
एक वकील दिल्ली उच्च न्यायालय कय मुख्य न्यायाधीश कय चिट्ठी लिखिकय हाल ही मां मालवीय नगर मां भई अग्निकांड कय स्वतः संज्ञान लेइ अउर घटना कय स्वतंत्र जांच कय आदेश देइ कय आग्रह करिन अहै, साथ ही संभावित नियामक अउर प्रशासनिक चूक कय भी जांच करय कय कहे अहैं। 5 जून कय लिखल गय एक खुला पत्र मां, वकील भविष्य शाक्य अग्निकांड मां भई जान-माल कय नुकसान पर चिंता जाहिर करिन अउर तर्क दिहिन कि इ घटना राष्ट्रीय राजधानी मां अग्नि सुरक्षा नियम अउर सार्वजनिक सुरक्षा कानून कय पालन कय ऊपर बड़ सवाल उठात अहै।
चिट्ठी मां कहल गय अहै कि इ त्रासदी एक दुकान या जगह स कहीं बड़ मुद्दा स जुड़ल लागत अहै अउर इ बात कय जांच होय कय जरूरत अहै कि का सुरक्षा नियम लागू करय वाले अधिकारी आपन काम ठीक स करिन अहैं कि नाहीं। वकील इ बात कय गहन जांच कय मांग करिन अहैं कि का परिसर कय पास वैध अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र, अधिभोग अनुमति अउर कानूनी लाइसेंस रहा, अउर का अनिवार्य जांच कानून कय मुताबिक भई रही। चिट्ठी मां इ भी पूछा गय अहै कि का सुरक्षा संबंधी कमी कय बारे मां कउनो शिकायत मिली रही अउर का अधिकारी ओकर पर कउनो कार्रवाई करिन रहें?
इस अर्जी मां दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली पुलिस, लाइसेंसिंग प्राधिकरण अउर जिला प्रशासन समेत अलग-अलग सार्वजनिक प्राधिकरण कय भूमिका कय जांच करय कय आग्रह करल गय अहै, ताकि इ पता चलि सकै कि का कउनो प्रशासनिक चूक घटना या ओकर परिणाम मां जिम्मेदार रही। अनुच्छेद 21 कय तहत जीवन कय संवैधानिक अधिकार कय हवाला देत, चिट्ठी मां कहल गय कि जहां भी जांच मां लापरवाही, काम मां ढिलाई, सत्ता कय दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, मिलि-भगत या कानून कय उल्लंघन देखाइ पड़ै, तहां जवाबदेही तय होय चाही। इमा इ भी कहल गय अहै कि उपहार सिनेमा त्रासदी स मिलल सबक इ बतावत अहै कि व्यक्तिगत लापरवाही कय साथ-साथ सिस्टम कय विफलता कय भी दूर करब जरूरी अहै।
न्यायालय कय निगरानी मां जांच कय मांग कय अलावा, वकील परिसर स जुड़ल जांच रिकॉर्ड, लाइसेंस, मंजूरी अउर पालन रिपोर्ट कय सार्वजनिक करय कय निर्देश देय कय अनुरोध करिन अहैं। चिट्ठी मां दिल्ली मां चलत होटल, गेस्ट हाउस, हॉस्टल, होमस्टे, पेइंग गेस्ट अउर दूसर व्यावसायिक आवास कय शहर-व्यापी ऑडिट करय कय भी प्रस्ताव दिहिन अहैं।
अर्जी मां इ भी कहल गय अहै कि एक अइसन नियामक ढांचा तैयार कीन जाय जेकरे तहत ऑनलाइन आवास बुकिंग प्लेटफॉर्म कय पब्लिक बुकिंग कय खातिर संपत्ति लिस्ट करय स पहिले अग्नि सुरक्षा मंजूरी, अधिभोग अनुमति अउर दूसर कानूनी जरूरी शर्त कय जांच करब अनिवार्य होय।