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टीएमसी क बड़का झटका, 20 सांसद एनडीए क साथ, काकोली घोष कहिन- ममता क साथ रहे पर अब…

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) क लगभग 20 सांसद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) क अगुवाई वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) क समर्थन करेक मन बना लिहिन हय। ई पश्चिम बंगाल क राजनीति में बहुत बड़ा बदलाव हय, जौन जानकारी बागी टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार दइहिन। सोमवार क दस्तीदार एएनआई क बताइन कि ई सब सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला क चिट्ठी लिख क एनडीए क समर्थन करेक इच्छा जताइन हय। ऊ आपन बयान क साथ एक ‘थम्ब्स अप’ इमोजी भी लगाइन।

सांसद काकोली घोष कहिन कि हम 20 सांसद हई जउन अध्यक्ष से अलग बइठेक व्यवस्था क मांग कइहे हई, और हम पश्चिम बंगाल क विकास खतिर केंद्र और राज्य सरकार क साथ मिलक काम करब। हम पिछला कुछ सालन से पश्चिम बंगाल में जउन अराजकता, कुशासन और बेरोजगारी हय, ओकर विरोध करत हई।

ऊ कहिन कि हालत दिन-ब-दिन खराब होत जात हय, और मैं ममता बनर्जी क साथ 40 साल से जुड़ी हई। ऊ हमार मार्गदर्शक, सलाहकार और नेता रही हईं, और मैं ओकर साथ तब भी रहे जब ऊ सत्ता में नाहीं रहीं। मैं 2009 से पहिले पांच चुनाव लड़े रहे और हार गए रहे। तौ ई कहब बेकार हय कि पश्चिम बंगाल में ओकर सत्ता में नाहीं होय से मैं साथ छोड़ि दिहिन हय। अइसन नाहीं हय। ऊ जोर देइके कहिन कि मैं ओकर साथ तब भी रहे जब ऊ सत्ता में नाहीं रहीं।

मगर ओकर समय एक अइसन नीति रही जउन पश्चिम बंगाल क गरीब जनता क भलाई खतिर रही… लेकिन पिछला 3-4 साल में काम संतोषजनक नाहीं भवा हय। ओकर विकास संतोषजनक नाहीं रहा। बहुत सारी वित्तीय अनियमितता सामने आई हय जउन आज साबित होत हय। शिक्षा, स्वास्थ्य, फिल्म उद्योग जइसन कई क्षेत्र पूरी तरह से बर्बाद होइ गे हय, कानून-व्यवस्था ठीक नाहीं हय, सरकारी अधिकारीन पर कुछ नेताअन क मनमानी क बहुत दबाव हय, जउन राज्य क विकास खतिर ठीक नाहीं हय। अब जनता क फैसला हमार बात क सच साबित कर दिहिस हय। इहे कारण हय कि हम राज्य क विकास, राष्ट्रीय हित और राष्ट्र क सुरक्षा खतिर काम करैक चाहत हई। इहे नाते हम अलग काम करैक चाहत हई।

काकोली घोष कहिन कि हालत बहुत खराब होत जात हय, और मैं ममता बनर्जी क साथ 40 साल से काम करत हई… ई कहब गलत हय कि ऊ सत्ता में नाहीं हईं तौ हम साथ छोड़ि दिहिन हय। अइसन नाहीं हय… पिछला 3-4 साल में सरकारी अधिकारीन पर कुछ खास नेताअन क मनमानी क बहुत दबाव रहा… हम राज्य क विकास, राष्ट्रीय हित और देश क सुरक्षा खतिर काम करैक चाहत हई। इहे नाते हम अलग होइके काम करैक चाहत हई।

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