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फुरन सरेंडर करा एलपीजी सिलिंडर! सरकार देखाए सख्ती

भारत सरकार अब रसोई गैस कय पारंपरिक एलपीजी (LPG) सिलिंडरन पै निर्भरता कम करै औ पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कय बढ़ावा देय खतिर एक देशव्यापी अभियान शुरू करत अहै। पेट्रोलियम औ प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज कय अनुसार, सरकार कय लक्ष्य उन क्षेत्रन मां पीएनजी कनेक्शन कय तेजी से विस्तार करब अहै जहं एकर बुनियादी ढांचा पहिले से तैयार अहै।

काहे लीन्ह गय इ फैसला? मंत्रालय कय सचिव डॉ. नीरज मित्तल द्वारा जारी चिट्ठी कय अनुसार, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) क्षेत्र मां हाल कय वैश्विक घटनाक्रमन कय नाते एलपीजी पै निर्भरता कम करब जरूरी होइ गवा अहै। एककरे अलावा, एलपीजी पै दी जाइ वाली भारी सब्सिडी भी सरकार खतिर एक बड़हन आर्थिक चुनौती बनी रही अहै।

सरकारी खजाना पै भारी बोझ

रिपोर्ट मां खुलासा भवा अहै कि तेल विपणन कंपनी (OMCs) कय वर्तमान मां प्रति एलपीजी सिलिंडर 690 रुपिया कय नुकसान होइ रहा अहै। सालाना आधार पै इ घाटा 1,38,000 करोड़ रुपिया तक पहुँच जाला। एककरे अतिरिक्त, सरकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) कय लाभार्थी लोगन का 300 रुपिया प्रति सिलिंडर कय अतिरिक्त सब्सिडी देत अहै, जवने कय वार्षिक बोझ 19,000 करोड़ रुपिया अहै।

केका मिलि नोटिस?

सरकार तेल कंपनी औ सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) संस्थाओं का निर्देश दीन अहै कि ओ मनई निम्नलिखित मामला मां उपभोक्ता लोगन का नोटिस जारी करैं:

डबल कनेक्शन वाले उपभोक्ता: जवन लोगन कय लगे पीएनजी कनेक्शन अहै, पै ओ मनई अभी तक आपन एलपीजी कनेक्शन सरेंडर नाहीं कीन्ह अहै। इसे एलपीजी कय कालाबाजारी औ बिना मतलब कय उपयोग का रोका जाइ सकै।

संभावित उपभोक्ता: अइसन लोग जवन उन इलाकन मां रहत अहैं जहं पीएनजी पाइपलाइन बिछ चुकी अहै, पै ओ मनई अभी तक स्विच नाहीं कीन्ह अहैं।

इ अभियान का सफल बनाय खतिर जिला कलेक्टरन, जिला मजिस्ट्रेटन औ नगर निकाय कय अधिकारिन का बड़हन जिम्मेदारी सौंपी गई अहै। ओ लोगन का निर्देश दीन गय अहै कि ओ मनई स्थानीय स्तर पै उपभोक्ता लोगन का एलपीजी से पीएनजी कय ओर पूरी तरह से बदलै खतिर प्रोत्साहित करैं।

पीएनजी कय फायदा

सरकार कय अनुसार, पीएनजी ना केवल एलपीजी कय तुलना मां ज्यादा सुरक्षित औ यूजर कय अनुकूल अहै, बल्कि इ एक स्वच्छ ईंधन भी अहै। इसे ना केवल विदेशी आयात पै निर्भरता कम होई, बल्कि सरकारी खजाना पै सब्सिडी कय बोझ भी घटि जाई।

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