
उत्तर प्रदेश के आज के सरकार के सोच समाज के आखिरी छोर पर बइठे मनई तक तरक्की के मुख्यधारा का बढ़िया तरीका से पहुँचाउब अअइ। एही संकल्प का सच करइ बरे पूरे प्रदेश मा कइयौ जनहित योजना चलाई जाइ रही अहैं, जउन न खाली आर्थिक रूप से कमजोर लोगन के सहारा बनी अहैं, बल्कि नौजवानन अउर बुजुर्गन के जिंदगी मा एक बहुत बड़ा बदलाव भी लेके आई अहैं। एही कड़ी मा चित्रकूट जिला मा चलि रही समाज कल्याण विभाग के बड़ी पहल ‘मुख्यमन्तरी अभ्युदय योजना’ अउर ‘वृद्धजन आश्रम’ जइसन प्रोजेक्ट समाज सेवा के क्षेत्र मा नया मिसाल कायम कइ रहे अहैं। ई सरकार के बढ़िया सोच अउर जिला प्रशासन के फुर्ती के ही नतीजा अअइ कि आज बुंदेलखंड के दूर-दराज के इलाकन मा रहइ वाले होनहार छात्र अपनी आँखिन मा बड़ा अधिकारी बनइ के सपना सच होत देख रहे अहैं, अउर बेसहारा बुजुर्गन का आदर के साथे जिंदगी जिए के हक मिलि रहा अअइ।
मुख्यमन्तरी अभ्युदय योजना प्रदेश के होनहार नौजवानन बरे एक क्रांतिकारी कदम बनके उभरी अअइ। प्रदेश सरकार के एही योजना के मुख्य मकसद उन गरीब छात्रन का मुफ्त कोचिंग अउर बढ़िया मास्टरन के सलाह उपलब्ध कराउब अअइ, जउन पइसा के तंगी के नाते बड़ी परीच्छन के तैयारी नाहीं कइ पावत रहे। चित्रकूट के राजकीय जिला पुस्तकालय कर्वी मा चलि रहे एही केंद्र पर आज के बखत मा 301 छात्र-छात्रा सिविल सेवा, जेईई (JEE), नीट (NEET) अउर दूसर परीच्छन बरे मुफ्त पढ़ाई कइ रहे अहैं। एही योजना के क्वालिटी अउर सच्चाई के सबसे बड़ा सबूत श्री दिवाकर सिंह के कामयाबी मा दिखात है। दिवाकर सिंह एही कोचिंग के मदद से तैयारी कइके उत्तर प्रदेश समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा-2023 मा सफलता पाय के समीक्षा अधिकारी के पद पर अपना नाम पक्का कीनिन। दिवाकर सिंह के ई कामयाबी न खाली उनके खुद के मेहनत के फल अअइ, बल्कि ई सरकार द्वारा दीन्हे गए पढ़ाई के साधनन के जरूरत का भी देखावत अअइ। उनके एही सफलता से चित्रकूट के दूसर गाँव-गिरावं अउर दूर के छात्रन मा एक नया भरोसा जागा अअइ।
लरिकन के बढ़ती रुचि अउर नीक नतीजा का देखत भए जिला प्रशासन आवइ वाले पढ़ाई के सत्र 2026-27 से मऊ, मानिकपुर अउर राजापुर जइसन दूसर तहसीलन मा भी एही मुफ्त कोचिंग के फइलाव करइ के फैसला कीनिस अअइ। प्रदेश सरकार के ई कोशिश ई साफ देखावत अअइ कि पढ़ाई के क्षेत्र मा भेदभाव खतम करइ बरे प्रशासन लगातार काम कइ रहा अअइ। पढ़ाई के साथे-साथे समाज के एक दूसर बहुत संवेदनशील हिस्सा हमार बुजुर्ग अहैं, जेकर ध्यान रखब कौनों भी नीक सरकार के आधार होत है। समाज कल्याण विभाग द्वारा चलावा जाइ रहा वृद्धजन आश्रम एही दयालु सोच के एक बहुत बढ़िया उदाहरण अअइ। विनायकपुर, विकास खण्ड कर्वी मा बना ई आश्रम बेसहारा अउर लाचार बुजुर्गन का न खाली छत दइ रहा अअइ, बल्कि उनका आदर के साथे खाना-पीना अउर दवाई-इलाज जइसन सब सुविधा मुफ्त मा दइ रहा अअइ।
हाल ही मा जिला प्रशासन के संवेदनशीलता के बहुत सुघर नतीजा सामने आए अहैं। एक 100 साल के बूढ़ी महतारी का, जेका उनके परिवार वाले छोड़ि दिहे रहेन, प्रशासन तुरंत कार्यवाही कइके सुरक्षित आश्रम तक पहुँचाएस। एकरे बाद प्रशासन के लगातार समझावै से परिवार वालेन का अपनी गलती के अहसास भवा अउर ऊ महतारी का फिर से अपने साथे लइ गइन। एही तना रामघाट इलाका मा भीख मांगिके बहुत खराब हालत मा जिंदगी बितावै वाली एक लाचार बूढ़ी माई का जिला प्रशासन तुरंतै जिला अस्पताल मा भर्ती करवाय के बढ़िया इलाज करवाएस अउर नीक होय के बाद उनका वृद्धजन आश्रम मा सुरक्षित आसरा दिहिस। प्रदेश सरकार के ई कोशिश ई साफ देखावत अअइ कि प्रशासन न खाली नौजवानन के भविष्य सँवारइ बरे तैयार अअइ, बल्कि समाज के सबसे कमजोर बुजुर्गन का सुरक्षा अउर सम्मान दिवावै बरे भी पूरी तना लाग अअइ।
उत्तर प्रदेश सरकार के इन योजनन ने चित्रकूट जइसन जिला मा एक बहुत बड़े सामाजिक बदलाव के नेव रखी अअइ। मुख्यमन्तरी अभ्युदय योजना से लेके वृद्धजन आश्रम तक के ई सफर सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल भावना का धरती पर सच कइ रही अअइ। इन सब कामन से जहाँ दिवाकर सिंह जइसन गरीब मेधावियों का अपनी मंजिल मिलि रही अअइ, वहीं बेसहारा बुजुर्गन का भी समाज मा आदर के साथे रहे के जगह मिलि रही अअइ। प्रशासन द्वारा चलाए जाइ रहे ई सब कार्यक्रम आज पूरे प्रदेश बरे एक बड़ी प्रेरणा बनि गइन अहैं, जउन ई साबित कइ रहे अहैं कि जनहित मा लाग सरकारी योजना किस तना एक समृद्ध अउर दयालु समाज बनाय सकत अहैं।