
दिल्ली सरकार बुढ़ापा अउर दिव्यांग पेंशन पावै वाले पाँच लाख से जादा लाभार्थी मनईयन क घर-घर जाइके बायोमेट्रिक सत्यापन (जाँच-पड़ताल) करइ। इ कदम उठाय का मकसद इ हय कि लाभार्थी मनईयन क रिकॉर्ड अपडेट होइ जाय अउर इ पक्का होइ जाय कि सरकारी योजना क फायदा खाली हकदार मनईयन क ही मिलै।
एक अधिकारी बताइन कि इ काम क आसान बनावै खातिर संबंधित विभाग साझा सेवा केंद्र (सीएससी) के साथ एक एमओयू (समझौता) कय लिहिन हय। उ बताइन कि दिल्ली में सीएससी क लगभग 6,000 केंद्रन क नेटवर्क हय, जउन लाभार्थी मनईयन के घर जाइके सत्यापन के काम में विभाग क मदद करइहीं।
अधिकारी बताइन, “इ अभियान के तहत सर्वे टीम घर-घर जाइके लाभार्थी मनईयन क अंगुरी क छाप (फिंगरप्रिंट) अउर आँख क पुतली (आईरिस) स्कैन करइहीं। इ टीम लाभार्थी मनईयन क फोटो भी खींचइ अउर इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजीकरण के जरियै उनकर रिकॉर्ड अपडेट करइ।”
उ बताइन कि सत्यापन अभियान अगिला एक महीना के भीतर शुरू होय क उम्मीद हय अउर लगभग पाँच महीना में पूरा होय क संभावना हय। अधिकारी के मुताबिक, इ पहल क मुख्य मकसद इ पक्का करब हय कि पेंशन खाली हकदार मनईयन क मिले, जवने खातिर उनकर पहचान क पुष्टि करिके रिकॉर्ड अपडेट कीन जाइ।
उ बताइन कि बहुत जवन मामला में अइसन मनईयन के नाम प भी पेंशन जात हय जउन अब दुनिया में नाहीं हयन, जउन दिल्ली छोड़िके कहीं अउर चले गए हयन, या जउन योजना क पात्रता क शर्त पूरा नाहीं करथिन। सत्यापन अभियान अइसन मामलन क पता लगावै में मदद करइ।
अधिकारी बताइन, “कुछ मामलन में लाभार्थी क अपात्र होय के बाद भी पेंशन जात रहत हय। सत्यापन अइसन मामलन क पकड़ै अउर सरकारी संसाधन क सही इस्तेमाल करै में मदद करइ।”
विभाग क मानब हय कि इ अभियान से लाभार्थी मनईयन क डेटा सही होइ अउर कल्याणकारी योजना में होय वाली गड़बड़ी या पैसा क बर्बादी पर रोक लागि। अधिकारी बताइन कि अपात्र लाभार्थी मनईयन क सूची से हटाय के बाद जवन बचत होइ, ओकर इस्तेमाल अउर जन-कल्याणकारी योजना अउर विभागीय काम में कीन जाइ सकत हय। उ बताइन कि विभाग सर्वे टीम क मदद अउर संचालन संबंधी समस्या क समाधान खातिर एक खास हेल्प डेस्क भी बनाय हय।
उ बताइन कि इ सत्यापन अभियान क प्रस्ताव क कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी हय अउर अब काम शुरू करै क प्रक्रिया क फाइनल रूप दिहा जात हय।
सरकारी आंकड़ा के मुताबिक, दिल्ली में फिलहाल 4.35 लाख से जादा बुजुर्ग बुढ़ापा पेंशन योजना में रजिस्टर्ड हयन। साठ से 69 साल तक के लाभार्थी मनईयन क महीना में 2,000 रुपया पेंशन मिलत हय, जबकि 70 साल या ओसे जादा उमिर वाले मनईयन क 2,500 रुपया महीना मिलत हय। अधिकारी बताइन कि बुजुर्गन के अलावा दिव्यांग मनईयन क पेंशन योजना क लाभार्थी मनईयन क भी इ सत्यापन अभियान में शामिल कीन जाइ। उनकर कहब हय कि इ पहल सामाजिक कल्याण योजना क लागू करै में पारदर्शिता अउर जवाबदेही क अउर मजबूत करइ।