
किडनी कैंसर अउर किडनी स्टोन दुनौ किडनी से जुड़ि बीमारी अहैं। हालाँकि, ई दुनौ बिल्कुल अलग-अलग समस्या अहैं, लेकिन इनके कुछ लक्षण एक जैसन होइ सकत अहैं। एहिकै नाते बिना डॉक्टरी जांच कै इनके बीच फरक कर पाना कइयौ बार बहुत मुश्किल होइ जात अहै। एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल कै कंसल्टेंट (रेडिएशन ऑन्कोलॉजी) डॉ. पर्ल आनंद कै अनुसार, इन दुनौ बीमारी कै अंतर समझब बहुत जरूरी अहै, जवने से समय रहत सही इलाज मिलि सकै। आवा, आज World Kidney Cancer Day कै मौका पर जानत अहैं कि आप किडनी स्टोन अउर किडनी कैंसर कै बीच कै फरक कइसे पहचानि सकत अहैं।
किडनी स्टोन का अहै अउर कइसे दिखत अहैं इनके लक्षण?
किडनी स्टोन असल मां मिनरल्स अउर नमक कै ठोस टुकड़ा होत अहैं, जौन किडनी कै भीतर बन जात अहैं। जब कउनो कय पथरी होत अहै, तौ ओका पीठ, कमर कै साइड मां या पेट कै निचला हिस्सा मां अचानक अउर बहुत तेज दरद होत अहै। ई दरद लहरन कै तरह आवत-जात रहत अहै। एहिकै अलावा कुछ अउर लक्षण भी देखि सकत अहैं, जइसे:
जी मिचलाय अउर उल्टी आवै।
पेशाब करत समय जलन महसूस होय।
पेशाब मां खून आवै।
अगर पथरी छोट अहै, तौ ओ अक्सर अपने आप पेशाब कै रास्ता से बाहर निकरि जात अहै, लेकिन बड़का पथरी कय खातिर मेडिकल ट्रीटमेंट कय जरूरत पड़त अहै।
किडनी कैंसर कइसे अलग अहै?
दूसरी तरफ, किडनी कैंसर तब होत अहै जब किडनी मां असामान्य कोशिकाएं बेहिसाब बढ़ै लागत अहैं। सबसे ध्यान देय वाली बात ई अहै कि शुरुआती स्टेज मां किडनी कैंसर कय कउनो लक्षण देखि नाहीं देत। कइयौ बार तौ एकर पता अचानक तब चलत अहै, जब कउनो अउर वजह से इमेजिंग टेस्ट करवाय जात अहैं। जइसे-जइसे बीमारी बढ़त अहै, ई लक्षण सामने आइ सकत अहैं:
पेशाब मां खून आवै।
कमर कै साइड या पीठ कै निचला हिस्सा मां लगातार दरद रहै।
बिना कउनो कारण कै वजन कम होय।
बहुत ज्यादा थकान अउर बुखार रहै।
पेट मां कउनो गांठ कय महसूस होय।
दरद से समझि लैं दुनौ कै बीच कै सबसे बड़का अंतर
अगर आप कन्फ्यूज अहैं, तौ ‘दरद कय तरीका’ दुनौ कै बीच एक बहुत बड़का अंतर बताय सकत अहै:
पथरी कय दरद: ई एकदम अचानक उठत अहै, बहुत तेज होत अहै अउर रुक-रुक कय आवत अहै।
कैंसर कय दरद: ई दरद हल्का, लेकिन लगातार बना रहत अहै, अउर समय के साथ धीरे-धीरे बढ़त जात अहै।
ई सच अहै कि पेशाब मां खून दुनौ बीमारी मां आइ सकत अहै, लेकिन अगर एकरे साथ बिना कउनो कारण कै तेजी से वजन गिरत अहै अउर लगातार थकान बनी अहै, तौ ई कैंसर कै इशारा होइ सकत अहै।
सही जांच अहै बहुत जरूरी
चूंकि दुनौ बीमारी कै कइयौ लक्षण आपस मां मिलत-जुलत अहैं, एहिकै नाते अगर आपका पेशाब से जुड़ि कउनो भी लगातार बनी रहै वाली समस्या होय या पेशाब मां खून देखै, तौ ओका बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करब। डॉक्टर सही बीमारी कै पता लगाय खतिर अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन अउर लेबोरेटरी टेस्ट कै मदद लेत अहैं। सही जांच कै बाद ही ओ आपका सही इलाज कै सलाह देइ सकत अहैं।




