प्रेस नोट

=Two CM Press Notes-Kanpur Visit-Prakritik Kheti Karyashala & Review Meeting Kanpur Division-18 June, 2026

पत्र सूचना शाखा

(मुख्यमंत्री सूचना परिसर)

सूचना अउर जनसम्पर्क विभाग, उ0प्र0

मुख्यमंत्री चन्द्र शेखर आजाद खेती-किसानी अउर टेक्नालॉजी बिसवबिद्यालय,

कानपुर मा ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ का सम्बोधित किहेन

प्राकृतिक खेती मा नीक काम करइ वाले किसानन का सम्मानित किहेन,

मुख्यमंत्री किसान दुघटना कल्याण योजना के लाभ लेइ वालन का प्रतीकात्मक

चेक अउर अगवा किसानन का श्रीअन्न के मिनी किट दिहेन

प्राकृतिक खेती भारत के खुसहाली के आधार बनि सकति है, अन्नदाता

किसानन के पैदावार मा बढ़ोतरी कइके ओनके फायदा का कई गुना

बढ़ावै मा मददगार अउर लागत का कम कइ सकति है : मुख्यमंत्री

भारत तबै बिकास करिहै, जब उ0प्र0 बिकास करिहै, उ0प्र0 तबै बिकास

करिहै, जब कानपुर बिकास करिहै, कानपुर तबै बिकास करिहै, जब हिंया

के अन्नदाता किसान, ब्यापारी, कारीगर बिकास करिहैं अउर खुसहाल होइहैं

प्रधानमंत्री जी के अगुवाई मा पहिली बार माटी स्वास्थ्य कार्ड के जरिये

धरती महतारी के सेहत के जाँच सुरु भइ, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

के जरिये अन्नदाता किसानन का फसल के सुरक्षा के गारन्टी मिली

रासायनिक खाद अउर कीड़ा मारै वाली दवाई के खराब असर से बचाव

खातिर प्रधानमंत्री जी बिस-मुक्त खेती करै के बात कहेन

प्राकृतिक खेती आज के जरूरत, जदि किसान प्राकृतिक खेती

अउर गइया-आधारित खेती केइती चलैं, तउ ओनके बचत सुरु होइ

जाइ, इ फायदा किसानन के खुसहाली के कारन बनिहै

उ0प्र0 मा गंगा नद्दी के किनारे 27 जिला अउर बुन्देलखंड के 07 जिला

का प्राकृतिक खेती खातिर चुना गवा है, बुन्देलखंड के

किसानन प्राकृतिक खेती मा बहुत नीक तरक्की किहेन

भारत मा पैदा भवा मनई गऊ महतारी के पूजा करत है, आपन जिन्दगी

अउर परिवार के हिस्सा मानत है, ओनके बरे श्रद्धा के भाव रखत है

प्रदेश मा 7,700 से ज्यादा गौसाला मा 14 लाख बेसहारा गइया-बछवा बचाइके राखे गए हन

देसी गइया के दूध लरिकन खातिर फायदेमंद होत है,

गइया के गोबर से कुदरती खाद मिलति है

लखनऊ : 18 जून, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जोगी आदित्यनाथ जी कहेन कि प्राकृतिक खेती भारत के खुसहाली के आधार बनि सकति है। इ अन्नदाता किसानन के पैदावार मा बढ़ोतरी कइके ओनके फायदा का कई गुना बढ़ावै मा मददगार अउर लागत का कम कइ सकति है। ओनका खुसहाल बनाइ सकति है। प्राकृतिक खेती के उ लक्ष्य का पावै खातिर उत्तर प्रदेश सरकार खेती-किसानी बिज्ञान केन्द्र का डेमोन्स्ट्रेशन के आधार बनाए है।

मुख्यमंत्री जी आज चन्द्र शेखर आजाद खेती-किसानी अउर टेक्नालॉजी बिसवबिद्यालय, कानपुर मा प्राकृतिक खेती का बढ़ावा देइ अउर अन्नदाता का नई टेक्नालॉजी से जोरै खातिर भइ ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ मा आपन बिचार बतावत रहे। येकरे पहिले, मुख्यमंत्री जी बिसवबिद्यालय आवै पर परिसर मा लगी अमर सहीद चन्द्र शेखर आजाद के मूरती पर फूल चढ़ाइके श्रद्धांजलि दिहेन।

मुख्यमंत्री जी प्राकृतिक खेती मा नीक काम करइ वाले किसानन का सम्मानित किहेन अउर मुख्यमंत्री किसान दुघटना कल्याण योजना के लाभ लेइ वालन का प्रतीकात्मक चेक अउर अगवा किसानन का श्रीअन्न के मिनी किट दिहेन। मुख्यमंत्री जी कार्यक्रम वाली जगह पर प्राकृतिक खेती पर लगी प्रदर्सनी का देखेउ।

मुख्यमंत्री जी चन्द्र शेखर आजाद खेती-किसानी अउर टेक्नालॉजी बिसवबिद्यालय अउर खेती-किसानी बिभाग का ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ के आयोजन खातिर धन्यवाद जतावत भए कहेन कि बिकाससील भारत के नेवं धरै खातिर आज प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला के आयोजन कीन गवा है। भारत तबै बिकास करिहै, जब उत्तर प्रदेश बिकास करिहै। उत्तर प्रदेश तबै बिकास करिहै, जब कानपुर बिकास करिहै, कानपुर तबै बिकास करिहै, जब हिंया के अन्नदाता किसान, ब्यापारी, कारीगर बिकास करिहैं अउर खुसहाल होइहैं। जब हिंया के हर चेहरा पर खुसहाली होइ, हर नौजवान के हाथ मा काम होइ, तबै कानपुर खुसहाल होइ। आपन खुदी पर निर्भर होए के लक्ष्य आपन बल पर पूरा होत है, दूसर पर निर्भर रहिके नाहीं। येकरे खातिर आपन स्तर पर कोसिस अउर साधन पर बिसवास करै का परी।

मुख्यमंत्री जी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का देस मा सबसे ज्यादा समय तक चुना गवा प्रधानमंत्री के रूप मा काम करत भए नवा कीर्तिमान बनावै खातिर बधाई अउर सुभकामना दिहेन। उ भगवान श्रीराम से पराथना करत भए कहेन कि प्रधानमंत्री जी के जसवाली अगुवाई मा भारत आस्था, अर्थव्यवस्था, नीक सासन अउर खुसहाली के रोज नये-नये कीर्तिमान बनावै। बीते 12 साल मा हम सब बदलत भारत का देखे हन। आज भारत बिना रुके, बिना डिगे, बिना झुके अउर बिना थके आपन बिरासत अउर बिकास का मजबूती से आगे बढ़ावत है। अइसन नाहीं कि भारत के पास पहिले ताकत नाहीं रहै, लकिन उ ताकत के अहसास करावै खातिर जइसन अगुवाई चाही रहै, ओकर कमी रहै।

मुख्यमंत्री जी भारत के तरक्की के चर्चा करत भए कहेन कि 02 हजार बरस पहिले दुनिया के अर्थव्यवस्था मा भारत के हिस्सेदारी 44 प्रतिसत रहै। 400 बरस पहिले हमलावरन के लूटपाट के बावजूद दुनिया के अर्थव्यवस्था मा भारत के हिस्सेदारी 24 प्रतिसत रहै। जब तक हम आपन साधन, अन्नदाता किसानन, ब्यापारिन, नौजवानन अउर आधी आबादी के ताकत पर बिसवास करत रहे, तब तक भारत खुसहाली के ऊंचाई पर पहुंचत रहा। जब हम बिदेसिन के नकल करब सुरु कइ दिहे, तब लगातार पिछड़त गए। जउन भारत दुनिया मा कबहुँ आपन धन-धान्य अउर खुसहाली खातिर जाना जात रहै, आजादी के समय उहै भारत के दुनिया के अर्थव्यवस्था मा हिस्सेदारी खाली 02 प्रतिसत रहि गइ।

मुख्यमंत्री जी कहेन कि बीते 12 साल मा प्रधानमंत्री जी के अगुवाई मा जब हमका आपन अन्नदाता किसानन, ब्यापारिन, नौजवानन अउर नारी के इज्जत के सक्ति अउर ताकत पर बिसवास भवा, तब उहै भारत आज दौड़त देखात है अउर खुसहाली के नई ऊंचाई का पावत है। अब भारत ‘बिकाससील भारत’ बनै के दिसा मा तेजी से आगे बढ़त है।

मुख्यमंत्री जी कहेन कि हमका उ कारन पर बात करै का चाही, जेकरे वजह से अन्नदाता किसान खुसहाल भुइयाँ अउर पानी के साधन होए के बावजूद गरीब बनि के आपन जान देइ खातिर मजबूर होइ गए रहे। साल 2014 से पहिले किसान आपन जान देत रहै, काहेकि ओकर लागत ज्यादा रहै अउर पैदावार कम होत रहै। किसान का आपन उपज के कम पइसा मिलत रहै। इ दिसा मा प्रधानमंत्री जी सबसे पहिले कोसिस सुरु किहेन। किसानन का लागत के कम से कम डेढ़ गुना दाम मिलै का चाही, ताकि नीक-खराब परिस्थिति मा भी किसान आपन काम का आगे बढ़ाइ सकै। आजाद भारत मा इ गारन्टी केउ नाहीं दिहिस। येकरे नतीजा इ भवा कि साल 2004 से 2014 के बीच जेहि देस मा

लाखन किसान आत्महत्या किहिन, साल 2014 के बाद ओहमा रोक लागि।

मुख्यमंत्री जी कहिन कि प्रधानमंत्री जी के अगुवाई मा पहिली बार स्वॉयल हेल्थ कार्ड के जरिये धरती महतारी के सेहत के जांच सुरू भइ।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिये अन्नदाता किसानन का आफत के घड़ी मा फसल के सुरक्षा के गारंटी मिली। पहिली बार किसानन का प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लाभ मिला। अन्नदाता किसानन के उपज के खातिर प्रोक्योरमेण्ट सेण्टर बनावा गइन अउर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के घोषणा कीन गइ।

मुख्यमंत्री जी कहिन कि अन्नदाता किसानन का को-ऑपरेटिव सोसाइटी मा मिलै वाली फर्टिलाइजर के एक बोरी के दाम दुनिया के बजार मा 04 हजार रुपिया होत है। लिकिन अन्नदाता किसानन का एक चौथाई से भी कम दाम मा उई फर्टिलाइजर दी जात है। बाकी सब्सिडी भारत सरकार उठावत है। प्रधानमंत्री जी इ सब कोसिस अन्नदाता किसानन का बर्बादी से बचावै अउर खुसहाल बनावै खातिर किहिन।

मुख्यमंत्री जी कहिन कि केमिकल फर्टिलाइजर अउर पेस्टीसाइड के इस्तेमाल करै के बाद जवन पैदावार होत है, उ दुनिया के बजार मा मंजूर नाहीं होत, काहेकि ओहमा फर्टिलाइजर के मात्रा ज्यादा होत है। केमिकल अउर पेस्टीसाइड के कारन लोग ओका अनफिट कइ देत हैं। फर्टिलाइजर, पेस्टीसाइड अउर केमिकल के इस्तेमाल मा किसानन के ज्यादा पइसा खरच होत है। इ रासायनिक खाद अउर कीटनाशक के साइड इफेक्ट भी हैं। यहसे बचाव खातिर प्रधानमंत्री जी जहर मुक्त खेती करै के बात कहिन हैं।

30 बरीस पहिले गुर्दा खराब होय के मामला नाहीं आवत रहे। मनई हैण्डपम्प अउर तालाब के पानी पी लेत रहा। उ मिहनत करत रहा, ओका कउनो दिक्कत नाहीं रही। आज हर मोहल्ला मा 2-3 गुर्दा के मरीज़ जरूर मिलत हैं। गुर्दा खराब, गुर्दा ट्रांसप्लाण्ट, लिवर सिरोसिस, ब्लड प्रेशर के मामला सोझे आवत हैं। ब्लड सुगर के मामला तेजी से आगे बढ़ेन हैं। इ सब बेमारिन पेस्टीसाइड के साइड इफेक्ट हैं। केमिकल फर्टिलाइजर, पेस्टीसाइड के कारन खवैया अन्न मा जहर ज्यादा होत है।

यहसे बचाव के नजरिया से प्रधानमंत्री जी कहिन हैं कि क्वॉलिटी ऑफ लाइफ जरूरी है। हम दवाई मा खरच करत अही। संगै-संग, खेती के बखत धरती महतारी के सेहत का खराब करै मा केमिकल फर्टिलाइजर, पेस्टीसाइड मा खरच करत अही। जदि किसान यहकर इस्तेमाल बंद कइके प्राकृतिक खेती अउर गइया-आधारित खेती के तरफ बढ़ैं, तउ ओनके हर एकड़ 10 से 12 हजार रुपिया के बचत सुरू होइ जाई। इ मुनाफा आपके खुसहाली के कारन बनी अउर दवाई के खरच भी बचाई।

मुख्यमंत्री जी कहिन कि जदि एक मनई बेमार होत है, तउ पूरा परिवार परेसानी अउर चिंता मा डूबा रहत है। प्राकृतिक खेती अपनावै के नतीजा इ होई कि मनइन के बेमारी पै होय वाला खरच भी बची। उ आपन मिहनत के उपयोग देस अउर समाज खातिर कइ सकिहैं। प्रधानमंत्री जी भी प्राकृतिक खेती का आगे बढ़ावै अउर बढ़ावा देय के बात कहिन हैं। निरोग जीवन जियै के अधिकार सबका मिलै, यहकै सुरुआत हमार खेती से होय का चाही।

पिछला 4-5 बरीस मा उत्तर प्रदेश मा इ दिसा मा कोसिस सुरू कीन गइ है। गंगा नदी के किनारे 27 जिला अउर बुंदेलखण्ड के 07 जिला का प्राकृतिक खेती खातिर चुना गवा है। बुंदेलखण्ड के किसान प्राकृतिक खेती मा बहुत बढ़िया तरक्की किहिन हैं। हमका नेचुरल फार्मिंग के चीज के सर्टिफिकेशन के काम का आसान बनावै अउर पैकेजिंग कइके बजार तक पहुँचावै खातिर एक तरीका बनावै का है। हम खेती के मंडिन मा प्राकृतिक खेती के चीज का बिया से लइके फसल तइयार होय तक अउर ओकरे सर्टिफिकेशन अउर बजार तक पहुँचावै के बेवस्था करै खातिर काम करत अही।

मुख्यमंत्री जी कहिन कि जदि फर्टिलाइजर अउर पेस्टिसाइड वाला खवैया अन्न 40 रुपिया मा मिलत है अउर प्राकृतिक खेती वाला उहै अन्न 50 रुपिया मा मिलत है, तउ 50 रुपिया वाले अन्न का पहिले लेय का चाही, काहेकि उ रोगमुक्त, बिसाणुमुक्त अउर जहरमुक्त है। इ अन्न हमार क्वॉलिटी अउर लाइफ का ठीक करी अउर जीवन का निरोग रखी।

मुख्यमंत्री जी कहिन कि भारत मा सनातन धरम का मानै वाले अउर भारत मा जनमी पूजा-पाठ के तरीका का मानै वाले लोग गऊ महतारी के पूजा करत हैं। भारत मा जन्मा मनई गऊ महतारी के पूजा करत है। गऊ महतारी का आपन जीवन अउर परिवार के हिस्सा मानत है। गऊ महतारी खातिर श्रद्धा के भाव राखत है। इतिहास मा यहके तमाम उदाहरण हैं। सिख गुरुवन के इतिहास हमार सोझे है। जब कउनो हमलावर गइया का मारिस, तउ सिख बीरन उका खतम करै के काम किहिन।

मुख्यमंत्री जी कहिन कि गइया आधारित खेती गऊ महतारी के रच्छा करत है अउर हमका पुन्य के भागीदार भी बनावत है। आज लोग खेती-किसानी से आपन का दूर करै के कोसिस किहिन, बइलन के उपयोग बंद किहिन, छोटा रास्ता अपनाइन, जेके नतीजा हम सब के सोझे है। हमार संस्कार है कि गइया हमार महतारी है, जनम-जनम के नाता है, गऊ महतारी का कटै नाहीं देब, देस के सुरक्षा के संग खिलवाड़ नाहीं होय देब। इहै संकल्प के साथ हम काम करत अही।

परदेस मा बेसहारा गउवन के बचाव खातिर 7,700 से ज्यादा गउसाला के निर्माण कीन गवा है। यहमा 14 लाख बेसहारा गउवन रहत हैं। मुख्यमंत्री निराश्रित-बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के तहत पसु पालै वाले का एक गइया के देख-रेख खातिर 1,500 रुपिया हर महीना दी जात है। जदि कउनो पसु पालै वाला 04 गइया राखत है तउ ओका 06 हजार रुपिया हर महीना दी जात है। लगभग डेढ़ लाख पसु पालै वाले गउवन राखे हैं। जदि समाज मा कउनो मनई बेमार, गरीब अउर लरिका कुपोसित है, तउ उ समाज के खराबी के नतीजा है। हमार हमदरदी उ परिवार के संग होय का चाही। उ लरिका समाज अउर देस के धरोहर है, यहि खातिर ओका निरोग जीवन जियै के पूरा अधिकार होय का चाही।

मुख्यमंत्री जी कहिन कि देस वाली गइया के दूध लरिकन खातिर फायदेमंद होत है। देस वाली गइया भले दूध कम देत है, लिकिन सेहत खातिर ओकर दूध बढ़िया होत है। एक देस वाली नसल के गइया के गोबर से प्राकृतिक खाद मिलत है। गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत जी प्राकृतिक खेती से जुड़ल एक बहुत बढ़िया किताब लिखे हैं। उ इ दिसा मा बड़ाई के लायक काम किहिन हैं। श्रद्धेय पालेकर जी भी प्राकृतिक खेती का आगे बढ़ावै के दिसा मा बढ़िया काम किहिन हैं।

जदि हम गइया के गोबर, मूत, दलहन, गुड़ अउर पानी का मिलाइके जीवामृत बनाइत अही, ओकर खेतन मा छिड़काव करित अही, समय के हिसाब से बिया का सोधित अही, तउ प्राकृतिक खेती के सुरुआत होत है। अन्नदाता किसानन खातिर मिहनत करब कउनो कठिन काम नाहीं है। किसान जब पसीना बहावत है, तब धरती महतारी सोना उगलै के

काम करत हईं। प्राकृतिक खेती किसान कै लागत कम करिहै अउर समाज का बीमारी से मुक्त बनइहै। प्राकृतिक खेती आज कै जरूरत बाटइ। प्रधानमंत्री जी के विजन के हिसाब से साल 2047 मा जब देश आपन आजादी कै शताब्दी महोत्सव मनाय रहा होइहै अउर विकसित भारत कै संकल्पना का साकार करत होइहै, तौ स्वस्थ भारत ओकर आधारशिला बनै। विकसित भारत स्वस्थ भारत होय अउर हियाँ बीमार लोगन कै संख्या कम होय। रिषि धरोहर अउर किरिषि परम्परा मा किसानन कै मेहनत, परिश्रम, गऊ-आधारित खेती ओकर आधार बनै। एकरे नजर से हम सब मिलि के काम करब, तौ परिणाम अउर नीक आई।

एफ0पी0ओ0 मिलेट्स, दलहन कै प्राकृतिक खेती कइ के बहुत नीक काम करत हईं।

मुख्यमंत्री जी कहिन कि प्रधानमंत्री जी के बातन मा दूरदृष्टि होत है। उ एथेनॉल, बायो कम्पोस्ट, कम्प्रेस्ड बायोगैस, सी0एन0जी0 कै बात कहे हईं। ईंधन कै स्रोत हमार अन्नदाता किसान अउर हमार गऊ माता हईं। अन्नदाता किसान आपन खेतन कै पराली न जरावैं। ओहसे सी0एन0जी0, एथेनॉल अउर कम्प्रेस्ड बायोगैस बनावै मा योगदान देयं। भारत का ऊर्जा क्षेत्र मा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य का पावै मा योगदान देयं। जब दुनिया भर मा ऊर्जा संकट आवा अउर दुनिया तबाह रही, तौ भारत तन के ठाढ़ रहा। भारत मजबूती से उ चुनौतिन कै सामना करत रहा। भारत मा महँगाई बढ़ी नाहीं, बल्कि काबू मा रही। दुनिया के दुनिया भर के संकट मा भारत के अन्नदाता किसानै भारत कै समृद्धि कै आधार हईं।

कार्यक्रम का किरिषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही भी सम्बोधित किहिन।

एह मौका पै उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय, खादी अउर ग्रामोद्योग मंत्री श्री राकेश सचान, किरिषि राज्य मंत्री श्री बलदेव सिंह ओलख, महिला कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला, सांसद श्री रमेश अवस्थी, विधान परिषद सदस्य श्री सलिल विश्नोई, श्री अविनाश सिंह चौहान, श्री अरुण पाठक, श्री राज बहादुर सिंह चंदेल, विधायक श्री महेश त्रिवेदी, श्री अभिजीत सिंह सांगा, श्री सुरेन्द्र मैथनी, श्रीमती नीलिमा कटियार, श्री मोहित सोनकर ‘राहुल बच्चा’, श्रीमती सरोज कुरील, कानपुर नगर के जिला पंचायत अध्यक्ष श्री स्वप्निल वरुण, कानपुर नगर कै महापौर श्रीमती प्रमिला पाण्डेय, उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्ता, चन्द्र शेखर आजाद किरिषि अउर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ0 संजीव गुप्ता, प्रगतिशील किसान व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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*पत्र सूचना शाखा*

*(मुख्यमंत्री सूचना परिसर)*

*सूचना अउर जनसम्पर्क विभाग, उ0प्र0*

*मुख्यमंत्री कानपुर नगर मा लोक निर्माण विभाग कै*

*वित्तीय साल 2026-27 कै कार्ययोजना कै समीक्षा किहिन, कानपुर मण्डल*

*के जनप्रतिनिधिन से विकास सम्बन्धी प्रस्तावन पै लम्बी चर्चा किहिन*

*जनप्रतिनिधिन के सुझाव अउर प्रस्तावन का प्राथमिकता के आधार पै बटोरि*

*के कार्ययोजना जल्दी शासन का भेजा जाय, जेहसे जरूरी मंजूरियन का*

*दइ के समय से काम सुरू करावा जाय सकै : मुख्यमंत्री*

*विकास परियोजना के भूमि पूजन अउर शिलान्यास कार्यक्रमन*

*मा सम्बंधित जनप्रतिनिधिन कै भागीदारी पक्की की जाय*

*विकास कामन के होय मा कउनौ भी किसिम कै देरी या ढिलाई बरदास्त नाहीं*

*कानपुर मण्डल के 06 जिला से कुल 11,724 करोड़ रु0*

*लागत वाली 1,374 परियोजना के प्रस्ताव दिहा गवा*

*बीते वित्तीय साल मा मंजूर भइ परियोजना मा से 1,242 परियोजना पूरी*

*जवन परियोजना मा निविदा प्रक्रिया पूरा होय के बाद भी काम सुरू नाहीं कीन*

*गवा, उ मामलन मा सम्बंधित फर्मन का चिन्हि के सख्त कार्रवाई कीन जाय*

*सड़कन कै गुणवत्ता अउर उपयोगिता बनाय रखै खातिर असरदार कार्यवाही कीन जाय*

* लखनऊ : 18 जून, 2026*

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आजु कानपुर नगर मा बोलाई गइ बइठक मा लोक निर्माण विभाग कै वित्तीय साल 2026-27 कै कार्ययोजना कै समीक्षा किहिन अउर कानपुर मण्डल के जनप्रतिनिधिन से विकास सम्बन्धी प्रस्तावन पै लम्बी चर्चा किहिन। बइठक मा कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, इटावा, औरैया अउर फर्रुखाबाद जिला के जनप्रतिनिधिन आपन-आपन क्षेत्रन कै विकास जरूरतन से सम्बंधित प्रस्ताव दिहिन।

मुख्यमंत्री जी कहिन कि जनप्रतिनिधिन का आपन क्षेत्र कै भौगोलिक, सामाजिक अउर विकास सम्बन्धी जरूरतन कै गहिर जानकारी होत है। एहसे ओनके सुझाव अउर प्रस्तावन का प्राथमिकता के आधार पै बटोरि के कार्ययोजना जल्दी शासन का भेजा जाय, जेहसे जरूरी मंजूरियन का दइ के समय से काम सुरू करावा जाय सकै।

बइठक मा मुख्यमंत्री जी का बतावा गवा कि जिला कानपुर नगर से 5,523 करोड़ रुपिया लागत कै 344 परियोजना, कन्नौज से 2,058 करोड़ रुपिया कै 217 परियोजना, फर्रुखाबाद से 2,016 करोड़ रुपिया कै 339 परियोजना, कानपुर देहात से 1,581 करोड़ रुपिया कै 387 परियोजना, औरैया से 439 करोड़ रुपिया कै 33 परियोजना अउर इटावा से 104 करोड़ रुपिया कै 54 परियोजना के प्रस्ताव मिला हईं। एह तरहे कानपुर मण्डल के 06 जिला से कुल 11,724 करोड़ रुपिया लागत वाली 1,374 परियोजना के प्रस्ताव दिहा गयन हईं।

मुख्यमंत्री जी बीते वित्तीय साल मा मंजूर भइ परियोजना कै भी समीक्षा किहिन। मुख्यमंत्री जी का बतावा गवा कि बीते साल कानपुर मण्डल मा 5,497 करोड़ रुपिया लागत कै 2,301 परियोजना का मंजूरी दी गइ रही, जेहमा से 1,242 परियोजना पूरी कीन जा चुकी हईं अउर बाकी परियोजना पै काम चलत बाटइ।

मुख्यमंत्री जी निर्देस दिहिन कि जवन परियोजना मा निविदा प्रक्रिया पूरा होय के बाद भी काम सुरू नाहीं कीन गवा है, उ मामलन मा सम्बंधित फर्मन का चिन्हि के सख्त कार्रवाई कीन जाय अउर ओनका ब्लैकलिस्ट करत भये एफ0आई0आर0 दर्ज कराई जाय।

मुख्यमंत्री जी कहिन कि लोक निर्माण विभाग कै सड़कन का नुकसान पहुँचावै वाले मनइन या संस्था से नियम के हिसाब से भरपाई कै वसूली पक्की कीन जाय। सड़कन कै गुणवत्ता अउर उपयोगिता बनाय रखै खातिर असरदार कार्यवाही कीन जाय। उ जनहित से जुड़ल परियोजना का प्राथमिकता के आधार पै मंजूरी दइ के अउर इनै समय से पूरा करै कै निर्देस दिहिन।

मुख्यमंत्री जी अधिकारिन का निर्देस दिहिन कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्ग, बड़े अउर छोट पुल, आर0ओ0बी0/आर0यू0बी0, धार्मिक जगह का जोड़ै वाले सम्पर्क मारग, फ्लाईओवर अउर सड़क सुरक्षा से सम्बंधित प्रस्तावन पै जनप्रतिनिधिन द्वारा तय कीन गय वरीयता क्रम के हिसाब से तुरन्त कार्यवाही पक्की कीन जाय।

मुख्यमंत्री जी कहिन कि जनप्रतिनिधिन द्वारा उठाय

पूजन अउर सिलानास कार्यक्रमन मा संबंधित जनपरतिनिधिन के सहभागिता सुनिश्चित की जाय। मुख्यमंत्री जी साफ किहिन कि बिकास के कामन के क्रियान्वयन मा कउनौ भी परकार के देरी या ढिलाई सवीकार ना होइ तथा हर एक परियोजना का गुनवत्तापूर्ण अउर समयबद्धता के साथ पूरा की जाय।

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