
पत्र सूचना साखा
(मुख्यमंत्री सूचना परिसर)
सूचना अउर जनसम्पर्क बिभाग, उ0प्र0
मुख्यमंत्री झांसी मा ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ का सम्बोधित किहिन
भारत तबै विकसित होइ, जब उ0प्र0 विकसित होइ, उ0प्र0 तबै
विकसित होइ, जब झांसी समेत परदेस के सबयौ जिला विकसित होइहँय : मुख्यमंत्री
परधानमंतरी जी साल 2014 मा ‘सबका साथ, सबका बिकास,
सबका परयास अउर सबका बिसवास’ मंत्र देसवासिन का दिहिन
जब 140 करोड़ भारतवासिन के बिसवास अउर परयास जुड़िहै तथा
काम के जोजना बनिहै, तउ बिकसित भारत बनै मा देर नाहीं लागिहै
हमका आपन नागरिक करतब के बरे हमेसा होसियार रहै का चाही,
जेवन जेइ छेत्र मा है, ओका उइ छेत्र मा ईमानदारी से काम करै का चाही
भारत पिछला 12 बरिस मा परधानमंतरी जी के अगुवाई मा जउन जात्रा
सुरू किहिस, ओकरे नतीजा मा
आज भारत के गिनती दुनिया के चौथी बड़ी अरथब्यवस्था मा होत है
डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग मा भारत आतमनिर्भरता के लच्छ का पावत है
ऑपरेसन सिंदूर के टेम पै पूरी दुनिया ब्रह्मोस के ताकत देखिस,
इ परधानमंतरी जी के ‘बिकसित भारत’ बिजन के हिस्सा है
डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर झांसी, चित्रकूट, कानपुर, आगरा, लखनऊ,
अलीगढ़ मा तेजी से बिकसित कीन जात है, यहमा
37 हजार करोड़ रु0 के निवेस के परस्ताव मिले हँय
पहिले बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे खाली सपना रहा, अब असल
रूप लइ चुका है, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर झांसी से होइ के जात है
बुन्देलखण्ड मा फार्मा पार्क के सपना साकार होत है
बुन्देलखण्ड के नौजवान अब पलायन नाहीं करत है,
बलुक परदेस के बिकास मा बढ़ि-चढ़ि के हिस्सेदारी करत है
परदेस मा ‘सबका साथ सबका बिकास’ मंत्र के साथ बिना भेदभाउ
हर जरूरतमंद का कल्याणकारी जोजनन के लाभ दीन जात है
लखनऊ : 20 जून, 2026
उत्तर परदेस के मुख्यमंत्री जोगी आदित्यनाथ जी कहिन कि दुनिया के सबते पियारे नेता भारत के परधानमंतरी श्री नरेन्दर मोदी जी चुना भवा परधानमंतरी के रूप मा देस मा सबते ढेर कार्यकाल के रेकार्ड बनाइन हय। भारत तबै बिकसित होइ, जब उत्तर परदेस बिकसित होइ। उत्तर परदेस तबै बिकसित होइ, जब झांसी समेत परदेस के सबयौ जिला बिकसित होइहँय। झांसी तबै बिकसित होइ, जब हर गाँव पंचायत अउर सहर निकाय आतमनिर्भर अउर बिकसित होइहँय। क्रांति के यइ धरती पै बिकसित भारत संकल्प सम्मेलन के आयोजन कीन जात है।
मुख्यमंत्री जी आजु झांसी मा ‘बिकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ मा आपन बात कहत रहे। उ कहिन कि बिकास सबका लइके होवय का चाही। परधानमंतरी जी साल 2014 मा ‘सबका साथ, सबका बिकास, सबका परयास अउर सबका बिसवास’ मंत्र देसवासिन का दिहे रहे। जब 140 करोड़ भारतवासिन के बिसवास अउर परयास जुड़िहै तथा काम के जोजना बनिहै, तउ बिकसित भारत बनै मा देर नाहीं लागिहै। सबके एक साथ परयास से ही अयोध्या मा श्रीरामलला के बड़का मंदिर बना। इ नवा अउर बड़का भारत के रास्ट्र मंदिर है। इ नवे भारत के निर्माण के सुरुवात भी है।
मुख्यमंत्री जी साल 2022 मा जब दुनिया यइ सदी के सबते बड़ी महामारी से लड़त रही, तब परधानमंतरी जी देसवासिन का अगले 25 बरिस के काम के जोजना अउर बिकसित भारत संकल्प से जोड़त रहे। उ देसवासिन से पंचपरन अपनावै के बात कहिन रही। यहमा गुलामी के सोच से छुटकारा, आपन बिरासत के मान, देस के सहीदन, सेना के जवानन अउर बरदीधारी फउज के मान, समाज के एकता बरे काम करब तथा नागरिक के करतब का मानब सामिल है। दुनिया मा उहै बिकसित भा है, जउन आपन दम पै काम के जोजना बनाइ के आगे बढ़ा।
मुख्यमंत्री जी कहिन कि गुलामी के सोच से कउनौ मनई अपने गोड़े पै नाहीं खड़ा होइ सकत। आतमनिर्भरता बरे गुलामी के सोच हटाउब अउर आपन बिरासत के मान करब जरूरी है। भारत आपन जात्रा का लगातार आगे बढ़ावत है। हम येही बरे चइन से सोइत हन, काहेकि हमरे फउजी माइनस टेम्परेचर मा बार्डर के रच्छा करत हंय। पैरामिलिट्री के जवान नक्सल इलाका मा मजबूती से काम करत है। पुलिस के जवान होसियार होइ के गस्त करत हंय। इ सबयौ के बरे हमरे मन मा मान के भाव होवय का चाही।
मुख्यमंत्री जी कहिन कि हमका आपन नागरिक करतब के बरे हमेसा होसियार रहै का चाही। जेवन जेइ छेत्र मा है, ओका उइ छेत्र मा ईमानदारी से काम करै का चाही। एक गुरुजी देस बनावै वाले काबिल नागरिक बनाइ सकै, यइ उद्देस से ओका आपन पढ़ावै के काम पूरी करतबनिस्ठा से करै का चाही। ब्योपारी का गाहक के बरे ईमानदारी से आपन करतब निभावय का चाही। उ कालाबाजारी तथा चीज के दाम मा बेमतलब बढ़ोत्तरी न होवय दे। टेम पै टैक्स जमा करै, इ ओकर नागरिक करतब है। किसान टेम पै बीया बोइ के समाज के पेट भरै बरे खेती के काम ईमानदारी से करै। इ ओकर नागरिक करतब है।
मुख्यमंत्री जी कहिन कि भारत पिछला 12 बरिस मा परधानमंतरी जी के अगुवाई मा जउन जात्रा सुरू किहिस, ओकरे नतीजा मा आज भारत के गिनती दुनिया के चौथी बड़ी अरथब्यवस्था मा होत है। दुनिया मा भारत के मान बढ़ा है। इ दुनिया मा सबते तेज गति से बढ़ै वाली अरथब्यवस्था है। भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत नीक होइ गवा है। हिंया के रोड कनेक्टिविटी पहिले से बेहतर भइ है। रेलवे तथा एयर कनेक्टिविटी बहुत अच्छी होइ गइ है। नमो भारत, वंदे भारत तथा अमृत भारत गाड़ी चलत हंय। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग मा भारत आतमनिर्भरता के लच्छ का पावत है। डिफेंस कॉरिडोर बनै से बुन्देलखण्ड के नौजवान खाली रोजगार ही नाहीं पइहै, बलुक हिंया बनै वाली तोप अउर मिसाइल से दुस्मन काँप उठिहै। ऑपरेसन सिंदूर के टेम पै पूरी दुनिया ब्रह्मोस के ताकत देखिस है। इ परधानमंतरी जी के ‘बिकसित भारत’ बिजन के हिस्सा है।
मुख्यमंत्री जी कहिन कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर झांसी, चित्रकूट, कानपुर, आगरा, लखनऊ, अलीगढ़ मा तेजी से बिकसित कीन जात है। यहमा 37 हजार करोड़ रुपिया के निवेस के परस्ताव हमका मिले हँय। हजारन नौजवानन का नौकरी मिलत है। परदेस मा इंफ्रास्ट्रक्चर के अभूतपूर्व बिकास होत है। पहिले बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे खाली सपना रहा, अब इ असल रूप लइ चुका है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर झांसी से होइ के जात है। बीडा भारत के सबते बड़े औद्योगिक सहर के रूप मा बिकसित होत है। बुन्देलखण्ड मा फार्मा पार्क के सपना भी साकार होत है। हिंया मेडिकल कालेज के जाल बिछावा जात है। झांसी, जालौन अउर ललितपुर मा एक-एक मेडिकल कालेज बनि चुका है।
मुख्यमंत्री जी कहिन कि बिदेसी हमलावर हम पै येही बरे हावी होइ गए, काहेकि हम जाति, भासा, छेत्र तथा धरम के नाऊँ पै बँटा रहेन। हमार निसठा देस अउर
सनातन धरम के ताईं नाहीं, बल्कि आपन जाति के ताईं रही। एकरे नतीजा विदेशी हमलावर हमका बाँटिकै हम पै राज करत रहे। यहि कारन हमका एकता पै जोर देय का चाही। जौन समाज का जाति के नाउँ पै बाँटत अहैं, उ समाज के दुस्मन अहैं।
मुख्यमंत्री जी कहेन कि पहिले भारत के बिकास करै बदे पूरा संसाधन रहा। आज से 02 हजार पहिले तक दुनिया के अर्थव्यवस्था मा जेतना धन-धान्य, वैभव अउर समृद्धि रही, ओमा भारत के 44 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। भारत मा स्थित तक्षशिला दुनिया के सबसे पुरान विश्वविद्यालय रहा। उ वृहत्तर भारत के हिस्सा मा रहा, बदकिस्मती से पाकिस्तान मा चला गवा। बाद मा नालंदा, विक्रमशिला विश्वविद्यालय बनेन। देस के अलग-अलग जगह पै अउरौ विश्वविद्यालय बनेन। काशी, पश्चिम बंगाल मा स्थित नवलदीप, दक्खिन भारत मा कांची अउर मध्य भारत मा उज्जैन ग्यान के धरोहर रहे। देस मा स्थित कुम्भ के 04 छेत्र आपुस मा ग्यान के लेन-देन, बिद्वान अउर ऋषि परम्परा के भुइयाँ रहे। इ खाली नहाए के माध्यम नाहीं, बल्कि ग्यान के धारन का आपुस मा जोड़ै अउर ओनके लेन-देन के माध्यम रहे।
मुख्यमंत्री जी कहेन कि आज से 400 बरीस पहिले तक दुनिया के अर्थव्यवस्था मा भारत के हिस्सेदारी 24 प्रतिशत रही। सन् 1950 तक आवत-आवत इ हिस्सा खाली 02 प्रतिशत रहि गवा रहा। मुगल अउर अंगरेजन के राज भारत का खोखला कई दिहेस। भारत का पिछड़ा बनावै बदे इ भारत के उद्योग, कला, कारीगर अउर परम्परा का बेइज्जत करै के काम किहेन। भारतीयन के मन मा इ भाव पैदा कई दिहेन कि भारतीय मनई बेकार अउर बाहेर के मनई ही सब कुछ अहै। एकरे नतीजा हमरे मन मा गुलामी के सोच बइठि गइ। हमका बतावा गवा कि जौन बिदेसी अहै, उ नीक अहै अउर भारत के चीज खराब अहै। हम अंग्रेजी भासा मानि लिहिन अउर संस्कृत अउर आपन स्थानीय भासा के तिरस्कार कई दिहिन। हम आपन कला, संस्कृति, लोक गाथा, नाटक आदि बिसरि गएन। लोक काव्य हमरे परम्परा के थाती रही, जेका हम नकारिकै पॉप गीतन का अपनाइ लिहिन।
मुख्यमंत्री जी कहेन कि हम आपन परम्परागत बाजन का छोड़िकै पच्छिमी संगीत केइँती होइ गएन। मध्य काल मा संत तुलसीदास से कहा गवा कि आप अकबर के दरबार मा जाउ, हुआँ आप नवरतन मा सामिल करे जाब्या। तुलसीदास जी कहेन कि ओनके राजा खाली श्रीराम अहैं। उ श्रीरामलीला के सुरूआत कईके ‘बोलो राजा राम चन्द्र की जय’ के नारा लगाएन। ओरछा मा भगवान श्रीराम आजउ राजा के रूप मा बिराजमान अहैं।
मुख्यमंत्री जी कहेन कि हम परम्परा अउर बिरासत से अलग होत गएन। यहि कारन रहा कि सन् 1947 मा देस आजाद होए के बाद जब भारत माता के सपूत लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल सोमनाथ मंदिर के दुबारा बनावै के कार्यक्रम का आगे बढ़ाएन, तउ ओनका बिरोध करा गवा। जब पहिले राष्ट्रपति डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम बदे सोमनाथ मंदिर जात रहेन, तउ लोग यहि पै आपत्ति दर्ज किहेन। काहेकि लोगन के मन मा गुलामी के सोच हावी होइ चुकी रही। इ पहिली बार भवा, जब भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी अयोध्या मा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के सिला पूजन, प्राण-प्रतिष्ठा अउर धरम ध्वजा फहरावै के कार्यक्रम बदे खुद पधारेन। उ आपन कर-कमलन से तीनौ कार्यक्रम का आगे बढ़ाएन। इ बिरासत के सम्मान अहै।
आजादी के अमृत महोत्सव बरीस मा हर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के स्मारक का सम्मान देब हमार प्राथमिकता मा रहा अहै। जनप्रतिनिधियन आपन गाँव, ब्लॉक अउर जनपद मा स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियन के स्मारकों का दुबारा बनउवाएन। आज अयोध्या, काशी, माँ विन्ध्यवासिनी धाम अउर दूसर तीरथन के कायाकल्प देखात अहै।
इ भुइयाँ झाँसी के रानी लक्ष्मीबाई के पराक्रम अउर वीरांगना झलकारीबाई के बहादुरी का देखे अहै। राष्ट्रीयता से भरल रचना के माध्यम से भारत के साहित्यिक अकास का नई ऊँचाई देवइया राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त, नामी रचनाकार वृन्दावन लाल वर्मा अउर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चन्द्र यहि भुइयाँ से संबंधित अहैं। हिंआ स्थित झाँसी के रानी लक्ष्मीबाई के किला मा पहिले के तुलना मा बड़ बदलाव देखात अहै। जनप्रतिनिधि लोग आपन-आपन छेत्र मा कउनौ न कउनौ मंदिर का दुबारा बनउवाइ रहे अहैं। पूरब मा स्थित ओरछा मा राजाराम झाँसी का संरक्षण देत अहैं। पच्छिम मा जगत जननी माँ भगवती पीतम्बरा देवी रच्छक के रूप मा प्रेरणा दइ रही अहैं। आज भिन्सारे दतिया मा पीताम्बरा पीठ मा दरसन के सौभाग्य मिला।
मुख्यमंत्री जी कहेन कि बुन्देलखण्ड के नौजवानन का सरकारी नौकरी से जोड़ा जात अहै। जब नियुक्ति पत्र पावै वाला कउनौ अभ्यर्थी झाँसी के कउनौ विकासखण्ड के नाउँ लेत अहै, तउ सुखद अहसास होत अहै। बुन्देलखण्ड के नौजवान अब पलायन नाहीं करत अहै, बल्कि प्रदेस के बिकास मा सक्रिय भागीदारी करत अहै। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के भीतर नौजवानन का बिना गारन्टी अउर बिना ब्याज के धन उपलब्ध कराउवा जात अहै। इ सब कोसिस करै से होत अहै। जब नीक लोग चुने जात अहैं, नीति बनत अहै, तबै बिकास संभव होत अहै। पिछली सरकारें पॉलिसी पैरालिसिस के सिकार रहीं। नीयत ठीक न होए से नीति नाहीं बनाइ पावत रहीं। जब नीतियन नाहीं बनत रहीं, तउ ओनके लागू होए के सवाले नाहीं उठत।
मुख्यमंत्री जी कहेन कि प्रदेस मा ‘सबका साथ सबका विकास’ मंत्र के साथ बिना भेदभाव हर जरूरतमंद का कल्याणकारी योजनान के लाभ दीन जात अहै। आज से 09 बरीस पहिले झाँसी मा अव्यवस्था अउर गंदगी देखै का मिलत रही। आज स्वच्छता, रौनक के साथ बिकसित झाँसी के परिकल्पना साकार होत देखात अहै। यहि बिकसित भारत के संकल्पना के सुरूआत अहै। हमका सेहत अउर पर्यावरण का ध्यान मा राखत भए प्राकृतिक खेती अपनावै का होइ। भारत तब समृद्ध रहा, जब परम्परागत खेती-किसानी होत रही अउर परम्परागत उदिम बिकास मा सहभागी बनत रहा। जब इ दुइनौ ताकत मिलत रहीं, तउ दुनिया के बजार मा हमार दबदबा बनि जात रहा। ‘एक जनपद एक उत्पाद’ अउर ‘पी0एम0 विश्वकर्मा’ जइसिन योजना इहय अभियान का आगे बढ़ाउत अहैं।
इ अवसर पै उत्तर प्रदेस विधान परिषद के सभापति श्री कुंवर मानवेन्द्र सिंह, सांसद श्री अनुराग शर्मा, झाँसी के महापौर श्री बिहारी लाल आर्य, विधायक श्री रवि शर्मा, श्री राजीव सिंह पारीछा, श्री जवाहर लाल राजपूत, डॉ0 रश्मि आर्य, विधान परिषद सदस्य श्री रामतीर्थ सिंघल, श्री रमा निरंजन सहित अउरौ गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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Assistant Director,
Chief Minister Information Campus,
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