जीवनशैली

नींद कय कमी स कमजोर होय लाग अहै दिमाग कय ‘ब्लड-ब्रेन बैरियर’

हम सब जानत अही कि अच्छी सेहत खतिव एक सुकून भरी नींद लेब कतई जरूरी अहै, पै का रउआ जानत अही कि ठीक स न सोइ पाब रउआ दिमाग कय कतई गहराई तक नुकसान पहुंचा सकत अहै? हाल ही में भवा एक अध्ययन में ई चौंकै वाला खुलासा भवा अहै कि नींद में बार-बार खलल पड़ब स हमार दिमाग कय ‘ब्लड-ब्रेन बैरियर’ कय भारी नुकसान पहुंचत अहै। आवैं आसान भाषा में समझत अही कि ई रिसर्च का कहत अहै।

दिमाग कय ‘सिक्योरिटी गार्ड’ अहै ब्लड-ब्रेन बैरियर

‘ब्लड-ब्रेन बैरियर’ कय रउआ अपने दिमाग कय एक बहुत चुस्त सिक्योरिटी गार्ड या एक खास फिल्टर मान सकत अही। ई दिमाग कय रक्त वाहिका कय चारों ओर कोशिका कय एक परत होत अहै। एकर काम का अहै? ई बहुत ही चुनिंदा चीज कय ही अंदर जाइ देत अहै। ई दिमाग तक जरूरी ऑक्सीजन अव पोषक तत्व तौ पहुंचात अहै, पै खतरनाक बैक्टीरिया, विषैले पदार्थ अव ज्यादातर दवाई कय बाहर ही रोक देत अहै। इहइ तरे ई हमार दिमाग कय गंभीर नुकसान स बचात अहै।

नींद में खलल पड़ब स का असर होत अहै?

‘लैबमेड डिस्कवरी’ पत्रिका में छपा एक स्टडी कय मुताबिक, जब हमार नींद पूरी नाहीं होत या ओहमें बाधा आवत अहै, तौ ई बैरियर कय नुकसान पहुंचत अहै। शंघाई जिओ टोंग यूनिवर्सिटी कय शोधकर्ता बतइहिन अहै कि ई बैरियर कय डैमेज होब कय सीधा संबंध हमार सोचे-समझै कय क्षमता में कमी स अहै। एकर कारन अल्जाइमर जइसन बीमारी अव दिमाग कय नस कय प्रभावित करै वाली कई अउर समस्या पैदा होय सकत अहै।

कइसै कमजोर पड़त अहै ई बैरियर?

शोधकर्ता बतइहिन कि जब ब्लड-ब्रेन बैरियर कय नुकसान पहुंचत अहै, तौ दुइ मुख्य परेशानी होत अहै:

बढ़ी हुई पारगम्यता: कोशिका कय बीच कय जगह स पानी, आयन अव छोट अणु कय आवाजाही जरूरत स ज्यादा बढ़ि जात अहै।

सफाई में रुकावट: दिमाग स बेकार पदार्थ कय बाहर निकालै कय प्रक्रिया में बाधा आवत अहै।

ई नुकसान कय पीछे मुख्य रूप स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, न्यूरोइन्फ्लेमेशन अव आंत कय माइक्रोबायोम कय असंतुलन जइसन कारन सामिल पावा गवा अहै।

सोवै-जागै कय बिगड़ल चक्र भी अहै जिम्मेदार

हमार शरीर कय एक अपनी घड़ी होत अहै, जेकय सर्केडियन रिदम कहत अही। जब सोवै अव जागै कय ई प्राकृतिक चक्र कय तालमेल बिगड़ि जात अहै, तौ ई भी ब्लड-ब्रेन बैरियर कय तोड़ै कय काम करत अहै। एकर अलावा, नींद स जुड़ल एक खास बीमारी- ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया कय कारन भी ई बैरियर कय नुकसान पहुंचै कय प्रमाण मिला अहै।

याददाश्त पर सीधा असर

दिमाग कय उ हिस्सा जवन हमार याददाश्त स जुड़ल होत अहै, ओकय ‘हिप्पोकैंपस’ कहत अही। अध्ययन में ई बात सामने आई अहै कि अगर हिप्पोकैंपस में ब्लड-ब्रेन बैरियर टूटत अहै, तौ ई साफ तौर पर हमार याद रखै अव सोचे-समझै कय क्षमता में कमी कय संकेत होय सकत अहै।

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