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सूचना अउर जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेस
औद्योगिक निवेस का बढ़ावा देय बरे भुइयाँ सब्सिडी भरपाई खातिर 3.99 अरब रुपिया से जिआदा धन मंजूर
लखनऊ: 11 जून, 2026
उत्तर प्रदेस औद्योगिक निवेस अउर रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के जरिये से प्रदेस का देस के अगुआ औद्योगिक अउर बनावै वाले केंद्र के रूप मा स्थापित करै के दिसा मा लगातार कोसिस कीन जात बा। उत्तर प्रदेस सरकार राज्य मा औद्योगिक निवेस अउर रोजगार पैदा करै का बढ़ावा देय खातिर उत्तर प्रदेस औद्योगिक निवेस अउर रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक बिकास प्राधिकरण (यीडा) का 3,99,36,22,551 रुपिया (तीन अरब निन्यानबे करोड़ छत्तीस लाख बाईस हजार पाँच सौ इक्यावन रुपिया बस) के फ्रंट एंड लैंड सब्सिडी भरपाई खातिर वित्तीय मंजूरी दिहिस बा।
इ मंजूरी दुइ मुख्य औद्योगिक इकाई का दी गइ भुइयाँ पर दिहिस गइ 75 प्रतिशत छूट के भरपाई खातिर दीन गइ बा। येकरे तहत एसेंट-के सर्किट्स प्राइवेट लिमिटेड का दिहिस जाय वाली 55.28 करोड़ रुपिया अउर अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड का दिहिस जाय वाली 344.08 करोड़ के रकम सामिल बा।
औद्योगिक बिकास बिभाग द्वारा जारी आदेस के हिसाब से इ धन वित्तीय साल 2026-27 के बजट मा उत्तर प्रदेस औद्योगिक निवेस अउर रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 खातिर रखे गए धन से उपलब्ध कराई जाई।
सम्पर्क सूत्र-सरिता वर्मा
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सूचना अउर जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेस
अंतर्राष्ट्रीय बाल मजदूरी रोक दिवस पर लखनऊ मा खास जागरूकता कार्यक्रम, 2027 तक बाल मजदूरी से मुक्त उत्तर प्रदेस का संकलप
बाल मजदूरी खतम करै का जनआंदोलन बनावै के पहल, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान मा जुटिहैं 800 से जिआदा प्रतिभागी
बच्चन के सुरक्षित बचपन अउर सिच्छा के अधिकार पर केंद्रित होई खास आयोजन, बाल मजदूरी के खिलाफ जागरूकता का संदेस
बाल मजदूरी के खिलाफ एक होई उत्तर प्रदेस, अंतर्राष्ट्रीय बाल मजदूरी रोक दिवस पर होई राज्य स्तर के कार्यक्रम
‘हर बच्चन का सिच्छा, सुरक्षा अउर सम्मान’ के संकलप के साथ मनावा जाई अंतर्राष्ट्रीय बाल मजदूरी रोक दिवस
लखनऊ: 11 जून, 2026
अंतर्राष्ट्रीय बाल मजदूरी रोक दिवस के मौका पर 12 जून 2026 (सुकरवार) का इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ मा श्रम अउर सेवायोजन बिभाग, उत्तर प्रदेस द्वारा एक खास जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कीन जाई। कार्यक्रम का मकसद बाल मजदूरी खतम करै के ताईं जन-जागरूकता बढ़ाउब अउर बच्चन के सिच्छा, सुरक्षा अउर पूरे बिकास के अधिकारन के ताईं समाज का संवेदनसील बनाउब बा।
कार्यक्रम मा मुख्य मेहमान के रूप मा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेस के मौजूदगी प्रस्तावित बा। यइ मौका पर श्रम अउर सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, श्रम अउर सेवायोजन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मुन्नू लाल कोरी समेत अउर जनप्रतिनिधि अउर मानिंद नागरिकौ हिस्सा लिहें।
कार्यक्रम मा प्रमुख सचिव, श्रम, सेवायोजन अउर समन्वय बिभाग एम. के. शन्मुगा सुन्दरम अउर श्रमायुक्त मार्कण्डेय शाही समेत बिभाग के अधिकारी अउर कर्मचारी मौजूद रहिहैं। कार्यक्रम मा लगभग 800 प्रतिभागी के सामिल होय के संभावना बा।
श्रम अउर सेवायोजन बिभाग द्वारा आयोजित यइ खास कार्यक्रम के जरिये से साल 2027 तक उत्तर प्रदेस का बाल मजदूरी से मुक्त बनावै के लच्छ के ताईं जनसहभागिता का बढ़ावा दीन जाई। साथै मा बाल मजदूरी रोक से जुड़ल कानूनी प्रावधानन, बच्चन के अधिकारन अउर बढ़िया सिच्छा के महत्व पर भी बिसतार से जानकारी दीन जाई।
श्रम अउर सेवायोजन बिभाग प्रदेस के लोगन से अपील किहिस बा कि उ सब बाल मजदूरी के खिलाफ चलाए जात अभियान मा बढ़ि-चढ़ि के सहयोग करैं अउर कउनो भी बच्चन का मजदूरी मा न लगै देय खातिर सामाजिक जिम्मेदारी का निभावैं। बिभाग कहिस कि हर बच्चन का सिच्छा, सुरक्षा अउर अच्छा भबिस्य उपलब्ध कराउब हम सब के सामूहिक जिम्मेदारी बा।
सम्पर्क सूत्र-सोनी सिंह
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सूचना अउर जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेस
जनता का न लगावै का परै सरकारी दफ्तरन के चक्कर – सुरेंद्र दिलेर
राजस्व बिभाग के समीक्षा बइठक मा राज्यमंत्री समै पर सेवा, तकनीक के उपयोग अउर रुके मामलन के तुरतै निस्तार पर जोर दिहिन
योजना अउर बिभाग के कामन के तरक्की पर समीक्षा कीन
लखनऊ: 11 जून, 2026
प्रदेस मा राजस्व बिभाग का अउर असरदार अउर पारदरसी बनावै के मकसद से बियफे का एनेक्सी भवन मा राजस्व बिभाग के उच्चस्तरीय समीक्षा बइठक भइ। बइठक के अध्यक्षता प्रदेस के राज्यमंत्री (राजस्व) श्री सुरेंद्र दिलेर किहिन। यइ दौरान बिभाग के भीतर चलत तमाम योजना, कार्यक्रम अउर बिकास के कामन के तरक्की के समीक्षा कीन गइ।
जनहित से जुड़ल मामलन के तुरतै निस्तार पर जोर
बइठक मा भुइयाँ से जुड़ल बिबाद, चकबंदी के काम, भुइयाँ-अधिग्रहण परियोजना, राजस्व कागज के अपडेट, रुके मामलन के निस्तार अउर आम जनता से जुड़ल खास बिसयन पर बिसतार से चर्चा भइ। राज्यमंत्री श्री सुरेंद्र दिलेर अधिकारिन का निर्देस दिहिन कि बिभाग के कामन मा पारदरसिता, गुणवत्ता अउर समै से काम होब पक्का कीन जाय। उ कहिन कि सब अधिकारी रुके मामलन के निस्तार मा तेजी लियावैं।
जनता का न लगावै का परै सरकारी दफ्तरन के चक्कर
राज्यमंत्री कहिन कि माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के अगुवाई मा राजस्व बिभाग का तकनीक-सक्षम, पारदरसी अउर जन-हितैसी बनावै खातिर लगातार सुधार कीन जात बा। हमार कोसिस बा कि जनता का आपन समस्या के समाधान खातिर फालतू चक्कर न लगावै का परै अउर हर राजस्व सेवा तय समै के भीतर मिलै।
सुसासन का मजबूत करै के दिसा मा ठोस कदम
बइठक मा बिभाग के अधिकारिन द्वारा तमाम योजना अउर कार्यक्रमन के अबै के इस्थिति, उपलब्धि अउर रुके मामलन के जानकारी पेस कीन गइ। समीक्षा के दौरान कामन मा तेजी लियावै, तालमेल बढ़ावै अउर जनसेवा के गुणवत्ता मा सुधार खातिर निर्देस जारी कीन गइन। बइठक मा राजस्व परिसद, राहत आयुक्त कार्यालय, चकबंदी बिभाग, भुइयाँ-अधिग्रहण निदेसालय अउर अउर जुड़ल इकाई के बड़ अधिकारी मौजूद रहे।
सम्पर्क सूत्र-आशिया खातून
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सूचना अउ जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश मा 44 जिला कै 118 बाढ़ से परभावित तहसीलन मा राज्य स्तर कै बाढ़ मॉक अभ्यास-2026 कै सफल आयोजन भवा
लखनऊ: 11 जून, 2026
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार अउ उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तालमेल से आज 11 जून, 2026 का परदेस के 44 बाढ़ आवै वाले जिला कै 118 तहसीलन मा राज्य स्तर कै बाढ़ मॉक अभ्यास-2026 कै सफलतापूर्वक आयोजन कीन गवा। यिह अभ्यास कै मकसद बाढ़ कै आपात स्थिति मा अलग-अलग विभागन के बीच तालमेल, संसाधनन कै मौजूदगी, संचार बेवस्था, राहत अउ बचाव कामन अउ गाँव से राज्य स्तर तक कै जवाब देइ वाली परणाली कै जांच अउ मजबूती करब रहा।
मॉक अभ्यास कै सुरूआत योजना भवन, लखनऊ से कीन गवा। सबै जिला अउ तहसीलन का बाढ़ से जुरल चेतावनी अउ परिदिस्यन कै जानकारी दी गइ, जेकरे बाद जिला प्रसासन दुआर इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) अउ मानक संचालन परकिरिया के हिसाब से कारवाही सुरु की गइ।
अभ्यास के टेम मा जिला दुआर बाढ़ के कारण गाँवन के पानी मा डूबे, लोगन के पेड़े अउ छत पर फँसे, नाउ दुर्घटना, सड़क अउ पुल टूटे, संचार रुके अउ अफवाह अउ झूठी खबरन
साथे उत्पादन छमता बढ़ोत्तरी, ऊर्जा दच्छता अउर स्थानीय खेती-किसानी के चीजन् के मोल बढ़ावै का बढ़ावा मिली।
अपर मुख्य सचिव श्री बी.एल. मीणा बताइन कि अबहीं तक योजना के भीतर लगभग 540 इकाईन का लाभ दीन गवा बाटै, जेहिमा से लगभग 130 इकाईन मा सौर ऊर्जा संयंत्र लगाय दीन गवा बाटै या लगावै के काम चलत बाटै।
बैठक मा बतावा गवा कि राइस मिल, आयल मिल, फ्लोर मिल, पसु चारा इकाई, आरटीसी प्लांट, मशरूम उत्पादन अउर बेकरी प्लांट सहित कई औद्योगिक प्रतिष्ठानन मा ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम का बढ़ावा दीन जात बाटै।
यसे ऊर्जा के लागत मा कमी आवै के साथे पर्यावरण के बचाव अउर कार्बन निकसइ के नियंत्रण के लच्छ का भी बल मिली। बैठक के आखिर मा समिति द्वारा निवेसकन का तय समय-सीमा अउर सर्तन का पालन पक्का करै के निर्देस दीन गवा।
सम्पर्क सूत्र-बी0एल0 यादव
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पत्र सूचना साखा
सूचना अउर जनसंपर्क बिभाग उत्तर प्रदेस
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी मा स्कॉलर समिट 2026 के समापन; सीयूसीईटी स्कालरसिप पावै वाले यूपी, बिहार अउ झारखंड के छात्रन का सम्मानित कीन गवा
सीयू स्कॉलर समिट 2026 मा देस के अलग-अलग राज्यन से आय तेज-तर्रार, दुइ दिना के समिट मा 1500 तेज-तर्रार लरिकन का सम्मानित कीन गवा
सीयूसीईटी के जरिये 50 करोड़ के स्कालरसिप दइके तेज-तर्रार लरिकन के सपनन का पंख लगावत बाटै चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपी प्रतिभावन का खोजिकै रास्ट्र निर्माण खातिर तइयार करत बाटै: योगेन्द्र उपाध्याय, उच्च सिच्छा मंत्री
सीयू यूपी मा बिद्यार्थिन के नवाचार प्रभावित किहिस, बिकसित भारत के निर्माण मा आगे रहिकै भूमिका निभइहैं: योगेन्द्र उपाध्याय, उच्च सिच्छा मंत्री, यूपी
सीयूसीईटी खाली एंट्रेंस टेस्ट नाहीं, देस के प्रतिभावन का आगे बढ़ावै का एक मिसन बाटै: सतनाम सिंह संधू, राज्यसभा सांसद अउ चांसलर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी
लखनऊ: 11 जून, 2026
देस के पहिली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेस मा दुइ दिना के सीयू स्कॉलर समिट 2026 के आयोजन कीन गवा। य समिट मा 1500 से ज्यादा तेज-तर्रार लरिका-लिरकिनी सामिल भएन। यनमा खास कइके उत्तर प्रदेस, बिहार, झारखंड के बिद्यार्थी सामिल हयें। असल मा, यूनिवर्सिटी सिच्छा सत्र 2026-27 खातिर आयोजित सीयूसीईटी (चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) के जरिये 50 करोड़ रुपिया तक के स्कालरसिप देइ के घोसणा किहे रही। य परीक्षा मा बढ़िया परदरसन करै वाले बिद्यार्थिन का 100 प्रतिसत तक के स्कालरसिप मिली बाटै। इहै प्रतिभासाली छात्रन के सम्मान करै खातिर सीयू स्कॉलर समिट के आयोजन कीन गवा बाटै।
कार्यक्रम के आखिरी दिन मुख्य अतिथि के तौर पै उत्तर प्रदेस सरकार मा उच्च सिच्छा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय सामिल भएन। य मौका पै खास तौर पै राज्यसभा सांसद अउ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू, प्रो. (डॉ.) विनीत कुमार नायर, वाइस चांसलर, सीयू यूपी समेत चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी के प्रो वाइस चांसलर प्रो डॉ टीपी सिंह समेत अउर लोग मौजूद रहे।
य मौका पै मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेस सरकार मा उच्च सिच्छा मंत्री, योगेन्द्र उपाध्याय कहिन कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेस मा आयके हमका गरब महसूस होत बाटै। य खाली एक बिसवबिद्यालय नाहीं, बल्कि प्रतिभावन का खोजै, उऩका तरासै अउर रास्ट्र निर्माण खातिर तइयार करै का एक बहुत बढ़िया केंद्र बाटै। आजु हिंया बिद्यार्थिन द्वारा पेस कीन गवा नवाचारन अउर सोध मडलन का देखिकै हम नि:सब्द हई। गोड़ के निसान से बिजली बनावै जइसन नये बिचार य बतावत हयें कि भारत के नौजवान खाली सीखत नाहीं बाटै, बल्कि भबिस्य के समाधान भी तइयार करत बाटै।
रास्ट्रीय सिच्छा नीति 2020 के मूल मकसद सिच्छा का तकनीक, रोजगार अउर संस्कार से जोड़ब बाटै, अउर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी य सपना का बढ़िया ढंग से पूरा करत बाटै। हिंया के बिद्यार्थिन मा हम तकनीक के साथे रास्ट्र के प्रति समर्पण के भावना भी देखे हई। रास्ट्रभक्ति खाली सीमा पै देस के रच्छा करै तक सीमित नाहीं बाटै, बल्कि आपन ग्यान, नवाचार अउर करम के जरिये देस का आगे बढ़ाउब भी रास्ट्रसेवा बाटै। संधू जी अउर उनकर टीम इहै भावना के साथे नौजवानन का भबिस्य खातिर तइयार करत बाटै।
आजु उत्तर प्रदेस देस के उभरत भवा उच्च सिच्छा हब बनत बाटै अउर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी जइसन दुनिया भर के संस्थावन के मौजूदगी य बदलाव का नई गति देत बाटै। हमका बिसवास बाटै कि हिंया के बिद्यार्थी बिकसित भारत के संकल्प का पूरा करै मा अगुआ भूमिका निभइहैं अउर आपन ग्यान, अनुसंघान तथा नवाचार से भारत का दुनिया भर मा अगुवाई के नई ऊंचाइन तक पहुंचइहैं।
य मौका पै राज्यसभा सांसद अउ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू कहिन कि सीयूसीईटी खाली एक प्रवेस परीच्छा नाहीं, बल्कि प्रतिभा का पहिचानै अउर आर्थिक रुकावटन का दूर कइके बढ़िया सिच्छा तक पहुंच पक्का करै का एक मजबूत माध्यम बाटै। इहै मकसद से स्कालरसिप के सुरुआत कीन गवा बाटै, ताकि कउनो भी जोग्य छात्र पइसा-कउड़ी के कारन से आपन सपनन से समझौता न करै। हम सब आपन जिन्नगी मा जउन सपना पूरा नाहीं कइ पावत, उऩका आपन बच्चन के जरिये पूरा होत देखै चाहित हई। यहिसे बच्चन के सपनन मा कीन गवा निवेस सबसे जरूरी निवेस बाटै। आजु के जेन-ज़ी के सपना पहिले से कहूं ज्यादा बड़ा, दुनिया भर के अउर महात्वाकांछी हयें। एआई दुनिया के हर छेत्र का बदलत बाटै अउर आवै वाले समय मा तकनीक एतना काबिल होइ कि एक मनई खुदै पूरी कंपनी चलावै के छमता रखिहै। अइसन समय मा चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेस के लच्छ खाली डिग्री देब नाहीं, बल्कि अइसन फ्यूचर लीडर्स तइयार करब बाटै जउन एआई अउर उभरत तकनीकन के ताकत के उपयोग कइके समाज अउर रास्ट्र के बिकास मा जरूरी भूमिका निभाइहैं।
हम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का भी सबसे लम्बे समय तक चुना गवा प्रधानमंत्री रहै के उपलब्धि हासिल करै पै बधाई देत हई, जेनके अगुवाई मा भारत बिकसित रास्ट्र बनै के दिसा मा तेजी से आगे बढ़त बाटै। उनकर अगुवाई के 4399 दिन अउर लगातार तीसरे कार्यकाल देस के बिकास के संकल्प का नई गति दिहिस बाटै।
देस के पहिली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लनरी यूनिवर्सिटी के रूप मा हम बिद्यार्थिन का खाली किताबी ग्यान ही नाहीं, बल्कि इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स, इनोवेशन माइंडसेट अउर ग्लोबल एक्सपोजर भी देत हई। सीयू स्कॉलर्स समिट 2026 हमरे इहै सपना के जरूरी हिस्सा बाटै, जहां हम देस भर से आय तेज-तर्रार बिद्यार्थिन के सम्मान करत हई। हमका गरब बाटै
कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेस मात्र एक बरीस मा सिच्छा, नवाचार अउर अवसरन का अइसन इकोसिस्टम बनाएस हय, जवन विद्यार्थिन बरे नई संभावनान के दुआर खोल दिहेस हय। हमका बिस्वास हय कि इहै युवा प्रतिभा विकसित भारत के संकल्प का साकार करत देस का बैस्विक एआई अउर टेक्नालॉजी लीडर बनावै मा महत्वपूर्ण जोगदान देइहँय।
कार्यक्रम मा कई नामी इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स, पॉलिसी मेकर्स अउर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के एलुमिनाई भी सामिल भएन। विद्यार्थिन बरे आयोजित बिसेस इंडस्ट्री टॉक्स मा अमन गुप्ता को-फाउंडर, बोट अउर फाउंडर, ऑफ बीट; डॉ. सैलेस कुमार ईवीपी अउर चीफ डेटा साइंटिस्ट, रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड; अस्वथी वेणुगोपाल-सीनियर डायरेक्टर, कॉग्निजेंट टेक्नालॉजी सॉल्यूशंस; अर्पित त्रिवेदी सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, हिताची सिस्टम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, अपराजिता गवर्नमेंट एडवाइजरी (क्लाइमेट चेंज, सस्टेनेबल डेवलपमेंट अउर पब्लिक पॉलिसी), स्टार्टइनयूपी; अपारशक्ति खुराना भारतीय अभिनेता अउर गायक, राधिका पंत, समेत सेलिब्रेटी अउर इंडियन सिंगर असीस कौर आपन अनुभव साझा किहिन।
एक्सपर्ट्स डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, एंटरप्राइज सिस्टम्स, इंडस्ट्री-रेडी टेक्नालॉजी स्किल्स, एआई, अउर भबिस्य के इंजीनियरिंग करियर जइसे बिसयन पै चर्चा किहिन। उई छात्रन का बताइन कि आज के दौर मा खाली डिग्री ही नाहीं, बल्कि प्रैक्टिकल स्किल्स, प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटी अउर नई टेक्नालॉजी का समुझै के छमता भी बहुतै जरूरी हय।
एक्सपर्ट्स कहिन कि आवै वाले समय मा एआई अउर डिजिटल टेक्नालॉजी हर छेत्र का बदलै वाली हँय। अइसन मा जवन छात्र समय के साथै खुद का अपडेट रखिहँय अउर नई स्किल्स सीखिहँय, ओनके बरे करियर के बेहतर अवसर उपलब्ध होइहँय।
सम्पर्क सूत्र-धरमबीर खरे
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लेख
सेक्टरः सिच्छा
विभाग: बेसिकसिच्छा
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पीएम पोसण योजना से नई पीढ़ी का मिलत हय सिच्छा के साथै पोसण युक्त भोजन
लखनऊ: 11 जून, 2026
कउनो भी रास्ट्र का भबिस्य ओकरे लरिकन के स्वास्थ्य, सिच्छा अउर संस्कारन पै निर्भर करत हय। जदि लरिकन का सुरुआती अवस्था से ही बढ़िया सिच्छा के साथै पूरा पोसण मिलै, तौ न खाली सरीर से स्वस्थ बनत हँय, बल्कि मानसिक अउर बौद्धिक रूप से भी मजबूत होइके रास्ट्र निर्माण मा महत्वपूर्ण भूमिका निभावत हँय। प्रधानमंत्री पोसण सक्ति निर्माण योजना (पीएम पोसण योजना) एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप मा उभरी हय, जवन प्रदेस के लाखन लरिकन के जीवन मा सकारात्मक बदलाव लावत हय।
उत्तर प्रदेस देस का सबसे जादा जनसंख्या वाला राज्य हय, जहाँ बड़ी संख्या मा लरिकन सरकारी, परिषदीय अउर सहायता प्राप्त इस्कूलन मा सिच्छा लइ रहे हँय। लम्बे समय तक आर्थिक अउर सामाजिक चुनौती के कारन बहुतै परिवारन के लरिकन का पूरा पोसण वाला भोजन नाहीं मिल पावत रहा, जेकर असर ओनके स्वास्थ्य अउर पढ़ाई दुइनौ पै पड़त रहा। कुपोसण, एनीमिया अउर कमजोर स्वास्थ्य जइसी समस्या लरिकन के बिकास मा बाधा बनत रही। प्रदेस सरकार यइ चुनौती का गंभीरता से लेत इस्कूलन का खाली सिच्छा के केंद्र के रूप मा नाहीं, बल्कि लरिकन के समग्र बिकास के दिसा मा सकारात्मक काम करत हय।
मा0 मुख्यमंत्री जोगी आदित्यनाथ जी के कुसल नेतृत्व मा प्रदेस के सबहिं परिषदीय अउर सहायता प्राप्त इस्कूलन मा पीएम पोसण योजना के जरिये कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थिन का इस्कूलन मा संतुलित, पौस्टिक अउर बढ़िया भोजन उपलब्ध कराँवा जात हय। येकर मकसद खाली लरिकन का पेट भरब नाहीं, बल्कि ओनके पोसण संबंधी जरूरतन का पूरा करब अउर ओनका स्वस्थ जीवन के मजबूत नीव देब हय।
प्रदेस सरकार इ सुनिस्चित किहेस हय कि इस्कूलन मा उपलब्ध कराँवा जाए वाला भोजन बैज्ञानिक मानिकन के हिसाब से होय। प्राथमिक स्तर के लरिकन का हर दिन कम से कम 450 कैलोरी ऊर्जा अउर 12 ग्राम प्रोटीन वाला भोजन उपलब्ध कराँवा जात हय, जबकि उच्च प्राथमिक स्तर के विद्यार्थिन का 700 कैलोरी ऊर्जा अउर 20 ग्राम प्रोटीन वाला आहार दीन्ह जात हय। इ बेवस्था लरिकन के उमर अउर सारीरिक जरूरतन का ध्यान मा रखिके तइयार कीन गइ हय। भोजन के गुनवत्ता अउर विविधता पै बिसेस ध्यान दीन्ह गवा हय। हफ्ता के अलग-अलग दिनन मा लरिकन का दालि, हरी तरकारी, चाँउर, रोटी, सोयाबीन वाला व्यंजन, दूध अउर मौसमी फल उपलब्ध कराँवा जात हँय। यसै ओनका कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन, आयरन, कैल्सियम अउर दूसर जरूरी पोसक तत्व मिलत हँय। इ संतुलित आहार लरिकन के रोग प्रतिरोधक छमता बढ़ावै, ओनके ऊर्जा बनाए रखै अउर मानसिक बिकास का गति देय मा सहायक सिद्ध होत हय।
पीएम पोसण योजना से इस्कूली सिच्छा अउर पोसण का समन्वय लरिकन के सिच्छा वाली उपलब्धिन मा भी सकारात्मक बदलाव लावत हय। अलग-अलग अध्ययन से इ सिद्ध होइ चुका हय कि जेन लरिकन का पूरा पोसण मिलत हय, ओनके एकाग्रता, याद करै के सक्ति अउर सीखै के छमता बेहतर होत हय। उत्तर प्रदेस मा भी पीएम पोसण योजना के परभाव से इस्कूलन मा विद्यार्थिन के उपस्थिति मा बढ़ोतरी भइ हय अउर ड्रापआउट दर मा कमी आइ हय। जब लरिकन का इस्कूल मा बढ़िया भोजन मिलत हय तौ अभिभावकन का बिस्वास भी बढ़त हय अउर उई नेमी से आपन लरिकन का इस्कूल भेजै बरे प्रेरित होत हँय। प्रदेस सरकार लरिकन के पोसण का खाली भोजन तक सीमित नाहीं रखेस हय, बल्कि यका व्यापक स्वास्थ्य सुरच्छा से भी जोड़ेस हय। इस्कूलन मा समय-समय पै स्वास्थ्य जाँच, आयरन अउर फोलिकएसिड के उपलब्धता, साफ पियै वाला पानी, हाथ धोवै के बेवस्था अउर स्वच्छता संबंधी जागरूकता कार्यक्रम भी चलाँवा जात हँय। यसै लरिकन मा स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक आदत के बिकास होत हय।
प्रदेस सरकार का इ प्रयास रास्ट्रीय सिच्छा नीति-2020 के भावना के अनुरूप हय। नई सिच्छा नीति मा लरिकन के समग्र बिकास पै बिसेस बल दीन्ह गवा हय। सिच्छा नीति साफ-साफ कहत हय कि सिच्छा तबै परभावी होइ सकत हय जब लरिकन का स्वास्थ्य अउर पोसण स्तर बेहतर होय। यहि कारन प्रदेस सरकार सिच्छा सुधारन के साथ-साथ पोसण सुरच्छा का भी बराबर महत्व देत हय। वर्तमान सरकार के कार्यकाल मा उत्तर प्रदेस सिच्छा अउर पोसण दुइनौ छेत्रन मा उल्लेखनीय तरक्की दर्ज किहेस हय। आपरेसन कायाकल्प के जरिये इस्कूलन मा आधारभूत सुबिधान का बिकास, निपुण भारत मिसन के तहत बुनियादी सिच्छा के गुनवत्ता मा सुधार, स्मार्ट क्लास, डिजिटल सिच्छण
सामग्री अउर जोजनन अब पीएम पोसन जोजना जइसी जोजनन मिलि के लरिकन के उज्ज्वल भबिस्य के मजबूत नीव तइयार करत अहैं।
प्रदेस के गाँव-गिराँव अउर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारन के लरिकन का ह्या जोजना से बहुतै लाभ मिलत अहइ। तमाम परिवार अइसे अहैं जेनके बरे इस्कूल मा मिलै वाला पौस्टिक भोजन लरिकन के रोज के पोसन के महत्वपूर्ण जरिया बनि गवा अहइ। यसै न खाली लरिकन के सेहत सुधरी अहइ, बल्कि परिवारन पै आर्थिक बोझौ कम भवा अहइ। प्रदेस सरकार के मकसद अहइ कि बिकसित उत्तर प्रदेस के निर्माण तबै होइ सकत हइ जब प्रदेस के नई पीढ़ी निरोग, पढ़ी-लिखी अउर आत्मबिस्वासी होय। एक निरोग लरिका ही आगे चलि के काबिल बिद्यार्थी, होनहार जुवा अउर जिम्मदार नागरिक बनि सकत हइ। यहि कारन सरकार सिच्छा, सेहत अउर पोसन का एक साथे देखै के नजरिया से आगे बढ़ावत अहइ। पीएम पोसन जोजना ह्या दिसा मा एक असरदार सामाजिक अउर सरकारी जिम्मदारी के रूप मा सामने आई अहइ। इस्कूलन के जरिये से लाखन लरिकन तक रोज पौस्टिक भोजन पहुँचाउब खाली एक प्रसासनिक कार्यक्रम नाहीं, बल्कि भबिस्य के पीढ़ी का मजबूत बनावै के राष्ट्रीय अभियान अहइ। आज उत्तर प्रदेस मा लरिकन के थारी खाली भोजन के साधन नाहीं रहि गइ अहइ, बल्कि इ सेहत, सिच्छा अउर नीक भबिस्य के जरिया बनि चुकी अहइ। चलत पीएम पोसन जोजना लरिकन का कुपोसन से छुटकारा दियाइ के ओनका निरोग अउर काबिल बनावै के दिसा मा महत्वपूर्ण भूमिका निभावत अहइ। इ जोजना प्रदेस के ओन लाखन परिवारन के बरे आसा के किरिन बनी अहइ, जवन आपन लरिकन का नीक जिनगी देब चाहत अहैं।
कउनौ भी राज्य के तरक्की के सबसे बड़ा आधार ओकरे लरिकन होत अहैं। जउ लरिकन का सुरुआती उमिर मा ठीक पोसन अउर बढ़िया सिच्छा मिलि जाय, तौ उ आवै वाले टेम मा समाज अउर देस के बिकास के सबसे बड़ी ताकत बनत अहैं। उत्तर प्रदेस मा पीएम पोसन जोजना यहि मकसद का पूरा करै के दिसा मा एक मजबूत कोसिस अहइ। प्रदेस के मुख्यमंत्री जी के इ पहल खाली आज का नाहीं, बल्कि भबिस्य का भी मजबूत बनावत अहइ। निरोग लरिकन, पढ़े-लिखे जुवान अउर आत्मनिर्भर समाज के निर्माण के दिसा मा इ जोजना एक मजबूत नीव के रूप मा उभरत अहइ, जवन कुपोसन मुक्त, पढ़ा-लिखा अउर बिकसित उत्तर प्रदेस के सपना का साकार करै मा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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-धरमवीर खरे
सफलता के कहानी/लेख
गाँवन के बिकास बिभाग
पत्र सूचना साखा
सूचना अउर जनसम्पर्क बिभाग, उत्तर प्रदेस
‘बिजली सखी जोजना‘ से मेहरारुन के मजबूती के मिसाल बनीं
सामली के अनीता
तारीख: 11 जून, 2026
उत्तर प्रदेस सरकार द्वारा चलाइ गइ ‘बिजली सखी जोजना‘ गाँव के बिकास, मेहरारुन के मजबूती अउर डिजिटल गवरनेंस (अंकीय अभिसासन) के तिरबेनी संगम के रूप मा उभरि के सामने आई अहइ। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिसन (एनआरएलएम) के तहत लागू ह्या बड़की जोजना न खाली गाँव-गिराँव मा बिजली के बिल के वसूली के तरीका का बहुतै आसान अउर साफ-सुथरा बनाइस अहइ, बल्कि गाँव के मेहरारुन का आर्थिक रूप से आपन गोड़ पै खड़ा कइके समाज मा ओनका एक नई अउर इज्जतदार पहिचान भी दिहिस अहइ।
पहिले, गाँव-गिराँव के ग्राहकन का आपन बिजली के बिल भरै बरे लम्बी दूरी तय कइके बिजली घर तक जाब पड़त रहा, जेसे ओनके कीमती टेम अउर पइसा दुनउ के बरबादी होत रही। यहि समस्या के पक्का समाधान अउर गाँवन के अर्थव्यवस्था का मजबूत करै के मकसद से राज्य सरकार स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी मेहरारुन का ‘बिजली सखी‘ के रूप मा तैनात करै के दूर के सोचि वाला फैसला लिहिस।
ह्या नई बेवस्था के तहत चुनी गइ मेहरारुन का सासन अउर उत्तर प्रदेस पावर कारपोरेसन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा खास तकनीकी अउर अमली सिखावन दीन जात अहइ। येकरे बाद, ओनका इस्मार्टफोन अउर ब्लूटूथ थर्मल पिंटर नाहीं त स्वाइप मसीन जइसे आज के जमाने के औजार दिहे जात अहैं, जेनके जरिये से उ बिभाग के सरकारी ऐप से ग्राहकन के बिल के जाँच करत अहैं अउर ओहि जघा पै नकद नाहीं त डिजिटल तरीका से भुगतान लइके तुरंतै सरकारी रसीद दइ देत अहैं।
इन बिजली सखियन के कमाई पूरी तरह से ओनके द्वारा बटोरे गए राजस्व पै आधारित बढ़ावा देय वाली रासि (लाभांस) के रूप मा होत अहइ। येकरे तहत ₹2,000 तक के बिजली बिल के वसूली पै ₹20 हर बिल पै पक्की रासि देय हइ, अउर ₹2,000 से ज्यादा धन के बिलन पै बटोरे गइ कुल रासि के 1 परतिसत लाभांस दीन जात अहइ।
ह्या जोजना के जमीनी सफलता अउर येकरे दूर तलक के सामाजिक-आर्थिक असर का उत्तर प्रदेस के सामली जिला के ऊन बिकास खंड मा हसनपुर गाँव के रहै वाली 35 साल के श्रीमती अनीता के जिनगी के जात्रा से अच्छी तरह से समझा जाइ सकत हइ। सैनी समाज से ताल्लुक रखै वाली श्रीमती अनीता आज भारती मेहरारू गाँव संगठन के तहत चलै वाले ‘सृष्टि स्वयं सहायता समूह‘ के एक बहुतै फुर्तीली अउर ऊर्जावान सदस्य अहैं। लिकिन, कुछु साल पहिले तक ओनके परिवार के आर्थिक हालत बहुतै खराब रही।
समूह से जुड़ै से पहिले, ओनके पति गाँव मा ही एक छोट सी इलेक्ट्रानिक्स के दुकान चलावत रहे, जेसे होय वाली थोड़ी कमाई से पूरे परिवार के गुजारा करब बहुतै कठिन रहा। रोजी-रोटी के कउनौ दूसर साधन न होय के कारन अनीता हमेसा आपन लरिकन के भबिस्य अउर परिवार के खराब माली हालत का लइके मन से परेसान अउर चिंतित रहत रहीं। आपन जिनगी का सुधारै के मउका ओनका तब मिला जब साल 2018 मा ओनके गाँव मा चलै वाले सीआरपी (कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन) अभियान के दौरान उ ‘सृष्टि स्वयं सहायता समूह‘ से जुड़िन। समूह से जुड़ै के बाद उ सबसे पहिले सी.आई.एफ. (सामुदायिक निवेस निधि) से कर्जा लिहिन अउर उ पूँजी से आपन पति के धंधा के आगे बढ़ाइन।
येकरे बाद, साल 2022 मा ओनके जिनगी मा एक नया मउका तब आवा जब ओनका चुनाव ‘बिजली सखी‘ के रूप मा भवा। ह्या नीक मउका अनीता का घर के चहारदीवारी अउर घूँघट के पुरानी सोच से बाहर निकरि के समाज मा आपन ताकत देखावै के हिम्मत दिहिस। उ पूरे मन से अउर ईमानदारी के साथे गाँव-गाँव, घर-घर जाइके बिजली के बिल बटोरै के काम सुरु किहिन।
ओनके लगातार मिहनत अउर बिना थके कोसिस के ही फल अहइ कि उ अब तक ₹7 करोड़ से ज्यादा के बिजली राजस्व बटोरि के बिजली बिभाग के खजाना मा जमा कराइन अहैं। ह्या नकल करै लायक काम के बदले मा उ वित्तीय साल 2022-23 से अब तक ₹7 लाख से ज्यादा के कुल बढ़ावा रासि (लाभांस) कमाई अहैं, जवन ओनका आज आपन छेत्र मा एक गरब वाली ‘लखपति दीदी‘ के रूप मा बनाइ दिहे अहइ। अबही, उ ह्या काम से हर महीना
लगभग ₹20,000 से ₹25,000 तक का लाभांश पावति अहैं, जेहिसे उनकै
परिवॉर के रहन-सहन अउर महीना के आमदनी मा मान-सम्मान वाली बढ़ोतरी भइ अहइ।
बिजुरी सखी के रूप मा आपन सेवा देहे से खाली अनीता का परिवॉर आज
पूरा कर्जा से मुक्त नाहीं होइ गवा अहइ अउर ओकर आर्थिक दसा मजबूत भइ अहइ, बलिकी
समाज के ताना-बाना मा भी उनका एक खास अउर मजबूत पहिचान मिली अहइ।
आपन अनुभव का बाँटत भइ उ गरब से कहति हैं कि इ मंच उनका
खाली आपन गोड़ पै खड़ा नाहीं किहिस अहइ, बलिकी समाज मा आदर वाली जगह भी दिलाएस अहइ।
समूह के जरिये उनमा आपसी मेल-जोल, एकता अउर समाज के सोझाँ
हिम्मत के साथै बात करै के हुनर का बहुतै बिकास भवा अहइ।
आजु सिरीमती अनीता आपन ग्राम पंचायत अउर लगे-पास के इलाका के दूसर
मेहरारुअन बरे प्रेरणा अउर नारी ससक्तीकरन के एक जीउत-जागत निसानी बनि गइ अहैं।
असल मा, उत्तर प्रदेश सरकार के ‘बिजुरी सखी‘ योजना खाली बिजुरी बिभाग
के आमदनी बढ़ावै वाला जरिया नाहीं अहइ, बल्कि इ अनीता जइसन हजारों
गँवई मेहरारुअन के जिन्दगी मा खुसियाली लावै, उनका आपन गोड़ पै खड़ा करै
अउर उत्तर प्रदेश के गँवई इलाकन मा ‘डिजिटल सहेली‘ के रूप मा
एक चुप, लकिन बहुत असरदार सामाजिक-आर्थिक क्रांति का गति देहे वाला एक
मजबूत माध्यम साबित होति अहइ।
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जनपद: शामली