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सूचना अउ जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेश
12वें अन्तर्राष्ट्रीय जोग दिवस के मौका पै प्रदेश मा राज्य स्तर के 03 पतियोगिता के आयोजन होई
पहिला स्थान पावै वाले पतियोगी का 21,000 रुपिया के इनाम मिली
लखनऊ: 18 जून, 2026
प्रदेश मा आवै वाले 12वें अन्तर्राष्ट्रीय जोग दिवस 21 जून, 2026 के मौका पै आयुष बिभाग दुआर 03 बड़ी राज्य स्तर के पतियोगिता के आयोजन कीन जात आहै। पतियोगिता मा हिस्सा लियै के ताईं आयुष बिभाग दुआर बनावा गवा पोर्टल ीजजचेरूध्धंअंबीण्नचंलनेीण्पद पै पतियोगिता वाले हिस्सा मा ऑनलाइन हिस्सा लै सकत हैं।
आयुष बिभाग से मिली जानकारी के हिसाब से, पहिली स्लोगन पतियोगिता होई। जेके तहत हिन्दी भासा मा कम से कम दुई लाइन अउ ज्यादा से ज्यादा चार लाइन के होई। दूसर जोग चित्रकला पतियोगिता होई, जेके भीतर पोस्टर साइज 70’’56 सेमी0 (चार्ट पेपर) जउन हाथ से बनाई जाई। अइसै तीसरी जोगासन पतियोगिता होई, जेके भीतर वीडियो ज्यादा से ज्यादा 01 मिनट के होई। सब पतियोगिता मा सब आम लोग हिस्सा लै सकत हैं। इ पतियोगितान के मकसद आम जनता का जोग के बरे मा जगरूक अउ बढ़ावा देब आहै। ताकि लोग लिखाई, चित्रकला अउ देखे वाले माध्यम से ‘‘जोग दिवस’’ मा हिस्सा लै के आपन हुनर के भी देखावा करैं अउ इनाम जीतैं।
पहिला इनाम पावै वाले पतियोगी का 21000 रुपिया, दूसर स्थान पावै वाले पतियोगी का 11000 रुपिया, तीसर स्थान पावै वाले पतियोगी का 5100 रुपिया दीन जाई। अइसै चौथा स्थान पावै वाले पतियोगी का 2100 रुपिया अउ पाँचवा स्थान पावै वाले पतियोगी का 1100 रुपिया के धनरासि दी जाई।
सम्पर्क सूत्र- अजय द्विवेदी
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सूचना अउ जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेश
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के ताईं 46.87 करोड़ रुपिया के धनरासि मंजूर
लखनऊ: 18 जून, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के बनावै वाले काम के ताईं वित्तीय संस्था से लिहे गए कर्जा के मूलधन के चुकावै बरे वित्तीय साल 2026-27 मा 46.87 करोड़ रुपिया (4687.50 लाख रुपिया) के धनरासि जारी करै के मंजूरी दिहेस आहै। इ धनरासि 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 के बीच जरूरी भुगतान का धियान मा राखि के दी गइ आहै।
इ बारे मा अवस्थापना बिकास बिभाग दुआर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक बिकास पाधिकरण (यूपीडा) का चिट्ठी जारी कीन गइ आहै। सासन के आदेस के हिसाब से गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के बनावै के ताईं वित्तीय संस्था से लिहे गए कर्जा के मूलधन के समय से चुकावै का पक्का करै बरे इ रासि छोड़े के इजाजत दी गइ आहै।
सम्पर्क सूत्र- सरिता वर्मा
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सूचना अउ जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेश
विभूतिन के सम्मान के साथै बिखरा संस्कृति के रंग
भगवान गौतम बुद्ध पै नाच-नाटिका मन मोह लिहिस
दास्तानगोई के साथै कान्हा से दुआरिकाधीस नाटक के मंचन
लखनऊ: 18 जून, 2026
अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सोध संस्थान, (संस्कृति बिभाग), बदलाव रू एक कदम सिच्छा के ओरी अउ कला कारवां के एक साथै मिलि के नारी सक्ति बंदन अभियान के तहत 18 जून 2026 दिन बियफे का साँझ 04 बजे से वीरांगना सम्मेलन अउ लच्छमनपुरी फेस्टिवल-2026 के आयोजन कीन गवा। गोमतीनगर मा अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सोध संस्थान के पेच्छागृह मा रानी लच्छमीबाई जी के बलिदान दिवस पै आयोजित इ सांस्कृतिक महोत्सव मा लखनऊ के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला, साहित्य, लोक परंपरा अउ सामाजिक सरोकार के छाप देखान।
कारजकरम मा बरिस्ठ रंगकर्मी अउ अभिनेता डा. अनिल रस्तोगी, बरिस्ठ पत्रकार स्याम कुमार, उद्यमी यावर अली साह अउ रोटरी क्लब के असिस्टेंट गवर्नर परवीन कुमार मित्तल का लच्छमनपुरी गौरव सम्मान दीन गवा। पद्मश्री विद्या बिंदु सिंह, सिच्छाविद रोमा बच्चानी, सिच्छिका डॉ. अनीता मिश्रा अउ अभिनेत्री मनीसा मेहरा का रानी लच्छमीबाई पेरना सम्मान दीन गवा। इ सब का मेहमान भारतेंदु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष रति संकर तिपाठी, राज्य ललित कला अकादमी के डा. सुनील कुमार बिस्वकर्मा, उप्र संगीत नाटक अकादमी के उपाध्यक्ष विभा सिंह, ललित कला अकादमी के सचिव देवेन्द्र तिपाठी, भंते सील रतन, संस्थान के सदस्य तरुनेस मिस्र अउ निदेसक डा. राकेस सिंह, ललित कला अकादमी के निदेसक अमित अग्निहोत्री सम्मान के निसानी अउ अंगवस्त्र भेंट किहिन।
एकरे बाद ’’बुद्धम सरणम् गच्छामि’’ नाच-नाटिका देखावा गवा। एमा गौतम बुद्ध के जिन्दगी अउ उनके ग्यान के जात्रा का भाव से भरा नाच के जरिये पेस कीन गवा। कहानी के सुरूआत कपिलवस्तु के राजकुमार सिद्धार्थ के ठाठ-बाट वाले जीवन से भइ। फिर जिन्दगी के दुःख-दरद, बेमारी, बुढ़ापा अउ मउत का देखि के उनके मन मा पैदा भवा बैराग से सच्चाई के खोज अउ बोधगया मा गहरे धियान के बाद उनके ग्यान पावै से बुद्ध बनै तक के जात्रा का देखावा गवा। इ नाच-नाटिका के जरिये मनई का मध्यम मारग, अहिंसा अउ दया के संदेस दीन गवा। मसहूर कथक नचवइया अउ कथक गुरु डा. उपासना दीक्षित के निरदेसन मा नाच-नाटिका पेस कीन गवा। संगीत के मिलाप अउ गवनई पंडित आनंद दीक्षित अउ किस्न कुमार मउर्या के रहा। बोल पंडित आनन्द दीक्षित, अखंड परताप, मानसी गिरी अउ आकांक्षा सिरीवास्तव के रहा। मंच पै चारू पाण्डेय, आकांक्षा सिरीवास्तव, मानसी गिरी, अनन्या तिवारी, आरोही पाठक, अनन्या अग्रवाल, नेहा सिरीवास्तव, सोनल मिश्रा, अनन्या वर्मा अउ सिच्छा अग्रवाल नाच किहिन।
धनुस-अस तना, बचन-अस अटल, लच्छमन के हर एक संकल्प रू लच्छमन जी… मतलब उ नाव जउन हिम्मत, जगरूकता अउ अटूट समर्पण के मिसाल आहै। रामायन के इ अनोखा पात्र आपन जिन्दगी का खाली एक मकसद मा ढालि दिहिन- सिरीराम के सेवा अउ धरम के रच्छा। चउदा बरिस के बनवास, बिना बिसराम के पहरा अउ हर संकट मा अड़िग ठाड़ रहब। उनके जिन्दगी एक चुप तपस्या रही। उनके किरोध भी धरम के ताईं रहा अउ उनके पेम भी त्याग से भरा। इ भाव का दास्तानगो अरसाना अजमत अउ पतीक भारद्वाज लच्छमनजी पै आधारित दास्तानगोई लच्छमनगाथा मा पेस किहिन।
अरशाना उर्मिला के मौन सकती अउ उनके त्याग का बड़ी संजीदगी से इन भावन मा प्रस्तुत किहिन-
धनुष जइसन तना, बचन जइसन अटल, लछिमन के हर एक संकल्प,
छाँह बनि के संग रहिन सदा, त्याग उनकर विकल्प बना।
उर्मिला के नीरव तपस्या, हर पीड़ा मा दीया बारिस,
दुइनौ के इ प्रेम-ब्रत मा, मर्यादा के राह चलिस।
अब बारी रहै कान्हा से द्वारिकाधीश नाट्य प्रस्तुति के। लगभग 50 कलाकारन के इ शानदार प्रस्तुति हर दरसक के मन पै छाप छोड़िस। अमित दीक्षित राम जी के निरदेसन मा मंचित इ नाटक भगवान सिरीकिस्न के उ अद्भुत जीवन-जात्रा का स्वर देत हय, जहाँ बाल-लीला से राजधरम तक के विस्तार होत हय। गोकुल के गलियन मा नटखट कान्हा, माखन-चोरी अउ जसोदा के वात्सल्य से मन मोह लेत हँय। उनकर बाँसुरी मा बसत प्रेम, पूरे ब्रिन्दावन का एक सूत्र मा बाँधि देत हय। कालिया नाग मर्दन अउ गोबर्धन धारन से उनकर दैवी, रच्छक रूप प्रगट होत हय। रास-लीला मा राधा-किस्न के प्रेम आत्मा के सास्वत मिलन के प्रतीक बनत हय। लेकिन इ बैभव के बीच राधा के बिरह प्रेम के अमरता के संदेस देत हय। मुला इहै मधुरता के बीच करतब्य के पुकार ओनका बिरह के मारग पै आगे बढ़ावत हय। मथुरा गमन के साथै जीवन के नया अध्याय सुरू होत हय। कंस बध के माध्यम से अधरम पै धरम के बिजय के उदघोस होत हय। किसन अब खाली कान्हा नाहीं, जुगधरम के वाहक बनि के उभरत हँय। समय के साथ उ एक कुसल कूटनीतिग्य अउ दूरदरसी सासन बनत हँय। द्वारका के स्थापना उनकर नेतृत्त अउ नीति के प्रतीक बनत हय। “द्वारिकाधीस” के रूप मा उ करतब्य, धरम अउ सासन के आदरस प्रस्तुत करत हँय।
सम्पर्क सूत्र- खाली
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सूचना अउ जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेस
बिटिया बनत हँय भबिस्य के बैज्ञानिक अउ नवप्रबरतक-बेसिक सिच्छा मंत्री संदीप सिंह
जिग्यासा से नवाचार तक बिटियन का नई उड़ान, आईआईटी गाँधीनगर पहुँचिहैं उत्तर प्रदेस के बालिका
क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27 के ओरिएंटेशन सेसन मा सामिल होइहैं केजीबीवी के छात्रा
प्रयागराज अउ गाजियाबाद के कस्तूरबा बिद्यालयन के भवा चयन
लखनऊ: 18 जून, 2026
मुख्यमंत्री जोगी आदित्यनाथ के अगुवाई मा उत्तर प्रदेस सरकार बिटियन का खाली बिद्यालयी सिच्छा तक सीमित नाहीं रखत हय, बल्कि ओनका देस के नामी सिच्छन संस्थानन, बैज्ञानिक नवाचारन अउ आधुनिक अधिगम के अवसरन से भी जोड़त हय। इहै क्रम मा आईआईटी गाँधीनगर, गुजरात दुआरा चलाए जाए वाले क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27 के भीतर बढ़िया प्रदरसन करै वाले बिद्यालयन बरे आयोजित ओरिएंटेशन सेसन मा उत्तर प्रदेस के दुइ कस्तूरबा गाँधी बालिका बिद्यालयन के चयन कीन गवा हय।
बिभाग दुआरा जारी निरदेसन के हिसाब से 13 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक होय वाले इ बिसेस ओरिएंटेशन कार्यक्रम मा कस्तूरबा गाँधी बालिका बिद्यालय कौड़िहार-1, प्रयागराज अउ कस्तूरबा गाँधी बालिका बिद्यालय लोनी (नगर पालिका), गाजियाबाद के सहभागिता सुनिस्चित कीन जाई। कार्यक्रम मा चुना गवा हर बिद्यालय से दुइ छात्रा अउ एक सिच्छिका हिस्सा लिहैं। छात्रा का देस के मेन तकनीकी संस्थानन मा सीखै अउ समझै के मउका मिली।
प्रदेस के बेसिक सिच्छा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह कहिन कि मुख्यमंत्री जोगी आदित्यनाथ के मारगदरसन मा प्रदेस सरकार कस्तूरबा गाँधी बालिका बिद्यालयन का बिटिया ससक्तीकरन अउ गुणवत्तापूर्ण सिच्छा के असरदार केंद्रन के रूप मा बिकसित करत हय। डिजिटल सिच्छन, नवाचार आधारित गतिबिधियन, बिज्ञान अउ गणित कार्यक्रमन तथा राष्ट्रीय संस्थानन से जुड़ाव जइसन पहल के परिणाम हय कि आज उत्तर प्रदेस के बिटिया देस के नामी संस्थानन तक पहुँचत हँय।
उ कहिन कि प्रयागराज अउ गाजियाबाद के छात्रा के आईआईटी गाँधीनगर मा चयन इ बात के सबूत हय कि प्रदेस के बालिका अब अवसरन के मुख्यधारा मा आत्मबिस्वास के साथ आगे बढ़त हँय। इ बिटिया भबिस्य के बैज्ञानिक, सोधकर्ता अउ नवप्रबरतक बनै के दिसा मा कदम बढ़ावत हँय। सरकार के लच्छ्य हय कि गाँव अउ बंचित पृष्ठभूमि के हर छात्रा का राष्ट्रीय मंचन से जोरि के उनकर सपनन का नई उड़ान दीन्ह जाय।
आईआईटी गाँधीनगर के सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग (सीसीएल) दुआरा भेजे गए चिट्ठी के हिसाब से चयन ओन बिद्यालयन के कीन गवा हय जे पूरे साल क्यूरियोसिटी कार्यक्रम मा बढ़िया प्रदरसन किहिन। कस्तूरबा गाँधी बालिका बिद्यालय कौड़िहार-1, प्रयागराज कार्यक्रम के 50 मा से 46 सत्रन मा भागीदारी करत भए 92 प्रतिसत हाजिरी दरज किहिस अउ 48 मा से 39 वरकसीट जमा कराइस। वहूँ केजीबीवी लोनी (नगर पालिका), गाजियाबाद 50 मा से 49 सत्रन मा हिस्सा लइके 98 प्रतिसत हाजिरी दरज किहिस अउ 48 मा से 42 वरकसीट जमा कराइस। बढ़िया सहभागिता अउ बेहतर प्रदरसन के आधार पै दुइनौ बिद्यालयन का राष्ट्रीय स्तर के इ बिसेस कार्यक्रम बरे चुना गवा हय।
कार्यक्रम के दौरान छात्रा का बिज्ञान, गणित, नवाचार, रचनात्मक अधिगम अउ समस्या समाधान आधारित गतिबिधियन से परिचित करावा जाई। उ सब आईआईटी गाँधीनगर के सिच्छनिक बातावरन, सोध संस्कृति अउ नवाचार आधारित सिच्छन मॉडल का पास से समझि सकिहैं। यससे ओनमा बैज्ञानिक दिस्टिकोण बिकसित होइ, जिग्यासा का नई दिसा मिली अउ उच्च सिच्छा के प्रति आत्मबिस्वास बढ़ी। खास करि के गाँव अउ बंचित पृष्ठभूमि से आवै वाली छात्रा बरे इ अनुभव नई संभावना के दुआर खोलै वाला साबित होइ।
सम्पर्क सूत्र- धर्मवीर खरे
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सूचना अउ जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेस
आवै वाली राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितम्बर 2026 के सफल आयोजन बरे जन-जागरूकता अभियान सुरू
दीवानी, बियाहे, मोटर दुरघटना, बैंक रिण, स्रम, बिजली, राजस्व अउ चेक बाउंस के मुकद्दमन के होइ निस्तारन
जनपद न्यायाधीस मलखान सिंह के मारगदरसन मा तहसीलन अउ सार्वजनिक जगह पै परचार-परसार
सचिव कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा किहिन आमजन से अपीलरू लोक अदालत से पाव तुरन्त अउ सुलभ न्याय
लखनऊ: 18 जून, 2026
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (छ।स्ै।) अउ उत्तर प्रदेस राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निरदेस के हिसाब से 12 सितम्बर 2026 का होय वाली
राष्ट्रीय लोक अदालत के ब्यापक प्रचार-प्रसार बरे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा जन-जागरूकता अभियान चलावा जात बा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के सचिव कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा बताइन कि जनपद न्यायाधीश अउर अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ मलखान सिंह के मारगदरसन मा अउर राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी प्रकाश तिवारी के निरदेसन मा जनपद के दीवानी न्यायालय परिसर, सब तहसीलन अउर दूसर सार्वजनिक जगहिन पर लोक अदालत संबंधी प्रचार-प्रसार कीन जात बा जेसे ढेर से ढेर वादकारी राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ पाइ सकैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत मा दीवानी, बियाहे क, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, बैंक ऋण वसूली, श्रम, बिजली, राजस्व, पारिवारिक, चेक बाउंस, प्री-लिटिगेशन अउर दूसर सुलह लायक वादन का निस्तारन आपसी समझौता के आधार पर कीन जाइ। लोक अदालत द्वारा पारिन निरनय आखिरी अउर बाध्यकारी होत है।
सचिव कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा जनपद वासिन से अपील किहिन हैं कि उई राष्ट्रीय लोक अदालत मा आपन वादन अउर बिबादन का निस्तारन करा के तुरतै, आसान अउर सस्ता न्याय पावैं अउर आपसी सौहार्द अउर भाईचारा का बढ़ावा देंय।
सम्पर्क सूत्र- धर्मवीर खरे
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सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
निवेस, नवाचार अउर हरित ऊर्जा आधारित उद्योगन का बढ़ावा देत सरकार-श्री केशव प्रसाद मौर्य
निवेस से बिकास के नई राह पर उत्तर प्रदेशः खाद्य प्रसंस्करण छेत्र का मिली नई ऊर्जा
खाद्य प्रसंस्करण बना किसानन के खुसहाली अउर जवानन के रोजगार का नया आधार-श्री केशव प्रसाद मौर्य
उत्तर प्रदेश मा खाद्य प्रसंस्करण क्रांति के ओर कदम, 12 नई परियोजना का मिली हरी झंडी
खेती के उत्पादान का होइ मूल्य संवर्धन, बढ़ी किसानन के आय अउर मजबूत होइ रोजगार तंत्र-श्री केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ: 18 जून, 2026
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य कहेन हैं कि खाद्य प्रसंस्करण छेत्र प्रदेश के अरथब्यवस्था का मजबूत बनावै वाला महत्वपूर्ण आधार है। इ छेत्र किसानन के आय मा बढ़ोत्तरी, खेती के उत्पादान के मूल्य संवर्धन अउर जवानन बरे बड़े पैमाना पर रोजगार के मउका उपलब्ध करावै मा महत्वपूर्ण भूमिका निभारत बा। उई कहेन कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के बिकसित भारत के संकल्प का साकार करै मा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग असरदार माध्यम सिद्ध होइ।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य कहेन कि प्रदेश सरकार औद्योगिक बिकास के साथ-साथ हरित ऊर्जा का भी प्राथमिकता देत बा। सौर ऊर्जा आधारित औद्योगिक मॉडल भबिस्य के जरूरत है, जउन उद्योगन के लागत कम करै के साथ ओनका आत्मनिर्भर अउर प्रतिस्पर्धी बनावै मा मददगार होइ।
उई उद्यान अउर खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारिन का निरदेस दिहिन कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के भीतर उपलब्ध प्रोत्साहनन, अनुदानन अउर निवेस सुबिधान का ब्यापक प्रचार-प्रसार कीन जाय, जेसे ढेर से ढेर उद्यमी प्रदेश मा निवेस बरे आगे आवैं अउर गंवई अरथब्यवस्था का नई मजबूती मिलै।
एही क्रम मा अपर मुख्य सचिव, उद्यान अउर खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री बी.एल. मीणा के अध्यक्षता मा खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय मा बना एप्रेजल समिति के बइठक आयोजित कीन गइ। बइठक मा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मिले 12 नए निवेस प्रस्तावन के बिस्तार से समीक्षा अउर जांच कीन गइ अउर तय सरतन के साथ इनका स्वीकृती बरे राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (ैस्म्ब्) के सोझा प्रस्तुत कीन जाए के संस्तुति कीन गइ।
बइठक मा बतावा गवा कि 15 जून, 2026 तक मिले इन निवेस प्रस्तावन मा सरसो तेल मिल बिस्तार, कैटल फीड निर्माण, मूँगफली प्रसंस्करण, नमकीन अउर कन्फेक्शनरी इकाई, खाद्य प्रसंस्करण इकाइन मा सोलर पावर प्लांट स्थापना, बेकरी उत्पाद बिस्तार, कोल्ड स्टोरेज अउर फ्रोजन फूड बिस्तार, नमकीन अउर मिठाई उत्पादन इकाई, मल्टीग्रेन फ्लोर निर्माण अउर नवीकरणीय ऊर्जा आधारित परियोजना शामिल हैं।
इन परियोजना के काम से प्रदेश मा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का नई गति मिली, किसानन का आपन उत्पादान के बढ़िया दाम मिली, बजार के नए मउका बिकाश होइहैं अउर गंवई छेत्रन मा रोजगार के मउकन का सृजन होइ।
सूछम खाद्य प्रसंस्करण इकाइन का मिलत बा आधार
अपर मुख्य सचिव, उद्यान अउर खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री बी.एल. मीणा बताइन कि प्रधानमंत्री सूछम खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (च्डथ्डम्) के भीतर उत्तर प्रदेश मा सूछम खाद्य प्रसंस्करण उदिमन का मजबूत बनावै बरे लगातार काम कीन जात बा।
उई बताइन कि प्रदेश मा तय 31,335 लाभार्थिन के लच्छ के बदले 26,156 लाभार्थिन का कर्जा मंजूर कीन जा चुका बा, जउन कुल लच्छ का 83.47 प्रतिशत है।
जनपदवार प्रगति मा प्रयागराज 68.12 प्रतिशत लच्छ हासिल कइके पहिला स्थान पाइस है। एकरे अलावा कौशाम्बी (58.56 प्रतिशत), कानपुर देहात (55.92 प्रतिशत), ललितपुर (55.42 प्रतिशत) अउर फतेहपुर (55.17 प्रतिशत) बढ़िया परदरसन करै वाले जनपदन मा शामिल हैं।
उई बताइन कि सार्वजनिक अउर निजी छेत्र के बैंक योजना के सफल काम मा महत्वपूर्ण भूमिका निभारत हैं। बैंकिंग संस्थानन के मदद से सूछम उदिमिन का पइसा क मदद उपलब्ध कराई जात बा, जेसे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, मूल्य संवर्धन अउर गंवई अरथब्यवस्था का मजबूती मिलत बा।
प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सूछम खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के माध्यम से एक जिला एक उत्पाद (व्क्व्च्) सहित स्थानीय खाद्य उत्पादान के प्रसंस्करण, बिपडन अउर ब्रांडिंग का प्रोत्साहन दीन्ह जात बा, जेसे सूछम उदिमन के मुकाबला करै के छमता बढ़त बा।
एहि मउका पर भारतीय स्टेट बैंक, लखनऊ के मुख्य महाप्रबंधक श्री दीपेश राज का प्रधानमंत्री सूछम खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के भीतर इच्छा वाले उदिमिन का कर्जा मंजूरी अउर अनुदान उपलब्ध करावै मा बढ़िया योगदान बरे अपर मुख्य सचिव, उद्यान अउर खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री बी.एल. मीणा द्वारा परसस्ति पत्र दइ के सम्मानित कीन गवा।
बइठक मा बिसेस सचिव, उद्यान अउर खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री राज कमल यादव, संयुक्त निदेसक श्री एम.पी. सिंह सहित दूसर अधिकारी अउर उद्यमी उपस्थित रहे।
सम्पर्क सूत्र- बी0एल0 यादव
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जोगी सरकार के छात्र हितैसी फइसला, NEET-2026 के अभ्यर्थीन का नगरीय
परिवहन बस के किराया माँ 50 प्रतिशत के छूट
20 अउर 21 जून का मिली बिसेस सुबिधा, प्रबेस पत्र देखाए के उठावा जाए सकिह्यय लाभ
लखनऊ: 18 जून, 2026
उत्तर प्रदेस सरकार राष्ट्रीय पात्रता सह प्रबेस परीक्षा (NEET-2026) माँ सामिल होय वाले अभ्यर्थीन के सुबिधा के बरे महत्वपूरण फइसला लिहिस हय। प्रदेस सरकार के निर्देसानुसार 21 जून 2026 का होय वाली NEET परीक्षा माँ सामिल होय वाले अभ्यर्थीन का उत्तर प्रदेस के नगरीय परिबहन बस माँ किराया पर 50 प्रतिशत के बिसेस छूट दीन जाई। इ सुबिधा 20 जून अउर 21 जून 2026, कुल दुइ दिन तक रही, जेसे अभ्यर्थी परीक्षा केन्द्र तक आवै-जाए अउर परीक्षा के बाद अपने ठउर तक लउटै माँ आसानी पावैं सकैं।
छूट के लाभ खाली उहै अभ्यर्थीन का मिली जउन जात्रा के टेम आपन सही NEET-2026 प्रबेस पत्र (Admit Card) देखाइहें। सब क्षेत्रीय प्रबंधकन, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकन, डिपो प्रभारीन, डाइवर अउर कंडक्टरन का जरूरी निर्देस देइ दीन गवा हय ताकि जे काबिल अभ्यर्थी हयें उनका बिना कउनौ दिक्कत के इ सुबिधा के लाभ मिलि सकै। साथे ही, बस अड्डा, पूछताछ काउंटर अउर दूसर सही माध्यम से इ बेवस्था के खूब प्रचार-प्रसार पक्का कीन जात हय, जेसे ढेर से ढेर अभ्यर्थी इ सुबिधा के लाभ उठाय सकैं। प्रदेस सरकार बिद्यार्थिन के सुबिधा अउर उनके नीक भबिस्य के खातिर बचनबद्ध हय अउर परीक्षा के टेम उनका बढ़िया परिबहन सुबिधा उपलब्ध करावै बरे लगातार कोसिस करत हय।
सम्पर्क सूत्र- प्रवीन मालवीय
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जायद दलहन खरीद के टेम 30 जून तक बढ़ा
उरिद, मूंग व मूंगफली के खरीद का भी मिली मंजूरी-सूरज प्रताप साही
किसानन का एमएसपी पर आपन फसल बेचै के अउर मउका मिली
5 जून तक 53,798 मीट्रिक टन दलहन के खरीद, 14,332 किसानन का मिला लाभ
97,770 मीट्रिक टन उरिद, 48,298 मीट्रिक टन मूंग व 41,718 मीट्रिक टन मूंगफली के खरीद का मिली मंजूरी
लखनऊ: 18 जून, 2026
प्रदेस के किरिसी मंत्री सूरज प्रताप साही बताइन कि भारत सरकार के किरिसी अउर किसान कल्यान मंत्रालय के साथे भई वीडियो कान्फ्रेंसिंग माँ उत्तर प्रदेस के किसानन के हित से जुड़ल महत्वपूरण फइसला लीन गवा हय। केंद्र सरकार प्रदेस माँ जायद दलहन फसल के खरीद के टेम का बढ़ाए के 30 जून, 2026 तक करै के मंजूरी देइ दिहिस हय। एसे प्रदेस के हजारन किसानन का आपन फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेचै के अउर मउका मिली।
उ बताइन कि प्रदेस माँ अबही के बिपनन साल 2026-27 माँ 2 केंद्रीय अउर 5 राज्य स्तर के खरीद एजेंसी के जरिये 313 खरीद केंद्र चलाए जात हयें। इ केंद्रन पर 5 जून, 2026 तक 47,793 मीट्रिक टन मसूर, 4,791 मीट्रिक टन अरहर (तूर) अउर 1,214 मीट्रिक टन चना के खरीद कीन जाइ चुकी हय, जेसे 14,332 किसानन का सीधा लाभ मिला हय। पहिले इ फसलन के खरीद 15 जून तक होय वाली रही, जेका अब बढ़ाए के 30 जून कइ दीन गवा हय। मंत्री किसानन से बिनती किहिन कि जिन किसानन के पास चना, मसूर, अरहर या सरसो के फसल बाकी हय, उ तय खरीद केंद्रन पर आपन फसल एमएसपी पर बेंचि के एकर लाभ उठावैं।
किरिसी मंत्री बताइन कि वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान प्रदेस सरकार के बिनती पर केंद्र सरकार जायद सत्र 2025-26 (बिपनन साल 2026-27) के उरिद, मूंग अउर मूंगफली के खरीद का भी मंजूरी देइ दिहिस हय। एकरे तहत 97,770 मीट्रिक टन उरिद के खरीद के इजाजत दीन गइ हय। इसे तरहे 48,298 मीट्रिक टन मूंग अउर 41,718 मीट्रिक टन मूंगफली खरीद के मंजूरी दीन गइ हय।
मंत्री सूरज प्रताप साही कहिन कि दलहन फसल के सरकारी खरीद से किसानन का उनके फसल के सही दाम मिलत हय, जेसे दलहन पैदावार के खातिर उनकर हौसला लगातार बढ़ा हय। फसल चक्र अपनाए से भुइयाँ के उपजाऊपन सुधरत हय, पैदावार के लागत घटति हय अउर किसानन के आमदनी माँ भी अच्छा बढ़ोत्तरी होत हय। उ बिसवास देखाइन कि इ फइसला से प्रदेस माँ दलहन पैदावार का अउर बढ़ावा मिली अउर किसानन के आरथिक दसा अउर मजबूत होई।
सम्पर्क सूत्र- डा0 मनोज चन्द्रा
राघवेन्द्र/06ः20 PM
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संभव 6.0 लांच, पाँच बिभाग मिलिके करिहें काम
मेहरारू अउर लरिका बिकास मंत्री बेबी रानी मउर्य किहिन सुभारंभ
इ दइयाँ जिन्दगी के पहिले 1,000 दिन पर रही बिसेस धियान
लखनऊ: 18 जून, 2026
प्रदेस सरकार लरिकन अउर मेहरारुन माँ कुपोसन के खिलाफ आपन बचनबद्धता का अउर मजबूत करत भये बियफे का ‘संभव अभियान 6.0’ के सुरुआत किहिस। मेहरारू अउर लरिका बिकास मंत्री बेबी रानी मउर्य हिंया के एक होटल माँ भये राज्य स्तर के कार्यक्रम माँ इ अभियान के सुभारंभ किहिन। उ कहिन कि राजनीतिक इच्छासक्ति व बिभागन के बीच तालमेल के कारन ही प्रदेस बीते आठ साल माँ लगभग 15 प्रतिशत कुपोसित लरिकन के इलाज कइ के उनका नीक-नादुर बनाइ दिहिस हय। इ मउका पर बीते साल ‘संभव अभियान 5.0’ माँ सबसे बढ़िया काम करै वाले पाँच जिला कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, सराबस्ती, चंदउली व बनारस के जिला कार्यक्रम अधिकारी अउर मुख्य चिकत्साधिकारी के साथे ही सबसे नीक काम करै वाले एक सीडीपीओ, एक आंगनवाड़ी कार्यकत्री अउर एक सहायिका का प्रसंसा पत्र देइके सम्मानित कीन गवा।
इ मउका पर मंत्री जी सम्भव पैकेज अउर सोसल मीडिया पैकेज के बिमोचन किहिन, जेहमा सम्भव अभियान के जिला-स्तर पर चलावै से जुड़ल जोजना के औजार अउर नया जन्मे लरिकन, बच्चन अउर पेट से रहै वाली मेहरारुन माँ कुपोसन से जुड़ल तकनीकी हैंडआउट/सोसल मीडिया के चीज सामिल हय। मंत्री जी पेट से रहै वाली मेहरारुन, दुध पियावै वाली महतारिन, नन्हकन अउर लरिकन का नया टेक होम रासन (THR) पैकेट भी बाटिन।
अउर इ अवसर पर नया पोषाहार से बनावा गय विभिन्न रेसिपी के स्टाल केउ देखा गवा। ऊ रणवीर ब्रार जइसन मसहूर सेफ का देखावै वाली वीडियो श्रृंखला केउ विमोचन किहिन, जवन ज्भ्त् के अलग-अलग पैकेट के उपयोग से पौस्टिक व्यंजन बनावै का बढ़ावा देति है।
आईसीडीएस के डाइरेक्टर सुश्री हर्षिता माथुर “प्रयास से परभाव तक” बिसय पर एक सत्र पेस किहिन, जेहमा साल 2021 से 2025 तक संभव अभियान के यात्रा अउर संभव 6.0 के मुख्य खंभन पर प्रकास डाला गवा। ऊ बताइन कि पिछला पाँच सालन मा संभव अभियान के तहत हर महीना औसतन 1.7 करोड़ बच्चन के जाँच कीन गइ, 14 लाख से जादा बच्चन के इलाज कीन गवा अउर गंभीर कुपोसन से पेरसान 81 परतिसत बच्चन नीक होय मा सफल रहेन। इ साल इ अभियान जुलाई से सितंबर तक परदेस के सब 75 जिला मा चलाया जाई।
माननीय कैबिनेट मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य आईसीडीएस अउर स्वास्थ्य विभाग के मिला-जुला कोसिस के तारीफ करत कहिन कि इ कोसिसन से गर्भवती मेहरारुन, लरिकन अउर नान्ह बच्चन मा कुपोसन के रोक-थाम के दिसा मा बहुत तरक्की भइ है। संभव अभियान अब आपन छठवें साल मा जाय चुका है। इ साल के थीम “गर्भ से लरकपन तक पोसन सुरक्षा” रखा गवा है, जवन जिनगी के पहिले 1,000 दिनन-गर्भ के 270 दिन अउर जनम के बाद 730 दिन पर खास ध्यान देत है। इहै उ जरूरी समय है, जेहमा बच्चन के दिमाग के लगभग 80 परतिसत बिकास होत है अउर इ समय कुपोसन से होय वाला घाटा आगे चलि के पूरी तरह से सुधारा नाहीं जा सकत।
यूनिसेफ के मदद से कीन गय इ कार्यक्रम मा परदेस के सब 75 जिला से जिला कार्यक्रम अधिकारी, अलग-अलग विभागन के बड़ा अधिकारी अउर पोसन के छेत्र मा काम करै वाले बिकास के साथी लोग हिस्सा लिहिन। अपर मुख्य सचिव (मेहरारू अउर लरिका बिकास) लीना जौहरी कहिन कि अब चुनौती खाली सेवा के मिलै भर के नाहीं, बल्कि ओकरे गुणवत्ता अउर लोगन के खाय-पिअई के आदत मा सुधार के है। बहुत जादा मेहरारू गर्भ के समय कुपोसित या कम वजन के होति हैं, जेकरे कारन बच्चन के जनम कम वजन के साथ होत है अउर ओनमा कुपोसन के खतरा बढ़ जात है। संभव 6.0 इहै अंतर का दूर करै के एक जरूरी कोसिस है।
ऊ कहिन कि सम्भव 6.0 के तहत इ साल गर्भवती अउर दूध पियावै वाली महतारिन के पोसन देखभाल, कम वजन के नया जनमा बच्चन के खास देखभाल, ‘छह महीना, सात बार’ रणनीति के तहत बच्चन के खातिर रोज घरै घूमिब, अउर गंभीर कुपोसित बच्चन के समय पर पहिचान अउर इलाज पर खास जोर दीन जाई। साथै मा, समुदाय पर आधारित परबंधन सिस्तम का अउर मजबूत कीन जाई, ताकि कुपोसित बच्चन का समय रहत इलाज अउर ठीक देखभाल मिलि सकै।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिसन के डाइरेक्टर डॉ पिंकी जोवेल एनएफएचएस के नया आँकड़न के ओर ध्यान खींचत कहिन कि महतारी के मउत दर बढ़ब इ बात के ओर इसारा करत है कि इका कम करै खातिर आईसीडीएस अउर स्वास्थ्य विभाग के तालमेल जरूरी है। दुइनौ विभाग बढ़िया तालमेल बइठइहें तौ तीन साल बाद अगले एनएफएचएस सर्वे मा महतारी के मउत दर के आँकड़ा भी कम देखिहें।
आईसीडीएस के डाइरेक्टर हर्षिता माथुर बताइन कि इ साल अभियान मा पंचायती राज, योजना विभाग अउर सूचना विभाग का भी औपचारिक रूप से जोड़ा गवा है, जेहसे मिला-जुला कोसिस का अउर तेजी मिली। ऊ बताइन कि जहाँ पंचायती राज विभाग गाँव के स्तर पर लोगन के भागीदारी का मजबूत करी, हुवँई योजना विभाग कार्यक्रम के समीक्षा अउर आँकड़न के जाँच के जिम्मा निभाई अउर सूचना विभाग खूब जन-जागरूकता अउर व्यवहार बदलाव का बढ़ावा देई।
पंचायती राज विभाग के डाइरेक्टर श्री अमित सिंह आपन पेसकस मा पंचायत सखी का संभव अभियान से जोरि के इ कार्यक्रम का सफल बनावै पर जोर दिहिन।
कार्यक्रम मा मेहरारू व लरिका बिकास विभाग के सचिव मनीषा त्रिघाटिया, महानिदेसक परिवार कल्याण डॉ एचडी अग्रवाल, एचएचएम के महाप्रबंधक डॉ मिलिंद वर्धन भी आपन-आपन पेसकस दिहिन।
यूनिसेफ के ओर से पोसन बिसयग्य रबी नारायण राज्य सरकार के कोसिस के तारीफ करत कहिन कि पोसन खाली भोजन तक सीमित नाहीं है, बल्कि इ मउका, बराबरी, मानव संसाधन के बिकास अउर बच्चन के अधिकारन से जुड़ा है। ऊ कहिन कि हर बच्चन का नीक अउर पोसित जिनगी देब उत्तर परदेस के चमकत भबिस्य के नेव है। कार्यक्रम के संचालन संयुक्त निदेसक (आईसीडीएस) श्रीमती अनुपमा शांडिल्य द्वारा कीन गवा अउर संभव अभियान के सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती पारुल शुक्ला, संयुक्त परियोजना समन्वयक, पोषण अभियान द्वारा कार्यक्रम के संचालन मा मदद कीन गवा। संभव अभियान के राज्य नोडल अधिकारी आईसीडीएस विभाग के उप निदेसक सेराज अहमद द्वारा कार्यक्रम के खतम होय पर सब खास मेहमानन, सम्मानित लोगन अउर हिस्सा लेय वालन के परति आभार मानत धन्यवाद ज्ञापन के साथ कीन गवा।
सम्पर्क सूत्र- लाल कमल
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पत्र सूचना साखा
सूचना अउर जन सम्पर्क विभाग उत्तर परदेस
लखनऊ मा खतम भा यूपी स्मॉल लाइवस्टॉक कॉन्क्लेव-2026, भेड़, बकरी अउर सुअर पालन मा नयापन अउर उद्यमिता का मिला बढ़ावा
दुइ दिन के यूपी स्मॉल लाइवस्टॉक कॉन्क्लेव-2026 मा जुटेन 1500 से जादा पसुपालक, बढ़िया छोट पसुपालकन का कीन गवा सम्मानित
लखनऊ: 18 जून, 2026
पसुपालन विभाग उत्तर परदेस अउर ड्रीम्स के मिलिजुलि के देखरेख मा तारीख 17 अउर 18 जून 2026 का लखनऊ के इंदिरा गांधी परतिष्ठान मा दुइ दिन के यू पी स्मॉल लाइवस्टोक कांक्लेव 2026 के आयोजन कीन गवा। उदघाटन सत्र मा श्री धर्मपाल जी माननीय मंत्री पसुधन मत्स्य अउर दुग्ध बिकास उत्तर परदेस सरकार, श्रीमती कृष्णा पासवान माननीय मंत्री माननीय राज्य मंत्री पसुधन अउर दुग्ध बिकास, श्री मुकेश कुमार मेश्राम अपर मुख्य सचिव पसुधन, श्री देवेंद्र पांडे बिसेस सचिव पसुधन, श्री पंकज कुमार सीजीएम नाबार्ड, डॉ० मेंमपाल सिंह निदेसक परसासन अउर बिकास, डॉ राजेंद्र प्रसाद निदेसक रोग नियंत्रण, पसुपालन विभाग उत्तर परदेस अउर दूसरे विभागीय अधिकारिन, पत्रकार भइयन, परदेस मा काम करै वाले पसुपालन छेत्र मा काम करै वाले तमाम एफपीओ, एन जी ओ अउर पसुपालक भइयन उत्साह से हिस्सा लिहिन।
इ उदघाटन समारोह मा द गोट ट्रस्ट अउर आंध्र परदेस के ग्लोबल फोरम फॉर सस्टेनेबल ट्रांसपोर्टेसन एनजीओ से पसुपालन विभाग के दुइ एम ओ यू पर दस्तखत कीन गवा। पहिले दिन 778 पसुपालकन आपन नाम लिखाइन अउर चार सत्रन मा अलग-अलग केंद्रीय संस्थानन अउर बिसवबिद्यालयन के निदेसकन अउर बिसय सिच्छकन अउर
बैज्ञानिकन भेड़ी बोकरी अउर सुअर पालन से जुड़ल तमाम पहलुअन प बैज्ञानिक नयाचार के चरचा किहिन अउर उद्यमिता बिकास के मउकन अउर संभावनन से जनाइन। सबई आय बिसिसग्यन के सम्मान कीन गवा। दुसरके दिन मा खास करि के सुअर पालन मा उद्यमिता बिकास, सुअर के मांस के प्रसंस्करण एनजीओ के जरिये कीन जाय वाले कामन के प्रस्तुतीकरन कीन गवा। पूर कॉन्क्लेव मा हाल पूरा तरह से भाग लेय वालन से भरा रहा। भाग लेय वालन यई कॉन्क्लेव मा हर प्रस्तुति के खूब लाभ उठाइन अउर बड़े उत्साह से भाग लिहिन। पसुपालन करय वालन बरे बिहान, दुपहरिया, साँझ के खाय के बढ़िया बेवस्था कीन गय रही। प्रदेस मा बोकरी पालन, भेड़ी पालन अउर सुअर पालन करय वाले सफल उद्यमिन से ओनके सफलता के कहानी सुनी गय। बित्तीय साल 2026-27 मा बोकरी पालन, भेड़ी पालन अउर सुअर पालन के योजनान मा चुना गयन लाभार्थिन के स्वीकृति पत्र दीन गवा। अउर प्रदेस मा काम करत छोट पसु छेत्र के बढ़िया पसुपालन करय वालन के मुख्य अतिथि श्री मनोज कुमार सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रदेस परिवरतन आयोग उत्तर प्रदेस, अउर श्री मुकेश कुमार मेश्राम अपर मुख्य सचिव, श्रीमती दीपा रंजन मिसन डाइरेक्टर एस आर एल एम, श्रीमती धनलक्ष्मी महानिदेसक मत्स्य, श्री देवेंद्र देवेंद्र पांडे बिसेस सचिव, के मौजूदगी मा उत्तर प्रदेस मा बढ़िया काम करय वाले छोट पसुपालकन के इनाम दीन गवा। श्रीमती दीपा रंजन, मिसन डाइरेक्टर, गँवई माहौल मा खेती अउर पसुपालन के छेत्र मा मेहरारुअन के भागीदारी अउर ओनके बिकास मा पसुपालन के महत्व वाले योगदान प चरचा किहिन अउर यका अउर जादा बढ़ावय प जोर दिहिन। श्री मनोज कुमार सिंह पसुपालन के किसानन के आय दुगुना करय अउर माननीय मुख्यमंत्री के वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लच्छ के पाय मा पसुपालन के बढ़ावा देवय अउर पसुपालन के जरूरी बताइन। दुसरके दिन 778 पसुपालकन आपन नाम लिखाइन।
सम्पर्क सूत्र- निधि वर्मा
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पत्र सूचना साखा
सूचना अउर जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेस
पूर्वांचल बिकास निधि के तहत गोरखपुर बरे 341.176 लाख रुपिया मंजूर
लखनऊ: 18 जून, 2026
प्रदेस सरकार बित्तीय साल 2026-27 मा पूर्वांचल बिकास निधि (राज्यांस) के तहत जिला गोरखपुर के एक बिकास परियोजना के चलावय बरे 341.176 लाख रुपिया मंजूर किहे हय। यई संबंध मा नियोजन बिभाग सासनादेस जारी करत यकर एक नकल जिला अधिकारी, गोरखपुर के पठय दीन गय हय।
सासनादेस के हिसाब से मंजूर धन से जिला गोरखपुर मा वी पार्क (विन्ध्यवासिनी पार्क) मोहद्दीपुर के बिकास के काम कराय जाय। यई धन खाली यई परियोजना प ही मानक बिसेसता के हिसाब से खरच कीन जाय यकर उपयोग कउनो दूसर काम बरे नाय कीन जाय। यकरे अलावा कउनो दूसर परियोजना प खरच कीन जाय प बित्तीय गड़बड़ी होय, जेकर पूर जिम्मदारी संबंधित जिला के जिला अधिकारी के होय।
सम्पर्क सूत्र-आसिया खातून
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सूचना अउर जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेस
सुअर पालन केन्द्रन के स्थापना, बिकास, मजबूती अउर प्रजनन सुविधा बरे 03 करोड़ रुपिया के धन मंजूर
लखनऊ: 18 जून, 2026
उत्तर प्रदेस सरकार प्रदेस मा सुअर पालन केन्द्रन के स्थापना, बिकास, मजबूती अउर प्रजनन सुविधा योजना बरे यई बित्तीय साल मा 03 करोड़ रुपिया के धन मंजूर किहे हय। प्रदेस मा अनुसूचित जातियन बरे बिसेस घटक योजना के तहत यई संबंध मा पसुधन बिभाग सासनादेस जारी कइ दिहे हय।
सासनादेस मा कहा गवा हय कि मंजूर कीन जात धन के निकासी अउर खरच भारत सरकार/राज्ज सरकार द्वारा एस0सी0एस0पी/टी0एस0पी बरे तय मानकन/मंजूर कार्ययोजना अउर तय मद मा योजना बरे तय दिसा-निरदेस के पूरा पालन पक्का करत खरच के बेवरा के साथ उपयोगिता प्रमाण-पत्र सासन के दीन जाय। मंजूर कीन जात धन के खरच/उपयोग उहई मद/काम मा कीन जाय, जेकरे बरे धन मंजूर कीन गय हय।
सम्पर्क सूत्र-निधि वर्मा
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सूचना अउर जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेस
जिला मैनपुरी अउर पीलीभीत मा गो संरच्छन केन्द्रन के बनावय बरे 320.24 लाख रुपिया के धन मंजूर
लखनऊ: 18 जून, 2026
उत्तर प्रदेस सरकार प्रदेस मा बेसहारा गोवंस के संरच्छन बरे प्रदेस के 02 जिला मा 02 नया गो संरच्छन केन्द्रन के बनावय बरे 03 करोड़ 20 लाख 24 हजार रुपिया के धन यई बित्तीय साल मा मंजूर किहे हय। मंजूर धन से जिला मैनपुरी के गाँउ नौनेर, तहसील मैनपुरी अउर पीलीभीत के गाँउ जहानाबाद, तहसील पीलीभीत मा गो संरच्छन केन्द्रन के स्थापना कीन जाय। हर केन्द्र बरे 160.12 लाख रुपिया के धन के इंतजाम कीन गवा हय।
यई संबंध मा पसुधन बिभाग सासनादेस जारी करत निदेसक, प्रसासन अउर बिकास पसुपालन बिभाग के जरूरी दिसा-निरदेस जारी कइ दीन गवा हय कि गो संरच्छन केन्द्रन बरे दीन गय धन के नियम के हिसाब से खरच, बेवरा/उपयोगिता प्रमाण-पत्र अउर भौतिक प्रगति अउर गुणवत्ता पक्का करय के जिम्मदारी निदेसक, प्रसासन अउर बिकास, पसुपालन बिभाग के होय।
सम्पर्क सूत्र-निधि वर्मा
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सूचना अउर जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेस
पसु रोग अनुसंघान अउर निदान अउर सेवान के बिस्तार बरे 450 लाख रुपिया के धन मंजूर
लखनऊ: 18 जून, 2026
उत्तर प्रदेस सरकार पसु रोग अनुसंघान अउर निदान अउर सेवान के बिस्तार बरे यई बित्तीय साल मा 04 करोड़ 50 लाख रुपिया के धन मंजूर किहे हय। यई संबंध मा पसुधन बिभाग द्वारा जरूरी सासनादेस जारी कइ दीन गवा हय।
सासनआदेस मा निदेसक, रोग नियंत्रण अउर प्रछेत्र पसुपालन बिभाग का निर्देसित कीन गवा हवै कि सुइकृत कीन जात धनरासि का आहरन अउर खरचा भारत सरकार/राज्ज सरकार दुआरा एस0सी0एस0पी/टी0एस0पी0 बरे निर्धारित मानको/अनुमोदित कारजजोजना अउर निर्धारित मद मा योजना बरे निर्धारित गाइडलाइन्स का पूरा अनुपालन सुनिस्चित करत भए खरचा बेवरन सहित उपयोगिता प्रमान-पत्र सासन का उपलब्ध करावा जाई। सुइकृत कीन जात धनरासि का खरचा/उपजोग उहै मद/प्रयोजन मा कीन जाई, जेकरे बरे धनरासि सुइकृत कीन गइ हवै।
सम्पर्क सूत्र-निधि बर्मा
बैसाली माथुर/05ः45 च्ड
फोन नम्बर क्पतमबज रू 0522-2239023 ई0पी0बी0एक्स0: 0522-2239132,33,34,35
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पत्र सूचना साखा
सूचना अउर जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेस
नसा मुक्त भारत हफ्ता 26 जून तक मनाया जाई
जिला मा ब्यापक जनजागरूकता कार्यक्रमन का होई आयोजन
लखनऊ: 18 जून, 2026
भारत सरकार के सामाजिक न्याय अउर अधिकारिता मंत्रालय के “नसा मुक्त भारत अभियान” के तहत 17 से 26 जून, 2026 तक प्रदेस के सब जिला मा “नसा मुक्त भारत हफ्ता” का आयोजन कीन जाई। इ अभियान भारत सरकार दुआरा “मादक पदार्थन के दुरूपजोग अउर अबैध बेपार बिरोधी अंतररास्ट्रीय दिवस” के मौका पै संचालित कीन जात हवै।
समाज कल्यान बिभाग इ संबंध मा दिसा निरदेस जारी कई दिहिस हवै, जेकरे हिसाब से अभियान के भीतर नसा के खराब असर के बारे मा आम लोग, खास कइके जवानन का जागरूक करै बरे अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कीन जाइहैं। हफ्ता भर इस्कूलन, महाइस्कूलन, पढ़ै वाले संस्थानन अउर अलग-अलग बिभागन के मदद से रैलियन, सपथ ग्रहण कार्यक्रम, संगोस्ठियन, बाद-बिबाद प्रतियोगिता, जनजागरूकता रथ, नुक्कड़ नाटक अउर दूसर रचनात्मक काम आयोजित कीन जाइहैं।
निरदेसन के हिसाब से 17 जून अउर 26 जून का खास कार्यक्रम आयोजित कीन जाइहैं अउर सब बिभागन दुआरा कामन का पहिले से तय कलेंडर तइयार कइ के असरदार ढंग से काम सुनिस्चित कीन जाई। अभियान का संचालन “नसा मुक्त भारत अभियान” के तहत कीन जाई अउर परचार-परसार बरे तय मानकीकृत समान अउर बैनरन का उपजोग कीन जाई।
सब पढ़ै वाले संस्थानन, सामाजिक संगठनन, सुयंसेवी संस्थानन अउर आम नागरिकन से नसा मुक्त भारत हफ्ता के कार्यक्रमन मा बढ़ि-चढ़ि के हिस्सा लेय के अपील कीन गइ हवै। जनसहभागिता के जरिये से ही नसामुक्त, सुअस्थ अउर मजबूत समाज के बनावै का लच्छ हासिल कीन जाइ सकत हवै।
सम्पर्क सूत्र-आसिया खातून
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पत्र सूचना साखा
सूचना अउर जन सम्पर्क बिभाग उत्तर प्रदेस
डिजिटल संचार के छेत्र मा सूचना बिभाग के असरदार पहल
बिभाग के आधिकारिक यूट्यूब चैनल ’’सूचना परवाह’’ का भा सुभारंभ
सरकार के जनकल्यानकारी जोजनन अउर बिकास कामन के जानकारी आसानी से आम लोगन तक पहुँची
लखनऊ: 18 जून, 2026
उत्तर प्रदेस सरकार के सूचना अउर जनसंपर्क बिभाग दुआरा डिजिटल संचार का अउर जादा मजबूत अउर असरदार बनावै के दिसा मा एक बड़ पहल करत भए बिभाग के आधिकारिक यूट्यूब चैनल “सूचना परवाह” का सुभारंभ आज लोक भवन, लखनऊ मा कीन गवा।
चैनल का सुभारंभ सूचना निदेसक बिसाल सिंह अउर अपर सूचना निदेसक अरविंद कुमार मिसिर दुआरा कीन गवा। इ मौका पै निर्माता फिलिम अभय कुमार सिरीवास्तव, फिलिम निरमान प्रबंधक संदीप पांडेय सहित सूचना बिभाग के दूसर अधिकारी अउर करमचारी भी मौजूद रहे।
’सूचना परवाह’ उत्तर प्रदेस सूचना अउर जनसंपर्क बिभाग का आधिकारिक डिजिटल मंच हवै, जेकरे जरिये से प्रदेस सरकार के जनकल्यानकारी जोजनन, बिकास परियोजना, बड़ निरनय, उपलब्धियन, जनहितकारी कार्यक्रमन अउर सासन के अलग-अलग पहल से जुड़ल परमानिक, तथपरक अउर तुरंत जानकारी आम लोगन तक पहुँचाई जाई। एकरे साथै बिभाग दुआरा बनावा गवा बित्तचित्र, खास रिपोर्ट, पेरना दै वाले वीडियो, सरकारी अभियानन अउर बड़ आयोजनन का भी रोज परसारन इ मंच पै कीन जाई।
इ मौका पै सूचना निदेसक बिसाल सिंह कहेन कि अबही के समय मा डिजिटल मीडिया जनसंचार का सबसे असरदार माध्यम बनि के उभरा हवै। अइसन मा “सूचना परवाह” यूट्यूब चैनल सरकार अउर जनता के बीच बात-चीत का एक मजबूत पुल साबित होई। उ कहेन कि इ मंच के जरिये से नागरिकन का सरकार के जोजनन, नीतियन अउर बिकास कामन के बिसुसनीय अउर परमानिक जानकारी सरल, सहज अउर नीक रूप मा उपलब्ध कराई जाई।
अपर निदेसक अरविंद कुमार मिसिर कहेन कि बिभाग समय के साथै नई तकनीक अपनावत भए जनसंचार के नए आयाम बनावत हवै। “सूचना परवाह” के जरिये से प्रदेस के बिकास जात्रा, जनकल्यानकारी कार्यक्रमन अउर सासन के उपलब्धियन का अउर जादा बड़ पैमाना पै लोगन तक पहुँचावा जाई, जेसे नागरिकन का सरकारी जोजनन के सही अउर समय से जानकारी मिलि सकै।
इ यूट्यूब चैनल प्रदेस सरकार के उपलब्धियन अउर जनहित से जुड़ल बड़ जानकारी के परसार का एक असरदार मंच बनी अउर आम लोग अउर सासन के बीच बात-चीत का अउर जादा मजबूत करै मा बड़ भूमिका निभाई।
सम्पर्क सूत्र-महेन्द्र कुमार
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सूचना अउर जनसम्पर्क बिभाग, उ0प्र0
प्रदेस सरकार के हरित परिवाहन विजन से प्रदेस के 18 सहरन मा दउरिहैं नई इलेक्ट्रिक बस
लखनऊ: 18 जून, 2026
उत्तर प्रदेस आज बिकास, सुसासन अउर नई बुनियादी ढाँचा के छेत्र मा देस के अगुआ राज्जन मा आपन पहिचान बनाइ लिहिस हवै। मुख्यमंत्री सिरी जोगी आदित्यनाथ जी के अगुवाई मा प्रदेस सरकार लगातार अइसन निरनय लेत हवै जउन आम नागरिकन के जिन्दगी का सरल बनावै के साथै-साथ भबिस्य के जरूरतन का भी ध्यान मा रखत हवै। इहै क्रम मा प्रदेस मंत्रिपरिसद दुआरा 18 सहरन मा ग्रास कास्ट कान्ट्रैक्ट (ळब्ब्) माडल पै बातानुकूलित इलेक्ट्रिक सिटी बस के चलावै का मंजूरी देब एक ऐतिहासिक अउर दूरदरसी निरनय हवै। इ कदम न सिर्फ सहरी परिवाहन बेवस्था का नया बनाई बल्कि उत्तर प्रदेस का हरित अउर सतत बिकास के दिसा मा भी मजबूती देई।
पिछले कुछ बरस मा उत्तर प्रदेश मा तेजी से सहरिकरन भा हय। नवा औद्योगिक केंद्रन, ब्यापारिक गतिबिधिन अउर बढ़ति आबादी के कारन सहरन मा सार्वजनिक परिबहन के मांग लगातार बढ़ति जात हय। मुख्यमंत्री श्री जोगी आदित्यनाथ जी यि जरूरत का समय रहत समुझिन अउर एक अइसि परिबहन ब्यवस्था बिकसित करै का संकल्प लिहिन जउन सुरक्षित, सुलभ, आधुनिक अउर परियावरन के अनुकूल होय। यहि सोच का परिणाम हय कि प्रदेस के 18 प्रमुख सहरन मा बड़े पैमाना पै इलेक्ट्रिक बस के संचालन का रास्ता खुला हय। मंत्रिपरिषद द्वारा सुइकृत जोजना के तहत पहिले चरण मा आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी अउर नोएडा (जेवर सहित) मा कुल 1725 इलेक्ट्रिक बस के संचालन के ब्यवस्था की जाइ। यिमा से 743 बस पहिले से चलत हंय, जब कि अउर बस का चरणबद्ध तरीका से जोड़ा जाइ। साथै मा 500 इलेक्ट्रिक बस के संचालन बिस्व बैंक सहायता प्राप्त यूपीकैम्पा मॉडल के तहत की जाइ।
मुख्यमंत्री श्री जोगी आदित्यनाथ जी का मानब हय कि बिकास का मतलब खाली सड़क अउर भवन के बनाउब नाय, बल्कि अइसि ब्यवस्था के बनाउब हय जउन नागरिकन के जीवन स्तर का अउर अच्छा बनावै। इलेक्ट्रिक बस का यि नेटवर्क यहि सोच का उदाहरण हय। यि बस के माध्यम से लाखन जात्री का वातानुकूलित, सुरक्षित अउर सुबिधाजनक जात्रा का अनुभव मिली। मेहरारुअन, बुजुर्ग नागरिकन, लड़िकन अउर रोज के जात्री के बरे यि सुबिधा बिसेस रूप से लाभदाई साबित होइ। यि जोजना खाली परिबहन छेत्र तक सीमित नाय हय, बल्कि परियावरन संरक्षण के छेत्र मा भी एक महत्वपूर्ण पहल हय। आज दुनिया जलवायु परिबरतन अउर प्रदूषण जइसि गंभीर चुनौती का सामना करत हय। अइसे समय मा इलेक्ट्रिक गाड़ी का बढ़ावा देब भबिस्य के जरूरत बनि गवा हय। मुख्यमंत्री जोगी आदित्यनाथ जी उत्तर प्रदेश का परियावरन संरक्षण के राष्ट्रीय अभियान मा अगुआ बनावै का लच्छ निर्धारित किहिन हंय। इलेक्ट्रिक बस के संचालन से डीजल आधारित गाड़ी पै निर्भरता कम होइ, जेसे हवा प्रदूषण अउर ध्वनि प्रदूषण मा कमी आइ। यिके साथै कार्बन उत्सर्जन घटि अउर प्रदेस का कार्बन फुटप्रिंट कम करै मा मदद मिली।
उत्तर प्रदेश सरकार के यि पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘‘ग्रीन इंडिया‘‘ अउर ‘‘नेट जीरो उत्सर्जन‘‘ के संकल्प का भी मजबूती देत हय। जोगी सरकार पहिले भी सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अउर साफ ऊर्जा के छेत्र मा कई उल्लेखनीय काम किहिस हय। अब इलेक्ट्रिक सिटी बस का यि ब्यापक नेटवर्क उ दिसा मा एक अउर बड़ा कदम माना जात हय। यि परियोजना के सबसे बड़ी बिसेसता यि हय कि यिका ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (ळब्ब्) मॉडल पै लागू की जाइ। यि मॉडल के तहत बस के खरीद, संचालन अउर रखरखाव के जिम्मेदारी निजी ऑपरेटर के होइ, जब कि सरकार अउर नगरीय परिबहन संस्था सेवा के गुणवत्ता, संचालन मानक अउर जात्री के सुबिधा सुनिश्चित करिहंय। यसे सरकारी संसाधन के अउर अच्छा उपयोग होइ तथा आधुनिक तकनीक अउर पेसेवर प्रबंधन का लाभ भी मिली।
मुख्यमंत्री जी के अगुवाई मा प्रदेस सरकार रोजगार पैदा करै का भी सबसे बड़ी प्राथमिकता देत हय। इलेक्ट्रिक बस के यि महत्वाकांक्षी जोजना से लगभग 10,500 सीधा तथा 35,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के मउका पैदा होय का अनुमान हय। बस संचालन, तकनीकी रखरखाव, चार्जिंग इस्टेसन प्रबंधन, ड्राइविंग, सुरक्षा सेवा अउर दूसर सहायक कामन मा हजारन जुवकन का रोजगार मिली। यि प्रकार यि जोजना परिबहन सुधार के साथ-साथ आरथिक बिकास अउर रोजगार संबर्धन का भी माध्यम बनि। प्रदेस सरकार अगले पांच बरस मा कुल 6650 इलेक्ट्रिक बस का चरणबद्ध रूप से चलावै का लच्छ निर्धारित किहिस हय। यि लच्छ उत्तर प्रदेश का देस के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिबहन नेटवर्क वाले राज्यन मा सामिल करि। यसे प्रदेस के सहरन मा जात्रा ब्यवस्था अउर ब्यवस्थित अउर असरदार बनि। निजी गाड़ी पै निर्भरता कम होइ, ट्रैफिक जाम मा कमी आइ अउर नागरिकन का कम खरचा मा अउर अच्छी परिबहन सुबिधा मिली।
मुख्यमंत्री श्री जोगी आदित्यनाथ जी के अगुवाई मा उत्तर प्रदेश बीते बरस मा एक्सप्रेस-वे, मेट्रो रेल, एयरपोर्ट, रैपिड रेल, रोपवे अउर स्मार्ट सिटी जइसि कई आधुनिक परियोजना का सफलतापूर्वक आगे बढ़ाइस हय। इलेक्ट्रिक बस के यि नई पहल उहै कोसिस के कड़ी का बिस्तार हय। यि देखावत हय कि प्रदेस सरकार खाली वर्तमान के जरूरत पूरा करै तक सीमित नाय हय, बल्कि भबिस्य के चुनौती अउर संभावना का ध्यान मा राखि के जोजना बनावत हय। आज उत्तर प्रदेश निवेस, औद्योगिक बिकास अउर आधारभूत संरचना के छेत्र मा नई ऊंचाई का छूअत हय। अइसे समय मा आधुनिक सार्वजनिक परिबहन ब्यवस्था आरथिक कामन का गति देय मा महत्वपूर्ण भूमिका निभाइ। अउर अच्छी परिबहन सुबिधा उद्योग, ब्यापारिक प्रतिष्ठान, सिक्षा संस्थान अउर पर्यटन जगह तक लोगन के पहुंच आसान बनाइ, जेसे समूचे बिकास का नई गति मिली।
मुख्यमंत्री श्री जोगी आदित्यनाथ जी के अगुवाई मा 18 सहरन मा इलेक्ट्रिक बस के संचालन का यि निर्णय उत्तर प्रदेश के नगरीय बिकास के इतिहास मा एक मील का पत्थर साबित होइ। यि पहल साफ परियावरन, आधुनिक परिबहन, रोजगार पैदा करब अउर नागरिक सुबिधा के बिस्तार का सबसे अच्छा काम हय। आवै वाले बरस मा जब प्रदेस के सहरन मा हजारन इलेक्ट्रिक बस सड़क पै दउड़त देखाइहंय, तब यि बस जोगी सरकार के दूरदरसी अगुवाई, बिकास वाली सोच अउर हरियर भबिस्य के प्रति बचनबद्धता का मजबूत प्रतीक होइ।
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-प्रबीन मालवीय, सूचना अधिकारी