पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी जइसन ही सत्ता के कमान सँभारिन, चुनावी वादन पर अमल करै डहर कदम बढ़ावब शुरू कइ दिहिन है। साथे-साथ उ राज्य कय राजनीति अउर प्रशासन मा तेज बदलाव क दौर भी शुरू कइ दिहिन है। भारतीय जनता पार्टी के नेता सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद सँभारतै कइयउ अइसन फैसला लिहिन है, जेका राज्य कय दिशा बदलै वाला माना जात है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी का उनके गढ़ मा हराय के सत्ता तक पहुँचे सुवेंदु अधिकारी सपथ लेय के खाली ४८ घंटा के भीतर लगभग डेढ़ दर्जन बड़े फैसलन कय एलान कइ के इ संकेत दइ दिहिन कि नई सरकार प्रशासनिक, राजनीतिक अउर कानून व्यवस्था के मोर्चे पर बड़ा बदलाव चाहत है।
सार्वजनिक अनुशासन अउर कानून व्यवस्था
नई सरकार के शुरुआती फैसलन मा सार्वजनिक जगहन पर नमाज अउर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल का लइके सख्ती प्रमुख रही। सरकार साफ कइ दिहिस है कि सड़कन अउर आम राहन पर नमाज कय इजाजत नाहीं होइ अउर धार्मिक काम खाली तय परिसरन तक ही सीमित रहिहैं। कोलकाता के रेड रोड इलाका मा सार्वजनिक नमाज पर भी रोक लगावै क फैसला कीन गवा है। एकरे साथै ध्वनि प्रदूषण नियमन का पालन सुनिस्चित करै के ताईं लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी लगाम लगाई गय है। सरकार पथरबाजी के घटनन पर भी कड़ा काररवाई के निर्देश दिहिस है।
हिंसा के मामला मा फिर से जाँच कय आदेस
सुवेंदु अधिकारी सरकार साल २०२१ के विधानसभा चुनाव अउर साल २०२३ के पंचायत चुनाव के बाद भई हिंसा से जुड़ा मामला का फिर से खोलै क आदेस दिहिस है। ई मामला पिछली सरकार के समइ मा बंद कइ दीन गय रहे। मुख्यमंत्री वरिष्ठ पुलिस अफिसरन के साथै बैठक कइके रुकल अउर बंद मामला कय दोबारा जाँच करावै क निर्देश दिहिन। सरकार कय कहब है कि चुनाव के बाद हिंसा के शिकार भये लोगन का न्याय दियाउब ओकर प्राथमिकता है। एही कड़ी मा भाजपा कारयकरतन के हत्या के मामला का भी दोबारा जाँच के घेरा मा लावा जा रहा है। मुख्यमंत्री कहिन कि पिछला पन्द्रह सालन मा मारै गय ३२१ भाजपा कारयकरतन के परिवार जउं चाहैं तौ सरकार निष्पक्ष जाँच करइहै। इ फैसला राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर भाजपा के लम्बा अभियान कय हिस्सा माना जात है।
एकरे अलावा, नई सरकार सांप्रदायिक हिंसा फैलाइयै वालन के खिलाफ गैर जमानती धारान मा काररवाई करै अउर पुलिस का बिना कवनो राजनीतिक दबाव के काम करै कय खुली छूट देय क एलान कीन है। प्रशासन का निर्देश दीन गवा है कि गैर-कानूनी कामन मा सामिल लोगन के खिलाफ कड़ा काररवाई कीन जाय अउर कवनो के राजनीतिक पहिचान का भाव ना दीन जाय। सरकार दावा कीन है कि कानून व्यवस्था का राजनीतिक असर से आजाद कीन जाइ।
सीमा सुरक्षा अउर अवैध तस्करी पर लगाम
साथे-साथ सीमा पार से होइयै वाली अवैध घुसपैठ अउर मवेसी तस्करी के मुद्दे पर भी सरकार कड़ा रुख अपनाय है। राज्य मा अवैध मवेसी बजारन का बंद करै अउर अवैध ढुलाई पर रोक लगावै क निर्देश जारी कीन गय हैं। दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद अउर उत्तर चौबीस परगना जिलन मा चलि रहे अवैध मवेसी बजारन के खिलाफ काररवाई शुरू कइ दीन गय है। एकरे साथै भारत-बंगलादेस सीमा पर बाड़ लगावै के ताईं सीमा सुरक्षा बल का ४५ दिन के भीतर जमीन हस्तांतरित करै क फैसला कीन गवा है। मुख्यमंत्री कहिन कि एसे अवैध घुसपैठ अउर आबादी के संतुलन मा होइ रहे बदलाव पर रोक लागिहय।
पशु वध पर कड़ा नियम
एकरे अलावा, पश्चिम बंगाल की नई सरकार राज्य मा पशु वध का लइके भी कड़ा नियम लागू करै क फैसला लिहिस है। राज्य सरकार पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम १९५० के कानूनन का सख्ती से लागू करै क निर्देश जारी कीन है। नया आदेस के हिसाब से अब कवनो भी मवेसी का काटै से पहिले ओकर उपयुत्तता कय परमाण-पत्र लेब जरूरी होइ। ई परमाण-पत्र नगर निकाय प्रमुख अउर सरकारी पशु डॉक्टर की मिली-जुली रजामंदी से जारी कीन जाइ। सरकार साफ कइ दिहिस है कि सार्वजनिक जगहन पर मवेसी का काटब पूरी तरह मना है अउर खाली तय बूचड़खानन मा ही एकर इजाजत होइ। नियम तोड़ै पर छह महीना तक कय सजा अउर जुरमाना कय प्रावधान भी कीन गवा है।
सिंडिकेट राज अउर प्रशासनिक बदलाव
नई सरकार के इ कदम का कानून व्यवस्था, सार्वजनिक सफाई अउर गैर-कानूनी कामन पर लगाम लगावै डहर एक बड़ा कदम माना जात है। साथै राज्य मा लम्बा समइ से चरचा मा रहे सिंडिकेट राज अउर अवैध खनन पर भी सरकार काररवाई क संकेत दिहिस है। जिला अउर ब्लॉक स्तर पर काम करि रहे तथाकथित सिंडिकेट नेटवर्क का खतम करै क निर्देश दीन गवा है। सरकार कय मानब है कि पिछली व्यवस्था मा निर्माण सामग्री अउर कइयउ क्षेत्रन मा ताकतवर लोगन कय कब्जा रहा, जेका खतम करब जरूरी है। सुरक्षा व्यवस्था मा भी बदलाव करत भये अपराधी बैकग्राउंड वाले लोगन कय सुरक्षा हटावै क फैसला कीन गवा है।
एकरे अलावा तृणमूल कांग्रेस के राज मा अलग-अलग बोर्डन, सरकारी कंपनियन अउर गैर-संवैधानिक संस्थन मा रखे गय अध्यक्षन अउर सदस्यन की सेवा खतम करै क आदेस दइ दीन गय है। ६० साल से ढेर उमिर वाले अफिसरन का सेवा विस्तार देय पर भी रोक लगाय क फैसला कीन गवा है।
केंद्रीय योजनन का लागू करब
नई सरकार केंद्र की कइयउ योजनन का पश्चिम बंगाल मा लागू करै क काम भी शुरू कइ दिहिस है। आयुष्मान भारत, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री कृषक बीमा योजना, प्रधानमंत्री श्री योजना, विश्वकर्मा योजना अउर उज्ज्वला योजना का जल्दी लागू करै क निर्देश दीन गय है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य विभाग का केंद्र सरकार के साथै जरूरी समझौता जल्दी पूरा करै का कहिन है।
सिच्छा अउर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद
साथै-साथ राज्य की नई भाजपा सरकार सिच्छा अउर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से जुड़ा मामला पर भी बड़ा फैसला लिहिस है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी राज्य के सब सरकारी इस्कूलन मा पराथना के समइ वंदे मातरम् गाउब जरूरी कइ दिहिन है। आदेस के हिसाब से क्लास शुरू होय से पहिले लरिकन का वंदे मातरम् के छहु पद गावैं का होइ। सरकार कय कहब है कि आजादी की लड़ाई के समइ इ गीत देसभक्ति अउर राष्ट्रीय चेतना कय प्रतीक रहा है। हाल ही मा केंद्र सरकार द्वारा वंदे मातरम् का जन गण मन के बराबर दरजा देय के बाद इ फैसला का अउर ढेर महत्व दीन जा रहा है। राज्य सरकार एका राष्ट्रीय भावना अउर सांस्कृतिक विरासत का मजबूत करै डहर बड़ा कदम बताइस है।
नया कानून अउर जवानन का राहत
एकरे अलावा, कानूनी ढाँचा मा बदलाव करत भये भारतीय न्याय संहिता का राज्य मा लागू करै क एलान भी कीन गवा है। ई नया अपराधी कानून पुराने भारतीय दंड संहिता कय जगह लेइ चुका है, मुला पश्चिम बंगाल मा एकर लागू होब बाकी रहा। नई सरकार एका तुरन्त लागू करै क फैसला लिहिस है। सरकारी नौकरी के आस देखि रहे जवानन का राहत देत भये उमिर की सीमा ४० से बढ़ाय के ४५ साल कइ दीन गय है। सरकार कय कहब है कि एसे लम्बा समइ से मौका ना पाइयै वाले जवानन का फायदा मिली अउर भर्ती कय काम अउर साफ़-सुथरा कीन जाइ।
जनगणना कय काम भी नई सरकार फिर से शुरू करै क फैसला लिहिस है। केंद्र सरकार के निर्देश के बावजूद इ काम लम्बा समइ से अटका रहा। मुख्यमंत्री कहिन कि राज्य सरकार अब बिना कवनो राजनीतिक घमंड के केंद्र के निर्देश के हिसाब से काम करिहै। एकरे अलावा, प्रशासनिक ढाँचा मा सुधार डहर भी बड़े कदम उठाय गय हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा अउर राज्य पुलिस अफिसरन का केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्रामन मा भेजै क फैसला कीन गवा है। एकर मकसद राज्य के प्रशासनिक काम-काज का राष्ट्रीय स्तर के हिसाब से बनाउब है। एही कड़ी मा स्वास्थ्य विभाग के आठ अफिसरन नई दिल्ली मा आयुष्मान भारत योजना से जुड़ा तकनीकी ट्रेनिंग लिहिन। शहरी विकास विभाग सहित अउर विभागन के अफिसरन के ताईं भी ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू कीन जा रहे हैं। एका पश्चिम बंगाल की नौकरशाही मा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कय शुरुआत माना जात है।
राजनीतिक विश्लेसन
खैर, राजनीतिक जानकारों कय मानब है कि सुवेंदु अधिकारी सत्ता सँभारतै हिंदुत्व पर आधारित राजनीति का जमीन पर उतारै डहर तेज कदम बढ़ावब शुरू कइ दिहिन है। सार्वजनिक जगहन पर नमाज पर सख्ती, वंदे मातरम् का जरूरी करब, सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ अउर मवेसी तस्करी के खिलाफ काररवाई जइसन फैसलन का एही बड़ी रणनीति कय हिस्सा माना जात है। भाजपा लम्बा समइ से बंगाल मा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद अउर कानून व्यवस्था का बड़ा मुद्दा बनावत रही है अउर अब सरकार बनै के बाद ओका पूरा करै कय कोसिस साफै देखाय पड़त है। माना जात है कि राज्य की एक बड़ी आबादी भी लम्बा समइ से अइसन बदलाव कय बाट जोहत रही, जेकर असर चुनाव के नतीजन मा भी देखै का मिला। नई सरकार के शुरुआती फैसलन इ संकेत दइ दिहिन है कि आवे वाले समइ मा बंगाल की राजनीति अउर प्रशासनिक दिशा, दुनहु मा बड़े बदलाव देखै का मिलि सकत हैं। -नीरज कुमार दुबे
