ा गतिविधीन, बोटिंग, जल-पर्यटन जइसन सुविधाइन जेहमा एक्वा प्रदर्शनी, तैरत भवा रिसॉर्ट (फ्लोटिंग रिसॉर्ट), कैफे, लाइव फिश हैंडलिंग अउर ईटिंग एरिया, इको-पार्क, सनसेट पॉइंट, वाटर स्पोर्ट्स जइसन गतिविधीन से जल खेती बरे जागरूक कीन जाई। एक्वेरियम हाउस अउर पढ़ाई-लिखाई कइ सुविधाइन, रेस्टोरेंट अउर मेहमानन के रुकै बरे 30 कमरा कइ होटल क निर्माण, इको-टूरिज्म, मददगार ढांचा जइसन पार्किंग पार्क, भीतरी अउर बाहरी सड़क आदि, मछरी अउर मछरी कइ चीजन कइ मार्केटिंग तथा मछरी क बाजार (तैयार खाय लायक, रांधै लायक, जियत मछरियन, भोजन अउर डिब्बा बंद मछरी/समुद्री मछरी उत्पाद) आदि कार्यक्रम तय हैं।
ई पार्कन कइ स्थापना क लक्ष्य जलीय खेती मूल्य श्रृंखला का बेहतर बनाउब है। जेहसे किसानन का बढ़िया क्वालिटी कइ मछरी बीया, चारा, मछरी बेंचब, प्रसंस्करण कइ सुविधाइन अउर बेहतर बाजार तक पहुंच मिल सकी। इसके बनै से मछरी उत्पादन अउर उत्पादकता मा गजब बढ़ोत्तरी होइहै, साथै प्रसंस्करण इकाइयन के बनै से आयात-निर्यात अउर मूल्य वर्धित चीजन के बनइ मा मदद मिली, जेहका नीक दाम पर बेंचा जाइ सकी, जेहके नतीजा मा मछरी पालै वाले किसानन कइ आय बढ़ी। ई परियोजना से मात्स्यिकी…
गतिविधि जइसे मछली फीड निर्माण, कोल्ड स्टोरेज अउर परिवहन आदि कयौ बढ़ावा मिली, जेहसे बड़े पैमाने पर आर्थिक विकास होइ। सामाजिक स्तर पर, ई परियोजना हजारन मनइन बरे प्रत्यक्ष अउर अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करी, खास कइके स्थानीय मछली पालइ वालन बरे ट्रेनिंग अउर मत्स्य बाजार से डायरेक्ट लिंक होइ सकी। ई एक्वा पार्क उत्तर प्रदेश के मत्स्य पालन क्षेत्र क आत्मनिर्भर अउर आर्थिक रूप से मजबूत बनावै मा अउर प्रदेस क वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी क अर्थव्यवस्था बनावै मा महत्वपूर्ण भूमिका निभइहैं।
सम्पर्क सूत्र-निधि वर्मा
वैशाली माथुर/05ः45 PM
फोन नम्बर क्पतमबज रू 0522-2239023 ई0पी0बी0एक्स0: 0522-2239132,33,34,35
एक्सटेंशन रू 223 224 225
फैक्स नं0 रू 0522-2237230 0522-2239586 ई-मेल रू नचेववबीदं/हउंपसण्बवउए
वेबसाइट : ूूूण्पदवितउंजपवदण्नचण्हवअण्पद
पत्र सूचना साखा
सूचना अउर जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश
बिस्व तम्बाकू निषेध दिवस पर जागरूकता रैली अउर पदयात्रा क आयोजन 31 मई क
लखनऊ: 30 मई 2026
बिस्व तम्बाकू निषेध दिवस के मउका पर तम्बाकू, गुटखा अउर अउर नशीली तम्बाकू चीजिन के खाय-पियै से होवै वाले खराब असरन के बारे मा आम मनइन क जागरूक करै के उद्देश्य से मद्यनिषेध विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा 31 मई, 2026 क सबेरे 7:00 बजे से 8:00 बजे तक जागरूकता रैली अउर पदयात्रा क आयोजन कीन जाई।
ई रैली क्षेत्रीय मद्यनिषेध अउर समाजोत्थान अधिकारी के दफ्तर, 27 अशोक मार्ग, लखनऊ से सुरु होइके जी.पी.ओ. पार्क, हजरतगंज मा स्थित महात्मा गांधी जी क मूरति तक निकारी जाई। ई कार्यक्रम मा राज्य मद्यनिषेध अधिकारी, उत्तर प्रदेश, विभागीय अधिकारी अउर कर्मचारी, तरह-तरह के सामाजिक संस्ठान के प्रतिनिधि अउर समाजसेवी बढ़-चढ़ के हिस्सा लिहइहैं।
ई जानकारी देत भये क्षेत्रीय मद्यनिषेध अउर समाजोत्थान अधिकारी, लखनऊ क्षेत्र रमेश कुमार बतइहिन कि तम्बाकू खाय से कैंसर, दिल क बीमारी, फेफड़ा क बीमारी अउर दूसर गंभीर स्वास्थ सम्बंधी तकलीफ़िन क खास कारन अहै। बिस्व तम्बाकू निषेध दिवस क मकसद मनइन क तम्बाकू खाय के खराब असरन के बारे मा बताउब अउर नीक व नशामुक्त जिनगी जियै बरे बढ़ावा देब अहै।
उहइ मनइन से अरज (अपील) करिन कि ओई ई जागरूकता अभियान मा सामिल होइँ अउर खुद अउर अपने परिवार क तम्बाकू अउर ओसे बनी चीजिन के सेवन से दूर रखै क कसम खाइँ। ई अभियान जनस्वास्थ्य बचाव अउर नशामुक्त समाज बनावै की कइती एक बहुतै जरूरी कदम (पहल) होइ।
सम्पर्क सूत्र – संजय कुमार
अवनीश श्रीवास्तव/03ः54 PM
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लेख
औद्योगिक विकास विभाग (यूपीडा)
पत्र सूचना साखा
सूचना अउर जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे: पूर्वांचल के विकास, रोजगार अउर निवेश क नया महामार्ग
एक्सप्रेस-वे भी अइसेन सोच कै हिस्सा अहै। एक्सप्रेस-वे के आस-पास औद्योगिक कॉरिडोर, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक पार्क, ट्रांसपोर्ट हब अउर खाद्य प्रसंस्करण इकाइयन कै स्थापना कै सम्भावना बहुतै तेजी से बढ़त अहैं। नीक कनेक्टिविटी मिलै से निवेशकर्तन कै भरोसा भी मजबूत भवा अहै। गोरखपुर अउर ओरे-पोरे के इलाकन मा एमएसएमई इकाइयन, खेती-बारी पर आधारित उद्योगन अउर छोट-मोट व्यापारिक प्रतिष्ठानन क एका से नई ऊर्जा मिली। आवे वाले समय मा ई क्षेत्र निवेश अउर उद्योग कै एक महत्वपूर्ण केंद्र बनी।
जब कौनों क्षेत्र मा सड़क अउर आधारभूत ढांचा मजबूत होत अहै तउ हुवाँ उद्योग, व्यापार अउर सेवा क्षेत्र तेजी से बढ़त-फूलत अहैं। एसे स्थानीय स्तर पर रोजगार कै मौका बढ़त अहै। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के बनै अउर चलै से प्रत्यक्ष अउर अप्रत्यक्ष रूप से हजारन मनइन क रोजगार मिला अहै। भविष्य मा एक्सप्रेस-वे के किनार स्थापित होवे वाले उद्योगन अउर व्यापारिक इकाइयन से स्थानीय जवानन क बड़े पैमाना पर रोजगार मिलै कै सम्भावना अहै। एसे पलायन कै समस्या मा भी कमी आई अउर जवानन क अपने ही क्षेत्र मा रोजगार कै मौका मिल सकिहै।
स्वास्थ्य, शिक्षा अउर पर्यटन क बढ़ावा
नीक सड़क संपर्क कै सबते बड़ा फायदा स्वास्थ्य अउर शिक्षा क्षेत्र क भी मिलत अहै। अब पूर्वांचल के लोग कम समय मा बड़े अस्पतालन अउर पढ़ाई-लिखाई वाले संस्थानन तक पहुँच सकत अहैं। इमरजेंसी की स्थिति मा मरीजन क तेजी से नीक चिकित्सा सुविधा देवाउब आसान होई। साथै विद्यार्थी भी बड़े सहरन के पढ़ाई वाले संस्थानन तक आसानी से पहुँच सकिहैं। गोरखपुर अउर पूर्वांचल क्षेत्र धार्मिक अउर सांस्कृतिक नजरिया से बहुतै महत्वपूर्ण अहै। गोरखनाथ मंदिर, कुशीनगर, संतकबीरनगर अउर ओरे-पोरे के कइयौ धार्मिक अउर ऐतिहासिक जगह सैलानिन क अपनी ओरी खींचत अहैं। नीक सड़क संपर्क से पर्यटन के कामन क भी बढ़ावा मिली। देस-बिदेस से आवे वाले सैलानिन खातिर यात्रा अउर ज्यादा सुखद अउर सुरक्षित बनी। एसे होटल, गाड़ी-घोड़ा अउर स्थानीय व्यापार क भी फायदा मिली।
एक्सप्रेस-वे पर बटोहियन की सुविधा खातिर दुई जनसुविधा परिसर बनावा गवा अहै। इहाँ खाय-पीय, पाखाना, पार्किंग, तेल-पानी अउर दूसर जरूरी सुबिधा दीन जा रही अहैं। आवे वाले समय मा इन परिसरन के आस-पास अउरौ सुबिधान कै विकास कीन जा सकत अहै, जेहसे लम्बी दूरी कै यात्रा अउर आरामदायक बन सकै।
प्रदेश कै अर्थव्यवस्था क मजबूती
उत्तर प्रदेश तेजी से देस कै आर्थिक ताकत बनै के डहर पर आगे बढ़त अहै। एक्सप्रेस-वे नेटवर्क ई विकास मॉडल कै महत्वपूर्ण आधार अहै। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे जइसन प्रोजेक्ट खाली आवत-जात गाड़िन कै सुबिधा भर नीक नाहीं करत हैं, बल्कि निवेश, उद्योग, व्यापार अउर रोजगार क भी नई रफ्तार देत हैं। एसे प्रदेश कै अर्थव्यवस्था मजबूत होत अहै अउर इलाकाई असंतुलन कम होत अहै। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे ने ई साबित कइ दिहिस अहै कि मजबूत बुनियादी ढांचा कौनों भी क्षेत्र के विकास कै सबते बड़ी कुंजी होत अहै। ई योजना पूर्वांचल के लाखन मनइन के जिंदगी मा नीक बदलाव लावै कै ताकत राखत अहै। ई एक्सप्रेस-वे पूरबी उत्तर प्रदेश क औद्योगिक, व्यापारिक अउर आर्थिक रूप से नई ऊँचाइयन तक पहुँचावै मा बड़ी भूमिका निभाई। ई खाली एक सड़क नाहीं अहै, बल्कि पूर्वांचल के उज्जर भविष्य कै डहर अहै।
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सरिता वर्मा
सूचना अधिकारी
लेख
पर्यटन विभाग
पत्र सूचना साखा
सूचना अउर जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश मा ग्रामीण पर्यटन के बढ़त राज-पाट मा पहिचान बनावत जनपद बस्ती
लखनऊ: 29 मई, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य कै समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक अउर धार्मिक विरासत क दुनिया के नक्सा पर स्थापित करै खातिर लगातार कोसिस करत अहै। ई मुहिम के तहत अब खाली बड़े सहरन या खास धार्मिक केंद्रन तक ही पर्यटन क सीमित नाहीं राखा जात अहै, बल्कि देहाती इलाकन क भी एका मुख्य हिस्सा बनावा जात अहै। प्रदेश सरकार डहरी से चलाई जा रही नई पर्यटन नीति के जरिया गांवन मा छिपान ऐतिहासिक कहानियन, पुरान कला अउर कुदरती सुन्दरता क सैलानिन के सोझा लावै कै अनोखा काम कीन गवा अहै। ई रणनीति कै सबते बड़ा फायदा देहाती अर्थव्यवस्था क मजबूत करै अउर स्थानीय स्तर पर रोजी-रोटी के नए मौकन क पैदा करै के रूप मा सोझा आवत अहै।
धार्मिक अउर सांस्कृतिक रूप से समृद्ध उत्तर प्रदेश मा सैलानिन कै आवब लगातार बढ़त अहै। अयोध्या, काशी (वाराणसी) अउर मथुरा जइसन बड़े धार्मिक केंद्रन मा आवे वाले भगतन अउर सैलानिन खातिर रहै कै जगह कै मांग पूरा करै के उद्देश्य से प्रदेश सरकार होमस्टे नीति क खास बढ़ावा दिहिस अहै। एही के तहत गांवन मा रहै वाले आम परिवारन क अपने घरन क सैलानिन के लायक बनावै खातिर उत्साहित कीन गवा अहै। राज्य मा अब तक 900 से ढेर होमस्टे नीक तरीका से चलत अहैं, जे सैलानिन क न खाली ठहरै कै नीक सुबिधा देय रहे अहैं बल्कि ओन्हन क उत्तर प्रदेश कै पुरान मेहमान-नवाजी कै संस्कृति से भी मिलावत अहैं।
देहाती जिंदगी क नगिचे से देखै अउर समझै कै चाह राखै वाले सैलानिन खातिर प्रदेश सरकार एक डेग आगे बढ़ावत भये ‘फार्म स्टे निवेश कार्यक्रम‘ कै सुरुआत कीहिस अहै। प्रदेश के इतिहास मा अइसन ई पहिला कार्यक्रम अहै जेहके तहत खेतन अउर देहाती माहौल क बढ़िया पर्यटन जगहन के रूप मा बदला जात अहै। ई योजना कै सीधा फायदा उन आगे बढ़ै वाले किसानन क मिलत अहै जे अपनी खेती-बारी के साथै-साथै पर्यटन क जोड़त अहैं। फार्म स्टे के माध्यम से सैलानिन क खेती पर्यटन, मउरी पालन, स्थानीय हाथ क कारीगरी क नगिचे से देखै अउर देहाती जिंदगी कै सादगी कै असली अनुभव लेवै कै मौका मिलत अहै।
प्रदेश सरकार के इन सब कोसिसन के बीच मा देहाती इलाकन के उहे हाथ के कारीगर, कलाकार अउर छोट-मोट व्यापारी अहैं जे सदीन से अपनी कला क संजोए अहैं। देहाती पर्यटन कै इन कोसिसन मा सैलानिन कै बढ़ी-चढ़ी हिस्सेदारी क पहल कीन जा रही अहै। जेह गांवन कै पहिचान ओकरे खास हथकरघा, हस्तशिल्प अउर पुरान कला खातिर अहै, ओन्हन क विशेष रूप से सजावा-सँवारा जात अहै। सरकार कै ई योजना कै मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादकन क बाजार अउर रुपिया-पैसा कै मदद देब, पुरान हुनर क हराय से बचाउब अउर बाहरे से आवे वाले मनइन क एक बिल्कुल अनोखा अउर गहिरा अनुभव देब अहै। एसे नवजवानन क अपने ही गांव मा रोजगार मिलत अहै।
पर्यटन के एही जमीनी मॉडल क अमलीजामा पहनावै खातिर जनपद बस्ती मा विशेष रूप से काम सुरु कीन गवा अहै। जिला प्रशासन ई मुहिम के तहत दुई खास गांवन, बढ़नी मिश्र अउर अमोढ़ा खास क देहाती पर्यटन विकास खातिर चुनिस अहै। इन दूनो गांवन कै चुनाव ओनकइ ऐतिहासिकता अउर सांस्कृतिक महत्व क ध्यान मा राखि क कीन गवा अहै। बढ़नी मिश्र गाँव कै अपुन एक पुरान अउर ऐतिहासिक महत्व अहै, जेहका
रामायण कालीन भगवान राम के गुरु वशिष्ठ मुनि क मूल निवास माना जात अहै। एही पौराणिक जुड़ाव के कारन स्थानीय लोग एहि पूरे क्षेत्र के पुरान नाउँ क वशिष्ठी के रूप मा याद करत हैं।
एही सिलसिला मा जनपद क दूसर सुप्रसिद्ध अमोढ़ा खास गाँव अपनी ऐतिहासिकता अउर गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत बरे अलग पहिचान रखत अहै। सन् 1857 के पहिले स्वतंत्रता संग्राम मा अमोढ़ा के राजा जालिम सिंह अउर उनकी पत्नी रानी तलाश कुँवरी ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ जमकर लोहा लिहिन रहा। एहि ऐतिहासिक संग्राम के सबूत के रूप मा आजहुँ राजा जालिम सिंह के किला क अवशेष एहि गाँव मा मौजूद अहै। इसके अलावा, धार्मिक नजरिया सेव यो गाँव बहुतै महत्वपूर्ण अहै काहे से कि हिंयाँ प्रसिद्ध चौरासी कोस परिक्रमा मारग क प्रमुख पड़ाव राम रेखा मंदिर अउर चतुर्भुजी मंदिर स्थित अहै।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग एहि दुनौ ऐतिहासिक गांवन के स्थानीय निवासियन क आत्मनिर्भर बनावै अउर उनके हुनर क निखारै बरे कौशल विकास कार्यक्रमन क सक्रिय रूप से बढ़ावा देइ रहल अहै। एहि बरे विभाग द्वारा हस्तशिल्प पर आधारित अलग-अलग प्रशिक्षण पहलन क शुरुआत कीन गइ अहै, जेकर सीधा फायदा स्थानीय बेरोजगार जवानन अउर मेहरारून क मिलत अहै। वर्तमान मा ई प्रशिक्षण कार्यक्रम धरातल पर चलाए जात अहैं, अउर सैलानियन के रुकै बरे होमस्टे सुविधिन खातिर कुछ खास जगहन क पहिचान भी कइ लीन गइ अहै। एहि प्रयासन से आवै वाले समय मा सैलानियन क एहि क्षेत्र के ऐतिहासिकता क एक पूरा अनुभव मिलि सकी।
राज्य क एहि विकास जात्रा क तेजी देवै मा ‘नई पर्यटन नीति 2022’ एक मजबूत आधार साबित होइ रही अहै। एहि नीति क पर्यटन अउर आतिथ्य क्षेत्र के संगठनन अउर अलग-अलग हितधारकन से मिले व्यावहारिक सुझाव क सामिल कइके तैयार कीन गा अहै। योजना के काम क आसान अउर साफ-सुथरा बनावै बरे ‘जिला संवर्धन परिषद’ अउर ‘नीति कार्यान्वयन समिति’ क जिम्मेदारी सौंपी गइ अहै। एहि के तहत राजस्व, नगर विकास, आवास अउर स्थानीय स्वशासन जइसन महत्वपूर्ण विभागन के साथ नीक तालमेल बनावा गा अहै ताकि विकास के कामन क बिना कउनो देरी के तेजी से जमीन पर उतारा जा सके।
एहि नीति के तहत उत्तर प्रदेश के कुछ खास क्षेत्रन क ‘प्रमुख पर्यटन स्थल’ के रूप मा घोषित कीन गा अहै, जेकर नीक असर भी दिखई लाग अहै। अकेले बस्ती जिला मा ही ‘पर्यटन नीति 2022’ के तहत अब तक लगभग 28 नई पर्यटन इकाइयन क रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) कइ लीन गा अहै, जेहमा होटल, बजट होटल, कन्वेंशन सेंटर अउर रस्ता मा मिलै वाली सुविधा केंद्र सामिल अहैं। एहि सब निजी आतिथ्य इकाइयन मा कुल मिलाइके लगभग 17415.93 लाख रुपिया क भारी-भरकम निवेश प्रस्तावत अहै। निजी क्षेत्र के एहि निवेश से न खाली बुनियादी ढांचा मजबूत होई, बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारन जवानन क सीधे तौर पर रोजगार के नवा मौका मिली.
सांस्कृतिक पर्यटन क बढ़ावा देवै की डहर मा भी सरकार बड़े पैमाना पर काम करत अहै। पर्यटन अउर संस्कृति विभाग द्वारा स्थानीय संस्कृति, लोक कला अउर क्षेत्रीय रीती-रिवाजन क एक बड़ा मंच देवै बरे लगभग हर जिला मा ‘महोत्सव अउर सांस्कृतिक कार्यक्रम’ आयोजित कीन जात अहैं। ई आयोजन पुरान कला रूपन क जिअत रखै मा मददगार साबित होइ रहे अहैं, साथै उन कलाकारन के रोजी-रोटी क जरिया भी बनत अहैं जौन पीढ़ियन से भारतीय सांस्कृतिक विरासत क सहेजै क काम करत अहैं। एहि सांस्कृतिक कार्यक्रमन के जरिए स्थानीय कलाकारन क बड़े स्तर पर पहिचान मिलि रही अहै।
कला अउर संस्कृति क बढ़ावा देवै की एही कड़ी मा सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश दिवस, हर घर तिरंगा, संस्कृति उत्सव, नवरात्रि अउर वाल्मीकि जयंती जइसन बड़े आयोजनन क हर साल संस्कृति विभाग के माध्यम से खास आर्थिक मदद दीन जात अहै। एहि बड़े-बड़े आयोजनन से न खाली आपसी भाईचारा अउर देसभक्ति क भावना क बल मिलत अहै, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर पर्यटन के कामन मा भी बड़ी बढ़ोत्तरी आवत अहै। एहि उत्सवन के समय लगै वाले मेलन अउर प्रदर्शनियन से स्थानीय छोट दुकानदरन, कारीगरन अउर गाड़ी-घोड़ा (परिवहन) के काम से जुड़े लोगन क सीधे तौर पर बड़ा आर्थिक फायदा मिलत अहै।
राज्य सेक्टर क अलग-अलग महत्वाकांक्षी योजनन के जरिए प्रमुख पर्यटन स्थलन के बुनियादी विकास क सबसे पहिले प्राथमिकता दीन जा रही अहै। साल 2017 से लेके अब तक के आंकड़न पर नजर डारी जाइ तो पर्यटन विभाग अकेले बस्ती जिला के 34 प्रमुख पर्यटन स्थलन क रंग-रूप बदलै बरे कुल 5180.87 लाख रुपिया क भारी रकम मंजूर कीस अहै। एहि भारी बजट से विकास क कुल 53 महत्वपूर्ण काम पूरा कइ लीन गा अहै, जबकि बाकी बचे 7 कामन पर काम तेजी से चलत अहै। एहि आर्थिक मदद क सीधा फायदा उन लाखन दरसन करै वालन अउर सैलानियन क मिलत अहै जौन हर साल एहि जगहन पर आवत अहैं।
एहि पूरा योजना के तहत जनपद के अलग-अलग धार्मिक, प्राकृतिक अउर सांस्कृतिक धरोहरन मा आवै वाले सैलानियन के आराम बरे नया जमाना के सुख-सुविधिन क विकास कीन गा अहै। एहि के तहत सड़कन क चौड़ी करब, पीए के पानी क इंतजाम, आराम करै बरे घरन क निर्माण, अंजोर (बिजली-बत्ती) क व्यवस्था अउर सुरक्षा क पुख्ता इंतजाम कीन गा अहै। जनपद के प्रमुख पर्यटन स्थलन जइसन मखौड़ा धाम मंदिर, राम रेखा मंदिर, हनुमान बाग चकोही, भदेश्वरनाथ मंदिर, चंदो ताल अउर वन विहार जइसन जगहन क आधुनिक सुविधिन से लैस कीन गा अहै, जेहसे हिंयाँ पर्यटन क उम्मीद पहिले से कइयौ गुना बढ़ि गइ अहै।
पर्यटन के क्षेत्र मा होइ रहे ई चारों तरफ के सुधार खाली सहरन के चमक-दमक तक सीमित न रहिके अब उत्तर प्रदेश के दूर-दराज के गांवन क तकदीर बदलत अहैं। खेती-किसानी अउर पुरान कला-कारीगरी से जुड़े देहाती समाज क पर्यटन उद्योग के साथ जोड़िके राज्य सरकार विकास क अइसन मॉडल पेस कीस अहै जौन स्थानीय लोगन क उनके घरे मा आगे बढ़ै क ढेर सारा मौका देइ रहल अहै। बुनियादी ढांचा क मजबूत करै अउर सांस्कृतिक गौरव क दुबारा स्थापित करै के एहि मिले-जुले प्रयासन से उत्तर प्रदेश देस के नक्सा पर एक अमीर, आसान अउर अलग-अलग रंगन से भरे पर्यटन प्रदेश के रूप मा आपन पहिचान बनाइ रहल अहै।
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जनपद-बस्ती