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TMC में बड़ बगावत पर सौगत रॉय कय हमला, बोलिन- ‘बागी सांसद आपन इज्जत गवा दिहिन’

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय सोमवार कय उ 20 बागी TMC सांसदन् पर खूब बरसिन, जउन ‘नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया’ (NCPI) में विलय करय कय ऐलान कइ दिहिन अहै। उ आरोप लगाइन कि यह कदम ‘दल-बदल विरोधी कानून’ (anti-defection law) से बचय खतिर उठवा गवा अहै। 1985 में संविधान कय दसवीं अनुसूची कय तहत 52वें संशोधन से लागू ‘दल-बदल विरोधी कानून’ कय मकसद राजनीतिक दल-बदल कय रोके अहै। इ कानून संसद अउर राज्य विधानसभा, दुनौ पर लागू होत अहै।

एएनआई से बात करत सौगत रॉय NCPI कय अनजान होय कय बात कहिन अउर बताइन कि एकर कउनो औपचारिक मान्यता नाहीं अहै अउर चुनावी राजनीति में एकर कउनो नामो-निशान नाहीं अहै। उ कहिन कि इ बड़ दुखद अहै। TMC सांसद एक अनजान पार्टी में शामिल होय गएन अहै।

सौगत रॉय बोलिन, “उ आपन सम्मान गवा दिहेन अहै; अब हम का कहि सकित हन? NCPI कउनो मान्यता प्राप्त पार्टी भी नाहीं अहै। इ बंगाल में रजिस्टर्ड अहै, लेकिन त्रिपुरा में प्रत्याशी उतारि दिहिस। एकर साथ विलय करय से का फरक पड़त अहै? उ दल-बदल विरोधी कानून से बचय खतिर अइसन विलय कइ लिहेन अहै।”

इ टिप्पणी बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार कय उ पुष्टि कय बाद आई अहै, जवने में उ कहिन कि 20 लोकसभा सांसद ‘नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया’ (NCPI) में विलय कइ लिहिन अहै अउर उ ‘नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस’ (NDA) कय समर्थन करिहैं। उ कहिन कि ग्रुप लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कइके संसद में बइठय कय अलग व्यवस्था कय मांग करय वाला एक पत्र सौंप दिहिस अहै। उ दावा करित अहैं कि उ पार्टी कय कुल संख्या-बल कय दो-तिहाई से जादा हिस्सा अहैं।

पार्टी कय राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कय खिलाफ चलत जांच कय जिक्र करत सौगत रॉय इ जांच कय राजनीतिक रूप से प्रेरित बताइन। हाल ही में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) अउर एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) उनकर से लगातार पूछताछ कइ रही अहै। CID अउर ED उन पर लगातार कार्रवाई कइ रही अहै। उ मनई कय काम नाहीं करय देय रही अहै। उ नाहीं चाहत कि विपक्ष बचा रहे। इ BJP कय तरीका अहै।

पुलिस सूत्रन् कय मुताबिक, इ घटनाक्रम पश्चिम मेदिनीपुर जिला कय एक अदालत द्वारा TMC सांसद अभिषेक बनर्जी कय पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय कय खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करय कय बाद भवा अहै। इ महीना कय शुरुआत में, बनर्जी कय समन भेजके केंद्रीय एजेंसी कय सामने पेश होय अउर चलत जांच में शामिल होय खतिर कहा गवा रहा। इ समन प्राइमरी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी कय ED जांच कय हिस्सा अहै; इ भर्ती प्रक्रिया कय वित्तीय हेराफेरी अउर प्रक्रिया कय उल्लंघन कय संदेह में जांच चलत अहै।

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