राष्ट्रीय

पवन खेड़ा कय बड़ा आरोप: PM Modi ट्रंप कय आगू कमजोर पड़िन, देश कय अपमान भवा

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा शनिवार का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कय साथ हालिया बातचीत कय लइके खूब आलोचना करिन। उ आरोप लगाइन कि तीन भारतीय नाविकन कय कथित हत्या कय बाद प्रधानमंत्री कमजोरी देखाएन अउर भारत कय हित कय रक्षा करय मां नाकाम रहिन।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस मां खेड़ा कहिन कि इस हफ़्ता हम सब, पूरा देश अउर पूरी दुनिया एक बहुत शर्मनाक नज़ारा देखिन। शर्म से हमार सिर झुक गवा—कम से कम उन लोगन कय, जउन भारत कय खातिर जियथिन। डोनाल्ड ट्रंप कय सामने प्रधानमंत्री मोदी कय नजर झुकी रही। उनकर हाथ कांपत रहा। उ सोफ़ा पै अइसन सिमट कय बइठे रहे। अउर उ एक कागज़ से पढ़िकय ‘एक्सीलेंसी, एक्सीलेंसी’ कहत रहे।

उ प्रधानमंत्री कय ‘एक्सीलेंसी’ शब्द कय इस्तेमाल पै सवाल उठाइन अउर कहिन कि हियां तक कि अनुवाद करय वाला का भी शर्मिंदगी महसूस भई। उ एकर अनुवाद ‘एक्सीलेंसी’ कय तौर पै नाहीं करिस; उ ‘मिस्टर प्रेसिडेंट’ कहिस, जउन उनका संबोधित करय कय सही तरीका अहै। आखिर कौन अइसन ‘एक्सीलेंसी’ शब्द कय इस्तेमाल करत अहै?

खेड़ा आगे कहिन कि इस बातचीत से भारत अउर उनकर नेतृत्व कय कद नाहीं झलक। उ कहिन कि अइसन नाहीं लाग कि 150 करोड़ नागरिकन कय कोई प्रतिनिधि कउनो देश कय मुखिया से बात करत होय। अइसन लाग जैसे कउनो कंपनी कय एजेंट अपना मालिक से बात करत होय। इससे बहुत शर्मिंदगी, बहुत दुख अउर बहुत गुस्सा महसूस भवा।

पूर्व प्रधानमंत्री लोगन से तुलना करत भवा खेड़ा कहिन कि यह एक आज़ाद देश अहै। हम इंदिरा जी, राजीव जी, नरसिम्हा राव जी, अटल बिहारी वाजपेयी जी अउर डॉ. मनमोहन सिंह का देखिन हय। हम कबो कउनो का अइसन झुकत नाहीं देखिन। हम कबो अइसन समर्पण या समझौता नाहीं देखिन। इस हफ़्ता हम जउन देखिन, मोका नाहीं लागत कि हम ओका आसानी से भूल पायब।

तीन भारतीय नाविकन कय मौत कय जिक्र करत भवा खेड़ा आरोप लगाइन कि अमेरिका इस पै अफ़सोस नाहीं जाहिर करिस। उ कहिन कि अमेरिका दिन-दहाड़े हमार तीन निहत्थे नागरिक नाविकन कय हत्या कर दिहिस। अमेरिका कुछ दिन पहले हमार तीन बेगुनाह नाविकन कय हत्या कर दिहिस। बहुत पहले नाहीं, बल्की कुछ ही दिन पहले।

उ आगे कहिन कि डोनाल्ड ट्रंप खेद तक नाहीं व्यक्त करिन। राष्ट्रपति ट्रंप का खेद नाहीं भवा, माफी मांगब तौ दूर कय बात अहै। उ अइसन काहे करित? ‘एजेंट’ उहां दुबका बइठा अहै। बस एजेंट कय पीठ थपथपा दय, उनकर तारीफ कर दय, अउर उ बहुत खुश होइ जइहैं। जब कुछ अउर नाहीं बचा, तौ उ कहिन, ‘अरे महोदय, तोहार चमड़ी (त्वचा) कतई नीक अहै। तोहार गोरी चमड़ी कय राज का अहै?’ अउर हमार ‘एजेंट’ बस इतना सुनिकय खुश होइ गवा।

अपनी आलोचना जारी रखत भवा खेड़ा कहिन कि हमार तीन नागरिक मारि गे, अउर आप सिर्फ अपनी तारीफ सुनिकय वापस आ गे? हम सुने अही कि आप कलही लौटि अही। अब, मार्को रुबियो जयशंकर जी का फटकार भी लगाइन हय अउर उनका अपनी सीमा मां रहय कय कहिन हय। फटकार खाय कय बाद जयशंकर जी इतरात हुवत वापस आ गे हंय, अउर मोदी साहब अपनी चमड़ी कय तारीफ सुनिकय वापस आ गे हंय। का आप उहां सिर्फ अपनी चमड़ी कय तारीफ सुनय गे रहे?

विदेश नीति कय लइके सरकार कय रवैया पै सवाल उठावत उ पूछिन कि यह कइसन अहंकार अहै? आपका समर्थन कय जरूरत काहे अहै? आपका डोनाल्ड ट्रंप कय मंजूरी काहे चाहि? यह यकीन करब कठिन अहै कि दुनिया कय सबसे बड़ लोकतन्त्र कय सरकार इतनी बेइज्जत होइकय लौटत अहै। यह यकीन करब कठिन अहै अउर बुरा भी लागत अहै।

खेड़ा बातचीत कय दौरान पहले से तैयार नोट्स पै निर्भर रहय कय खातिर प्रधानमंत्री कय आलोचना भी करिन। उ कहिन कि आप हत्यारा लोगन कय साथ ‘खि-खि-खि’ करिकय हंसत अही? बेतुकी बात करत अही? सब कुछ पर्चियन से पढ़त अही? आप ‘स्लिप्स PM’ अही। हमार राजस्थान अउर हरियाणा मां पहले से ही ‘स्लिप्स CM’ हंय। अब हमार पास एक ‘स्लिप्स PM’ हंय, जिनका ‘एक्सीलेंसी’ कहय कय खातिर भी पर्ची देखय परत अहै।

Related Articles

Back to top button