प्रेस नोट

=PN-07-06-2026

पत्र सूचना शाखा

सूचना अउर जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश

प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा-2026 के प्रोविजनल उत्तरकुंजी जारी, अभ्यर्थी 12 जून ले आपत्तियां दर्ज करा सकत हइँ: डॉ. प्रशांत कुमार

लखनऊ: 07 जून, 2026

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) भर्ती परीक्षा (विज्ञापन संख्या-01/2022) के तहत 03 अउर 04 जून 2026 के पूरा भई लिखित परीक्षा के सबय 15 विषय के मास्टर सेट के प्रोविजनल उत्तरकुंजी आयोग के वेबसाइट ीजजचेरूध्ध्नचमेेबण्नचण्हवअण्पद पर प्रकाशित करि दी गयल है।

आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार बताइन कि अंग्रेजी, हिन्दी, गणित, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, वाणिज्य, गृह विज्ञान, कला, विज्ञान, संगीत गायन, कृषि, जीव विज्ञान, उर्दू अउर संगीत वादन सहित सबय विषय के उत्तरकुंजी अभ्यर्थी लोगन के देखे खातिर उपलब्ध करा दी गयल है। उन्हों बताइन कि अभ्यर्थी आयोग के ऑनलाइन पोर्टल पर आपन अनुक्रमांक अउर जन्मतिथि के माध्यम से लॉगिन करि संबंधित मास्टर सेट के प्रोविजनल उत्तरकुंजी

फोन नंबर सीधा नंबर: 0522-2239023 ई0पी0बी0एक्स0: 0522-2239132,33,34,35

एक्सटेंशन नंबर 223 224 225

फैक्स नंबर: 0522-2237230 0522-2239586 ई-मेल: नचेववबीदं/हउंपसण्बवउए,

वेबसाइट: ूूूण्पदवितउंजपवदण्नचण्हवअण्पद

पत्र सूचना शाखा

सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश

उप मुख्यमंत्री उ.प्र.सरकार,श्री केशव प्रसाद मौर्य जी के जनपद अइले पर खेरिया एयरपोर्ट पर जनपद के माननीय जनप्रतिनिधि लोगन फूल के गुच्छा देके अउर पटका पिन्हाई के भब्य स्वागत करेन

उपमुख्यमंत्री जी सर्किट हाउस सभागार मा जनपद मा चलत योजना अउर बिकास के कामन के तरक्की अउर कानून ब्यवस्था के समीक्षा कइके निरदेस दिहिन

तहसीलन, ब्लॉक अउर थाना से जुड़ल मामलन मा आम जनता से मिलल सिकाइतन पर तुरंत कारवाही करै के, ओन्हय निराश न लउटावै के, हर एक मिलल सिकायत के बढ़िया से निस्तारण करावै के सेवा अउर नीक ब्यवहार करै के संबंधित लोगन के निरदेस दिहिन

पत्रकारिता लोकतंत्र के चउथा खंभा अहइ अउर एकर भूमिका बहुत जरूरी अहइ। पत्रकार समाज अउर सरकार के बीच एक मजबूत पुल के काम करथिन- माननीय उपमुख्यमंत्री श्री मौर्य

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के बिचार के सब जने सह्योग अउर समर्थन करैं, एसे समय, संसाधन अउर धन के बचत होइ तथा बिकास के कामन के अउर ढेर गति मिलि

उप मुख्यमंत्री जी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कैंपस मा बृक्षारोपण कइके परयावरन बचावै के संदेस दिहिन

लखनऊ: 07 जून, 2026

आज उ.प्र. के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी के खेरिया एयरपोर्ट पहुंचले पर जनपद के माननीय जनप्रतिनिधि लोगन, मंत्री उच्च शिक्षा श्री योगेंद्र उपाध्याय जी, मंत्री महिला एवं बाल विकास श्रीमती बेबी रानी मौर्य जी माननीय विधायक लोगन डॉ.जीएस धर्मेश जी,श्री पुरुषोत्तम खंडेलवाल जी, रानी पक्षालिका सिंह जी, श्री छोटेलाल वर्मा जी, चौधरी बाबूलाल जी,श्री भगवान सिंह कुशवाह जी, डॉ.धर्मपाल सिंह जी, माननीय विधान परिषद सदस्य श्री विजय शिवहरे जी, महापौर श्रीमती हेमलता दिवाकर कुशवाह जी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ मंजू भदौरिया जी,भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रशांत पौनिया जी, महानगर अध्यक्ष भाजपा श्री राजकुमार गुप्ता जी, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष श्री प्रदीप भाटी जी, जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल जी, सीडीओ श्रीमती प्रतिभा सिंह, के साथै सब जनप्रतिनिधि अउर अधिकारी लोगन द्वारा फूल के गुच्छा देके, पटका पिन्हाई के स्वागत करा गवा।

ओकरे बाद माननीय उपमुख्यमंत्री महोदय डॉ.भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी के खंदारी कैंपस मा जे.पी. सभागृह, मा नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन मा मुख्य अतिथि के रूप मा सामिल भयेन, उप मुख्यमंत्री जी ’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कैंपस मा बृक्षारोपण करेन। मुख्य मंच पर पहुंचले पर पत्रकार भाई लोग अउर संगठन के पदाधिकारिन फूल के गुच्छा, मोमेंटो देके, पटका पिन्हाई के भब्य स्वागत करेन। कार्यक्रम के सुरूवात माई सरस्वती के मूरति के सोझा दीया बारि के अउर सरस्वती बंदना के साथै भइ।

उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इंडिया) के राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन के संबोधी करत कहिन कि साल 1972 से सुरू भइ लगभग 55 साल के गरब भरी जात्रा तय करै वाले इ संगठन के राष्ट्रीय सम्मेलन मा मौजूद सब पत्रकार भाई लोगन के मैं आपन पार्टी अउर सरकार के ओर से दिल से स्वागत अउर अभिनंदन करत हौं।

उपमुख्यमंत्री कहिन कि पत्रकारिता लोकतंत्र के चउथा खंभा अहइ अउर एकर भूमिका बहुत जरूरी अहइ। पत्रकार समाज अउर सरकार के बीच एक मजबूत पुल के काम करथिन। जदि सरकार कहीं कमी करत अहइ तौ पत्रकार ओका उजागर करै के हक रखथिन अउर जदि कउनो नीक काम होत अहइ तौ ओका जनता तलक पहुंचावै के जिम्मा भी पत्रकारन के ही अहइ।

उ कहिन कि राजनीतिज्ञ, डॉक्टर, पुलिस सेवा अउर पत्रकारिता के काम 24 घंटा के जिम्मा के अहइ। इ सब छेत्रन मा काम करै वाले लोगन के कउनो भी समय आपन कर्तव्य निभावै के पर सकत अहइ।

श्री मौर्य कहिन कि भारत दुनिया के सबसे बड़ लोकतंत्र अहइ अउर लोकतंत्र के मजबूती मा स्वतंत्र अउर निष्पक्ष पत्रकारिता के जरूरी भूमिका अहइ। उ आपातकाल के नाँव लेत कहिन कि ऊ समय आपातकाल के बिरोध मा आपन समाचार पत्र के पूरा पन्ना खाली छोड़ दिहिन रहा, पत्रकारन ढेर चुनौतियन के सामना करेन रहेन, लेकिन लोकतंत्र के रक्षा खातिर आपन जिम्मेदारी निभाइन।

उ ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के बिचार के समर्थन करत कहिन कि एसे समय, संसाधन अउर धन के बचत होइ अउर बिकास के कामन के अउर ढेर गति मिलि। उ कहिन कि देस के नवान पीढ़ी अउर आम नागरिक भी इ बिचार के समर्थन करत अहैं। हमार यहां लड़काई से ही बचत करै सिखावा जात अहइ छोट बच्चा भी गुल्लक मा आपन बचत करत अहइ, ऊर्जा के बचत कइके हम ऊर्जा संकट के सफ़लता पूर्वक सामना कर सकित हईं।

उपमुख्यमंत्री कहिन कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अगुवाई मा भारत तेजी से बिकास के रास्ता पर आगे बढ़त अहइ। भारत के तरक्की, बिकसित भारत बनावै के कोसिसन के देखि के बिदेसी सक्तियन द्वारा सड़यंत्र जारी अहइ, मेक इन इंडिया मा बनावै वाले, खरीदै वाले आपन देस के होइहैं, आपन लोगन के रोजगार मिलि, आज रक्षा छेत्र मा भी भारत उत्पादन करत अहइ, ऊर्जा, क्रूड ओयल, हथियार खरीद मा बिदेसी मुद्रा के बड़ भाग जात अहइ ऊर्जा बचत से बिदेसी मुद्रा बचि। देस आज बैस्विक ऊर्जा संकट जइसन चुनौतियन के सामना करत अहइ, लेकिन भारत मोदी जी के निपुण अगुवाई मा इ चुनौतियन से सफ़लता पूर्वक निपटै के दिसा मा काम करत अहइ। उ ऊर्जा बचावै के न्योता देत कहिन कि हर नागरिक के बचत अउर संसाधनन के समझदारी से उपयोग मा सह्योग अउर समर्थन करै चाही, माननीय प्रधानमंत्री जी के अपील के लोगन आत्मसात करेन हें।

उ बिकसित भारत,आत्मनिर्भर भारत अभियान, मेक इन इंडिया के नाँव लेत कहिन कि देस मा उत्पादन बढ़ले से रोजगार के नवान अवसर पैदा होइहैं अउर भारत के अरथब्यवस्था अउर ढेर मजबूत होइ। उ ऊर्जा छेत्र मा होत सोध, गैस भंडारन के खोज अउर परमाणु ऊर्जा, थोरियम रिएक्टर के छेत्र मा भारतीय बैज्ञानिकन के उपलब्धियन के भी सरहाना करेन।

उपमुख्यमंत्री महोदय कहिन कि हाल के समय मा दुनिया ढेर संकटन अउर संघर्षन से गुजरत अहइ, लेकिन भारत शांति, बातचीत अउर बिकास के रास्ता देखावै वाला देस बनि के उभरत अहइ। उ कहिन कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अलग-अलग 32 देसन द्वारा दिहल गयल सब से ऊँच सम्मानन से भारत के बढ़त बैस्विक इज्जत के पता चलत अहइ इ मोदी जी के ही नाहीं देस के जनता के भी सम्मान अहइ, आज दुनिया अमेरिका, ईरान, रूस, यूक्रेन के जुद्ध के हालतन मा बिस्वजुद्ध के कगार पर अहइ, भारत रास्ता देखावै वाला अहइ एक दिन जे रास्ते पर भारत चलत अहइ ओही रास्ते पर पूरा दुनिया चलि।

आखिर मा ऊन्होनें कहिन कि उत्तर परदेस सरकार लोकतंत्र क मजबूत बनावै अउ पत्रकारन क समस्या समाधान खातिर परतिबद्ध हय।

ऊन्होनें सबय पत्रकारन से निष्पक्षता अउ जिम्मेदारी से आपन दायित्व निभावै क आह्वान कइलन अउ आश्वासन दिहिन कि सरकार पत्रकारन क हितन खातिर संवेदनशील हय।ऊन्होनें सबय उपस्थित पत्रकारन अउ अतिथियन क फेर से धन्यवाद देत भये आपन शुभकामना जनाविन।

ओकरे बाद मा. उपमुख्यमंत्री महोदय सर्किट हाउस पहुँचेन अउ पार्टी के पदाधिकारी, संगठन अउ मा.जनप्रतिनिधियन के साथ बइठक कइलन। ऊन्होनें मा. जनप्रतिनिधियन अउ जनपद के अधिकारीन के साथ सरकार के लोककल्याणकारी चलत योजनान के प्रगति, विकास कार्य, कानून व्यवस्था आदि क समीक्षा कइलन।

बइठक मा उपमुख्यमंत्री महोदय सबय विभागन क मिली विभिन्न योजनान, लोक कल्याणकारी कार्यक्रमन खातिर आवंटित धन क वित्तीय साल खतम होय तक बचाई रखै, पात्रन क लाभ न देय क आदत पर साफ निर्देश दिहिन कि धन क समय से गरीब, आमजन क सुविधा देय, विभिन्न योजनान मा चयन करि लाभ पहुँचाय क कड़े निर्देश दिहिन।

उपमुख्यमंत्री महोदय सबय तहसीलन, ब्लॉक अउ थाना से जुड़े मामलन मा आमजन से मिली शिकायतन पर तुरत कार्यवाही करै, ओन्हन क निराश न लउटाय, हर मिली शिकायत क बढ़िया निस्तारण करावै सेवा अउ बढ़िया व्यवहार करै खातिर सम्बंधित लोगन क निर्देश दिहिन। ऊन्होनें गाँव अउ सहर के इलाकन मा आवासहीन पात्र आमजन क चिन्हित करि योजना क लाभ देय, अपात्र बाहरी घुसपैठियन के खिलाफ अभियान चलावै, बाहरी घुसपैठियन द्वारा फर्जी कागज के आधार पर आवास सहित अउर सुविधायन क लाभ लेय वालेन क चिन्हित करै के निर्देश दिहिन ऊन्होनें कहिन कि हमार सरकार मा गरीब आदमी क आशा बढ़ी हय, आवास, राशन, पेंशन, आयुष्मान भारत आदि मा पात्र लोगन क पंजीकृत करै, गरीब लोगन के हक के सरकारी राशन क कालाबाजारी करय वालेन के खिलाफ, सरकारी आवास आवंटन आदि मा भ्रष्टाचार करय वालेन क चिन्हित करि ओन्हन के खिलाफ सख्त कार्यवाही करै।

बइठक मा पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार जी, जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल जी, डीसी मनरेगा श्री रामायण सिंह यादव, डीसी एनआरएलएम श्री राजन राय, पीडी डीआरडीए रेनू कुमारी, जिला विकास अधिकारी अउर दूसर सम्बंधित अधिकारी लोग उपस्थित रहेन।

सम्पर्क सूत्र- बी0एल0 यादव

राम यतन/04ः20 च्ड

फोन नम्बर क्पतमबज रू 0522-2239023 ई0पी0बी0एक्स0: 0522-2239132,33,34,35 एक्सटेंशन रू 223 224 225 फैक्स नं0 रू 0522-2237230 0522-2239586 ई-मेल रू नचेववबीदं/हउंपसण्बवउए वेबसाइट :ूूूण्पदवितउंजपवदण्नचण्हवअण्पद

पत्र सूचना शाखा

सूचना अउ जनसंपर्क विभाग, उत्तर परदेस

लेख

समाज कल्याण विभाग

गरीब वर्ग के लरिकन इतिहास रचिन, सर्वोदय विद्यालय के 11 विद्यार्थी जे0ई0ई0 मेंस मा सफलता पाइन।

लखनऊ: 07 जून, 2026

प्रतिभा कउनो संसाधन क मोहताज नाय होत, जरूरत होत हय तौ सिर्फ़ सही मौका, मार्गदर्शन अउ प्रोत्साहन क। उत्तर परदेस सरकार के एही सोच क साकार करत हइन समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाये जात जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय। परदेस के अलग-अलग जिला मा चलत इन आवासीय विद्यालयन के विद्यार्थियन इ साल जेईई मेंस, जेईई एडवांस्ड अउ बोर्ड परीक्षा मा बढ़िया सफलता पाई के इ साबित कइ दिहिन हय कि जदि बढ़िया शिक्षा अउ सही माहौल दिहा जाय तौ गाँव के अउ गरीब परिवारन के लरिका भी राष्ट्रीय स्तर पर आपन पहचान बनाय सकत हइन।

परदेस मा इ साल सर्वोदय विद्यालयन के 11 विद्यार्थियन जेईई मेंस परीक्षा मा सफलता पाई हय, जबकि छात्रा प्रीति जेईई एडवांस्ड खातिर क्वालीफाई करि विद्यालयन के उपलब्धियन मा एक नवा अध्याय जोड़ दिहिस हय। विद्यार्थियन के इ सफलता पर परदेस के मुख्यमंत्री जी सबय छात्रा लोगन क बधाई देत भये ओन्हन के उज्जवल भविष्य क कामना कइलन हय।

उत्तर परदेस सरकार शिक्षा क सामाजिक अउ आर्थिक बदलाव क सबसे बढ़िया माध्यम बनाय दिहिस हय। एही दृष्टिकोण के तहत समाज कल्याण विभाग द्वारा परदेस मा गरीब वर्ग के लरिकन खातिर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय चलाये जात हइन। इन विद्यालयन क मकसद सिर्फ़ औपचारिक शिक्षा देय नाय, बल्कि अइसे विद्यार्थियन क प्रतियोगी परीक्षा खातिर तैयार करै भी हय, जिनके लगे संसाधनन क कमी के कारण बड़े अवसरन तक पहुँच नाय बन पावत। आज इ विद्यालय हजारन विद्यार्थियन खातिर उम्मीद के केंद्र बन चुके हइन। इहाँ विद्यार्थियन क बढ़िया शिक्षा, आवास, भोजन, किताब, वर्दी अउ प्रतियोगी परीक्षा के तैयारी जइसन सुविधायन मुफ्त मा दी जात हइन।

मिर्जापुर के मड़िहान मा स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय क खास तौर पर प्रतियोगी परीक्षा के तैयारी खातिर विकसित कीन्ह गय हय। डॉ. अरुण कुमार तिवारी, ट्रस्टी एक्स नवोदयन फाउंडेशन अउ टाटा एआईजी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के सीएसआर सहयोग से इहाँ जेईई अउ नीट के मुफ्त तैयारी खातिर ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ क स्थापना कीन्ह गय हय। इ केंद्र क मकसद गाँव के इलाका अउ गरीब वर्ग के होनहार विद्यार्थियन क उहे सुविधायन देय हय जौन आम तौर पर बड़े सहरन के महंगा कोचिंग संस्थानन मा मिलत हइन। विशेषज्ञ शिक्षकन क मार्गदर्शन, नियमित टेस्ट, आधुनिक पढ़य वाली सामग्री अउ प्रतियोगी माहौल विद्यार्थी लोगन के आत्मविश्वास क नई ऊँचाइयन तक पहुँचाय दिहिस हय। एकरा परिणाम इ साल सामने आय, जब इहाँ से ढेर संख्या मा विद्यार्थियन देस के सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा मा सफलता पाइन।

इ साल सर्वोदय विद्यालयन के कुल 11 विद्यार्थियन जेईई मेंस परीक्षा मा सफलता पाई के विभाग अउ परदेस क नाम रोशन कइलन हय। मिर्जापुर के मड़िहान मा स्थित सर्वोदय विद्यालय के छात्रा दामिनी पटेल, अंवाला वर्मा, सृष्टि, शिवानी अउ रागनी जेईई मेंस परीक्षा मा सफलता पाइन। इन छात्रा लोगन इ साबित कइ दिहिस हय कि गाँव के माहौल मा रहिके भी राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगी परीक्षा मा बढ़िया परदर्शन कीन्ह जा सकत हय। इन्ही छात्रा लोगन मा सामिल प्रीति एक कदम अउ आगू बढ़त भये जेईई एडवांस्ड खातिर भी क्वालीफाई कइ दिहिस हय। इ उपलब्धि बहुत महत्व रखत हय काहें से कि जेईई एडवांस्ड क देस के सबसे कठिन परीक्षा मा गिना जात हय अउ एकरे माध्यम से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानन (आईआईटी) मा परवेस मिलत हय। एकरे अलावा देवरिया के मेहरौना सर्वोदय विद्यालय के विकास यादव अउ अंकित सिंह, बाराबंकी के तीरगाँव सर्वोदय विद्यालय के अभिषेक मिश्रा, बस्ती के जोगियाटप्पा भानपुर सर्वोदय

बिरवा के अमित कुमार अउर मिर्जापुर के परसिया सरवोदय बिरवा के ऋषिकेश भारती हंउओ जेईई मेंस परीक्षा माँ सफ़लता पाएन हंय।

सफ़लता के एह कहानी माँ प्रीति अउर दामिनी पटेल के नांव ख़ास तौर पs बतावे लायक़ हंय। दुन्नु छात्रन का आईआईटी मंडी के नामी बीबीए अउर एमबीए करम के खातिर छांटा गवा हंय। ई सफ़लता सिरिफ़ आपन नाहीं, बल्कि सरवोदय बिरवन माँ मिलत नीक पढ़ाई-लिखाई के माहौल के परमानो हंय। कम साधन वाले परिवारन से आवत इन छात्रन हंय आपन मेहनत अउर पक्के संकल्पी से ई सिधि कैर दिहिन हंय कि मौक़ा मिले पs कउनोओ लच्छ असम्भव नाहीं होत। आज उनकर सफ़लता परदेस के हज़ारन बिरवा परहय वाले विद्यार्थी के खातिर परेरना के सोरत बनि गई हंय।

समाज कल्यान बिभाग के जरिये अब परदेस के अलग-अलग ज़िलन माँ 103 रैन-बसेरा जय परकास नरायन सरवोदय बिरवा चलाए जा रहे हंय। इन बिरवन माँ छह से बारह तक के विद्यार्थी के मुफ़्त पढ़ाई दिही जात हंय। इन बिरवन के सबले बड़ बिशेसता ई हंय कि इहां विद्यार्थी का सिरिफ़ पठाक्रम पs आधारित पढ़ाई तक सीमित नाहीं रखा जात, बल्कि उनका परतिभागी परिक्षन, बियक्तित्व बिकार, खेल-कूद अउर अउर सृजनसील कामन के जरिये सब तऱफ से बिकार के मौक़ा दिही जात हंय। सरकार के ई पहल गरीब वर्ग के लरिकन के खातिर पढ़ाई के छेत्र माँ बराबर मौक़ा देवे के दिसा माँ एक बड़ कदम माना जात हंय।

परदेस के मुक्ख मंत्री योगी आदित्नाथ जी हंय बीते कइ सालन से पढ़ाई के छेत्र माँ ढेर सुधारन पs ख़ास धियान दिहे हंय। परारम्भिक पढ़ाई से लइके ऊंच पढ़ाई तक अलग-अलग स्तरन पs मूल ढाँचा मज़बूत करा जात हंय। बिरवन माँ स्मार्ट क्लास, डिजिटल पढ़ाई के सामान, बिग्यान के परयोगसालन के बिकार, पुसतकालयन के नयनावा करन अउर तक़नीकी पढ़ाई का आगे बढ़ावे जइसे ढेर कदम उठाए गए हंय। एकरे साथे छात्रबृत्ति के योजना, मुफ़्त किताबन, यूनिफार्म के बँटवारा अउर परतिभागी परिक्षन के तैय्यारी के खातिर ख़ास करम हंय विद्यार्थी के खातिर पढ़ाई का अउर आसान अउर असरदार बनाए हंय। सरवोदय बिरवन के सफ़लता इन कोशिशन के मतलब काओ सिधि करत हंय। कबहुं जिन परिवारन के खातिर ऊंच पढ़ाई सिरिफ़ एक सपन होत रही, आज उनकर लरिका आईआईटी, मेडिकल कॉलेज अउर अउर नामी संसथानन माँ दाखिला के तैय्यारी करत हंय। ई बदलाव सिरिफ़ पढ़ाई वाला नाहीं, बल्कि समाज अउर धन के बदलाव केओ निसानी हंय। इन बिरवन से निकरत विद्यार्थी आगे चलके आपन परिवारन अउर समाज के तरक्क़ी माँ बड़ जोगाद देइहंय। उनकर सफ़लता आवे वाली पीढ़ी के खातिरओ परेरना के सोरत बनिही।

जेईई मेंस माँ 11 विद्यार्थी के सफ़लता, प्रीति के जेईई एडवांस्ड के खातिर चुनावा, आईआईटी मंडी माँ छात्रन के छांटावा अउर बोर्ड परिक्षन माँ बहुत नीक परदरसन ई देखावत हंय कि समाज कल्यान बिभाग के जरिये चलत सरवोदय बिरवा पढ़ाई के छेत्र माँ नई मिसार बनावत हंय। परदेस सरकार के दूरदर्शी नीतियाँ, नीक पढ़ाई, मुफ़्त कोचिंग अउर विद्यार्थी के सब तऱफ से बिकार पs ख़ास धियान आज हज़ारन लरिकन के सपनन का पूरा करे के साधन बनि रहा हंय। सरवोदय बिरवन के ई सफ़लता सिरिफ़ परिक्षा के नतीजा के कहानी नाहीं हंय, बल्कि ऊ सामाजिक बदलाव के कहानी हंय जेमाँ पढ़ाई के जरिये गरीब वर्ग के लरिकन का नई पइचान, नवा आत्म्बिस्वास अउर उजाड़ भबिस्य मिल रहा हंय। आवे वाले सालन माँ ई बिरवा ज़रूर परदेस के पढ़ाई के तरक्क़ी अउर आदमी के साधन के बिकार के मज़बूत खम्भा के रूप माँ बनिहंय।

– आसिया ख़ातून, सूचन अधिकारी

चिट्ठी सूचन साखा

सूचन अउर जनसमपरक बिभाग, उत्तर परदेस

लेख

पासुपालन बिभाग

गाय बचावे वाले केंद्र से गांव के आपन-बल के तऱफ बढ़त आगरा के गांव खेड़ा राठाौर

लखनउ: 07 जून, 2026

उत्तर परदेस के गांव-देहात माँ खेती अउर पासुपालन हमेसा से धनी अउर सामाजिक जीबन के मूल रहे हंय। बदलत समय के साथ लावारिस अउर बेसहारा गायन के समस्या एक बड़ चुनौती बनि के आई रही जउनके सीधा असर किसानन के फसलन अउर गांव के धन बियवसथा पs पऱ रहा रहा। एह दिसा माँ परदेस सरकार के जरिये लागू करा गवा लावारिस गायन के बचावे वाला करम एक बहुत बड़ अउर दूर के सोच वाला कदम सिधि भवा हंय। एह करम के भीतर राज के अलग-अलग ज़िलन माँ नीक तरीक़े से गायन के रहन वाले ठारन के बनवावा अउर चलावा जा रहा हंय। ज़िला परसासन के नीक देखरेख अउर गाँव वाले लोगन के साथ देवे से इन केंद्रन का सिरिफ़ पासुन के रुके के ठार नाहीं बल्कि गाँव के बिकार अउर परयाबरन के संतुलन के एक बिशेस केंद्र बनाया जा रहा हंय।

एही दूर के सोच के एक जीता-जागता मिसार आगरा ज़िला के बाह तहसील के भीतर आवे वाले गाँव खेड़ा राठाौर माँ देखे का मिलत हंय। इहां बनावा गवा बड़ गाय बचावे वाला केंद्र हंय पासु के परबंदन अउर उनकर कल्यान के छेत्र माँ एक नई मिसार देखाए हंय। लगभग डेढ़ साल पहिले बनावा गवा ई केंद्र हंय आपन ठानिक चलावे वाली सीमा से आगे बढ़के काम करा हंय अउर आज ई बेसहारा, बीमार अउर कमज़ोर गायन के खातिर एक बहुत सुरच्छित अउर खुसहाल रहन के ठार बनि चुका हंय।

एह गाय बचावे वाले केंद्र के सफ़लता के मुक्ख आधार एकर मज़बूत मूल ढाँचा अउर बिग्यानी परबंदन हंय। आम तौर पs अइसे केंद्रन माँ छमता से जादा पासु होइ जाए पs गड़बाड़ के हालत बनि जात हंय, लेकिन इहां के कहानी एकदम अलग हंय। सरकारी तौर पs चार सौ पासुन के छमता वाले एह रहन के ठार माँ अब चार सौ से जादा पासु बहुत सुरच्छित हालत माँ रहत हंय। ज़िला परसासन हंय इहां देखरेख के गुन्न से समझौतो किए बिना साधनन के अइसा नीक बँटवारा करा हंय कि हर पासु का नीक पोसन अउर डाक्टरी मदद मिल रही हंय। ई परबंदन बियवसथा ज़िला के अउर छेत्रन के खातिरओ एक रस्ता देखावे वाली बनि रही हंय।

मूल ढाँचा के बात करि तs एह केंद्र के बनवावा लगभग एक एकड़ के बड़ ज़मीन पs करा गवा हंय। एकर बनावट माँ बिग्यानी अउर ब्यबहारिक बातन के पूरा धियान रखा गवा हंय। उत्तर-दक्खिन दिसा माँ सीध कैर के इहां एक बड़ भूसा गोदाम बनाया गवा हंय जेकर छमता चार सौ कुंतल हंय। उत्तर-दक्खिन दिसा के चुने के पाछे मुक्ख मकसद हवा के आवत-जावत का नीक बनाए रखना अउर नमी का काबू माँ रखना हंय जेसे चारा के गुन्न लमरे समय तक सुरच्छित बनि रहत हंय अउर ओमाँ फंगस या सड़न के समस्सा नाहीं होत। एकरे साथे पासुन का आसानी से चारा खियावे के खातिर नया चरही बनवाई गई हंय। केंद्र के आगन माँ चउबीस घंटा देखरेख के खातिर केयरटेकर के कमरा अउर परसासनिक कामन के नीक से

संचालन खातिर एक समर्पित दफ्तर भी अस्थापित कीन गवा बाटै।

ई केंद्र के जगह के चुनाव बहुत सावधानी से कीन गवा बाटै। इ मुख्य गाँव के घनी आबादी से लगभग सौ मीटर के सुरक्षित दूरी पर स्थित बाटै जवने से गाँव मा केवनो परकार के गंदगी या संक्रमण के खतरा नाहीं रहत। साथ ही मुख्य मारग से एक पक्की सड़क से जुड़ल होए के कारन इहाँ चारे के आपूर्ति, डॉक्टरी गाड़ी के आवागमन औ परशासनिक निरीक्षण खातिर पहुँचे बहुत आसान बाटै। ई केंद्र के सबसे बड़ विशेषता एकर प्राकृतिक रेतीली जमीन औ उन्नत पानी निकासी परणाली बाटै। इहाँ पक्के ढाँचा से बनल पानी निकासी के बेवस्था दीन्ह गयल बाटै जेमा बरसात या भारी बरखा के दिनन मा भी परिसर के भीतर पानी के जमाव ना होय। एकरे चलते जानवरन के हर मौसम मा कीचड़ मुक्त, साफ-सुथरा औ सूखा माहौल मिलत बाटै जवन ओनके गोड़ औ चमड़ी के कई बीमारीन से बचावत बाटै।

संरक्षण केंद्र मा रहत कुल गोवंशन मा बछड़ा औ बछड़ी के संख्या बीस बाटै जबकि गाभिन औ दूधिया गाई के संख्या क्रम से आठ औ सोलह बाटै। आश्रय स्थल मा हाल-फिलहाल मा नर गोवंश के संख्या सून्ना बाटै। केंद्र संरक्षण पर ओन जानवरन के संरक्षण पर ज्यादा ध्यान केंद्रित बाटै जेनका तुरंत सहारा औ खास पोसन के जरूरत होत बाटै। दूधिया औ गाभिन गाई के होए से केंद्र के भीतर एक सकारातमक माहौल बनत बाटै। इहाँ ओनके सेहत के निगरानी खातिर खास परबंध कीन गेन बाटैं।

आगरा जिला के संदर्भ मा पशुधन संरक्षण औ एकरे बड़ परबंधन के कार्ययोजना के बहुत ही बेवस्था से जमीन पर उतारल गवा बाटै। जिला परशासन द्वारा मिलल आँकड़ा औ छेत्रीय सरवेक्षण के हिसाब से आगरा के ई खास बड़ गौ संरक्षण केंद्र मा जानवरन के खान-पान, सेहत औ सुरक्षा के लेके रोज के स्तर पर कड़े मानक लागू कीन गेन बाटैं। केंद्र के भीतर चार सौ से जादा गोवंश के सारीरिक जरूरतन के पूरा करे खातिर जवन चार सौ कुंतल क्षमता के भूसा गोदाम बनावा गवा बाटै ओ मौसम के अनिश्चितता से निबटे खातिर एक सुरक्षा कवच के तरह काम करत बाटै।

एकरे अलावा जानवरन खातिर पौष्टिक आहार के उपलब्धता सुनिश्चित करे खातिर केंद्र परिसर मा रोज लगभग दू टन हरे चारे के उत्पादन कीन जात बाटै। हरा चारा जानवरन के पाचन तंत्र के दुरुस्त रखे औ दूधिया व गाभिन गाई के सारीरिक पूर्ति खातिर बहुत जरूरी बाटै। ई लगातार उत्पादन के कारन केंद्र के चारे खातिर बाहरी स्रोतन पर पूरी तरह से निर्भर नाहीं रहै के परत जवने से वित्तीय संसाधनन के भी भारी बचत होत बाटै। हरे चारे के ई आतमनिर्भर मॉडल आगरा के स्थानीय स्तर पर जैविक खेती औ उन्नत किसानी तकनीकन के भी बढ़ावा देत बाटै।

ई पूरा बेवस्था से खाली जानवरन के ही लाभ नाहीं भवा बल्कि गाँवन के भी लाभ होय रहल बाटै। बेसहारा गोवंश के सुरक्षित आश्रय मा आ जाए से आगरा के ई छेत्र मा किसानन के फसलन के नुकसान बंद होइ गवा बाटै जवने से ओनके आर्थिक इस्थिति मजबूत भई बाटै। पहिले रात-रात भर जागी के खेदन के रखवाली करे वाले किसानन के अब ई समस्या से मुक्ति मिल गयल बाटै जवने से ओनकर सामाजिक औ पारिवारिक जीवन सुधर गवा बाटै। एकरे साथ ही गोवंश के मल-मूत से बने वाली जैविक खाद के उपयोग खेदन के उर्वरक सक्ति के बढ़ावे मा कीन जात बाटै जवन रासायिनक खादन पर किसानन के निर्भरता के कम करत बाटै।

स्थानीय परशासन, ब्लॉक स्तर के तंत्र औ ग्राम पंचायत के आपसी तालमेल ई केंद्र के ग्रामीण बिकास औ पारिस्थतिक संतुलन के एक आदर्श मॉडल मा बदल दीन्ह बाटै। इहाँ से उत्पादन भयल जैविक संसाधनन के पुनर्चक्रण करी के पर्यावरण के संरक्षित कीन जात बाटै। ई पूरा परियोजना इ साफ करत बाटै कि केवन प्रकार एक सही सरकारी पहल, जनभावना औ कुशल परशासनिक क्रियान्वयन के मेल से आगरा के ग्रामीण जीवन मा बड़ औ सकारातमक बदलाव ला सकत बाटै। खेड़ा राठौर के ई बड़ गौ संरक्षण केंद्र आज परदेस के बिकास मानचित्र पर एक अइसा चमकत बिंदु बन चुकल बाटै जवन पशुधन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा औ ग्रामीण आतमनिर्भरता के सामूहिक सक्ति के पूरी परमानिकता के साथ परदर्शित करत बाटै।

उत्तर परदेस सरकार के ई योजनान के ब्यापकता खाली एक जिला या एक केंद्र तक सीमित नाहीं बाटै बल्कि पूरे राज्ज मा पशुधन के बिकास औ संरक्षण के नई गाथा लिखी जात बाटै। परदेस सरकार द्वारा हाल ही मा कीन गयल समीक्षा के हिसाब से राज्ज मा हाल-फिलहाल मा कुल सात हजार पाँच सौ सत्ताईस गो-आश्रय स्थल संचालित बाटैं जेमा बारह लाख उनतीस हजार से जादा गोवंश पूरी तरह से संरक्षित बाटैं। ई बड़ बेवस्था के सही से चलावे खातिर ओनका अलग-अलग श्रेणीन मा बाँटल गवा बाटै। एकरे तहत छह हजार चार सौ तैंतीस अस्थायी स्थलन मा नौ लाख निवासी हजार गोवंश, पाँच सौ अट्ठारह बड़ गो-संरक्षण केंद्रन मा एक लाख अट्ठावन हजार गोवंश, तीन सौ तेईस कान्हा गो-आश्रयन मा सतहत्तर हजार नौ सौ पच्चीस गोवंश तथा दू सौ तिरपन कांजी हाउस मा तेरह हजार पाँच सौ छिहत्तर गोवंश के आश्रय दीन्ह गवा बाटै।

सरकार के दूरगामी नीतियन के कारन मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत अब तक एक लाख चौदह हजार लाभार्थियन के एक लाख बियासी हजार से जादा गोवंश सुपुर्द कीन जा चुकेन बाटैं जेनकर नियमित सत्यापन करी के ओनके भरण-पोषण के बेवस्था कीन जात बाटै। ई बेवस्था के अउर जादा पारदर्शी औ मजबूत बनावे खातिर परदेस सरकार आधुनिक तकनीक के समेस कीन बाटै। निगरानी बेवस्था के तहत राज्ज के चौहत्तर जिलान मा पाँच हजार चार सौ छियालीस गो-आश्रय स्थलन पर सात हजार पाँच सौ बानवे सीसीटीवी कैमरे अस्थापित कीन जा चुकेन बाटैं। एकरे साथ ही बावन जिलान मा कमांड एंड कंट्रोल रूम अस्थापित हो चुकेन बाटैं औ बाके जिलान मा ई परकिरिया तेजी से आगे बढ़ रहल बाटै।

गोचर भूमि के परभावी उपयोग खातिर राज्ज मा इकसठ हजार एक सौ अट्ठारह हेक्टेयर से जादा भूमि उपलब्ध बाटै जेमा से दस हजार छह सौ बियालीस हेक्टेयर के सीधे गो-आश्रय स्थलन से जोड़ल गवा बाटै तथा सात हजार तीन सौ चौंसठ हेक्टेयर मा हरे चारे के बिकास कीन जा चुका बाटै। परदेस मा हाल-फिलहाल मा सत्तानवे गोबर गैस संयंत्र संचालित बाटैं जवन साफ ऊर्जा औ आय बनावे के परभावी माध्यम बन रहेन बाटैं। कई जिलान मा स्वयं सहायता समूह तथा स्वयंसेवी संस्था द्वारा गो-पेंट, वर्मी कम्पोस्ट औ गो-दीप सहित अउर उत्पादनन के निर्माण कीन जात बाटै जवने से ग्रामीण आतमनिर्भरता के बल मिल रहल बाटै औ मुजफ्फरनगर के गो-अभयारण्य ई दिसा मा एक बड़ उदाहरन बनी के सामने आवा बाटै।

बड़ गो-संरक्षण केंद्रन के परगति के तहत स्वीकृत छह सौ तीस केंद्रन मा से पाँच सौ अट्ठारह पूरा हो चुकेन बाटैं औ बाके के निर्माण काम आखिरी चरण मा बाटै। पशु सेहत के छेत्र मा खुरपका-मुंहपका, गलाघोटू औ लंपी स्किन डिजीज के खिलाफ बड़ टीकाकरण अभियान संचालित करी के पशुपालकन के लगातार

परशिक्षित कीन जाइ रहा बाटै जेसे राज्य भर क बिकास अउर आपनै भर भरोसा क लच्छ तेजी से पूरा होइ रहा बाटै। आगरा जिला क ई सफल परयोग ई साफ संदेस देत बाटै कि परदेस सरकार क बिकास वाली नीतियां जमीन पर उतरिके खाली बेसहारा पसुअन क जीवनदान दइ रही बाटिन बल्कि गाँवन क अरथब्यवस्था क बिबिधता अउर बढ़ावै क भी सबसै मजबूत साधन साबित होइ रही बाटिन।

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जिला आगरा

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