धर्म/अध्यात्म

भूल कय भी न पहिनिन टूटा रत्न, जीवन मां होइ सकत अहैं 5 बड़ नुकसान

वैदिक ज्योतिष मां रत्न शास्त्र कय बहुत बड़ महत्व अहै। रत्न शास्त्र नवग्रहों से संबधित अहै। हर एक ग्रह कय एक मुख्य रत्न होत अहै। रत्न शास्त्र कय अनुसार, जब मनई कय कुंडली मां कवनो ग्रह कमजोर स्थिति मां होत अहै, तौ अइसन मां मनई कय जीवन मां ढेर परेशानियों कय सामना करय का पड़त अहै। यहि से कुंडली मां ग्रह का मजबूत करय खतिव रत्न पहिनय कय सलाह दीन जात अहै। रत्न शास्त्र कय अनुसार, टूटा हुआ रत्न भूल कय भी नाहीं पहिनय का चाही। अइसन रत्न का बदल लेवय का चाही। तौ आइं, इस लेख मां तनिक आप का बतावत अहैं कि टूटा हुआ रत्न पहिनय से मनई का कौन-कौन से भयंकर नुकसान उठावय पड़ सकत अहैं।

टूटा रत्न पहिनय कय नुकसान

अगर आप कवनो रत्न ग्रह कय कृपा पावय खतिव धारण किहे अहा औ वौ रत्न खंडित होइ गवा अहै, तौ अइसन मां जिस ग्रह कय वौ रत्न अहै, वौ अशुभ परिणाम देवय लागत अहै। लाभ कय बजाय ग्रह कय प्रकोप कय सामना करय का पड़ सकत अहै। यहिके अलावा टूटा हुआ रत्न पहिनय से जीवन मां दरिद्रता आवत अहै। आर्थिक नुकसान औ कारोबार मां सफलता नाहीं मिलत। साथ ही कर्ज बढ़य जैसी स्थितियां पैदा होइ सकत अहैं। खंडित रत्न धारण करय से मनई कय जीवन नकारात्मक रूप से प्रभावित होत अहै। इससे मनई का शारीरिक कष्ट, गंभीर बीमारियों कय सामना करय का पड़ सकत अहै। रत्न शास्त्र कय अनुसार, टूटा हुआ रत्न पहिनय से जीवन मां मानसिक तनाव आ सकत अहै औ फैसला लेवय कय क्षमता भी कमजोर होइ सकत अहै। साथ ही घर मां पारिवारिक कलह कय समस्या आ सकत अहै। यहिके अलावा टूटा हुआ रत्न पहिनय से काम मां बाधा आ सकत अहै औ काम मां सफलता नाहीं मिलत अहै।

रत्न टूटय पर का करिन?

अगर आपकय रत्न टूट गवा अहै, तौ ओका उतार लीं। ओकरे बाद ओका कवनो पवित्र नदी मां बहा दीं। अगर पवित्र नदी मां बहाव संभव नाहीं अहै, तौ रत्न का पीपल कय पेड़ कय नीचे माटी मां दबा दीं। ओकरे बाद कवनो ज्योतिषी कय सलाह से नया रत्न धारण करिन।

ध्यान राखिन ये खास बातें

रत्न का धारण करय से पहिले ओका पंचामृत से शुद्ध करिन। ओकरे बाद रत्न का इष्ट देव कय चरणन मां राखिन। शुभ दिन रत्न का धारण करय का चाही। इससे जातक का शुभ फल कय प्राप्ति होत अहै। रत्न धारण करत समय ग्रह से संबंधित मंत्र कय जप सच्चे मन से करिन। अइसन करय से सकारात्मक ऊर्जा कय संचार होत अहै।

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