
जदि मॉनिंग कंसल्ट कय मानि त दुनिया कय नेता लोगन कय सूची पै नजर दौड़ावा त कउनो वैश्विक नेता स्वीकार्यता मां नरेन्द्र मोदी कय आसपास भी नाहीं टिकत। विपक्षी दल लोगन द्वारा लगातार देश अउर विदेश मां अभियान चलावे कय बाद भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रेंकिंग या स्वीकार्यता कय मामला मां वैश्विक नेता लोगन से बहुत आगे अहैं। 68 प्रतिशत स्वीकार्यता नरेन्द्र मोदी कय अहै, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कय स्वीकार्यता रेंक लगातार नेगेटिव जात अहै। फालोवर्स मां भी नरेन्द्र मोदी सबसे आगे अहैं। दुनिया कय होइत अहै कि हमार ही देश होइ जहं देश कय बाहेर भारत कय छवि खराब करे मां कउनो कसर नाहीं छोड़ा जात, ओकरे बाद भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कय यह स्वीकार्यता पक्का रूप से भारत ही नाहीं दुनिया कय अन्य देश लोगन मां भी उनकर लोकप्रियता अउर सर्वमान्यता कय देखावत अहै।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सबसे लंबा समय तक प्रधानमंत्री पद पै रहे वाले चुनिंदा प्रधानमंत्री बन गए अहैं। चुनिंदा इहिलाल कि देश मां पहिला लोकसभा चुनाव 1952 मां भवा रहा, पर पं. नेहरू 1947 से 1952 तक भी प्रधानमंत्री रहे। लगातार 12 साल कउनो कम नाहीं होत अउर वोहू लगातार 12 साल। सबसे बड़ी बात यह कि इ दौरान नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा अइसन साहसिक निर्णय लीन गए अहैं जवन कय कल्पना भी नाहीं कीन जा सकत रही। मानि त इहई जात रहा कि कश्मीर से धारा 370 अउर 35 ए हटाव, राममंदिर कय निर्माण, डिजिटल क्रांति, वैश्विक नेतृत्व, नोटबंदी, एक देश एक कर, घर-घर शौचालय, घर-घर कचरा उठाव, रक्षा उपकरण कय निर्यात, किसान सम्मान, मेक इन इंडिया, इंडिया फर्स्ट, बड़ी अर्थव्यवस्था, तेजी से ढांचागत विकास, डिजिटल भुगतान, नक्सलवाद कय खात्मा, आत्मनिर्भर भारत, परिवहन क्षेत्र मां ढांचागत बदलाव आदि-आदि समय-समय पै कीन जाए वाली घोषणा खाली चुनाव जीते कय जुमला अहैं, पर लगभग असंभव माने जाए वाले इ काम आज धरातल पै उतरत अहैं, इ सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा सकत अहै।
इ सबके साथ ही सबसे अचरज वाली बात इ अहै कि लाख विरोध कय बाद भी विपक्ष आज हाशिये मां चला गवा अहै। कश्मीर से धारा 370 अउर 35 ए खतम हो चुका अहै। दुनिया कय कउनो देश खुलकर एकर विरोध करे कय हिम्मत नाहीं देखाई। बाबरी मस्जिद कय जगह पै राममंदिर कय निर्माण हो चुका अहै, त तीन तलाक, सीएए, यूसीसी अउर हियां तक कि सर्जीकल स्ट्राइक कय बाद ऑपरेशन सिन्दूर तक पै दुनिया कय कउनो देश कय भारत कय खिलाफ खुलकर आवाज उठावे कय हिम्मत नाहीं भवा अहै। आज अर्थव्यवस्था मां जौन तेजी से बदलाव आवा अहै अउर चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बने कय बाद अब तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बने कय ओर तेजी से कदम बढ़ चुका अहै। जनधन योजना कय समय जौन तरे आलोचना भवा रहा, आज भुगतान अउर डिजिटलीकरण मां एकर बड़ी भूमिका तय हो चुकी अहै। जौन लगभग असंभव माना जा सकत रहा, उ आज डिजिटल भुगतान कय जरिए संभव हो चुका अहै अउर पांच रुपया कय टमाटर कय भुगतान भी सब्जी वाले तक कय यूपीआई से आसानी से होय लाग अहै। सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजना कय भुगतान, पेंशन, अनुदान आदि आज सीधा खाता मां जाए लाग अहैं। इ कउनो सपना से कम नाहीं अहै। आईपीसी, सीपीसी मां बदलाव कीन जा चुका अहै। त जीएसटी मां लाख कमी गिनावे कय बाद भी आज पूरा देश ‘एक देश एक कर’ कय छाता कय नीचे आ चुका अहै।
बुनियादी ढांचा मां तेजी से बदलाव आवा अहै। आज वंदे भारत अउर नमो भारत ट्रेन चले लाग अहै त 33 किमी रोज हाईवे कय निर्माण होत अहै। एक्सप्रेस हाईवे से आवागमन आसान भवा अहै। आयुष्मान योजना से 50 करोड़ लोगन कय जोड़ि लीन गवा अहै त सस्ती जेनेरिक दवा लोगन कय उपलब्धता कय नेटवर्क बढ़वावा गवा अहै। आज 98 प्रतिशत घर लोगन से कचरा उठाव होय लाग अहै त अब घर-घर मां शौचालय बन चुका अहै। कोरोना कय दौरान हमार प्रयास कय पूरा दुनिया सराहा अहै, हियां तक कि कोरोना कय दौरान जीवन रक्षक कय भूमिका मां भारत काम कीन। किसान लोगन कय कमाई बढ़ावे कय ठोस कोशिश भई अहै त किसान सम्मान निधि कय जरिए किसान लोगन कय उनका आत्मसम्मान दिवाय गवा अहै। एमएसपी व्यवस्था मां सुधार भवा अहै त खेती-किसानी कय क्षेत्र मां बदलाव साफ देखात अहै। मेक इन इंडिया अउर इंडिया फर्स्ट भी आज साकार होत देखात अहै। आज हम रक्षा उपकरण निर्यात करे लाग अहैं त सशस्त्र बल लोगन कय आधुनिकीकरण अउर निर्णय कय स्वतंत्रता कय इ परिणाम अहै कि आज सेना आत्मगौरव कय साथ आगे बढ़त अहै। आज देश आत्मनिर्भर भारत कय दिशा मां तेजी से आगे बढ़त अहै।
जहं तक कूटनीतिक स्तर पै सफलता कय बात अहै, त भारत आज पिछलग्गू देश लोगन मां नाहीं बल्कि दुनिया कय नेतृत्व करे वाली स्थिति मां आ गवा अहै। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लाख कोशिश कय बाद भी भारत कय खिलाफ कुछ खास नाहीं कर पावत अहैं। पाकिस्तान कय पक्ष मां आज तुर्की जइसन एकाध कय छोड़ि कय कउनो देश बोले कय स्थिति मां नाहीं अहै। मालदीव कय नरेन्द्र मोदी कय एक फोटो ट्वीट सबक सिखा दीहिन त दूसरा देश भी भारत कय ताकत कय समझे लाग अहैं। खैर इ सब होत हुए भी नरेन्द्र मोदी सरकार कय सामने अभी चुनौती कम नाहीं अहैं। रोजगार पैदा करब, प्रति व्यक्ति कमाई मां अंतर, शिक्षा अउर स्वास्थ्य सेवा मां सुधार, जल जीवन मिशन कय बाद भी पीये कय पानी कय सहज उपलब्धता, खेती कय बरसात पै निर्भरता, परिसीमन आदि अइसन बहुत मुद्दा अहैं जौन पै ठोस काम करे कय अहै। देश मां जौन तरे पेपर लीक होय कय मामला सामने आवा अहै, एकर से युवा लोगन मां निराशा भई अहै, ओका दूर करे कय चुनौती सामने अहै। त स्टार्ट अप अउर कौशल विकास कय बाद भी बेरोजगारी कय दर अभी भी चिंता कय विषय अहै। साइबर क्राइम अउर गेमिंग जइसन नई चुनौती त सोशल मीडिया कय दुरुपयोग अउर जादे इस्तेमाल कय साइड इफेक्ट जइसन अनेक समस्या समाधान चाहत अहैं। देश आज तेजी से ‘एक देश एक चुनाव’ कय धरातल पै उतरे कय इंतजार करत अहै। रिन्यूवल एनर्जी पै बहुत कुछ हासिल करे कय बाद भी अमेरिका-ईरान युद्ध कय कारण जौन तरे तेल अउर एलपीजी कय संकट आवा अहै, एकर भी दीर्घकालीन समाधान खोजे कय अहै। हालांकि समस्या त लगातार आवे वाली प्रक्रिया अहै, पर दीर्घकालीन योजना से इ सब आसानी से निपटा जा सकत अहै। इ सबके बाद भी देशवासी लोगन कय नरेन्द्र मोदी पै पूरा भरोसा अहै। इहई कारण अहै कि विपक्ष कय लाख आलोचना कय बाद भी नरेन्द्र मोदी कय स्वीकार्यता अउर भरोसा अउर उनकर आत्मविश्वास मां कउनो कमी नाहीं आई अहै। सौ टके कय बात कही जाए त नरेन्द्र मोदी कय अपार उपलब्धि कय बाद भी चुनौती भी अपार अहै अउर सबसे अच्छी बात इ अहै कि देशवासी लोगन कय उन पै भरोसा भी पूरा अहै अउर वैश्विक स्वीकार्यता भी सबसे जादे अहै। – डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा