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सूचना अउर जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
गाँव पंचायतन मा डिजिटल लाइब्रेरी अउर सुरक्षित पानी के व्यवस्था के नई चाल मिली – ओम प्रकाश राजभर
पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर विभाग के योजनान के समीक्षा करिन, समयबद्ध चलावे के निर्देश दिहिन
गाँवन के विकास अउर साफ-सफाई अभियानन मा तेजी लावे पर जोर, ओम प्रकाश राजभर अधिकारियन के निर्देश दिहिन
गाँवन मा शिक्षा, साफ-सफाई अउर पानी के सुविधायन के मजबूत बनावे खातिर सरकार कटिबद्ध बाय – ओम प्रकाश राजभर
लखनऊ: 08 जून, 2026
प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर सोमवार के विधानसभा के मुख्य भवन के कमरा कार्यालय मा पंचायतीराज विभाग के अलग-अलग योजनान अउर कार्यक्रमन के प्रगति के समीक्षा करत भए अधिकारियन के निर्देश दिहिन कि गाँव पंचायतन के पूरा विकास से जुड़ी सब परियोजनन के तय समयसीमा मा पूरा कीन जाइ। वोह कहिन कि मुख्यमंत्री के अगुवाई मा प्रदेश सरकार गाँवन के बुनियादी ढाँचा के मजबूत करे, साफ-सफाई के व्यवस्था के बढ़िया बनावे अउर डिजिटल सुविधायन के बढ़ावे खातिर कटिबद्ध बाय अउर इ दिस मा कउनो भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नाहीं कीन जाइ।
समीक्षा बैठक मा मंत्री गाँव पंचायतन मा डिजिटल लाइब्रेरी (बाल्क अउर किशोर पुस्तकालय) के लगावे के प्रगति के पूरा आकलन करिन। वोह कहिन कि डिजिटल जुग मा गाँवन के लइकन अउर नौजवानन के आधुनिक शिक्षा के साधनन से जोड़े के समय के जरूरत बाय। डिजिटल लाइब्रेरी सिर्फ़ विद्यार्थीयन के पढ़े के सामान उपलब्ध नाहीं कराई, बल्कि ओनका प्रतियोगी परीक्षा, तकनीकी शिक्षा अउर डिजिटल ज्ञान से भी जोड़े के काम करी। वोह अधिकारियन के निर्देश दिहिन कि जउन गाँव पंचायतन मा अबहीं तक इ सुविधा उपलब्ध नाहीं होइ सकल बाय, हुवाँ जल्दी से प्रस्ताव तइयार करि के कार्यवाही पूरा कीन जाइ।
बैठक मा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चलावल गए कार्यक्रमन के भी समीक्षा कीन गइ। मंत्री कहिन कि साफ-सफाई सिर्फ़ सरकारी कार्यक्रम नाहीं, बल्कि जनता के भागीदारी के अभियान बाय। वोह सूचना, शिक्षा अउर संचार (आईईसी) गतिविधिअन के अउर प्रभावी बनावे के निर्देश देत भए कहिन कि गाँव पंचायत स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रमन के माध्यम से साफ-सफाई के प्रति लोगन के भागीदारी बढ़ावल जाइ। साथै ठोस अउर तरल कचरा प्रबंधन अउर फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) के लगावे अउर चलावे के कामन मा तेजी लावे खातिर कहिन।
ओम प्रकाश राजभर गंगा एक्शन प्लान से संबंधित कामन के समीक्षा करत भए निर्देश दिहिन कि गंगा अउर ओकर सहायक नदीन के किनारे स्थित गाँव पंचायतन मा साफ-सफाई अउर पर्यावरण के बचाव के कामन के प्राथमिकता देय जाइ। वोह कहिन कि पानी के स्रोतन के प्रदूषण मुक्त राखे अउर गाँवन मा साफ-सुथरा माहौल सुनिश्चित करे खातिर पंचायतन के भूमिका बहुत जरूरी बाय।
बैठक के एक महत्वपूर्ण विषय प्रदेश के गाँवन मा लगावल लगभग 28.60 लाख हैंडपंपन के जियो-टैगिंग अउर मानकीकरण के व्यवस्था रहा। मंत्री कहिन कि सुरक्षित पानी उपलब्ध करावल सरकार के सबसे ऊँच प्राथमिकता मा शामिल बाय। वोह निर्देश दिहिन कि सब हैंडपंपन के डिजिटल रिकॉर्ड तइयार कीन जाइ, ताकि ओनके सही स्थिति, चलावे के क्षमता अउर पानी के गुणवत्ता के जानकारी ऑनलाइन मिल सकै। एकरे साथै पानी के स्रोतन के नियमित जाँच, रंग-कोडिंग व्यवस्था अउर पानी के गुणवत्ता निगरानी तंत्र के अउर मजबूत करे के निर्देश दिहे गए। वोह कहिन कि जियो-टैगिंग के माध्यम से खराब या नाहीं काम करत हैंडपंपन के पहचान जल्दी होइ सकिही अउर ओनके मरम्मत अउर रखरखाव मा पारदर्शिता आई। एकसे गाँवन के जनता के बढ़िया पानी के सुविधा उपलब्ध करावे मा मदद मिली।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री अधिकारियन के इ भी निर्देश दिहिन कि विभाग के योजनान के चलावे मा तकनीक के जादा से जादा उपयोग कीन जाइ अउर सब परियोजनन के नियमित निगरानी सुनिश्चित कीन जाइ। वोह कहिन कि हर योजना के लाभ आखिरी आदमी तक पहुँचे चाही अउर एकरे खातिर जिला अउर विकास खंड स्तर पर जवाबदेही तय कीन जाइ।
ओम प्रकाश राजभर कहिन कि पंचायतीराज संस्थाएँ गाँवन के विकास के आधार बायँ। गाँव पंचायतन के मजबूत बनाइ के ही आत्मनिर्भर अउर विकसित गाँवन के लक्ष्य हासिल कीन जाइ सकत बाय। वोह अधिकारियन से उम्मीद करिन कि वो पूरा संवेदनशीलता अउर प्रतिबद्धता के साथे काम करत भए सरकार के जनकल्याणकारी योजनान के गाँव-गाँव तक पहुँचावँ।
इ मौका पर प्रमुख सचिव पंचायतीराज श्री अनिल कुमार, निदेशक पंचायतीराज श्री अमित कुमार सिंह, निदेशक स्वच्छ भारत मिशन श्रीमती गुंजन द्विवेदी अउर विभाग के अउर वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सम्पर्क सूत्र- राजेश राय
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सूचना अउर जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
गरीब कल्याण, सेवा अउर अंत्योदय के भावना के समर्पित रहे प्रधानमंत्री मोदी के 12 बरिस
आवास से आत्मविश्वास तक रू प्रधानमंत्री आवास योजना करोड़ों परिवारन के जिनगी बदल दिहिस
हर गरीब के माथे पर छत, हर परिवार के जिनगी मा सम्मान: मोदी सरकार के 12 बरिस -श्री केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ: 08 जून, 2026
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य कहिन हइन कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के अगुवाई मा बीते 12 बरिस सेवा, सुशासन, संवेदनशीलता अउर गरीब कल्याण के समर्पित रहे हइन। इ बरिसन मा सरकार के हर योजना के केंद्र समाज के आखिरी आदमी रहा बाय। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन अउर मुफ्त अनाज बांटे जइसी योजनान करोड़ों गरीब परिवारन के जिनगी मा बढ़िया बदलाव लावे के काम कीन हइन।
उप मुख्यमंत्री कहिन कि बहुत समय तक देश के करोड़ों गरीब परिवार आवास जइसी जरूरी सुविधा से वंचित रहे। ओनके खातिर आपन घर सिर्फ़ एक जरूरत ही नाहीं, बल्कि सम्मान से भरे जिनगी के आधार भी रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी गरीब लोगन के इ जरूरत के समुझत भए प्रधानमंत्री आवास योजना के जनकल्याण के मुख्य माध्यम बनइन अउर करोड़ों घरहीन परिवारन के पक्का अउर सुरक्षित आवास उपलब्ध करावे के ऐतिहासिक काम कीन।
वोह कहिन कि आज देशभर मा 4 करोड़ से जादा परिवारन के पक्का आवास उपलब्ध करावल जाइ चुकल बा। उत्तर प्रदेश इ अभियान मा देश के सबसे आगे वाले राज्यन मा शामिल बाय। प्रदेश मा लगभग 62 लाख परिवारन के पक्का आवास उपलब्ध करावल गए हइन,
जेमा गाँव-गिराँव के 41 लाख से अधिक जोग्य परिवार सामिल अहिन।
श्री मौर्य कहिन कि परधानमंत्री आवास जोजना (गाँव के) अउर मुख्यमंत्री आवास जोजना (गाँव के) के तहत लाभ पावे वालेन क खाली घरै नाहीं, बल्कि संडास, मुफ्त बिजली जोरिब, उज्ज्वला गैस जोरिब, आयुष्मान भारत कार्ड अउर मनरेगा के तहत काम जइसन सुबिधा से भी जोड़ा गइल बा। एहसे गरीब परिवारेन के जिनगी के स्तर मा ढेर सुधार भा बा।
उन बताइन कि गाँव के आवास जोजना के 75 परसेंट से जादा घर औरतेन के नाम से पास भये अहिन, जेसे नारी ससक्तिकरण क नई दिसि मिली बा। साथै लाभ पावे वाले परिवारेन क राज ग्रामीण आजिविका मिशन के आपन सहायता समूह से जोरि के उनकौ आपन काम, हुनर बढ़इब अउर कमाई बढ़ावे के मउका दीन जात बा, जेसे उ आपन भरोसे अउर आपन बल पै ठाढ़ होइ सकैं।
उप मुख्यमंत्री कहिन कि पक्का घर खाली रहे के ठउर नाहीं, बल्कि सुरच्छा, मान-सम्मान अउर समाज मा ताकत के आधार बा। एहसे करोड़ेन मईयन, बहिनन, बुज़ुर्गन अउर लरिकन क सुरच्छित माहौल मा जिनगी जिए के मउका मिलल बा। घर मिले से परिवारेन के आपन बिस्वास बढ़ल बा अउर उनकर जिनगी मा टिकाव अउर मान के भाव मज़बूत भा बा।
श्री मौर्य कहिन कि मोदी सरकार के 12 बरिस के सबसे बड़ उपलब्धी इ बा कि गरीबन के भलाई के जोजना खाली बातन तकै सीमीत नाहीं रहिन, बल्कि उनकर फायदा आखरी मनई तक पहुँचल बा। परधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के अगुवाई मा करोड़ेन परिवारेन क इज्जतदार जिनगी, समाजिक सुरच्छा अउर बिकास के नई संभवान मिली बा।
उन कहिन कि गरीबन के भलाई क सबसे ऊपर रखके देस के करोड़ेन नागिरकन के जिनगी मा बढ़िया बदलाव ले आवे वाले परधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के देस हमेसा करजदार रही।
संपर्क सूत्र- बी0एल0 यादव
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पत्र सूचिन शाखा सूचना एवं जन संपर्क बिभाग उत्तर परदेस
जनता दरसन मा देखात सरकार के प्रति मनई के बिस्वास
जनता दरसन मा देखात जनता के बड़ भरोसा
जनता दरसन बना जन-समस्या दूर करे के मज़बूत जरिया
उप मुख्यमंत्री के जनता दरसन मा भारी भीड़ उमड़ पड़ी
जनता दरसन मा पहुँचे कइ सैकड़ा फरियादी, उप मुख्यमंत्री सुनिन समस्या
जनता के बीच पहुँचे उप मुख्यमंत्री, समस्या दूर करे के दीहिन भरोसा
उप मुख्यमंत्री केशव परसाद मौर्य फरियादी से मिलिन, अधिकारियन क साफ-साफ दिहिन निरदेस
उप मुख्यमंत्री केशव परसाद मौर्य के जनता दरसन मा उमड़ल जन-बिस्वास
सैकड़न फरियादी से सीधै बात कै के सुनिन समस्या, जल्दी अउर संतोख भरे निपटाव के दिहिन निरदेस
जन-समस्या के समाधान भी होइ अउर जोग्य मनई क सरकारी सुबिधा के फायदा भी मिली -श्री केशव परसाद मौर्य
लखनऊ: 08 जून, 2026
उत्तर परदेस के उप मुख्यमंत्री श्री केशव परसाद मौर्य सोमार क आपन कैंप कारजाला, 7-कालिदास मारग, लखनऊ मा भये जनता दरसन कारजकरम मा परदेस के अलग-अलग जिला से आय कइ सैकड़ा मनईन से सीधै बात कै के उनकर समस्या सुनिन अउर जुड़े अधिकारियन क जल्दी, असरदार अउर न्यायी निपटाव सुनिस्चित करे के निरदेस दिहिन।
जनता दरसन मा फरियादी के भारी भीड़ लाग रही। दूर-दराज से आय मनईन के आराम खातिर ठंडा पानी, सरबत अउर मिठाई के खास बेवस्था भी करी गइल रही। उप मुख्यमंत्री आपन खुद मनईन के बीच पहुँचिन, एक-एक फरियादी से मिलिन अउर उनकर समस्या क गंभीरता अउर संवेदनशीलता से सुनिन।
एही मउका पै जमीन अउर राजस्य बिबाद, डाक्टरी मदद, पेंसन, घर, सड़क, बिजली अउर पिये वाले पानी, पुलिस परसासन, पढ़ाई अउर रोजगार से जुड़ा ढेर मामला पेश करे गइल। उप मुख्यमंत्री हर मामला के धियान देत भये जुड़े अधिकारियन क सबसे पहिले जरूरी कारबाई करे के निरदेस दिहिन।
श्री मौर्य कहिन कि जनता दरसन खाली सिकायत सुने के मंच नाहीं, बल्कि सरकार अउर जनता के बीच बिस्वास अउर बात-चीत के मज़बूत जरिया बा। एहसे सासन-परसासन क जमीन के सच्चाई के जानकारी मिलत बा अउर समस्या के समाधान के दिसि मा जल्दी अउर असरदार कदम उठावे मा मदद मिलत बा।
उन कहिन कि परदेस सरकार हर मनई क न्याय दिवावे अउर ओका सासन के जोजना के फायदा पहुँचावे खातिर पूरी तरह से कटिबद्ध बा। कउनो भी जोग्य मनई सरकारी जोजना के फायदा से बंचित ना रहे अउर कउनो भी पीड़ित क न्याय पावे खातिर बेवजह भटके क ना पड़े, इ सरकार के सबसे ऊपर के परथमिकता बा।
उप मुख्यमंत्री अधिकारियन क साफ निरदेस दिहिन कि हर सिकायत के समय पर, बढ़िया अउर संतोख भरे निपटाव सुनिस्चित करा जाय। सिकायत के समाधान मा कउनो भी स्तर पै ढिलाई, लापर्वाही या उदासीनता मंजूर नाहीं करी जाई। उन कहिन कि समस्या के निपटारा खातिर जुड़े अधिकारियन अउर करमचारियन के जबाबदेही भी सुनिस्चित करी जाय।
श्री मौर्य खास तौर से औरतेन, दिव्यांगन, बुज़ुर्ग मनईन अउर और जरूतमंद मनईन के समस्या क परथमिकता के आधार पर निपटावे के निरदेस दिहिन। उन कहिन कि सासन के संवेदनशीलता के सही रूप तबै देखाई देत बा, जब समाज के कमजोर अउर बंचित बरगन क समय पर राहत अउर न्याय मिलत बा।
जमीन बिबाद अउर अवैध कब्ज़ा से जुड़ा मामलन क गंभीरता से लेत भये उप मुख्यमंत्री जुड़े जिलाधिकारियन क निरदेस दिहिन कि राजस्य अउर पुलिस बिभाग के मिली-जुली टीमन क मउके पर भेज के निष्पक्ष जाँच कराई जाय अउर असरदार अउर टिकाऊ समाधान सुनिस्चित करा जाय। उन कहिन कि जमीन पर अवैध कब्ज़ा, सतावे या दबंगई के मामलन मा दोषी के खिलाफ सक्त कारबाई करी जाय।
जनसुनवाई के दउरान उप मुख्यमंत्री फरियादीन क बिस्वास दिहिन कि उनकर समस्या के हर संभव समाधान करा जाई। उन कहिन कि सरकार के मकसद खाली सिकायत के निपटारा करे नाहीं, बल्कि हर मनई क इज्जतदार, साफ-सुथरा अउर जवाबदेह परसासन उपलब्ध करावे बा।
लखीमपुर से श्रीमती रामकली, परतापगढ़ से श्री अभिषेक कुमार, हाथरस से श्री सन्तोष कुमार, मेरठ से श्री अरूण कुमार, परयागराज से शमला भारतीय, सीतापुर से श्रीमती गीतादेवी जमीन बिबाद से जुड़ा मामला रखिन, सब मामलन मा उप मुख्यमंत्री जुड़े जिलाधिकारी क निरदेस दिहिन कि राजस्य अउर पुलिस के मिली-जुली टीम भेज के समस्या के जल्दी समाधान सुनिस्चित करा जाय। अमौसी(लखनऊ)
से आयल मनीष सिंह सड़क बनवावै के बिनती किहिन, प्रतापगढ़ के श्रीमती सोनी के घर देवै के बिनती पर उप मुख्यमंत्री जिलाधिकारी के निर्देश दीन्हिन कि पात्रता के जांच करावत निष्पक्ष रूप से नियम से घर देवै के संबंध में कारवाही कीन्ह जाय। लखनऊ के श्री राजाराम मौर्य भूमि के हदबरारी करिके सीमांकन करावै के बिनती किहिन। मथुरा के श्री जुगेन्द्र आपन बिटिया के मेडिकल करावै के प्रार्थना पत्र दिहिन। बलिया के श्रीमती केशिया विधवा पेंशन दिलावै के बिनती किहिन। उप मुख्यमंत्री सबे मामलन पर नियम से कारवाही करै के निर्देश संबंधित अधिकारियन के दिहिन। उप मुख्यमंत्री समस्या के निस्तारण के बरे कई अधिकारियन से फोन पर बातचीत भी किहिन।
श्री मौर्य कहिन कि जनता के बिस्वास ही हमार सबसे बड़ पूंजी हई। हर मनई के समस्या के समाधान करि के ओका न्याय दिवावै सरकार के प्रतिबध्यता हई। जन समस्या के निस्तारण भी होई अउर पात्र लोगन के सरकारी योजना के लाभ भी मिली।
संपर्क सूत्र- बी0एल0 यादव
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सूचना अउर जन संपर्क विभाग उत्तर प्रदेश
09 जून के सांझ अकास में दिखी अद्भुत नज़ारा, शुक्र अउर बृहस्पति ग्रह अइहें बहुत नियरे
इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला में दूरबीन से करावल जाई फ्री के देखाई
लखनऊ: 08 जून, 2026
अकासीय घटना में रुचि रखै वाले लोगन के बरे 09 जून के सांझ खास होवै वाली हई। उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञान अउर प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत चलत इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला, लखनऊ के हिसाब से इ दिन सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिसा में सौरमंडल के दुई सबसे चमकीले ग्रह-शुक्र अउर बृहस्पति-के दुर्लभ संगम देखै के मिली। दुनो ग्रह पृथ्वी से देखे पर एतना नियरे दिखाई देइहें कि जनु एक-दूसर के साथे ही चमकत होंय।
इ दुर्लभ खगोलीय घटना के आम जनता तक पहुँचावै के बरे इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला द्वारा 09 जून के सांझ 7 बजे से 9 बजे तक खास अवलोकन कार्यक्रम रखल गवा हई जात हई। इच्छुक नागरिक अउर खगोल प्रेमी फ्री में पहुँच के दूरबीन के सहारे से इ अद्भुत नज़ारा के देख सकत हइन।
खगोल विज्ञान में इ घटना के ‘ग्रहीय युति’ (प्लेनेटरी कन्जंक्शन) कहल जात हई। 09 जून के इ दुनो ग्रह के बीच सिर्फ लगभग 1.6 डिग्री के कोणीय दूरी रह जाई। लखनऊ में इ नज़ारा सूर्यास्त के लगभग आधा घंटा बाद साफ-साफ दिखाई देवै सुरु होई अउर रात लगभग 9ः20 बजे तक देखल जा सकत हई।
वैज्ञानिकन के हिसाब से ओ समय बृहस्पति ग्रह पृथ्वी से लगभग 90 करोड़ किलोमीटर दूर होई, जबकी शुक्र ग्रह के दूरी लगभग 18 करोड़ किलोमीटर होई। एतना बड़ दूरी के बावजूद पृथ्वी से देखे पर दुनो ग्रह एक- दूसर के नियरे लागी। जदि तुलना कीन्ह जाय तौ दुनो ग्रह के बीच के दूरी अकास में लगभग तीन पूर चन्द्रमा के बराबर दिखाई देई।
इ दौरान शुक्र ग्रह आपन तेज चमक के मारे सबसे पहिले ध्यान खींची, जबकी दूरबीन से देखे पर बृहस्पति ग्रह के चार खास उपग्रह-आयो, यूरोपा, गैनीमीड अउर कैलिस्टो भी देखल जा सकिहें। मजेदार बात इ हई कि सूर्यास्त के समय पश्चिमी क्षितिज पर बुध ग्रह भी दिखाई देई, जेसे अकास में एक छोट ‘प्लैनेट परेड’ जइसन नज़ारा बनी।
नक्षत्रशाला प्रशासन बताइस कि गरमी के दिन में आवै वाले लोगन के बढ़त रुचि के देखत सांझ 6 बजे से एक अउर 2-डी सो भी सुरु कीन्ह गवा हई, जेसे ढेर से ढेर लोग अंतरिक्ष अउर खगोल विज्ञान के मजेदार दुनिया से जान पहचान कर सकिहें।
संपर्क सूत्र- अभिषेक सक्सेना
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नव भारत साक्षरता अभियानः योगी सरकार 11.68 लाख से ज्यादा लोगन के साक्षर बनइस
15 बरिस से ज्यादा उमिर के अनपढ़न के साक्षर बनावै के बरे प्रदेश भर में चलावल जात हई नव भारत साक्षरता कार्यक्रम
बरिस 2022-23 से 2025-26 तक 13.81 लाख लोगन दइहिन साक्षरता परीक्षा
11.68 लाख से ज्यादा नव साक्षरन सफलतापूर्वक हासिल किहिन साक्षरता
बरिस 2026-27 में भी बड़ अभियान चलाइके निरक्षरता खतम करै के दिहल जाई नई गति
लखनऊ: 08 जून, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा के समाज के अंतिम मनई तक पहुँचावै अउर निरक्षरता मुक्त प्रदेश के लक्ष्य के पूरा करै के दिसा में लगातार काम करत हई। एही क्रम में चलत नव भारत साक्षरता कार्यक्रम लाखन लोगन के जीवन में नीक बदलाव के जरिया बनत हई। 15 बरिस से ज्यादा उमिर के अनपढ़ मनईन के साक्षर बनावै के मकसद से चलत इ अभियान के तहत बरिस 2022-23 से 2025-26 तक प्रदेश में 11.68 लाख से ज्यादा लोगन के साक्षर बनावल जा चुका हई। इ अभियान शिक्षा के सहारे से आत्मनिर्भरता, जागरूकता अउर सामाजिक मजबूती के नई ताकत देत हई।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह बताइन कि केंद्र सरकार द्वारा चलवल जावत नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 बरिस से ज्यादा उमिर के अनपढ़ नागरिकन के चिन्हित करि के वालंटियर्स अउर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के मदद से साक्षर बनावल जात हई। कार्यक्रम के भीतर लाभार्थियन के पढ़ब, लिखब अउर गनती करब सिखावै के साथे-साथे रोजमर्रा के जीवन में जरूरी सामान्य गियान से भी जोड़ल जात हई, जेसे ऊ सामाजिक अउर आर्थिक गतिविधिन में ज्यादा असरदार भागीदारी कर सकिहें। लाखन लोगन के साक्षर बनाइके सरकार सिर्फ निरक्षरता के खिलाफ लड़ाई के मजबूत नाहीं करत हई, बलकि आत्मनिर्भर, जागरूक अउर मजबूत उत्तर प्रदेश के बनावै के दिसा में भी खास भूमिका निभात हई।
अभियान के तहत चिन्हित वालंटियर्स के प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण दिहल जात हई। एकरे बाद वालंटियर्स ऑनलाइन अउर ऑफलाइन दुनो जरियन से साक्षरता कक्षा चलावत हइन। प्रदेश भर में चलत इ कक्षाएं हज़ारन लोगन के जीवन में नया आत्मविश्वास पैदा करत हइन। सरकार के मकसद सिर्फ अक्षर गियान उपलब्ध करावै नाहीं, बलकि नागरिकन के जागरूक, सक्षम अउर आत्मनिर्भर बनावै भी हई।
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत प्रदेश में अब तक सात साक्षरता
मूल्यांकन परिक्षाएँ करावल जा चुकी हैं। ई परिक्षाओं मा कुल 13,81,530 भागीदारन हिस्सा लिहीन, जेमा से 11,68,292 भागीदार सफल घोषित भये।
साल 2022-23 मा भई परिक्षा मा 1.46 लाख से ज्यादा भागीदारन भाग लिहीन, जबकि साल 2025-26 मा भई नई परिक्षा मा 4.01 लाख से ज्यादा भागीदारन क सहभागिता दर्ज कीन्ह गइस। ई आँकड़ा अभियान क बढ़त पहुँच अउर असरदारपन क गवाह अहँय।
योगी सरकार नव भारत साक्षरता कार्यक्रम क साल 2026-27 मा अउर ज्यादा व्यापक अउर परिणामोन्मुख बनावे क तैयारी कइ चुकी अहइ। भारत सरकार क दिशा-निर्देशन क हिसाब से प्रदेश क सब जनपदन क 15 साल से ज्यादा उमिर क असाक्षर मनई क चिन्हित कइके उनका साक्षर बनावे क लक्ष्य दिहल गयल अहइ। एकरे भीतर चिन्हित असाक्षरन क वालंटियर्स से जोड़ल जाई, जेका प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा खास ट्रेनिंग दिहल जाई। एकरे बाद वालंटियर्स ऑनलाइन अउर ऑफलाइन तरीका से साक्षरता क्लासन क चलाइहें। अभियान क बढ़त क नियमित देखरेख होई अउर भारत सरकार क निर्देशानुसार साल मा दुइ बेर साक्षरता मूल्यांकन परिक्षाएँ कराके नव साक्षरन क उपलब्धि क आँकलन कीन्ह जाई। सरकार क लक्ष्य अहइ कि ज्यादा से ज्यादा मनई क शिक्षा से जोड़के उनका आत्मनिर्भर, जागरूक अउर समाज क मुख्यधारा क सक्रिय भागीदार बनावल जाय।
सम्पर्क सूत्र- धरमवीर खरे
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पूर्व वाद मध्यस्थता से मिल रहल बा तुरत अउर सौहार्दपूर्ण न्याय-अभिषेक गुप्ता
अदालत मा वाद दायर करे से पहिले मध्यस्थता केंद्र से सम्पर्क करे क अपील
लखनऊ: 08 जून, 2026
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), लखनऊ द्वारा आमजन क अदालत मा वाद दायर करे से पहिले विवादन क सौहार्दपूर्ण अउर तुरत निस्तारण खातिर पूर्व वाद मध्यस्थता (प्री-लिटिगेशन मेडिएशन) क सुविधा उपलब्ध करावल जाइ रहल बा। ई व्यवस्था क जरिए पक्षकार आपस क बातचीत अउर प्रशिक्षित मध्यस्थन क मदद से अपन विवादन क समाधान कइ सकत हंय, जेसे समय, धन अउर बेकार क मुकदमेबाजी से बचाव संभव होइ रहल बा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ क प्रभारी सचिव अभिषेक गुप्ता बताइन कि न्याय तक आसान अउर जल्दी पहुँच सुनिश्चित करे क उद्देश्य से पूर्व वाद मध्यस्थता क व्यवस्था क असरदार ढंग से चलावल जाइ रहल बा। उ कहिन कि बैंक कर्जा विवाद, परिवारिक विवाद, चेक बाउंस क मामिला, संपत्ति संबंधी विवाद, बीमा दावा विवाद अउर अउर सिविल किसिम क मामिलन क निस्तारण ई प्रक्रिया क जरिए करावल जाइ सकत बा।
उ कहिन कि मध्यस्थता प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय, सरल, कम खरचीली अउर असरदार होति अहइ। एमा कउनो पक्ष क हार या जीत नाहीं होत, बल्कि दुन्हों पक्षन क सहमति अउर संतुष्टि क आधार पर समाधान खोजा जात बा। इहे कारण अहइ कि ई प्रक्रिया से न सिर्फ विवादन क स्थायी समाधान होत बा, बल्कि पक्षकारन क आपस क संबंध भी सुरक्षित बनल रहत हंय।
अभिषेक गुप्ता बताइन कि पूर्व वाद मध्यस्थता क मुख्य उद्देश्य अदालतन पर लटकी मुकदमन क भार कम करब अउर नागरिकन क सुलभ, तुरत अउर असरदार न्याय उपलब्ध करावब अहइ। जदि दुन्हों पक्ष आपस क सहमति से कउनो समाधान पर पहुँचत हंय तौ मध्यस्थता केंद्र द्वारा समझौता पत्र तैयार करावल जात बा, जवन विवाद क स्थायी अउर शांतिपूर्ण समाधान क आधार बनत बा।
उन्होनें आमजन से अपील कीन्ह कि कउनो भी ठीक सिविल विवाद मा अदालत क शरण लेवे से पहिले जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ क मध्यस्थता केंद्र से सम्पर्क कइके पूर्व वाद मध्यस्थता क सुविधा क लाभ उठाइन। उ कहिन कि “बातचीत से समाधान, मुकदमे से नाहीं” क भावना क अपनाइके समाज मा सौहार्द, आपस क विश्वास अउर न्यायपूर्ण वातावरण क अउर ज्यादा मजबूत बनावल जाइ सकत बा।
सम्पर्क सूत्र- धरमवीर खरे
राघवेन्द्र/07ः00 च्ड
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पत्र सूचना शाखा
सूचना अउर जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
योगी सरकार क आईटीआई प्रवेश व्यवस्था से जुवानन क मिली पारदर्शी अउर रोजगारोन्मुख ट्रेनिंग-कपिल देव अग्रवाल
कौशल विकास क नई उड़ान, आईटीआई प्रवेश प्रक्रिया भई पूरा तरह डिजिटल अउर मेरिट आधारित-कपिल देव अग्रवाल
जुवा सशक्तिकरण क दिसा मा बड़ कदम, नई आईटीआई नीति से बढ़िहें रोजगार अउर स्वरोजगार क मौका-कपिल देव अग्रवाल
स्किल इंडिया अउर योगी सरकार क विजन क मिली मजबूती, आईटीआई प्रवेश प्रक्रिया मा बड़ सुधार-कपिल देव अग्रवाल
आईटीआई मा प्रवेश भयल आसान, पारदर्शी अउर छात्र हितैषी; प्रदेश क जुवानन क मिली लाभ-कपिल देव अग्रवाल
लखनऊ: 08 जून, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क अगुआई मा उत्तर प्रदेश सरकार जुवानन क आधुनिक तकनीक आधारित कौशल ट्रेनिंग उपलब्ध कराके उनका आत्मनिर्भर बनावे क दिसा मा लगातार काम कइ रहल बा। इहे क्रम मा प्रदेश क सरकारी अउर निजी औद्योगिक ट्रेनिंग संस्थानन (आईटीआई) मा पढ़ै क सत्र 2026-27 अउर अउर आगू क सालन खातिर प्रवेश प्रक्रिया क ज्यादा पारदर्शी, आसान, तकनीक-आधारित अउर छात्रन क हितैषी बनावल गयल अहइ।
प्रदेश क व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास अउर उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल कहिन कि नई प्रवेश व्यवस्था योगी सरकार क उ व्यापक सोच क हिस्सा अहइ, जेकरे भीतर जुवानन क बढ़िया कौशल ट्रेनिंग देइके रोजगार अउर स्वरोजगार खातिर तैयार कीन्ह जाइ रहल बा। प्रदेश मा कौशल विकास क उद्योगन क जरूरतन से जोड़त हुए आईटीआई संस्थानन क आधुनिक ट्रेनिंग केंद्रन क रूप मा विकसित कीन्ह जाइ रहल बा, ताकि ट्रेनिंग पावे वाले जुवानन क देस अउर बिदेस दुन्हों स्तरन पर रोजगार क बढ़िया मौका मिल सकंय।
उन्होनें बताइन कि नई व्यवस्था क तहत उम्मीदवारन क पूरा तरह ऑनलाइन आवेदन क सुविधा दिहल गइस अहइ। छात्र अपन रुचि अउर योग्यता क हिसाब से सरकारी आईटीआई, निजी आईटीआई या दुन्हों किसिम क संस्थानन खातिर आवेदन कइ सकिहंय। आवेदन प्रक्रिया मा संस्थान, व्यवसाय अउर ट्रेनिंग पाठ्यक्रमन क चयन क व्यापक सुविधा दिहल गइस अहइ, जेसे जुवानन क अपन पसंद क ट्रेड मा प्रवेश पावे क मौका मिली।
योगी सरकार प्रवेश प्रक्रिया मा पूरा पारदर्शिता सुनिश्चित करे खातिर
मेरिट पे आधारित ऑनलाइन सीट बँटवारा परनाली लागू कइ दीन्हि अहइ। सीट बँटवारा पाँच चरणन माँ कीन जइही अउर हर एक चरण के जानकारी अभ्यर्थियन का ओनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पे उपलब्ध करावा जइही। इन्हिसे कउनो परकार के मनई के बीच-बचाव के संभावना कम होइ अउर लायक अभ्यर्थियन का निस्पच्छ मउका मिलिहैं।
उन्हों बताइन कि राज सरकाए स्थानीय जुआनन का पहिले दरजा देबे के मकसद से सरकारी आईटीआई अउर पीपीपी मॉडल पे चलत संस्थानान माँ 75 परतिसत सीट उहे जिला के अभ्यर्थियन खातिर आरक्षित रखिन अहइं, जबकि 25 परतिसत सीटन पे अउर जिला के अभ्यर्थी परवेस पाइ सकीहइँ। इन्हिसे स्थानीय स्तर पे कुसल विकास का अउर जादा गति मिलिही अउर जुआनन का अपने क्षेत्रन माँ ही बढ़िया परशिक्षण के मउका मिलिही।
कपिल देव अग्रवाल कहेन कि सामाजिक न्याय के भावना का मजबूत करत भए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अउर पिछड़े वर्ग तथा आरथिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) खातिर आरक्षण के बेवस्था बढ़िया से लागू रहिही। इन्हिसे साथे ही राज स्तर के खेलाड़ियन का पहिले दरजा के नंबर देइ जाइहैं,
सम्पर्क सूत्र- मो0 इकबाल खान
राम यतन/05ः45 च्ड
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लेख
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
पत्र सूचना शाखा
सूचना अउर जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश
प्रदेश सरकार पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्रावन का देत है निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण
लखनऊ: तारीख: 08 जून, 2026
आज के आधुनिक अउर वैज्ञानिक युग में हर आदमी का कम्प्यूटर शिक्षा ज़रूरी हो गई है। आधुनिक काम करय के तरीका में कंप्यूटर निपुणता के मांग सबसे ज़्यादा है। आज कॉर्पोरेट नौकरी, सरकारी पद या फ्री लांसिंग काम बरे कंप्यूटर ज्ञान सफलता के कुंजी आय। आजकल शिक्षा प्रणाली भी पूर तरीका से डिजिटल हो गई है। कंप्यूटर प्रशिक्षण के मदद से छात्र कउनो भी विषय, पाठ्यक्रम (ऑनलाइन कोर्सेज) अउर ट्यूटोरियल तक आसानी से पहुँच सकत हैं। आज के समय में बिल भुगताने, रेलवे टिकट बुकिंग, बैंकिंग लेनदेन, अउर सरकारी योजनावन के लाभ उठावे बरे ऑनलाइन साधनवन के उपयोग करय जाय है। छोट होयं या बड़े व्यवसाय, कंप्यूटर उनकर संचालन का सरल अउर तेज बनावत हैं। एकर सही प्रशिक्षण इन्वेंट्री प्रबंधन, ऑनलाइन मार्केटिंग अउर एकाउंटिंग में मदद करत है।
एह डिजिटल युग में तकनीकी शिक्षा एक ज़रूरी आवश्यकता बन गई है। उत्तर प्रदेश, जो भारत के सबसे बड़ जनसंख्या वाला राज्य है, आपन युवा शक्ति का निपुण बनावे बरे लगातार कोशिश करत है। प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग दुआरा चलावल ‘ओ-लेवल अउर सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना एही दिसा में एक क्रांतिकारी कदम आय। इ योजना मुख्य रूप से समाज के पिछड़े वर्ग के उन छात्र-छात्रावन बरे आय, जो पैसा के कमी के कारण महँगा तकनीकी पाठ्यक्रमन में दाखिला नाहीं ले पावत। उ0प्र0 सरकार पिछड़े वर्ग के इण्टरमीडिएट पास बेरोज़गार युवक/युवतीन, जिनकर माता-पिता/अभिभावकन के सालाना आय एक लाख रूपिया तक या ओसे कम है, का भारत सरकार के नीलिट से मान्यता प्राप्त संस्थावन के माध्यम से प्रशिक्षण देय के प्राविधान है। संस्था अउर आवेदन करय वालन दुआरा चुनाव बरे वेबसाइट ीजजचरूध्ध्वइबबउउचनजमतजतंपदपदहण्नचेकबण्हवअण्पद पर आवेदन करय जाय है। ‘ओ’ लेवल कम्प्यूटर प्रशिक्षण बरे भुगताने जाय वाली रूपिया ज़्यादा से ज़्यादा 15000/- प्रति प्रशिक्षार्थी अउर सी0सी0सी0 कम्प्यूटर प्रशिक्षण बरे 3500/- ज़्यादा से ज़्यादा सीधा संस्था का भुगताने जाय के व्यवस्था है।
जदि कउनो लाभार्थी दुआरा संस्था का पूरा फीस जमा कइ दी गइस तो जमा रसीद का संस्था से सत्यापन करवई के बाद भुगताने विभाग दुआरा सीधा लाभार्थी का करय जाय के व्यवस्था है। ‘ओ’ लेवल कम्प्यूटर प्रशिक्षण के अवधि 01 साल अउर ‘सी0सी0सी0’ कम्प्यूटर प्रशिक्षण के अवधि 03 महीना होइत है। कम्प्यूटर प्रशिक्षण बरे संस्थावन के चुनाव करय के कार्यवाही निदेशक के अध्यक्षता में अउर लाभार्थीन के चुनाव बरे जनपद स्तर पर ज़िलाधिकारी के अध्यक्षता में बनल समिति के माध्यम से करय जाय है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना के तहत कुल 435 संस्थावन दुआरा ऑनलाइन आवेदन कइय गए रहिन, जेके सापेक्ष नियम अनुसार पात्र पावल गइस 299 संस्थावन के चुनाव करय गयल है, जिनमसे 22407 ओ लेवल अउर 6784 सी0सी0सी0 कुल 29191 प्रशिक्षणार्थी का प्रशिक्षण देय गयल है। प्रदेश में साल 2017-18 से साल 2025-26 तक 101139 छात्र, छात्रावन का कम्प्यूटर प्रशिक्षण देय गयल है।
उत्तर प्रदेश सरकार के ध्येय आय कि केवल साक्षरता से रोज़गार पावे कठिन है। आज के समय में डिजिटल साक्षरता ही भविष्य के कुंजी आय। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के इ योजना के मुख्य उद्देश्य अउर पिछड़े वर्ग के बेरोज़गार युवक-युवतीन का कंप्यूटर के क्षेत्र में निपुण बनाइके उनका स्वरोज़गार अउर सरकारी, निजी क्षेत्र के नौकरीन के लायक बनावे है। इ योजना के तहत छप्म्स्प्ज् (राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी अउर सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान) दुआरा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमवन का निःशुल्क करवई जाय है। एहमें दुई मुख्य पाठ्यक्रम सामिल हैं।
इ योजना के लाभ उठावे बरे आवेदन करय वाले का अउर पिछड़ा वर्ग (व्ठब्) के होवे ज़रूरी आय (क्रीमी लेयर के नीचे आवै वाले अभ्यर्थी पात्र नाहीं होइहें)। उत्तर प्रदेश के मूल निवासी होवे चाही। शैक्षणिक योग्यता ‘ओ-लेवल’ प्रशिक्षण बरे कम से कम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट (12वीं) पास होवे चाही। ‘सीसीसी’ प्रशिक्षण बरे भी इंटरमीडिएट या ओसे जुड़ा योग्यता ज़रूरी आय। आय सीमा आवेदन करय वाले के परिवार के सालाना आय वर्तमान नियमन के अनुसार गाँव अउर शहरी क्षेत्रन बरे अलग-अलग तय है। अभ्यर्थी के उम्र 35 साल से ज़्यादा नाहीं होवे चाही। अभ्यर्थी कउनो भी शिक्षण संस्थान से नियमित छात्र के रूप में पढ़त ना होय अउर ना ही उ कउनो सरकारी लाभ के पद पर होय।
योजना के प्रक्रिया पूर तरीका से पारदर्शी अउर डिजिटल आय। उत्तर प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के आधिकारिक पोर्टल (ीजजचरूध्ध्वइबबउउचनजमतजतंपdपदहण्नचेकबण्हवअण्पद) पर ऑनलाइन आवेदन मंगाए जात हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग दुआरा चलावल कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नाहीं आय, बल्कि इ पिछड़े समाज के बौद्धिक उन्नति के एक साधन आय। प्रदेश सरकार ”सबके साथ, सबके विकास, सबके विश्वास अउर सबके प्रयास” के मंत्र का सफल करत भए, इ योजना युवावन के हाथन में लैपटॉप अउर तकनीकी ज्ञान थमाइके उनका आत्मनिर्भर बनावत है। इ योजना के विस्तार अउर ज़्यादा पारदर्शिता के साथ करय जाय है। आवै वाले समय में उत्तर प्रदेश ‘आईटी हब’ के रूप में उभरै वाले युवावन के अगुवाई करइ।
पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्रावन के शिक्षा बरे प्रदेश सरकार दुआरा चलावल ‘छात्रावास निर्माण अउर अनुरक्षण योजना’
भारत के आत्मा ओकर गाँवन अउर कस्बन में बसत है, लेकिन जब बात ऊँच अउर माध्यमिक शिक्षा के आवत है, तो गाँवन अउर दूर के क्षेत्रन के प्रतिभाशाली विद्यार्थी का बड़ शहरन या शैक्षणिक केंद्रन के दिसा में जावे पड़त है। इ यात्रा में सबसे बड़ बाधा पैसा के कमी अउर सुरक्षित रहै के सुविधावन के कमी बनिके सोझ आवत है। खास तौर से सामाजिक अउर आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ओ.बी.सी.) के परिवारन बरे आपन बच्चन का घर से दूर भेजिके पढ़ाई के भारी खरच उठावे एक बहुत कठिन काम होइत है।
एह समस्या का देखत हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के अउर पिछड़े वर्ग (ओ.बी.सी.) के गरीब छात्र-छात्रावन के सुनहरा भविष्य बनावे बरे दुई बहुत महत्वकांक्षी योजनावन चलावल हैं, जिनमसे छात्रावास निर्माण योजना
अउर छात्रावास देखरेख योजना आय। इ योजना क मकसद सिरिफ कुछ कमरा क एक इमारत ठाढ़ करब नाहीं आय, बल्कि एक अइसा सुरक्षित, समृद्ध अउर पढ़ाई-लिखाई क माहौल बनावब आय जहाँ गांव अउर छोटका कसबा से आए पिछड़ा वर्ग क होनहार लरिकवा बिना कउनो पइसा या मनई तनाव क आपन पढ़ाई मा धियान लगाइ सकैं। घर रहै क चिंता से मुक्ति पाइ के इ विद्यार्थी उच्च शिक्षा अउर प्रतियोगी परीक्षा मा भी नीक प्रदर्शन करै क जोग्य बनत हंय।
उत्तर प्रदेश सरकार क छात्रावास बनवावै वाली योजना क मुख्य मकसद समाज क आन पिछड़ा वर्ग (ओ.बी.सी.) मा आवै वाले उन गरीब अउर साधनहीन लरिका-लरिकी मनई क बुनियादी रहै क सुविधा देब आय, जे आपन घर से दूर रहि के माध्यमिक, उच्च या तकनीकी शिक्षा पावब चाहत हंय।
छात्रावास क बनवब जरूरी रूप से मान्यता प्राप्त अउर नामी पढ़ाई-लिखाई संस्था क परिसर भितरेय कीन जात आय। एकर दुइ मुख्य फायदा होत हंय, पहिला, विद्यार्थी क आवागमन मा समय अउर पइसा बरबाद नाहीं होत आय। दूसर, ऊ कॉलेज या विश्वविद्यालय क पढ़ाई-लिखाई क माहौल अउर अनुशासन मा बंधे रहत हंय।
परिसर क अंदर होवै क कारन, खास करि के लरिकी मनई क सुरक्षा क एक मजबूत माहौल मिलत आय, जेसे मां-बाप भी आपन बेटी मनई क दूर भेजै मा संकोच नाहीं करत हंय।
प्रदेश मा 100 लरिका/लरिकी क क्षमता वाले छात्रावास इ आमतौर पर बड़के जिला, विश्वविद्यालय या बड़के तकनीकी संस्थानन क परिसर मा बनावा जात हंय जहाँ विद्यार्थी क गिनती बहुत जादा होत आय। 50 लरिका/लरिकी क क्षमता वाले छात्रावास इन्हैं तहसील स्तर या मंझोले आकार क पढ़ाई-लिखाई संस्थानन क परिसर मा स्थापित कीन जात आय ताकि विकेंद्रीकृत तरीका से हर क्षेत्र क विद्यार्थी मनई क फायदा मिल सकै।
मेहरारु शिक्षा अउर वीरांगना मनई क आगू बढ़ावै क संकल्प क तहत, केंद्र अउर राज्य सरकार ने लरिकी मनई क छात्रावास खातिर बहुत नीक पइसा क ढांचा तइयार कीन आय। एकर बनवब मा केंद्र क हिस्सा 90 प्रतिशत अउर राज्य क हिस्सा 10 प्रतिशत आय। इ बहुत जादा छूट वाला पइसा क अनुपात इ पक्का करत आय कि पइसा क कमी क कारन कउनो भी जिला या संस्थान मा बेटी मनई क छात्रावास क काम ना रुकै।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इ योजना क नीतिगत ढांचा मा ही मेहरारु सशक्तीकरण क जरूरी जगह दिहिन आय। योजना क दिशा-निर्देशन क हिसाब से, जेतने छात्रावास बनबै वाले हंय ओमा से कम से कम 33 प्रतिशत (एक-तिहाई) छात्रावास जरूरी रूप से लरिकी मनई खातिर बनावा जाए क कानूनी अउर प्रशासनिक नियम कीन गा आय। इ क्रांतिकारी कदम गांव वाले इलाका क ओबीसी लरिकी मनई क बीच उच्च शिक्षा क दर क कई गुना बढ़ावै मा मील क पत्थर साबित होत आय।
छात्रावास देखरेख योजना क भीतर आन पिछड़ा वर्ग (ओ.बी.सी.) क विद्यार्थी मनई खातिर पहिले से बने छात्रावासन क मरम्मत, रंग-रोगन, साफ-सफाई, बिजली-पानी क बुनियादी ढांचा क ठीक रखै अउर ओन्हैं आधुनिक सुविधा से लैस बनाय रखै क मकसद से वित्तीय साल 2023-24 से इ योजना क संचालन सुरू कीन गा आय। इ योजना इ पक्का करत आय कि सरकारी संपत्ति बरबाद ना होय अउर लरिका-लरिकी मनई क हमेशा एक साफ-सुथरा अउर पढ़ाई वाला माहौल मिलै। पिछले 03 साल मा प्रदेश सरकार ने 09 करोड़ रुपया खरच करि के 24 छात्रावासन क जीर्णोद्वार करावब आय।
इन्हैं छात्रावासन क माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन अउर सामान्य स्नातक व स्नातकोत्तर कोर्सन मा ओबीसी वर्ग क गरीब विद्यार्थी मनई क प्रतिनिधित्व बढ़ा आय। एसे समाज क पिछड़े पायदान पर ठाढ़ परिवारन मा से डॉक्टर, इंजीनियर अउर प्रशासनिक अधिकारी निकरि रहे हंय।
-मो0 इक़बाल खाँ, सूचना अधिकारी
लेख
ग्राम्य विकास विभाग
पत्र सूचना शाखा
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से बरेली मा आत्मनिर्भरता क मिसाल बनत लखपति दीदी
दिनांक: 08.06.2026
गांव वाले भारत क तस्वीर आज तेजी से बदलत आय अउर इ बदलाव क केंद्र मा गांव क ऊ मेहरारु हंय जे अब सिरिफ घर क जिम्मेदारियन तक सीमित नाहीं हंय बल्कि आर्थिक विकास क मजबूत आधार बन चुकी हंय। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन क माध्यम से बरेली जिला मा हजारन मेहरारु मनई ने आत्मनिर्भरता क नई कहानी लिखिन आय। इ मेहरारु आपन मेहनत, हुनर अउर संकल्प क जोर पर न सिरिफ अपने क मजबूत बनाय रही हंय, बल्कि आपन परिवार अउर समाज खातिर भी प्रेरणा क स्रोत बन रही हंय। भारत सरकार अउर प्रदेश सरकार क तालमेल से गांव वाले इलाका मा मेहरारु मनई क स्वरोजगार क दिसा मा आगू बढ़ावै खातिर लखपति दीदी योजना क संचालन एक शानदार अउर असरदार पहल साबित होत आय।
इ खास योजना क मुख्य मकसद स्वयं सहायता समूह से जुड़ी मेहरारु मनई क आय मा बढ़ोतरी करब आय जेकर तहत ओन्हैं अलग-अलग क्षेत्रन मा हुनर क ट्रेनिंग देब जात आय। ब्यापार सुरू करै खातिर मेहरारु मनई क आसान कर्जा क सुविधा अउर तकनीकी जानकारी भी देब जात आय। लखपति दीदी योजना क फायदा मुख्य रूप से मान्यता प्राप्त स्वयं सहायता समूह से जुड़ी अइसी मेहरारु मनई क मिलत आय जिनकी उमर 18 से 56 साल क बीच आय। योजना क भीतर जोग्य मेहरारु मनई क ब्यापार बढ़ावै या नवा काम सुरू करै खातिर स्थानीय स्तर पर कर्जा क इंतजाम कीन जात आय।
बरेली जिला क 15 विकासखंडन मा मिशन क भीतर अब तक कुल 33,362 मेहरारु मनई ने लखपति दीदी बनै क सम्मान पाइब आय। लखपति दीदी सच मा ऊ गांव वाली मेहरारु हंय जिनकी साल भर क परिवारिक आय एक लाख रुपया या ओसे जादा होइ चुकी आय। इ उपलब्धि सिरिफ आर्थिक तरक्की क निशानी नाहीं आय, बल्कि गांव वाली मेहरारु मनई क आत्मविश्वास, स्वाभिमान अउर सामाजिक बदलावन क भी एक बड़का प्रतीक आय। जिला क सब विकासखंडन मा इ अभियान क लेके बहुत उत्साह देखब जात आय।
इ क्रम मा जदि बरेली जिला क विकासखंडवार उपलब्धि क बात करीं तो नवाबगंज ब्लॉक ने पूरी मुस्तैदी देखात हुए सबसे नीक उपलब्धि पाइब आय। नवाबगंज ब्लॉक मा अकेल 3,424 मेहरारु मनई क लखपति दीदी बनावै मा सफलता मिलब आय। एकर बाद रामनगर, शेरगढ़, भदपुरा अउर मझगवां जइसे विकासखंड भी बहुत तेज गति से इ अभियान क जमीन पर आगू बढ़ाय रहे हंय, जेसे गांव वाले इलाका मा आर्थिक कामन क नवा विस्तार मिलत आय।
वित्तीय साल 2025-26 क दौरान गांव वाली मेहरारु मनई क आर्थिक रूप से मजबूत अउर संगठित बनावै क मकसद से जिला मा 2,145 नवा स्वयं सहायता समूह क गठन कीन गा आय। बैंकिंग संस्थानन ने भी इ अभियान मा खास भूमिका निभावत हुए 3,540 समूह क क्रेडिट लिंकेज क माध्यम से सीधा पइसा क सहायता देब आय। रिवॉल्विंग फंड अउर बैंक कर्जा क रूप मा मिली इ जरूरी पूंजी ने मेहरारु मनई क आपन छोटका ब्यापार सुरू करै अउर पहिले से चल रहे कामन क बड़का विस्तार
देवे क एक ठे नीक मौका दिहेस हय।
अरजी के परकिरिया क साफ सुथरा अउर आसान बनावे खातिर एकर ऑनलाइन अउर ऑफलाइन दुइउ माध्यम से जोड़ा गा हय। जे महिलायँ चाहेँ, उ सब गॉंव के बिकास मंत्रालय के वेबसाइट के जरिए फारम भर सकत हयँ या फेर लोकल सरकारी पोर्टल पर जाय क अपने अरजी के हालत देख सकत हयँ। एकरे अलावा उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिसन के राज्य स्तर के कारजसाला के तहत गॉंव के इलाका मा ब्लॉक अफिस या ग्राम पंचायत स्तर पर भी फारम भरे के ऑफलाइन सुबिधा दिहे गइ हय।
अरजी खातिर खास कय आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास परमान पत्र, बैंक खाता के जानकारी, आय परमान पत्र, समूह के सदस्यता से जुड़ा कागद, ब्यापार के योजना अउर पासपोर्ट साइज फोटो जइसे परमानिक कागदन के मॉंग कीन जात हय। लोकल परसासन के जरिए अरजी के जॉंच अउर सत्तियापन के परकिरिया पूरा होय के बाद करजा देइ दीन जात हय।
करजा के सुबिधा के नियमन क मेहरारुन के हिसाब से एकदम आसान राखा गा हय। ब्यापार सुरू करै खातिर खुद के मदद वाले समूहन क 20 लाख रुपया तक के बिना गारंटी वाले बैंक करजा दिहे जात हयँ। एकरे साथै योजना के तहत 3,00,000 रुपया तक के करजा पर बैंकन के बियाज दर अउर 7 परतिसत के बीच के अंतर के सबसिडी सीधा सरकार देइ करत हय जेसे मेहरारुन पर बियाज के ढेर बोझ नाय परै। इ पइसा के मदद के कारन कम आमदनी वाले घरन के मेहरारुन क अपनी आर्थिक हालत सुधारे मा पहिला परफरेंस मिलत हय। कौशल बिकास परसिखन के भीतर गॉंव के मेहरारुन क उनके मनपसंद हिसाब से खेती, गोरू पाले, सिलाई, हाथ के कलाकारी अउर छोटका ब्यापार यानी एमएसएमई क्षेत्र से जुड़ा उद्योगन के काम करे वाला परसिखन दिहे जात हय। इ परसिखन के सीधा फायदा उठाइत आज बरेली के गॉंव के मेहरारुन पुरान सीमायँ क तोड़ी कय अलग-अलग ब्यापारिक क्षेत्रन मा अपनी अलग पहिचान बनाय रही हयँ।
आज जिला के केवनो मेहरारू सौर ऊर्जा से चले वाली आटा चक्की क सफल तरिके से चलाय रही हय, तौ केवनो टेडी बियर, बॉस के झाड़ू, अचार, मसाला अउर अलग-अलग किसिम के हाथ से बने चीजन क बनाइ क बजार मा अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करावत हय। इन लोकल स्तर पर बने चीजन के मॉंग अब खाली बरेली के लोकल बजारन तक ही सीमित नाय रहि गइ हय, बलुक अगल-बगल के दूसर जिला अउर कस्बन तक लगातार पहुॅंच रही हय।
इ बड़ बदलाव खाली पइसा के आमदनी तक ही सीमित नाय हय, बलुक एकरे गहरा समाजिक परभाव भी देखाय देत हयँ। जे मेहरारुन कबहुॅं छोट-मोट घरेलू जरूरतन खातिर पूरा तरह दूसरन पर निर्भर रहिन, आज उइय अपने घरन के मजबूत आर्थिक रीढ़ बनि चुकी हयँ। खुद के मदद वाले समूहन से जुड़ी इ मेहरारुन अपनी मेहनत अउर आत्मिबिसवास के दम पर हर साल एक लाख रुपया से ढेर कमाइ कय अपने घरन क एक ठे नीक जीवन स्तर देत हयँ। एकरे साथै उनके जरिए लेइ जाए वाले फैसलायँ क अब परिवार अउर समाज मा पूरा इज्जत मिलत हय।
उत्तर प्रदेश सरकार के इ लोककल्यानकारी योजनान के सही तरिके से लागू करे से गॉंव के अर्थब्यवस्था क एक ठे नई दिसा अउर रफतार मिलत हय। हुनर के परसिखन, पइसा के सब कय जोड़े अउर आसान बैंकिंग लिंकेज जइसी नीतियॉं गॉंव के इलाका से गरीबी मिटावे अउर मेहरारू के अपने बलबूते खड़े होय के रस्ता क पूरा तरिके से बनाइ दिहेस हय। बरेली जिला के गॉंवन मा ग्रामीण आजीविका मिसन अउर सरकारी नीतियन के मेलजोल से आवत इ बदलाव गॉंव के अर्थब्यवस्था अउर आत्मानिर्भरता के एक ठे नए जुग के कहानी क मजबूत बनाय रहा हय।
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