
अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस कय मौका पर या साल देशभर में बड़ा भारी उत्साह देखाय जात अहै। पश्चिम बंगाल कय राजधानी कोलकाता में होत मुख्य कार्यक्रम में भागीदारी कय कई नया कीर्तिमान बनय कय उम्मीद अहै। इतवार कय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कय नेतृत्व में कोलकाता में करीब 10 लाख लोग योगाभ्यास करिहैं। या पहली बार अहै जब अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस कय मुख्य कार्यक्रम कोलकाता में होइ रहा अहै, जवने कय नाते पूरा शहर में बहुत उत्साह अउर उत्सव कय माहौल बना बा।
लोगन कय या जोश बतावत अहै कि योग दिवस अब एक जन आन्दोलन कय रूप लइ लिहिस अहै। हम आपन कय बताइ दीं कि या साल अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस कय थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था खतिव योग’ राखि गा अहै। या विषय आज कय समय में बहुत जरूरी अहै। भारत दुनिया कय सबसे युवा देसन में गिना जात अहै अउर युवा लोगन खतिव या स्वास्थ्य कय प्रति जागरूक होवय कय बडा मौका अहै। जदि लोग अभी से योग अउर स्वास्थ्य पर ध्यान दिहिन तव भविष्य में ओइ बेहतर जीवन जीयय कय साथे देश कय विकास में भी योगदान देइ सकिहैं।
योग सिखावय वारेन कय भी या मानब अहै कि योग अब खाली शारीरिक कसरत भर नाहीं रहि गया अहै, बल्कि या जन-उत्सव बन गया अहै। लोगन में योग कय प्रति बढत जागरूकता या बात कय सबूत अहै कि या परंपरा अब घर-घर पहुँचत अहै।
हम आपन कय याद दिवाय दीं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी साल 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में 21 जून कय अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित करय कय प्रस्ताव राखिन रहा। या प्रस्ताव मात्र तीन महीना कय भीतर रिकॉर्ड 177 देसन कय समर्थन के साथ पास भवा रहा। ओकरे बाद साल 2015 से दुनिया भर में योग दिवस मनावा जाय लाग। नरेन्द्र मोदी खुद हर साल अलग-अलग शहरन में योग दिवस कार्यक्रमन कय अगुवाई करिन अहै।
साल 2015 में नई दिल्ली कय कर्तव्य पथ पर भवा पहिला कार्यक्रम में 35 हजार से जियादा लोग भाग लिहिन रहा अउर दू विश्व रिकॉर्ड बनिन रहा। ओकरे बाद चंडीगढ़, लखनऊ, देहरादून, रांची, मैसूर, श्रीनगर अउर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय न्यूयॉर्क जइसन जगहन पर योग दिवस कय भव्य आयोजन भवा। साल 2020 अउर 2021 में महामारी कय दौरान योग दिवस डिजिटल तरीका से मनावा गवा रहा, जवमें ‘घर पर योग’ अउर ‘स्वास्थ्य खतिव योग’ जइसन संदेश दीहिन गए।
हम आपन कय बताइ दीं कि प्रधानमंत्री मोदी योग कय वैश्विक जन आन्दोलन बनावय खतिव कूटनीति, तकनीक अउर जन-भागीदारी कय बढिया इस्तेमाल करिन। ऊ योग कय धार्मिक सीमान से ऊपर उठाय के स्वास्थ्य अउर मानव कल्याण से जोड़िन। आयुष मंत्रालय कय स्थापना अउर विश्व स्वास्थ्य संगठन कय मदद से बहुभाषी योग प्रशिक्षण मंच तैयार करय जइसन प्रयास योग कय दुनिया भर में नई पहचान दिहिन। यही कारण अहै कि आज योग दिवस 190 से जियादा देसन में मनावा जात अहै अउर भारत कय सांस्कृतिक पहचान कय जरूरी प्रतीक बन गया अहै। खास बात या अहै कि पहिले जहाँ योग कय एक धर्म कय साथ जोड़ के देखा जात रहा, वहीं अब हालत बदल गए अहैं अउर मुसलमान भाई भी योग करत अहैं।