
पत्र सूचना शाखा
सूचना अउर जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेश
क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई झांसी के स्थापना दिवस धूमधाम से मनावा गवा
लखनऊ: 09 जून, 2026
क्षेत्रीय पुरातत्त्व इकाई, झाँसी कार्यालय के 39वें स्थापना दिवस के पहिली सांझ मा भव्य कार्यक्रम के आयोजन राजकीय संग्रहालय, झाँसी के सभागार मा दीया बारि के कीन गवा। डॉ0 राजीव कुमार त्रिवेदी, प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्त्व अधिकारी, झाँसी द्वारा क्षेत्रीय पुरातत्त्व इकाई के उपलब्धियन पर छोट मा ब्यौरा प्रस्तुत कीन गवा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप मा पं0 रवि शर्मा, विधायक, झाँसी सदर आपन सम्बोधन मा बुन्देलखण्ड के विस्तार क्षेत्र अउर ओनसे सम्बन्धित खास मनइन का हमेशा याद करै पर जोर दिहिन। उई कहिन कि बुन्देलखण्ड किला के भी भूमि आय। माननीय मुख्यमन्त्री जी के प्रयास आय कि हिंया के किला अउर धरोहर के विकास राजस्थान के तर्ज पर कीन जाय। विशिष्ट अतिथि के रूप मा जिला पंचायत अध्यक्ष, झाँसी श्री पवन कुमार गौतम जनपद के गाँव मा मौजूद पुरानी धरोहर का सुरक्षित करै मा सहयोग देइ के वचन दिहिन।
कार्यक्रम के अध्यक्षता करत श्री सिद्धेश्वर सिद्धपीठ आश्रम, झाँसी के सदगुुरू आचार्य पं0 हरि ओम पाठक पुरानी धरोहर के सुरक्षा अउर बचाव के बारे मा आपन पुरान अनुभव का बताइन अउर आगे संग्रहालय अउर पुरातत्व के भवन का अउर विस्तार करै के जरूरत पर जोर दिहिन। पहिले वाले प्रभारी अधिकारी डॉ0 एस0के0 दुबे पावर प्वान्ट के जरिये पिछले 39 साल के राज्य पुरातत्व विभाग के क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई, झॉंसी द्वारा कीन गइ खोज के बारे मा विस्तार से जानकारी दिहिन। यहि मौका पर बुन्देलखण्ड के जादूगरी के होनहार कलाकार श्री श्याम जादूगर अउर बॉसुरी के गुरू श्री लतीफ अहमद आपन प्रस्तुति दइके सब के मन मोह लिहिन।
यहि मौका पर चित्रकला प्रतियोगिता के भी आयोजन कीन गवा, जेहमा अलग-अलग प्रशिक्षण संस्थानन के 200 लरिका-लरिकिन बढ़-चढ़ के हिस्सा लिहिन। प्रतियोगिता मा जूनियर वर्ग मा पहिला स्थान भानू पाण्डेय का, दूसर स्थान राधिका श्रीवास्तव अउर तीसर स्थान नीलिका श्रीवास का मिला। सीनियर वर्ग मा पहिला स्थान सुमित सोनी, दूसर स्थान वृजेन्द अउर तीसर स्थान पलक सोनी का मिला। यहि मौका पर पुरातत्व के क्षेत्र मा आपन योगदान देइ वाले रिटायर अधिकारी अउर कर्मचारी लोगन का अंगवस्त्र अउर स्मृति चिन्ह दइके सम्मानित कीन गवा।
सम्पर्क सूत्र- खाली
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बाढ़ आपदा पर राज्य स्तर के टेबल टॉप एक्सरसाइज-2026 के आयोजन
लखनऊ: 09 जून, 2026
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार अउर उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तालमेल से प्रदेश मा बाढ़ आपदा के प्रति 44 बहुत संवेदनशील अउर संवेदनशील जिला मा बाढ़ आपदा पर राज्य स्तर के मॉक एक्सरसाइज के आयोजन 11, जून, 2026 का कीन जाय का प्रस्ताव आय।
मॉक एक्सरसाइज़ के दूसर चरण मा आज 09, जून, 2026 का ज्ंइसम ज्वच म्गमतबपेम बइठक के आयोजन ऑडिटोरियम, योजना भवन, लखनऊ मा विभागाध्यक्ष अउर सदस्य, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली, भारत सरकार डॉ कृष्णा एस. वत्स अउर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, पी.वी.एस.एम, ए.वी.एस.एम, वी.एस.एम, (से.नि.) के अध्यक्षता मा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, राजस्व विभाग, एन०डी०आर०एफ०,एस०डी०आर०एफ०, पुलिस विभाग, अग्निशमन विभाग, कृषि विभाग, सिंचाई अउर जल संसाधन विभाग, चिकित्सा अउर स्वास्थ, पंचायती राज, खाद्य अउर रसद, परिवहन विभाग, ऊर्जा विभाग, नागरिक सुरक्षा विभाग, दूरसंचार विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पशु पालन, लोक निर्माण विभाग, केन्द्रीय जल आयोग, मौसम विभाग, भारतीय रेलवे अउर राज्य स्तर के अधिकारी अउर सम्बन्धित जिलन के जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) अउर दूसरे जनपद स्तर के अधिकारिन के साथै वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कीन गवा।
बइठक का संबोधित करत सदस्य, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बताइन कि यई अभ्यास के दौरान जिलन द्वारा राहत/बचाव काम के जमीनी कार्यवाही के जानकारी मिलत है, साथै जिलन का आपन आपदा प्रबंधन योजना अउर बाढ़ योजना के समीक्षा मा मदद अउर सब विभाग, भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 अउर स्थानीय प्रशासन के बीच तालमेल बनावै मा मदद मिलत है।
बइठक का संबोधित करत उपाध्यक्ष बताइन कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा पिछले सालन से बाढ़ आपदा प्रबंधन का मजबूत करै खातिर जिलन के साथै मॉक एक्सरसाइज करावा जात है, जेकरे जरिये राज्य स्तर पर हर विभाग अउर ओकरे जिलन के आपदा प्रबंधन योजना के समीक्षा कीन जात है अउर जिला मा आपातकालीन सहायता काम के बीच तालमेल के जांच कीन जात है। एन0जी0ओ0, समुदाय अउर मीडिया का शामिल कइके बड़े स्तर पर आम जनता मा जागरूकता के काम कीन जात है अउर जदि संसाधन, जनबल, संचार, प्रतिक्रिया क्षमता आदि मा कउनौ कमी होय तो ओकर पहिचान कइके ओका मजबूत करै मा अइसन मॉक एक्सरसाइज से मदद भी मिलत है।
टेबल टॉप एक्सरसाइज के पहिला सत्र मा पूर्वानुमान एजेंसी जइसे आईएमडी, सीडब्ल्यूसी, एफएमआईएससी द्वारा मौसम, भारी बारिस अउर नदिन के पानी के स्तर अउर बाढ़ के पूर्वानुमान के बारे मा जानकारी दीन गइ। बाढ़ के समय मुख्य रूप से सहयोगी विभाग जेहमा सिंचाई, स्वास्थ्य, दूरसंचार, पशुपालन, लोक निर्माण, शिक्षा आदि विभाग द्वारा आपन भूमिका अउर तैयारी साझा कीन गइ। बाढ़ के समय तुरंत रिस्पांस मा सहयोगी पीएसी, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, होमगार्ड्स, एनसीसी अउर भारतीय सेना द्वारा आपन विभागीय संसाधन अउर काम के बारे मा जानकारी दीन गइ।
यई टेबलटॉप अभ्यास मा असम, हरियाणा अउर पंजाब राज्य के प्रतिनिधि आपन प्रदेश के बेस्ट प्रैक्टिस का साझा किहिन। दूसर सत्र मा एनडीएमए, भारत सरकार के सलाहकार ब्रिगेडियर रविन्द्र गुरुंग (सेनि) द्वारा टेबल टॉप एक्सरसाइज के आयोजन सब 44 जिलन के साथै कीन गवा जेहमा मुख्य रूप से क्व्ब्/प्त्ै/प्त्ज्े के सक्रियकरण, बाढ़ के समय निकासी योजना, बाढ़ चेतावनी के प्रसार, राहत शिविर अउर फील्ड हॉस्पिटल के स्थापना, आधारभूत संरचना के नुकसान (सड़क/रेलवे/पुल) अउर नाव पलटै के घटना पर प्रतिक्रिया पर चर्चा भइ।
बतावै लायक बात आय कि 11 जून, 2026 का प्रदेश के सब 44 बहुत संवेदनशील अउर संवेदनशील
जिला के 118 तहसीलन मा बाढ़ आपदा पै राज्य स्तर के मॉक एक्सरसाइज का आयोजन कीन जाई।
राज्य स्तर के अधिकारिन द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जिला मा कीन जात कामन के समीक्षा भी कीन जाई।
सम्पर्क सूत्र- आशिया खातून
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सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश संयुक्त प्रवेश परीक्षा (पॉलीटेक्निक)-2026 का सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन संपन्न, 3.34 लाख से अधिक अभ्यर्थी हुए शामिल
लखनऊ: 09 जून, 2026
संयुक्त प्रवेस परीक्षा परिसद (पॉलीटेक्निक), उत्तर प्रदेस द्वारा प्रदेस के राजकीय, अनुदानित, पीपीपी मोड अउ निजी क्षेत्र के पॉलीटेक्निक संस्थन मा अलग-अलग डिप्लोमा तथा पोस्ट डिप्लोमा पाठ्यक्रमन मा प्रवेस खातिर आयोजित उत्तर प्रदेस संयुक्त प्रवेस परीक्षा (पॉलीटेक्निक)-2026 के सफल, पारदर्शी अउ सांतिपूर्ण आयोजन संपन्न होइ गवा है। ई परीक्षा 02 जून से 09 जून 2026 तक प्रदेस के अलग-अलग जिला मा बनावा गयन परीक्षा केन्द्रन पै कंप्यूटर आधारित परीक्षा (ब्ठज्) प्रणाली के जरिये आयोजित कीन गइ।
प्रदेस के तकनीकी सिच्छा बेवस्था के महत्वपूर्ण प्रवेस परीक्षा मा सामिल इ परीक्षा के जरिये अभ्यर्थिन का इंजीनियरिंग, फार्मेसी, प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, परिधान प्रौद्योगिकी, होटल प्रबंधन सहित कई रोजगारोन्मुखी अउ हुनर आधारित पाठ्यक्रमन मा प्रवेस के मउका मिलत है। परीक्षा के आयोजन पूरा कंप्यूटर आधारित प्रणाली से कीन जाये के कारण परीक्षा प्रक्रिया अउर पारदर्शी, निष्पक्ष अउ तकनीकी रूप से मजबूत रही।
परीक्षा के सुचारु संचालन खातिर परिसद द्वारा सब परीक्षा केन्द्रन पै बड़हन बेवस्था सुनिस्चित कीन गइ। बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षित प्रवेस बेवस्था अउ तकनीकी सहायता टीमन के तैनाती के साथै अभ्यर्थिन के सुविधा खातिर जरूरी प्रबंध कीन गयन। परिसद मुख्यालय, लखनऊ से परीक्षा प्रक्रिया के लगातार निगरानी कीन गइ तथा कउनौ भी तकनीकी या प्रसासकीय समस्या के तुरतै समाधान खातिर नियंत्रण कक्ष सक्रिय राखा गवा। जिला प्रसासन, पुलिस प्रसासन, केन्द्र बेवस्थापकन तथा परिसद के अधिकारिन अउ कर्मचारिन के मिलाजुला प्रयासन से परीक्षा के सफल आयोजन संभव होइ सका।
आँकड़न के हिसाब से इंजीनियरिंग अउ प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रमन मा प्रवेस खातिर आयोजित समूह-ए मा 2,07,229 अभ्यर्थी पंजीकृत रहे, जेहिमा से 1,67,921 अभ्यर्थी परीक्षा मा सामिल भये। फार्मेसी डिप्लोमा पाठ्यक्रमन खातिर आयोजित समूह-ई1 अउ ई2 मा 1,64,312 अभ्यर्थिन पंजीकरण कराय रहे, जेहिमा से 1,29,977 अभ्यर्थिन परीक्षा दिहिन। डिप्लोमा पाठ्यक्रमन के दूसरे साल मा प्रवेस (लेटरल एंट्री) खातिर आयोजित समूह-के1 से के8 मा 35,680 पंजीकृत अभ्यर्थिन के सापेक्ष 25,663 अभ्यर्थी परीक्षा मा सामिल भये। ओही समूह-बी, सी, डी, एफ, जी, एच, आई अउ एल के भीतर अलग-अलग खास अउ व्यावसायिक पाठ्यक्रमन खातिर 16,574 अभ्यर्थी पंजीकृत रहे, जेहिमा से 10,741 अभ्यर्थी परीक्षा मा उपस्थित भये।
संयुक्त प्रवेस परीक्षा परिसद (पॉलीटेक्निक), उत्तर प्रदेस के सचिव परीक्षा मा भाग लेये वाले सब अभ्यर्थिन, उनके अभिभावकन, परीक्षा केन्द्रन के अधिकारिन अउ कर्मचारिन, जिला प्रसासन, पुलिस प्रसासन तथा परीक्षा आयोजन से जुड़े सब हितधारकन के प्रति आभार ब्यक्त किहिन हैं।
परिसद के हिसाब से संयुक्त प्रवेस परीक्षा (पॉलीटेक्निक)-2026 के परिणाम 20 जून 2026 तक परिसद के वेबसाइट पै घोसित कीन जाई। एकरे बाद ऑनलाइन काउंसलिंग अउ प्रवेस प्रक्रिया के बिस्तार से कार्यक्रम अलग से जारी कीन जाई, जेसे अभ्यर्थी समय से प्रवेस प्रक्रिया मा भाग लइ सकैं।
सम्पर्क सूत्र- अमरेश कुमार
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पत्र सूचना शाखा
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल व प्रयासों से उत्तर प्रदेश में स्थापित होगा निफ्टेम का उपकेंद्र
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल से यूपी में बनेगा निफ्टेम का बड़ा केंद्र
कौशाम्बी और प्रयागराज बनेंगे खाद्य प्रसंस्करण शिक्षा एवं शोध के राष्ट्रीय केंद्र
युवाओं, किसानों और महिला समूहों के लिए खुलेंगे नए अवसर, यूपी में आएगा निफ्टेम
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में यूपी को मिलेगी नई पहचान, निफ्टेम स्थापना का मार्ग प्रशस्त
केशव प्रसाद मौर्य की मंशा को मिला आकार, निफ्टेम के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण सहमति
कौशाम्बी और प्रयागराज खाद्य प्रसंस्करण शिक्षा, शोध एवं नवाचार के नए केंद्र बनेंगे
लखनऊ: 09 जून, 2026
उत्तर प्रदेस के उप मुख्यमंत्री श्री केसव प्रसाद मउर्य के इच्छा के हिसाब से प्रदेस मा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का नई गति देय के दिसा मा एक महत्वपूर्ण पहल भइ है। उप मुख्यमंत्री श्री मउर्य के निर्देसन के क्रम मा राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता अउ प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम), कुंडली औद्योगिक क्षेत्र, सोनीपत (हरियाणा) के प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेस मा निफ्टेम के सैटेलाइट इकाई के स्थापना के संबंध मा मंगर का महत्वपूर्ण बिचार-बिमर्स किहिन।
निफ्टेम के प्रतिनिधि प्रोफेसर प्रभात कुमार नेमा (डी.एस.डब्ल्यू.) अउ डॉ. नितिन कुमार श्री बी.एल. मीणा, अपर मुख्य सचिव, उद्यान अउ खाद्य प्रसंस्करण बिभाग, उत्तर प्रदेस सासन से भेंट किहिन। बइठक मा प्रदेस मा खाद्य प्रसंस्करण उद्योगन का बढ़ावा देय, नवाचार आधारित तकनीकी दच्छ मानव संसाधन तइयार करै तथा नौजवानन का रोजगारपरक सिच्छा उपलब्ध कराय के उद्देस्य से आर-फ्रैक (क्षेत्रीय खाद्य बिस्लेसन केन्द्र) तथा राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान का निफ्टेम के सैटेलाइट इकाई के रूप मा बिकास करै पै सहमति बनी।
इ संबंध मा खाद्य प्रसंस्करण बिभाग अउ निफ्टेम के बीच जल्दिये मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) कीन जाई। प्रस्तावित संस्थान मा स्नातक, परास्नातक, पीएच.डी., सोध कार्यक्रमन के साथ-साथ छोट समय अउ एक साल के डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी चलाये जइहयँ।
उप मुख्यमंत्री श्री केसव प्रसाद मउर्य के इच्छा के हिसाब से जिला कौसाम्बी मा निफ्टेम के उपकेंद्र तथा प्रयागराज मा निफ्टेम के स्थापना खातिर भी सहमति बनी।
ब्यक्त कीन गइ। यहिसे प्रदेस के नौजवानन, उद्यमिन, किसानन, मेहरारुन, खुद
कै मदद करै वाले समूहन, गैर-सरकारी संगठनन (एनजीओ), रास्ट्रीय गाँव कै रोजी-रोटी मिसन
(एनआरएलएम) तथा उत्तर प्रदेस राज्य गाँव कै रोजी-रोटी मिसन (यूपीएसआरएलएम) के
लाभ लेवैया लोगन का खाना प्रसंसकरन के छेत्र मा सिखलाई, तकनीकी मदद अउ
रोजगार के नवा मउका मिलिहैं। ई पहल प्रदेस के आर्थिक बिकास अउ
आत्मनिर्भरता के दिसा मा मील कै पत्थर साबित होइ।
निफ्टेम के प्रतिनिधि लोगन द्वारा आर-फ्रैक अउ राजकीय खाना प्रसंसकरन
प्रौद्योगिकी संस्थान मा मवजूद बुनियादी ढाँचा, प्रयोगशाला अउ दूसर
सुबिधान कै बिसतार से जाँच कीन गइ। जाँच के दौरान संस्थान के मवजूद
बेवस्था का निफ्टेम केंद्र चलावै खातिर सही पावा गवा।
राजकीय खाना प्रसंसकरन प्रौद्योगिकी संस्थान के ब्याख्यान कमरा मा भई
बइठक मा श्री बी.एल. मीणा, अपर मुख्य सचिव, उद्यान अउ खाना प्रसंसकरन
बिभाग, उत्तर प्रदेस सासन, श्रीमती सृष्टि धवन, संयुक्त निदेसक (प्रसासन), डॉ.
एम.पी. सिंह, संयुक्त निदेसक (खाना प्रसंसकरन), डॉ. हरीश कुमार, निदेसक,
आर-फ्रैक सहित बिभागीय अधिकारी, कर्मचारी अउ छात्र-छात्रा हाजिर रहे।
बइठक मा निफ्टेम के आगे कै काम के योजना पै बिसतार से बतकही भइ। यहि मउका पै
प्रोफेसर प्रभात कुमार नेमा जानकारी दिहिन कि आर-फ्रैक अउ राजकीय खाना
प्रसंसकरन प्रौद्योगिकी संस्थान मा जल्दी ही पीएच.डी. अउ डिजर्टेसन पै आधारित
सोध के काम भी सुरू कीन जइहैं, जवने से प्रदेस मा खाना प्रसंसकरन के छेत्र
मा खोज अउ नयापन का नई दिसा मिलि। प्रोफेसर प्रभात कुमार नेमा अउ
डॉ. नितिन कुमार का गुलदस्ता भेंट कैके सम्मानित कीन गवा।
सम्पर्क सूत्र- बी0एल0 यादव
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पत्र सूचना साखा
सूचना अउ जनसंपर्क बिभाग, उत्तर प्रदेस
मोदी सरकार के 12 बरीस पूरा होय पै पूरे प्रदेस मा जनकल्यान पर्व, नौजवानन का
हुनर अउ रोजगार से जोरै कै अभियान सुरू: कपिल देव अग्रवाल
जोगी सरकार के अगुआई मा 05 से 21 जून तक चलि जनकल्यान पर्व, रोजगार मेला
अउ हुनर के कार्यक्रमन से लाभ पैइहैं नौजवान: कपिल देव अग्रवाल
हुनर, रोजगार अउ आत्मनिर्भरता का मिलि नवा आयाम, जनकल्यान पर्व के तहत
पूरे प्रदेस मा होइहैं खास आयोजन: कपिल देव अग्रवाल
केंद्र अउ जोगी सरकार के उपलब्धिन का जन-जन तक पहुँचइ जनकल्यान पर्व,
पूरे प्रदेस मा तारीख के हिसाब से कार्यक्रम तय
नौजवानन का रोजगार अउ उद्यमिता से जोरै कै बड़ा अभियान, जनकल्यान पर्व मा
होइहैं मंडलीय रोजगार मेला अउ हुनर के प्रदर्सनी: कपिल देव अग्रवाल
लखनऊ: 09 जून, 2026
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के अगुआई मा केंद्र सरकार के 12 बरीस पूरा
होय के खुसी मा 05 से 21 जून, 2026 तक पूरे प्रदेस मा व्यापक जनकल्यान अउ
जन-जागरूकता अभियान चलावा जात बा। मुख्यमंत्री जोगी आदित्यनाथ के
अगुआई मा उत्तर प्रदेस सरकार यहि अभियान का जनभागीदारी कै उत्सव बनावत
नौजवानन, बिद्यार्थिन, सिखवैया अउ उद्यमिन का हुनर, रोजगार तथा
स्वरोजगार से जोरै कै काम करि।
प्रदेस के व्यावसायिक सिच्छा, हुनर बिकास अउ उद्यमसीलता राज्यमंत्री
(स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल अभियान के तहत उत्तर प्रदेस हुनर
बिकास मिसन, औद्योगिक सिखलाई संस्थान (आईटीआई), सिखलाई देवैया संस्था
तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयन के मदद से प्रदेस के अलग-अलग जिला मा
तारीख के हिसाब से कार्यक्रम कीन जइहैं। इ कार्यक्रमन मा रोजगार मेला, हुनर
के प्रदर्सनी, बतकही कार्यक्रम, उद्यमिता संगोष्ठी, सफाई जागरूकता
अभियान, भासन अउ वाद-विवाद प्रतियोगिता तथा उद्योगन के साथ बतकही
कार्यक्रम खास तौर पै कीन जइहैं।
06 जून का बस्ती अउ अयोध्या मा व्यावसायिक सिच्छा अउ हुनर सिखलाई आधारित
प्रतियोगिता अउ बतकही कार्यक्रमन कै आयोजन कीन गवा। 08 जून का अमरोहा,
गोरखपुर अउ हापुड़ सहित तमाम जिला मा हुनर अउ उद्यमिता बिसय पै
संगोष्ठी भई। 09 जून का सहारनपुर, गौतमबुद्ध नगर, फिरोजाबाद,
अलीगढ़, बरेली, आजमगढ़ तथा बहराइच मा हुनर के प्रदर्सनी अउ बतकही कार्यक्रमन
कै आयोजन कीन जात बा।
11 जून का बुलन्दसहर अउ मुरादाबाद मा हुनर सिखलाई से संबंधित प्रदर्सनी
अउ संगोष्ठी होइहैं, जबकि 12 जून का आगरा, एटा, देवरिया,
सिद्धार्थनगर अउ बलरामपुर सहित कई जिला मा हुनर बिकास मिसन के तहत
खास कार्यक्रम चलाए जइहैं। यहि दिन देवीपाटन मंडल मुख्यालय पै बड़ा
मंडलीय रोजगार मेला के आयोजन भी परस्तावित बा।
15 जून का सामली, मथुरा, हाथरस, बिजनौर अउ मऊ मा सिक्षुता सिखलाई, हुनर
बिकास तथा उद्यमिता से जुरे कार्यक्रम होइहैं। 16 जून का गाजियाबाद,
पीलीभीत अउ महाराजगंज मा हुनर के प्रदर्सनी अउ जन-जागरूकता कार्यक्रमन कै
आयोजन कीन जाइ। 17 जून का मेरठ मंडल मुख्यालय पै बड़ा मंडलीय रोजगार मेला
होइ, जवने मा बड़ी संख्या मा नौजवानन का रोजगार के मउका उपलब्ध कराए
जइहैं।
18 जून का मैनपुरी मा सफाई अउ जन-जागरूकता आधारित संगोष्ठी, 19 जून का
मुजफ्फरनगर, सम्भल, बदायूं अउ संत कबीर नगर मा हुनर अउ उद्यमिता कार्यक्रम
तथा 20 जून का कासगंज, कुशीनगर, श्रावस्ती सहित तमाम जिला मा खास
जन-जागरूकता कार्यक्रम कीन जइहैं। इ कार्यक्रमन के जरिये सरकार
के जनहितकारी योजना अउ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का जन-जन तक पहुँचावा
जाइ।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल कहिन कि जोगी सरकार हुनर बिकास का रोजगार अउ
आत्मनिर्भरता कै सबसे मजबूत माध्यम बनाए हवै। प्रदेस मा लाखन नौजवानन का
सिखलाई, अप्रेंटिससिप, रोजगार अउ स्वरोजगार से जोरै खातिर लगातार कोसिस
कीन जात बा। जनकल्यान पर्व के जरिये सरकार के उपलब्धिन के साथ-साथ
नौजवानन का नवा मउकन से भी जोरा जाइ।
सब जिला समन्वयकन, सिखलाई संस्थानन अउ बिभागीय अधिकारिन का निर्देस
दीन गवा कि तय कार्यक्रमन कै सफल आयोजन सुनिस्चित करत ज्यादा से ज्यादा
जनसहभागिता पावा जाय, ताकि केंद्र अउ राज्य सरकार के योजना कै लाभ
आखिरी मनई तक पहुँच सकै।
सम्पर्क सूत्र- धर्मवीर खरे
राम यतन/07ः35 च्ड
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सूचना अउ जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेस
स्थायी लोक अदालत से जन उपयोगी सेवा के झगड़न क तुरन्त अउर सस्ता निपटाव संभव: अभिषेक गुप्ता
लखनऊ: 09 जून, 2026
आम जनता का सुलभ, तुरन्त अउर सस्ता न्याय देवाय के मकसद से बनायी गइ स्थायी लोक अदालत (परमानेंट लोक अदालत) जन उपयोगी सेवा से जुड़ल झगड़न के निपटाव बरे एक असरदार मंच साबित होइ रही अहइ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के प्रभारी सचिव अभिषेक गुप्ता बताइन कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत बनी स्थायी लोक अदालत नागरिकन का लम्बी अउर खर्चीली अदालती प्रक्रिया से राहत देत कम समय मा न्याय दिआवत अहइ।
उइ बताइन कि स्थायी लोक अदालत मा परिवहन सेवा, डाक अउर दूरसंचार सेवा, बिजली अउर पानी के सप्लाई, सार्वजनिक साफ-सफाई के व्यवस्था, अस्पताल अउर दवाखाना के सेवा, बीमा सेवा, पढ़ाई-लिखाई वाले संस्थान अउर घर-दुआर से जुड़ल झगड़न क निपटाव कीन जात अहइ। इ व्यवस्था आम मनई का अदालत मा लटकल मामलन के बजाय तुरन्त निपटाव क मौका देत अहइ।
प्रभारी सचिव अभिषेक गुप्ता कहिन कि स्थायी लोक अदालत के सबसे खास बात इ अहइ कि हिंआ सबसे पहिले झगड़ा करै वालेन के बीच सुलह अउर समझौता के कोशिश कीन जात अहइ। जउ दुनउ पक्ष मा समझौता नाहीं होइ पावत, तउ स्थायी लोक अदालत का झगड़ा के गुण-दोष के आधार पर फैसला देबय क अधिकार अहइ। येसे न्याय पावै के प्रक्रिया सरल, आसान अउर असरदार बनि जात अहइ।
उइ बताइन कि स्थायी लोक अदालत मा कउनउ किसिम के कोर्ट फीस नाहीं लागत अउर येकर कार्यवाही कम औपचारिक अउर नागरिकन के हिसाब से होत अहइ। इ सिस्टम न खाली झगड़न क जल्दी निपटावत अहइ बल्कि दुनउ पक्ष के बीच मा नीक संबंध बनाय रखै मा भी बड़ा काम करत अहइ।
अभिषेक गुप्ता जिला के लोगन से बिनती किहिन कि जन उपयोगी सेवा से जुड़ल कउनउ झगड़ा होय पर स्थायी लोक अदालत क लाभ उठावयं अउर तुरन्त, सस्ता अउर असरदार न्याय पावयं। उइ कहिन कि अउर जानकारी बरे इच्छुक मनई जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एडीआर भवन, भूतल, पारिवारिक न्यायालय परिसर, लखनऊ से संपर्क कइ सकत हंय या हेल्पलाइन नंबर 15100 पर जानकारी लइ सकत हंय।
सम्पर्क सूत्र- धरमवीर खरे
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पत्र सूचना शाखा
सूचना अउर जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश संयुक्त प्रवेश परीक्षा (पॉलीटेक्निक)-2026 क सफल अउर शांति से आयोजन पूरा, 3.34 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी भएन शामिल
लखनऊ, 09 जून, 2026
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद (पॉलीटेक्निक), उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश के सरकारी, सहायता प्राप्त, पीपीपी मोड अउर निजी क्षेत्र के पॉलीटेक्निक संस्थानन मा कई तरह के डिप्लोमा अउर पोस्ट डिप्लोमा कोर्सन मा दाखिला बरे आयोजित उत्तर प्रदेश संयुक्त प्रवेश परीक्षा (पॉलीटेक्निक)-2026 क सफल, पारदर्शी अउर शांति से आयोजन पूरा होइ गवा अहइ। इ परीक्षा 02 जून से 09 जून, 2026 तक प्रदेश के अलग-अलग जिला मा बनाय गय परीक्षा केन्द्रन पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा (ब्ठज्) सिस्टम से आयोजित कीन गइ।
प्रदेश के तकनीकी पढ़ाई-लिखाई के व्यवस्था के जरूरी प्रवेश परीक्षा मा शामिल इ परीक्षा के जरिये परीक्षार्थिन का इंजीनियरिंग, फार्मेसी, टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट, कपड़ा टेक्नोलॉजी, होटल मैनेजमेंट सहित कई रोजगार देवइया अउर हुनर वाले कोर्सन मा दाखिला क मौका मिलत अहइ। परीक्षा क आयोजन पूरा कंप्यूटर वाले सिस्टम से कीन जाए के कारन परीक्षा के प्रक्रिया अउर ज्यादा पारदर्शी, निष्पक्ष अउर तकनीकी रूप से मजबूत रही।
परीक्षा के नीक से संचालन बरे परिषद द्वारा सब परीक्षा केन्द्रन पर बड़ा इंतजाम सुनिश्चित कीन गवा। बायोमेट्रिक जांच, सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षित घुसै के इंतजाम अउर तकनीकी मदद वाली टीम के तैनाती के साथै परीक्षार्थिन के सुविधा बरे जरूरी इंतजाम कीन गयन। परिषद मुख्यालय, लखनऊ से परीक्षा प्रक्रिया के लगातार निगरानी कीन गइ अउर कउनउ भी तकनीकी या सरकारी समस्या के तुरन्त निपटाव बरे कंट्रोल रूम चालू रखा गवा। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, केन्द्र के व्यवस्थापक अउर परिषद के अधिकारिन अउर कर्मचारिन के मिल-जुल के कोशिश से परीक्षा क सफल आयोजन होइ सका।
आंकड़न के हिसाब से इंजीनियरिंग अउर टेक्नोलॉजी के कोर्सन मा दाखिला बरे आयोजित समूह-ए मा 2,07,229 परीक्षार्थी पंजीकृत रहेन, जेहिमा से 1,67,921 परीक्षार्थी परीक्षा मा शामिल भएन। फार्मेसी डिप्लोमा कोर्सन बरे आयोजित समूह-ई1 अउर ई2 मा 1,64,312 परीक्षार्थिन पंजीकरण कराय रहेन, जेहिमा से 1,29,977 परीक्षार्थिन परीक्षा दिहिन। डिप्लोमा कोर्सन के दूसरे साल मा दाखिला (लेटरल एंट्री) बरे आयोजित समूह-के 1 से 8 मा 35,680 पंजीकृत परीक्षार्थिन के बदले 25,663 परीक्षार्थी परीक्षा मा शामिल भएन। वहिन्ने समूह-बी, सी, डी, एफ, जी, एच, आई अउर एल के तहत कई खास अउर व्यावसायिक कोर्सन बरे 16,574 परीक्षार्थी पंजीकृत रहेन, जेहिमा से 10,741 परीक्षार्थी परीक्षा मा हाजिर भएन।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद (पॉलीटेक्निक), उत्तर प्रदेश के सचिव परीक्षा मा भाग लेवइया सब परीक्षार्थिन, ओनके महतारी-बाप, परीक्षा केन्द्रन के अधिकारिन अउर कर्मचारिन, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन अउर परीक्षा आयोजन से जुड़ल सब हितधारकन क आभार जताइन हंय।
परिषद के हिसाब से संयुक्त प्रवेश परीक्षा (पॉलीटेक्निक)-2026 क रिजल्ट 20 जून, 2026 तक परिषद के वेबसाइट पर घोषित कीन जाई। येकरे बाद ऑनलाइन काउंसलिंग अउर दाखिला प्रक्रिया क पूरा कार्यक्रम अलग से जारी कीन जाई, जेसे परीक्षार्थी समय से दाखिला प्रक्रिया मा भाग लइ सकयं।
सम्पर्क सूत्र- धरमवीर खरे
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पत्र सूचना शाखा
सूचना अउर जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 8.33 करोड़ रुपिया के धन मंजूर
लखनऊ: 09 जून, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश मा येाजना के तहत मछरी पालन बरे प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना खातिर अनुसूचित जातियन बरे खास घटक वर्तमान वित्तीय साल मा 08 करोड़ 33 लाख 33 हजार रुपिया के धन मंजूर किहिस अहइ। यकरे
सम्बन्ध मा मत्स्य बिभाग द्वारा जरूरी सासनआदेस जारी कइ दीन्ह गवा हय।
सासनआदेस मा महानिदेसक, मत्स्य बिभाग का निरदेस दीन्ह गवा हय कि सुइक्रीत की
जात धनरासि के खरचा राज्य सरकार तथा भारत सरकार द्वारा अनुमोदित कारजयोजना
के हिसाब से योजना के गाइडलाइन्स के पालन पक्का करत भए कीन जाई।
धनरासि के खरचा खाली उहै मद प कीन जाई जउन मद खातिर धनरासि सुइक्रीत
की जात हय। आँकड़न के सुद्धता के जिम्मदारी महानिदेसक मत्स्य/सम्बंधित अधिकारी
के होइ।
सम्पर्क सूत्र-निधि वर्मा
वैशाली माथुर/05ः45 च्ड
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पत्र सूचना शाखा
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
प्रदेश मा स्थित 31 स्मारिकन/जगाहन का संरक्षित घोसित करे खातिर पहिली
विज्ञप्ति/अधिसूचना जारी
अलग-अलग जिला मा स्थित पुरातात्विक महत्व के जगाह हमार गरबशाली बिरासत के
धरोहर हय-जयवीर सिंह
लखनऊ: 09 जून, 2026
प्रदेस मा स्थित 31 स्मारिकन/जगाहन का संरक्षित घोसित करे खातिर पहिली
विज्ञप्ति/अधिसूचना जारी कइ दीन्ह गइ हय। इ स्मारक पुरातात्विक महत्व के अहैं।
यमा सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, कानपुर नगर, रायबरेली, प्रतापगढ़,
फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, देवरिया, झांसी, जालौन, ललितपुर, महोबा,
गाजीपुर, वाराणसी, आगरा अउर मैनपुरी के भीतरि आवत हय। उ0प्र0 पुरातत्व
परामर्सदात्री समिति इन जगाहन का संरक्षित घोसित करै के संस्तुति दिहे रहिन।
संरक्षित घोसित कीन जाए वाले कुल 31 स्मारिकन/जगाहन से सम्बंधित पहिली
अधिसूचना जारी कइ दीन्ह गइ हय। इ सब पुरातात्विक महत्व के जगाह इतिहास के
गरबशाली सोपानन अउर सांस्कृतिक संपदा का समेटे हय। इनकै सहेज के अगली
पीढ़ी का सौंपब हम सब के जिम्मदारी हय। यका धियान मा राखत भए अलग-अलग जिला
मा स्थित इन पुरानी जगाहन का संरक्षित करे के कारवाही सुरू कीन जाई।
इ जानकारी प्रदेस के पर्यटन अउर संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह दिहिन।
उ बताइन कि जनपद सीतापुर तहसील लहरपुर, गाँउ नवीनगर स्थित सिउमंदिर अउर
कुंड तह0 सिधौली गाँउ परेवाजाल के टीला, उन्नाव तह0 सदर गाँउ नेवरना मा
स्थित माहेपासी के टीला, हरदोई, तह0 संडीला गाँउ गजभरावन स्थित नागेस्वर
मंदिर, बाराबंकी तह0 नवाबगंज गाँउ असैनही स्थित राजाकुंवर गिरधारी सिंह के
समाधि अउर बारादरी, कानपुर नगर के घाटमपुर गाँउ बकेसरा स्थित पंचमुखी सिउ
मंदिर, यहि जिला मा स्थित गाँउ कटरी बिठूर कला मा स्थित पुरान सिउमंदिर
अउर तह0 डलमऊ गाँउ हमीरमउ, रायबरेली मा स्थित गंगकुंड सामिल हय।
पर्यटन मंत्री बताइन कि जनपद प्रतापगढ़ के रामपुर बेला स्थित पुरान सिउ
मंदिर तालाब, जनपद फतेहपुर तह0 बिंदकी गाँउ बुढ़वा स्थित राधाकिस्न मंदिर अउर यहि
तह0 मा स्थित पासी बाबा के मंदिर, सिद्धार्थनगर तह0 नौगढ़ गाँउ बर्डपुर,
डब्ल्यूू0सी0पंप से संबंधित अइसै महाराज गंज तह0 फरेदा मा स्थित खड़कौला
टीला, देवरिया तह0 बरहज मा स्थित खुदिया बुजुर्ग टीला, एकरे अलावा झांसी के
गढ़वई दुर्ग, दुइ पथरा के सिउ मंदिर हजारिया महादेव मंदिर, यज्ञसाला/लछमनसाला
सिउमंदिर सामिल हय। अइसै जनपद जालौन मा रामजानकी हनुमान मंदिर,
लटकबिहारी मंदिर, सराफी मंदिर, मदर घाट सिवालय अउर पुरान जगाह सूरज मंदिर
का संरक्षित करै के संस्तुति कीन गइ हय।
जयवीर सिंह बताइन कि ललितपुर जनपद के मडावरा, गाँउ सीरीन मा स्थित
पुरानी बावली यहि जिला मा स्थित चरखारी मंगलगढ़ के किला, गाजीपुर कासिमाबाद
तह0 मा स्थित पंच मंदिर, वाराणसी तह0 राजातालाब गाँउ असवारी मा स्थित
सिउमंदिर वाराणसी के ही तह0 सदर, गाँउ हमीरमऊ के एलटी कॉलेज स्थित गोपाल लाल
विला अइसै आगरा तह0 बाह मा स्थित हतकान्त के किला अउर मैनपुरी तह0 करहल
के गाँउ किरथुआ स्थित खेड़ा के टीला खातिर पहिली अधिसूचना/विज्ञप्ति जारी कइ
दीन्ह गइ हय।
सम्पर्क सूत्र-केवल
वैशाली माथुर/05ः45 च्ड
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सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेस मा संघीय दूध उत्पादक कंपनी के गठन प एक महत्वपूर्ण बइठक
भइ
लखनऊ: 09 जून, 2026
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीसन द्वारा बीते सोमार का उत्तर प्रदेस मा एक संघीय
दूध उत्पादक कंपनी के गठन के सम्बन्ध मा एक महत्वपूर्ण बइठक के आयोजन किहिस।
बइठक के अध्यक्षता मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एसटीसी, श्री मनोज कुमार सिंह
(आईएएस, रिटा0) किहिन। इ बिचार-बिमर्स सत्र मा पसुधन, डेयरी अउर मत्स्य
बिभाग के अपर मुख्य सचिव, श्री मुकेस कुमार मेस्राम, दूध आयुक्त, श्रीमती
धनलक्ष्मी के., मिसन निदेसक यूपीएसआरएलएम, श्रीमती दीपा रंजन सहित राज्य के
अलग-अलग दूध उत्पादक कंपनियन अउर डेलॉइट के प्रतिनिधि लोगन के गरिमामयी
उपस्थिति रहि।
बइठक के मुख्य उद्देस उत्तर प्रदेस के दूध उत्पादन छेत्र के वर्तमान
हालत, प्रसंस्करण छमता के बिस्तार, मूल्य संवर्धित दूध उत्पादन के
असीमित संभावना अउर किसनन के आय मा गुणात्मक बढ़ोतरी पक्का करब रहा।
बइठक मा इ रेखांकित कीन गवा कि देस के सबसे बड़ा दूध उत्पादक राज्य होए
के बावजूद, उत्तर प्रदेस मा संगठित दूध प्रसंस्करण के स्तर अबहूँ आपन
पूरी छमता से बहुत दूरि हय। यूपीएसआरएलएम द्वारा पेस कीन गयन आँकड़न के हिसाब से,
राज्य के पाँच दूध उत्पादक कंपनियाँ वर्तमान मा 31 जिला अउर 6,493 ग्राम
पंचायतन मा सक्रिय रूप से काम करत हय, जेनसे लगभग 3.81 लाख मेहरारू मजबूती
से जुरी हय। इन कंपनियन के कुल कारोबार लगभग 5,277 करोड़ रुपिया तक
पहुँच चुका हय।
डेलॉइट द्वारा दीन्ह गइ जानकारी के हिसाब से खाली तरल दूध के ब्यापार के तुलना
मा, मूल्य संवर्धित दूध उत्पादन के माध्यम से किसनन का न खाली जियादा
आर्थिक लाभ मिलि सकत हय, बल्कि यसै ओनका संस्थागत स्थिरता भी मिलि
सकति हय। प्रस्तुतीकरन मा इ भी बतावा गवा कि जउन निजी कंपनियन के
पोर्टफोलियो मा मूल्य संवर्धित दूध उत्पाद सामिल हय, ओनकर सकल लाभ अउर
म्ठप्ज्क्। बहुतै जियादा हय, जब कि खाली दूध ब्यापार प आधारित माडलन
मा लाभांस कम देखा गवा। बइठक मा इ बात प भी चर्चा भइ कि संघीय
संरचना के माध्यम से प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, बिपनन अउर बजार बिस्तार का
असरदार तरीका से बढ़ावा मिली, जेसे किसनन का ओनके उत्पादन के बढ़िया दाम मिलि सकी।
कई दूध उत्पादक कंपनियन संघीय संरचना के समर्थन करत भए यका किसनन के
आमदनी बदिआवै अउर लम्बे समै तक टिकाऊपन के खातिर एक जरूरी कदम बताइन। उहंई, कुछ कम्पनी वर्तमान व्यवस्था अउर संस्थागत साझेदारी के ध्यान मा राखत भए एक चरणबद्ध अउर विचार-विमर्श आधारित नजरिया अपनावै के जरूरत पर जोर दिहिन। अपर मुख्य सचिव दूध के गुणवत्ता मा सुधार, मिलावट पर रोक अउर प्रसंस्करण क्षमता बदिआवै के महत्व पर जोर देत भए कहिन कि किसानन का बढ़िया बजार पहुँच अउर गुणवत्ता वाले उत्पाद के जरिये ज्यादा से ज्यादा लाभ सुनिश्चित करा जाय।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एसटीसी कहिन कि उत्तर प्रदेश संघीय दूध उत्पादक कम्पनी के गठन के दिसा मा मजबूती से आगे बढ़ी। इच्छुक दूध उत्पादक कम्पनी ई संघीय संरचना मा आपन इच्छा से सामिल होइ सकिहैं, जबकि दूसर कम्पनी आपन वर्तमान व्यवस्था का जारी रखै खातिर स्वतंत्र होइहैं। उइ निर्देश दिहिन कि संघीय दूध उत्पादक कम्पनी के स्थापना खातिर जल्दी से एक मजबूत रणनीतिक दस्तावेज अउर एक विस्तृत कार्यान्वयन रोडमैप तुरंत तइयार करब सुनिश्चित करा जाय।
सम्पर्क सूत्र-आशिया खातून
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सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में सुधारों, निर्यात और निवेश को गति देने के लिए डीपीआईआईटी ने उद्योग संघो से किया संवाद
लखनऊ में आयोजित डीपीआईआईटी जागरूकता कार्यशाला में जन विश्वास विधेयक, मुक्त व्यापार समझौते और निर्यात प्रतिस्पर्धा पर रहा जोर
लखनऊ: 09 जून, 2026
भारत उद्योग संवर्धन अउर आंतरिक ब्यापार विभाग, (डीपीआईआईटी) वाणिज्य अउर उद्योग मंत्रालय इन्वेस्ट यूपी के सहयोग से कई सरकारी योजना, कार्यक्रम अउर नीतिगत पहल पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किहिस। कार्यशाला का मकसद प्रमुख उद्योग संगठनन अउर हितधारकिन के बीच संवाद का मजबूत करब, सरकारी पहल के जानकारी का ब्यापक प्रसार सुनिश्चित करब अउर भारत के औद्योगिक बिकास जात्रा मा उद्योग जगत के सक्रिय भागीदारी का बढ़ावा देब रहा।
डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव, डॉ. जय प्रकाश शिवहरे के अध्यक्षता मा भई यई कार्यशाला मा इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी समेत एसोचौम, फिक्की, पीएचडीसीसीआई, डिक्की, लघु उद्योग भारती, आईआईए अउर सीआईआई जइसे कई उद्योग संगठनन व अउर प्रमुख हितधारकिन के प्रतिनिधि हिस्सा लिहिन।
उद्योग संगठनन अउर मीडिया प्रतिनिधिन का सम्बोधित करत भए डॉ. शिवहरे कहिन कि भारत सरकार जन विश्वास सुधार के जरिये कारोबारी माहौल का अउर सरल, पारदर्शी अउर निवेशक-अनुकूल बनावै के दिसा मा लगातार काम करत बा। उइ बताइन कि जन विश्वास अधिनियम के तहत कई अप्रासंगिक अउर पुराने कानूनन का समाप्त कीन गवा बा, जइसे अनुपालन सम्बन्धी बोझ बहुत कम भा बा अउर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का बढ़ावा मिला बा।
उइ कहिन कि पश्चिम एशिया मा पैदा भई भू-राजनीतिक चुनौती अउर प्रमुख निर्यात बजारन मा सुल्क सम्बन्धी बाधा के असर का कम करै खातिर भारत सरकार बैस्विक ब्यापार साझेदारी का बिस्तार करत बा। आर्थिक बिकास मा निर्यात के महत्वपूर्ण भूमिका का रेखांकित करत भए उइ उद्योगन से मूल्य-सम्मत अउर निर्यातोन्मुख उत्पाद के बिकास पर बिसेस ध्यान देवै का आह्वान किहिन।
डॉ. शिवहरे बताइन कि पिछले पाँच साल मा भारत लगभग 39 देसन का कवर करै वाले नौ से ज्यादा मुक्त ब्यापार समझौता किहिस बा, जेहमा 27 देस यूरोपीय संघ के भी सामिल बाड़ें, जेसे निर्यातकन अउर उद्योगन खातिर नये अवसर पैदा भये हंय। उइ इहो कहिन कि सरकार एफटीए के तहत ‘पारस्परिक प्रमाणन’ व्यवस्था का बढ़ावा देत बा, जेसे भारतीय उत्पाद के बैस्विक बजार तक पहुँच अउर ज्यादा सुगम होइ सकै।
कार्यशाला ग्यान-बिनिमय अउर संवाद के एक प्रभावी मंच के रूप मा काम किहिस, जहाँ प्रतिभागी सरकारी जोजना के जानकारी के बढ़िया प्रसार अउर हितधारकिन के सहभागिता बढ़ാവै पर विचार-विमर्श किहिन। उद्योग प्रतिनिधि आवेदन प्रक्रिया का अउर सरल बनावै, जागरूकता अभियान का बिस्तार करै अउर ब्यापार मेला अउर प्रदरसनी मा भागीदारी खातिर अउर सहयोग प्रदान करै जइसे सुझउ दिहिन। साथ ही, स्टार्टअप्स का कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व सहायता उपलब्ध करावै अउर कई नीति अउर जोजना के जानकारी खातिर एक एकीकृत मंच बिकास करै का भी सुझउ धरा गवा।
यई अवसर पर इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, श्री विजय किरन आनंद कहिन कि उत्तर प्रदेश सरकार नियामकीय सरलीकरण अउर डिजिटल गवर्नेंस के जरिये केंद्र सरकार के सुधार प्रयास का मजबूत करत बा। उइ बताइन कि निवेश मित्र 3.0 के जरिये ईज़ ऑफ़ डूइंग बिजनेस का अउर मजबूत कीन जात बा अउर निवेशकन खातिर अउर अनुकूल कारोबारी माहौल तइयार कीन जात बा।
उइ कहिन कि राज्य सरकार बिदेसी निवेशकन के सुबिधा खातिर समर्पित बिदेसी निवेश प्रकोष्ठ स्थापित किहिस बा अउर उत्तर प्रदेश का निवेश के पसंदीदा गंतव्य के रूप मा स्थापित करै खातिर अंतरराष्ट्रीय ब्यापार अउर निवेश मंचन मा सक्रिय भागीदारी करत बा। साथ ही, राज्य सरकार औद्योगिक निवेश अउर रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 अउर उत्तर प्रदेश एफडीआई/एफसीआई, फॉर्च्यून ग्लोबल 500 अउर फॉर्च्यून इंडिया 500 कम्पनी के निवेश प्रोत्साहन नीति – 2023 जइसे प्रमुख नीतिन का ब्यापक प्रचार-प्रसार भी करत बा।
सम्पर्क सूत्र-सरिता वर्मा
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सफलता की कहानी/लेख
कृषि तथा संबद्ध सेक्टर
कृषि विभाग
पत्र सूचना शाखा
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग
मोटा अनाज कोदों की वैज्ञानिक खेती से श्री बलजीत सिंह को मिली नई पहचान
लखनऊ: 09 जून, 2026
किसान श्री बलजीत सिंह बेटवा श्री राम किशोर सिंह जनपद सीतापुर के विकास खण्ड हरगाँव के अन्दर आवै वाले गाँव क्योटिकला के मूल निवासी आहीं अउर उनकर शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट बा। उइ खेती-किसानी सम्बन्धी नई जानकारी समझि के व्यवहार मा लावै मा सक्षम रहे हंय। कम संसाधन के बावजूद उइ सुभाव से जिज्ञासु, मेहनती अउर प्रगतिशील किसान आहीं, उइ खेती का पारम्परिक कमाई के बजाय आधुनिक बैज्ञानिक तकनीक के साथै फायदेमंद ब्यवसाय के रूप मा अपनाये हंय।
उत्तर प्रदेश के डबल इंजन सरकार माननीय मुख्यमंत्री जोगी आदित्यनाथ जी के
अगुवई मा, मोटका अनाज (मिलेट्स) सहित कोदों जइस पौष्टिक फसलन के रकबा अउर उपज बढ़ावै, किसानन के आमदनी दुगनी करै अउर “अन्नदाता से उद्यमी” बनावै के दिसा मा लगातार कोसिस करत बा। राज्य सरकार के तमाम योजना, खेती के औजारन पै छूट, फसल बीमा, माटी के जांच अउर सुधार के कार्यक्रमन अउर मोटका अनाज के प्रचार-प्रसार से जिला सीतापुर सहित प्रदेस मा कोदों के उपज मा बड़की बढ़ोतरी देखि जात बा। विकास खण्ड हरगाँव के गाँव क्योटिकला के मेहनती किसान श्री बलजीत सिंह के इ सफलता के कहानी इन्हीं कोसिसन के एक प्रेरणा दैव वाला उदाहरण बाय, जवन कि वैज्ञानिक खेती अपनाइ के कोदों के उपज मा नया रिकार्ड बनाइन।
श्री बलजीत सिंह छोटका किसान अहैं। ओनके पास कुल लगभग 1.840 हेक्टेयर खेती करै लायक जमीन बा, जेका उ ठीक योजना के साथ कोदों के उपज बरे काम मा लिहिन। एतना कम जमीन होय के बावजूद उ खेती का आपन मुख्य काम मानत भए जमीन के छोट-छोट बातन पै ध्यान, ठीक फसल-चक्र अउर बढ़िया किसिम के बीजा चुनिके हर इकाई खेत मा ज्यादा से ज्यादा उपज के लक्ष्य तय किहिन। उ रोजै कृषि विभाग के अफसरन से मिलि के खेती के नई-नई जानकारी लेत रहे अउर कृषि विभाग द्वारा ओनका मुफ्त मा बीजा किट, कीड़ा मारै वाली दवा, खेती के औजार अउर खाद दीन्ह गवा।
खेत के तइयारी मा श्री बलजीत सिंह गहिर जोताई, पाटा अउर समथर करै पै खास ध्यान देत हैं, जेसे नमी बची रहत है, पानी के निकार अउर जड़ के विकास बढ़िया होत है। कोदों के बोआई उ बतावा गइल लाइन वाली विधि से किहिन, जेसे पौधा से पौधा अउर लाइन से लाइन के बीच ठीक दूरी बनी रही। हवा के आवै-जावै अउर घाम के भरपूर उपलब्धता पक्की भइ अउर पौधा के बढ़वार मजबूत रही। माटी के जाँच के रिपोर्ट के आधार पै उ संतुलित खाद के प्रबंधन अपनाइन, जेमा नत्रजन, फास्फोरस, पोटास के साथ-साथ जैविक खाद अउर केंचुआ वाली खाद भी शामिल किहिन। जेसे माटी के उपजऊ ताकत बढ़ै के साथ-साथ लम्बे समय तक मजबूती भी बनी रहत है।
कृषि विभाग द्वारा आयोजित सभा, सिखलाई अउर खेत दिवस मा रोजै भाग लइके श्री बलजीत सिंह कोदों के बढ़िया किसिम, ट्राइकोडर्मा से बीजा के उपचार, खाद प्रबंधन अउर कीड़ा-बीमारी के रोक-थाम के वैज्ञानिक तरीका के जानकारी लिहिन। उ फसल चक्र, बचल-खुचल के प्रबंधन, केंचुआ खाद अउर जैविक तरीका का भी आपन खेती मा शामिल किहिन, जेसे रासायनिक खाद पै निर्भरता कम भइ अउर उपज के लागत कंट्रोल मा रही। कोदों मा कीड़ा अउर रोग से बचाव बरे उ बतावा गइल कीड़ा मारै वाली अउर फफूँदी मारै वाली दवा का समय पै प्रयोग किहिन, जेसे फसल नीक रहिके आपन पूरी ताकत से उपज दइ सकी।
डबल इंजन सरकार के बढ़ावा अउर कृषि विभाग के तकनीकी सलाह के बाद श्री बलजीत सिंह कोदों के बढ़िया प्रजाति ‘सी०जी० कोदो-3’ का अपनाइन, जवन ढेर उपज दै वाली प्रमाणित किसिम आय। उ समय पै खेत के तइयारी, बढ़िया अउर सुद्ध बीजा के उपयोग, बतावा गइल बीजा के मात्रा, संतुलित खाद अउर नमी प्रबंधन, निराई-गुड़ाई अउर कीड़ा-रोग नियंत्रण के पूरा वैज्ञानिक पैकेज ऑफ प्रैक्टिस का खेत मा लागू किहिन। एकर नतीजा इ भवा कि ओनके खेते मा कोदों के फसल एक बराबर, मजबूत, लम्बी बाली वाली अउर दाना से लदी भई देखाई पड़ी, जवन आम किसानन के फसल के मुकाबला मा बहुतै ज्यादा रही।
श्री बलजीत सिंह राज्य स्तर के फसल प्रतियोगिता मा भाग लइके कोदों फसल के श्रेणी मा आपन मेहनत अउर वैज्ञानिक खेती के बहुत बढ़िया प्रदर्शन किहिन। क्रॉप कटिंग के आधार पै ओनके कोदों के किसिम ‘सी०जी० कोदो-3’ से 22 कुंतल प्रति हेक्टेयर के बड़की उपज दर्ज कीन गइ, जवन कि प्रदेस के औसत उपज से बहुतै ज्यादा बाय अउर मोटका अनाज के श्रेणी मा एक प्रेरणा दैव वाली उपलब्धि बाय। इ बढ़िया उपज के आधार पै ओनका “कोदों उत्पादन” वर्ग मा पहिला इनाम बरे चुना गवा, जेसे न केवल ओनके खुद के हिम्मत बढ़ी, बल्कि पूरे गाँव क्योटिकला अउर विकास खण्ड हरगाँव के मान भी बढ़ा।
राज्य स्तर के फसल प्रतियोगिता मा पहिला स्थान पावै पै उत्तर प्रदेस सरकार द्वारा श्री बलजीत सिंह का 75,000 रुपिया के धनरासि, सम्मान पत्र अउर शाल दइके सम्मानित कीन गवा। सरकार द्वारा दीन्ह गइ इ सम्मान रासि उ आपन खेती के नया बनावै, जइसे बढ़िया खेती के औजार, बेहतर सिंचाई के सुबिधा अउर जैविक खाद के इकाई लगावै मा लगावै के तय किहिन, जेसे आगे भी ओनके उपज अउर फायदा मा बढ़ोतरी के पूरी संभावना बा। इ सम्मान गाँव स्तर पै दूसर किसानन बरे भी प्रेरणा के स्रोत बना, जवन अब कोदों सहित दूसर फसलन मा भी प्रतियोगिता के माध्यम से आपन काबिलियत साबित करै बरे उत्साहित हैं।
कानपुर देहात के किसान श्री दिग्विजय सिंह मक्का के उपज मा फहराइन सफलता के झंडा
उत्तर प्रदेस के ’डबल इंजन सरकार’, माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के अगुवई मा, किसानन के आमदनी मा बढ़ोतरी, नई तकनीक के फैलाव अउर “अन्नदाता से उद्यमी” बनावै के दिसा मा लगातार कोसिस करत बा। राज्य सरकार के समय पै चलै वाली योजना, छूट अउर वैज्ञानिक खेती के प्रचार-प्रसार से कानपुर देहात सहित पूरे प्रदेस मा मक्का, धान अउर दूसर फसलन के उपज मा अच्छा बदलाव देखै का मिला बा। विकास खण्ड रसूलाबाद के गाँव पोवा के मेहनती किसान श्री दिग्विजय सिंह के इ सफलता के कहानी इन्हीं कोसिसन के एक प्रेरणा दैव वाला उदाहरण बाय।
श्री दिग्विजय सिंह, बेटवा श्री धनीराम गाँव पोवा, विकास खण्ड रसूलाबाद, जिला कानपुर देहात के मूल रहै वाले अहैं। उ स्नातक तक पढ़ेन हैं अउर छोटका किसान होय के बावजूद खेती का ही आपन मुख्य काम मानत हैं। लगभग 1.60 हेक्टेयर खेती लायक जमीन पै निर्भर रहिके उ बड़ी मेहनत, सीखै के इच्छा अउर नई तकनीक का अपनावै के हिम्मत के दम पै आपन इलाका मा एक जागरूक अउर तरक्की करै वाले किसान के रूप मा पहिचान बनाइन हैं।
श्री दिग्विजय सिंह के पास कुल 1.60 हेक्टेयर खेती लायक जमीन बा, जेपै उ मुख्य रूप से मक्का, आलू अउर मूँगफली के खेती वैज्ञानिक तरीका से करत हैं। सिंचाई बरे उ खुदै के नलकूप लगाइन हैं। कम जोत के बावजूद उ हर फसल बरे वैज्ञानिक सलाह के हिसाब से जोताई, प्रमाणित बीजा के प्रयोग अउर लाइन मा बोआई के तरीका अपनावत हैं। उ खेत के तइयारी से लइके फसल कटाई तक हर कदम पै समय अउर तकनीक के खास ताल-मेल रखत हैं।
बिसेस काम, तकनीक अउर सिखलाई’ पावत भए श्री दिग्विजय सिंह लगातार कृषि विभाग के दिसा-निर्देसन के पालन करत हैं। उ माटी के जाँच के आधार पै ही संतुलित खाद अउर कम्पोस्ट के प्रयोग पक्का किहिन हैं। उ जैविक खेती के तरफ खास ध्यान देत भए केंचुआ खाद, पी.एस.बी. कल्चर अउर
ट्राइकोडर्मा क नियमित उपयोग करत हँय। प्रमाणित बीया क प्रयोग अउर बिग्यानिक
पद्धति से की गइ खेती ओनका लागत नियंत्रित रखत भए उत्पादन बढ़ावै मा
बड़ी सफलता दिहिस हय।
उत्कृष्ट उत्पादन अउर कीर्तिमान’ स्थापित करै के बरे प्रोत्साहन अउर बिभागीय
मार्गदर्शन के बाद श्री दिगबिजय सिंह मकई फसल क उन्नत प्रजाति
’एन.एम.एच.-920’ क चुनाव किहिन। बिग्यानिक बिधि से बोआई अउर उचित पोषक तत्व
प्रबंधन के परिणामसरूप, ओनका मकई क उक्त प्रजाति मा 58.40 कुंतल प्रति
हेक्टेयर क उत्कृष्ट उपज मिली। क्रॉप कटिंग के आधार पर मिला यह
उत्पादन क्षेत्र के सामान्य उत्पादन से कहूँ बहुतै जादा हय अउर दूसर किसानन के बरे एक
मानक बनि गवा हय।
श्री दिगबिजय सिंह राज स्तरीय फसल प्रतियोगिता मा भाग लइके मकई फसल
क श्रेणी मा आपन मेहनत क उत्कृष्ट प्रदरसन किहिन। 58.40 कुंतल प्रति
हेक्टेयर उत्पादन हासिल करि के उ ’तीसर अस्थान’ पाइन्। ओनके यह
उल्लेखनीय उपलब्धि के बरे उत्तर प्रदेस सरकार द्वारा ओनका ’50,000 रुपिया’ क
धनरासि, प्रसस्ति पत्र अउर शाल प्रदान करि के सम्मानित कीन गवा हय। श्री दिगबिजय
सिंह यह सफलता क श्रेय राज सरकार क किसान-हितैसी नीतियन अउर बिभाग से मिले
तकनीकी सहयोग का देत हँय। आपन यह सफलता के बरे श्री सिंह प्रदेस सरकार
द्वारा दी गइ सहायता क भूरि-भूरि प्रसंसा किहिन हय।
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-डॉ0 मनोज चन्द्रा
लेख
मछरी बिभाग
पत्र सूचना शाखा
सूचना अउर जनसम्पर्क बिभाग, उत्तर प्रदेस
नीली क्रांति से संवरति हाथरस क गांवन क अरथब्यवस्था अउर
स्वावलंबन क नई राह
दिनांक: 09 जून, 2026
उत्तर प्रदेस मा नीली क्रांति का गति देय मा अउर गांवन क अरथब्यवस्था का मजबूत
करै मा केंद्र व राज सरकार क मछरी संपदा योजना मील क पाथर साबित होइ
रही हँय। इन योजनान क मुख्य उद्देस्य परंपरागत मछुआरन, मछरी पालकन अउर
गांवन क नौजवानन का आधुनिक तकनीकन से जोड़ि के ओनके आय का बढ़ावब हय। देस मा
मछरी पालन क्षेत्र का नई ऊंचाई पर लइ जाए के बरे केंद्र सरकार द्वारा
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना चलाइ जात हय, जउन बुनियादी ढांचा के
बिकास अउर बायोफ्लॉक व रीसर्क्युलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम जइसन आधुनिक
प्रणालियन का बढ़ावा देत हय। यह योजना के अंतर्गत नवा तालाबन क खोदाई अउर
मछरी पालन क सुरुआत के बरे सरकार द्वारा भारी सब्सिडी दी जात हय।
यहिमा सामान्य अउर ओबीसी वर्ग के लाभार्थियन का इकाई लागत क 40 प्रतिसत
अनुदान देय हय, जबकि मेहरारू, अनुसूचित जाति अउर अनुसूचित जनजाति वर्ग के
लाभार्थियन के बरे यह अनुदान बढ़ाइ के 60 प्रतिसत कीन गवा हय। यकरे साथ ही, सघन
मछरी पालन के बरे तालाबन मा एयरेशन सिस्टम लगावय के बरे भी सरकार द्वारा
बिसेस प्रोत्साहन दीन जात हय।
केंद्र क यह योजना के समांतर उत्तर प्रदेस सरकार द्वारा बिसेस रूप से राज
के गांवन के इलाकन अउर पट्टा धारकन का आत्मनिर्भर बनावै के बरे मुख्यमंत्री
मत्स्य संपदा योजना चलाइ जात हय। यह योजना क मुख्य फोकस ग्राम सभा के उन
तालाबन क अधिकतम उपयोग सुनिस्चित करब हय जेनकर 10 साल क पट्टा आवंटित होइ
चुका हय। इन तालाबन के जीर्णोद्धार अउर यनमा उत्तम गुणवत्ता क बीया, खाद व
फीड जइसन इनपुट जरूरतन के बरे सबहि वर्गन के लाभार्थियन का 40 प्रतिसत तक
क निवेस सहायता दी जात हय। यकरे अलावा मछुआरन का परंपरागत रोजी-रोटी के
साधन उपलब्ध करावै के उद्देस्य से निषादराज बोट योजना के तहत लकड़ी क नाव अउर
जाल खरीदै के बरे सामान्य वर्ग का 40 प्रतिसत अउर मेहरारू व अनुसूचित जाति
वर्ग का 60 प्रतिसत क अनुदान उपलब्ध करावा जात हय। उत्तर प्रदेस मत्स्य पालक
कल्याण कोस के माध्यम से उत्पादित मछरी का बजार तक सुरक्षित पहुंचावै अउर ओकर
बिक्री बढ़ावै के बरे मोपेड विद आइसबॉक्स जइसन परिवहन सुबिधा भी प्रदान की जा
रही हँय।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन अउर बिग्यानिक तकनीकन
का अपनाइ के उत्तर प्रदेस के गांवन के इलाकन मा कई प्रगतिसील उद्यमी सफलता क
नई कहानी लिखि रहे हँय। जनपद हाथरस के बिकासखंड सहपऊ के ग्राम खोन्डा क निवासिनी
श्रीमती कल्पना, जउन हाईस्कूल पास एक स्व-नियोजित उद्यमी हँय, यकर
सीधा उदाहरण हँय। उ वित्तीय साल 2023-24 मा प्रधानमंत्री मत्स्य
संपदा योजना के अंतर्गत मीठा पानी मा बायोफ्लॉक तालाब निर्माण क परियोजना सुरू
किहिन। यह 14 लाख रुपिया क कुल लागत वाली परियोजना के बरे ओनका बिभाग क ओर से
60 प्रतिसत यानी 8.40 लाख रुपिया क अनुदान सहायता मिली। वर्तमान मा उ
0.10 हेक्टेयर क्षेत्र मा पैंगेशियस प्रजाति क मछरी क पालन करि रही हँय,
जेसे हर साल लगभग 100 क्विंटल क बंपर उत्पादन होइ रहा हय। करीब 5.50 से 6
लाख रुपिया क सालाना निवेस लागत के साथ ओनकर कुल टर्नओवर 9 से 9.50 लाख रुपिया
तक पहुंचि जात हय, जेसे ओनका 2.50 से 3 लाख रुपिया क सुद्ध सालाना आय
मिलि रही हय। ओनके यह प्रयास से क्षेत्र के 5 से 7 लोगन का सीधे
रोजगार भी मिला हय।
यही तरहे प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से जनपद के बिकासखंड
मुरसान के ग्राम रामगढ़ निवासी इण्टरमीडिएट पढ़ा स्व-नियोजित उद्यमी श्री
रक्षपाल सिंह भी यह दिसा मा एक प्रेरक मिसाल कायम किहिन हँय। उ वित्तीय
साल 2022-23 (क्रियान्वयन साल 2023-24) मा यह योजना के तहत 7.50 लाख रुपिया
क लागत से छोट रीसर्क्युलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (छोट आर०ए०एस०) क एक यूनिट
स्थापित किहिन, जेपर ओनका बिभागीय सहयोग से 4.50 लाख रुपिया क अनुदान मिला।
उ आपन यह परियोजना का ग्राम पुरदिलनगर मा क्रियान्वित किहिन अउर
वर्तमान मा उ यह आधुनिक सिस्टम मा पैंगेशियस पालन के साथ-साथ 0.20 हेक्टेयर
क्षेत्र मा भारतीय मेजर कार्प (आईएमसी) क भी सफलतापूर्वक उत्पादन करि रहे
हँय। यह उद्यम से हर साल 20 से 25 क्विंटल मछरी क उत्पादन होइ रहा हय,
जेसे लगभग 1.80 लाख रुपिया क सालाना कारोबार अउर 80 हजार से 1 लाख रुपिया तक
क सुद्ध आय होइ रही हय, साथ ही गांवन के स्तर पर 3 से 4 लोगन का
रोजी-रोटी भी मिली हय।
हाथरास जनपद के ही पुरदिलनगर निवासी इण्टरमीडिएट पास एक अउर मेहरारू
उद्यमी श्रीमती चेतना सिंह भी प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना क लाभ
उठाइ के गांवन के संसाधनन के सही उपयोग क राह देखाइन हय। वित्तीय साल 2022-23
(क्रियान्वयन साल 2023-24) मा यह योजना के माध्यम से उ भी पुरदिलनगर
मा 7.50 लाख रुपिया क लागत से छोट रीसर्क्युलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम क एक
यूनिट क नींव रखिन, जेपर ओनका नियमानुसार 60 प्रतिसत यानी 4.50 लाख रुपिया
क वित्तीय सहायता मिली। श्रीमती चेतना सिंह वर्तमान मा आर०ए०एस०
तकनीक से पैंगेशियस अउर यकरे साथ ही 0.20 हेक्टेयर तालाब मा भारतीय मेजर कार्प
के उत्पादन करत अहैं। उनके ह्या प्रोजेक्ट से भी हर साल 20 से 25 क्विंटल उत्पादन अउर 1.80 लाख रुपिया के बेसाय होत अहइ, जेसे 80 हजार से 1 लाख रुपिया के सुद्ध कमाई मिलत अहइ अउर 3 से 4 स्थानीय लोगन का रोजउ रोजगार मिला अहइ।
इन सफल लाभार्थिन के तरक्की का देखिके इलाका के दूसर गँवई अउर किसान भी नया मत्स्य पालन के ओर आकर्षित व प्रोत्साहित होत अहैं। मछली पालै वालन का काम चलाऊ पूँजी के कमी न होय, येकरे बरे इन जोजनन के तालमेल से मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड के सुविधा भी दीन जात अहइ, जेकरे माध्यम से बैंकन से बहुतै कम ब्याज दर पर कर्जा उपलब्ध करावा जात अहइ। इन सब लाभ देव वाली जोजनन के लाभ उठावै बरे उत्तर प्रदेश के इच्छा रखै वाले मछली पालै वालन का मछली बिभाग के सरकारी पोर्टल पै जाइके ऑनलाइन पञ्जीकरण करावै का होत अहइ। जोजन के पूरी जानकारी, जरूरी कागद-पत्तर अउर प्रोजेक्ट प्रस्ताव के प्रक्रिया बरे मछली पालै वाले जिला स्तर पै जिला मछली अधिकारी या मछली पालक बिकास अभिकरण दफ्तर से संपर्क करिके भी सारी जानकारी लइ सकत अहैं। सरकार दुआर इन जोजनन के लाभ पूरी पारदरसिता के साथ सीधे लाभार्थी के बैंक खाता मा डीबीटी के माध्यम से भेजा जात अहइ, जवन सही जोजन, आसान प्रक्रिया अउर बिभागीय मदद से गाँव के आत्मनिर्भरता के रस्ता मजबूत करत अहइ।
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जनपद हाथरस