
का कबौ सोचे अहा कि जब कउनो बीमारी आवत अहै या उमिर बढ़ति अहै, तौ मरद अउर मेहरारू कै शरीर एकही स्थिति मा अलग-अलग तरीका से काहे प्रतिक्रिया देत अहै? हाल मा भवा एक नवा शोध ई बड़के सवाल कै जवाब खोज लिहिस अहै। एकर असली कारण हमारे शरीर मा मौजूद एक खास प्रोटीन अहै, जवने का ‘एसआइआरटी 7’ कहा जात अहै। ई प्रोटीन मुख्य रूप से हमारे जीन कै सुरक्षा करत अहै अउर ओकर गतिविधि का कंट्रोल करत अहै।
वैज्ञानिक का कहत अहैं? अमेरिका कै ‘मैस जनरल ब्रिघम’ अउर स्पेन कै ‘जोसेप कैरेरास ल्यूकेमिया इंस्टीट्यूट’ कै शोधकर्ता ई विषय पर गहराई से स्टडी करे अहैं। विशेषज्ञन के अनुसार, बीमारी के बढ़े या शरीर के बूढ़ा होय के प्रक्रिया मा लिंग के आधार पर होय वाले बदलावन के पीछे कै जैविक कारण का अभी तक पूरा समझे न जा सका रहा। इन्ही कारणन अउर अंतर का बेहतर ढंग से समझे खतिर वैज्ञानिक अब सेक्स क्रोमोसोम कै बारीकी से जांच करत अहैं।
‘एसआइआरटी 7’ प्रोटीन कै का काम अहै? प्रतिष्ठित विज्ञान पत्रिका ‘नेचर’ मा छपा ई स्टडी से एक अहम खुलासा भवा अहै। ‘एसआइआरटी 7’ एक अइसन प्रोटीन अहै जवन तनाव अउर उमिर बढ़े पर हमारे शरीर के कोशिका के रिएक्शन का संभालत अहै। शोध मा पता चला अहै कि ई प्रोटीन हमारे एक्स क्रोमोसोम कै सेहत बनाय रखे मा एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभावत अहै।
एक्स क्रोमोसोम कै पूरा गणित: कउनो मनई कै जैविक लिंग तय करे वाले दुई सेक्स क्रोमोसोम होत हैं, जवने मा से एक एक्स क्रोमोसोम अहै।
मेहरारून मा: आमतौर पर दुई एक्स क्रोमोसोम (XX) पावा जात हैं।
मरदन मा: एक एक्स अउर एक वाई क्रोमोसोम (XY) होत अहै।
ई शोध मा सामने आवा अहै कि मेहरारून के कोशिका मा जीन कै एक्टिविटी का संतुलित रखे खतिर शरीर आमतौर पर एक एक्स क्रोमोसोम का इनएक्टिव कय देत अहै। यही क्रोमोसोम अउर ‘एसआइआरटी 7’ प्रोटीन कै तालमेल मेहरारून अउर मरदन के स्वास्थ्य प्रतिक्रिया मा बड़हन अंतर पैदा करत अहै।




