जीवनशैली

अल्जाइमर कै इलाज मां गेमचेंजर साबित होइ सकत अहै ई दवा

अगर आपके घर या जान-पहचान मां कउनो अल्जाइमर कै मरीज अहै, तौ ई रिसर्च आपके बरे एक नई उम्मीद लइकै आई अहै। हाल ही मां भवा एक शोध से पता चला अहै कि दिमाग तक तांबा यानी कॉपर पहुंचाय वाली एक खास दवा ई गंभीर बीमारी से लड़े मां बहुत मददगार साबित होइ सकत अहै। आइ आसान शब्द मां समझित हईं कि ई दवा कइसे काम करत अहै और ई रिसर्च मां का खास बात सामने आई अहै।

का अहै अल्जाइमर और ई कइसे असर करत अहै?

अल्जाइमर एक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी अहै। इमां इंसान कै सोचै, याद रखै और धीरे-धीरे बोलै कै क्षमता भी खतम होय लागत अहै। ई बीमारी मुख्य रूप से दिमाग मां ‘एमाइलाइड-बीटा’ नाम कै एक जहरीले प्रोटीन कै जमा होय कै कारन होत अहै। शोध मां पाया गवा अहै कि कॉपर पहुंचाय वाली ई नई दवा दिमाग कै स्पेशियल मेमोरी कय लम्बै समय तक बेहतर बनाय रखै मां मदद करत अहै। स्पेशियल मेमोरी हमार दिमाग कै वह कॉग्निटिव सिस्टम अहै, जवन हमार आस-पास कै वातावरण और जगहन कै जानकारी कय रिकॉर्ड करत अहै, स्टोर करत अहै और जरूरत पड़ै पै ओका रिकवर कइकै हमका याद दिलावत अहै।

दिमाग मां कइसे काम करत अहै ‘सफाई वाले पंप’?

ऑस्ट्रेलिया कै मोनाश यूनिवर्सिटी कै शोधकर्ता लोगन बताइन कि हमार दिमाग खुद कै सफाई कइसे करत अहै। आम तौर पै, हमार दिमाग कै ब्लड-ब्रेन बैरियर मां कुछ खास तरह कै पंप लागै होत हईं। इनका काम दिमाग मां बनै वाले जहरीले प्रोटीन कय खून कै बहाव कै जरिए बाहर निकालै होत अहै।

अल्जाइमर मां का दिक्कत आवत अहै?

अल्जाइमर कै मरीजन मां कचरा साफ करै वाले इन मुख्य पंपन कय ‘पी-ग्लाइकोप्रोटीन’ कहा जात अहै। ई बीमारी मां ई पंप बहुत कमजोर होय जात हईं। जब ई पंप अपन काम ठीक से नइखिन कय पावत, तौ कचरा बाहर निकलै कै रास्ता बंद होय जात अहै और ई जहरीला प्रोटीन दिमाग मां ही इकट्ठा होय लागत अहै।

कॉपर वाले कंपाउंड ‘सीयू’ से जगी नई उम्मीद

‘केमिकल न्यूरोसाइंस जर्नल’ मां छपा ई रिसर्च मां मुसवन (चूहों) पै परीक्षण कीन गवा रहा। शोध मां सामने आए नतीजे बहुत सकारात्मक रहे:

पंपन कै मरम्मत: शोधकर्ता लोगन का पता चला कि कॉपर से बना एक खास कंपाउंड, जवना कय ‘सीयू’ नाम दीन गवा अहै, अल्जाइमर से पीड़ित मुसवन पै काफी असरदार रहा।

जहरीले प्रोटीन मां कमी: ई कंपाउंड मुसवन कै दिमाग मां मौजूद उन खराब होय चुके ‘कचरा हटावै वाले पंपन’ कय फेर से ठीक करै मां बड़ भूमिका निभाई, जवना से दिमाग मां जमय जहरीले प्रोटीन कय कम कीन जा सका। ई शानदार खोज कै बाद अब न्यूरोवैस्कुलर डिसफंक्शन कै इलाज बरे एक नया और कारगर रास्ता खुलै कै पूरी संभावना अहै।

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