
का आप जानत अहा कि हमार नींद अउर ‘बॉडी क्लॉक’ कउनो गम्भीर बीमारी से उबरै मां कतई मददगार होइ सकत अहै? हाल ही मां भवा एक नया अध्ययन मां एक बहुत नीक खबर सामने आई अहै। इ स्टडी के अनुसार, अगर स्ट्रोक के मरीज अपनी बॉडी क्लॉक कै रिदम (लय) कय मजबूत कर लेइं, तौ उनकर दिमाग कय तेजी से ठीक होवै मां बहुत मदद मिल सकत अहै। आवा जानि कि इ नई रिसर्च मां अउर का-का अहम खुलासा भवा अहै।
नींद अउर दिमाग कै रिकवरी कै खास कनेक्शन
‘जर्नल ऑफ क्लिनिकल इन्वेस्टिगेशन’ मां छपा इ नई रिसर्च के मुताबिक, शरीर कै प्राकृतिक दैनिक लय कय ठीक कइके अपनी नींद मां सुधार करब एक बहुत नीक उपाय अहै। इ तरीका स्ट्रोक के बाद दिमाग कै रिकवरी कय तेज कर सकत अहै। दरअसल, इ नई रणनीति दिमाग की सफाई कय बेहतर बनावै अउर स्ट्रोक के परिणाम कय सुधारे कै काम करत अहै।
कइसे मजबूत करें अपनी बायोलॉजिकल क्लॉक?
शोधकर्ता लोगन चूहवन पर भवा परीक्षण मां पावा कि शरीर कै जैविक घड़ी कय दुरुस्त करै से स्ट्रोक के बाद रिकवरी बेहतर होत अहै। एकर खातिर कुछ खास तरीका अपनावा जाइ सकत अहै:
सही समय पर अंजोर (रोशनी) के संपर्क मां रहब।
मेलाटोनिन कै उपयोग।
ऐसी दवाइयन कै इस्तेमाल जौन सीधा बॉडी क्लॉक पर असर डालत अहैं।
इ उपायन कय अपनावै से स्ट्रोक से पीड़ित चूहवन मां ठीक होवै कै रफ़्तार मां बहुत सुधार देखा गवा।
दिमाग कै ‘कचरा’ साफ करै वाला नेटवर्क
रोचेस्टर मेडिकल सेंटर के शोधकर्ता लोगन इ अध्ययन के दौरान एक अउर अहम बात खोजी। उनकर पावा कि बॉडी क्लॉक कय मजबूत करै से दिमाग के ‘ग्लिंफैटिक सिस्टम’ मां बहुत सुधार होत अहै। आसान भाषा मां कहि तौ इ सिस्टम हमार दिमाग कै कचरा साफ करै वाला नेटवर्क अहै। इ प्रणाली खून कै नसियन के साथ-साथ अउर मस्तिष्क के ऊतकों के जरिए सेरेब्रोस्पाइनल तरल पदार्थ कय हटावै कै जरूरी काम करत अहै।
सूजन पैदा करै वाले तत्वन मां आई कमी
स्ट्रोक के बाद अक्सर दिमाग मां कुछ ऐसे मॉलिक्यूल्स (अणु) बचि जात अहैं जौन सूजन पैदा करत अहैं, लेकिन रिसर्च मां इ सामने आवा कि ग्लिंफैटिक सिस्टम के बेहतर होवै से, दिमाग मां मौजूद इ सूजन पैदा करै वाले हानिकारक अणुवन के स्तर मां भी भारी कमी आवत अहै, जवने से मरीज कय जल्दी स्वस्थ होवै मां मदद मिलत अहै।




