
इ बार 11 जून कै तारीख भारतीय इतिहास कै ताईं बहुत खास भइ अहै। इहै दिन निर्वाचित प्रधानमंत्री कै रूप मां नरेंद्र मोदी सबसे ज्यादा दिन शासन चलावै कै रिकॉर्ड बनाइ दिहिन। इहँवा इ बतायब जरूरी अहै कि इहिके पहिले निर्वाचित प्रधानमंत्री कै रूप मां सबसे ज्यादा 4398 दिन प्रधानमंत्री रहै कै रिकॉर्ड देश कै पहिले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू कै नाम रहा।
आजकल कै दौर विजुअल मीडिया कै दबदबा कै दौर अहै। चूंकि विजुअल मीडिया उत्सव मनायब पसंद करत अहै, तौ इ रिकॉर्ड कय लेके सत्ता पक्ष मां उत्साह कै माहौल रहब तय रहा अउर अइसन अहै भी। पै एकर आलोचना भी बहुत होइ रही अहै। खास कय प्रगतिशील खेमा मोदी कय इ रिकॉर्ड कय लेके कटाक्ष करै अहै। इ आलोचना कय भाव कुछ अइसन अहै, जइसे कहावत अहै- ‘कहां राजा भोज, कहां गंगू तेली’। आलोचकन कय नजर मां राजा भोज नेहरू अहैं अउर गंगू मोदी।
प्रधानमंत्री मोदी कुछ दिन पहिले संसद मां बोलत भये देश कै विकास मां अतीत कै हर प्रधानमंत्री कै योगदान कय याद करे रहे। इतिहास कै क्रम मां हर प्रधानमंत्री कुछ न कुछ योगदान दिहिन अहै। हर प्रधानमंत्री कै आपन समय कै जरूरत अउर परिस्थिति अलग-अलग रही अहै। इहिके नाते अइसन तुलना होयबे नाहीं चाही। काहे से नेहरू कै जमाना मां भारत जौन स्थिति मां रहा, वौन अब नाहीं अहै। इतिहास कय कौनो खंड कठिन होत अहै तौ कौनो आसान। इहिके नाते इतिहास कै काल खंड कै बुनियाद पय वौन दौर कै शासक कय परख होयब चाही। एकर मतलब इ नाहीं अहै कि भविष्य कै शासक आपन उपलब्धि कय जश्न न मना सकैं।
प्रधानमंत्री मोदी कय लेके जौन राजनीतिक माहौल बन गवा अहै, ओमे अगर प्रगतिशील खेमा अउर कांग्रेस मोदी कय आलोचना न करैं तौ हैरत होय। प्रगतिशील खेमा मोदी कय कमतर देखाय कै चक्कर मां नेहरू कय सबसे ज्यादा दिन प्रधानमंत्री रहै कै बतवाय कै कोसिस करत अहै। इ आलोक मां इतिहास कै तथ्य जांचब बहुत जरूरी अहै। इ मां दुइ राय नाहीं अहै कि जब 15 अगस्त 1947 कय देश आजाद भवा, तब पंडित जवाहर लाल नेहरू देश कै पहिले प्रधानमंत्री कै रूप मां शपथ लिहिन। पै वौन कौनो एक दल यानी कांग्रेस कै सरकार नाहीं रही, बल्किन वौन एक तरे सय राष्ट्रीय सरकार रही, जामे अंबेडकर अउर श्यामाप्रसाद मुखर्जी भी रहे।
द्वितीय विश्व युद्ध खतम होय कय बाद लागत रहा कि भारत कय आजादी मिल जाई। इहिके बीच ब्रिटेन मां लेबर पार्टी कै सरकार बनी अउर लॉर्ड एटली प्रधानमंत्री बने। एटली वादा करे रहे कि अगर उनकर सरकार बनी तौ भारत कय आजादी दी जइहै। जब उ ब्रिटेन कै कमान सम्हार लिहिन तौ आजादी देय कै प्रक्रिया तेज कर दिहिन। इहै सिलसिले मां 1946 मां कैबिनेट मिशन भारत आवा। मिशन कय सामने सवाल इ रहा कि सत्ता केकरा दी जाय, काहे से उन दिनन भारत मां दुइ बड़े दल, कांग्रेस अउर मुस्लिम लीग रहे। लेकिन सत्ता केकरा मिलै, इ सवाल कय साथ भारत कय भविष्य अउर संविधान बनाय कै ताईं संविधान सभा कै चुनाव 1946 मां भवा। इ चुनाव मां कांग्रेस कय 208 अउर मुस्लिम लीग कय 73 सीट मिली।
कांग्रेस कै अध्यक्ष कय महत्व बढ़ गवा
इ दौरान कांग्रेस अध्यक्ष कय महत्व बढ़ गवा। उन दिनन कांग्रेस अध्यक्ष पद कय ताईं अधिकतर प्रांतीय समिति सरदार पटेल कय नाम आगे करे रहीं, जबकि कुछ ही समिति जवाहर लाल नेहरू कय नाम आगे बढ़ाइन। चूंकि गांधी जी पहिले ही कहि चुके रहे कि उनकर बाद जवाहर उनकर भाषा बोलिहै यानी सत्ता उनका मिली, इहिके नाते उहै अध्यक्ष बनाय गे।
इहिके बाद 2 सितंबर 1946 कय ‘अंतरिम सरकार’ बनी, जामे नेहरू कय ‘वायसराय कै कार्यकारी परिषद कै उपाध्यक्ष’ बनाय गवा, उ पद कय नाम प्रधानमंत्री नाहीं रहा। भले ही कुछ लोग सुविधा कय ताईं नेहरू कै प्रधानमंत्री काल ओहि दिन सय मान लेत हैं। इ याद करब जरूरी अहै कि वायसराय कै कार्यकारी परिषद कै पदेन अध्यक्ष खुद वायसराय लॉर्ड वेवेल रहे। उहिके बाद आये वायसराय माउंटबेटन अध्यक्ष रहे।
स्वतंत्रता अधिनियम मां ‘प्रधानमंत्री’ शब्द नाहीं
15 अगस्त 1947 कय ‘भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947’ कै तहत देश कय आजाद घोषित भवा। इ कानून कै मूल पाठ मां कतहुं ‘प्राइम मिनिस्टर’ या ‘प्रधानमंत्री’ शब्द नाहीं लिख अहै। नेहरू अंग्रेजी मां शपथ लेत भये ‘ऑफिस ऑफ मिनिस्टर’ यानी मंत्री पद कै शपथ लिहिन, प्रधानमंत्री पद कै नाहीं। इहिके बाद उ ‘नियति सय साक्षात्कार’ (Tryst with Destiny) वाला भाषण दिहिन।
मोदी कय सबसे लंबा समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहै कै रिकॉर्ड कय गलत साबित करै वाला प्रगतिशील तबका कहत अहै कि 1946 कै चुनाव मां कांग्रेस सबसे बड़ दल रहि अउर नेहरू सरकार चलवाइन। पै सच्चाई इ अहै कि 1946 कै चुनाव वयस्क मतदान कै अधिकार अउर ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ कै सिद्धांत पय नाहीं भवा रहा। तब वोटर होय कै शर्त संपत्ति, शिक्षा, कर भुगतान आदि रहा। मुसलमान सिर्फ मुस्लिम बाहुल्य सीट पय ही वोट दे सकत रहे। इ एक तरे सय सार्वभौम वयस्क मतदान सय रहित चुनाव रहा।
पहिला आम चुनाव 1951-52 मां भवा
आजाद भारत मां पहिला आम चुनाव 1951-52 के बीच भवा। जामे कांग्रेस कय 364 सीट मिली। इ परिणाम कै आधार पय पंडित नेहरू 13 मई 1952 कय प्रधानमंत्री पद कै शपथ लिहिन अउर 27 मई 1964 कय आपन मृत्यु तक पद पय बने रहे। इ लिहाज सय नेहरू कय निर्वाचित प्रधानमंत्री कै रूप मां कार्यकाल 4398 दिन ही होत अहै।
रही बात नेहरू अउर मोदी कै कार्यकाल कै उपलब्धि कय, तौ तुलना होय सकत अहै। आजादी कय वक्त देश मां 20 विश्वविद्यालय रहे, जौन नेहरू 64 तक पहुंचाय दिहिन। इ लिहाज सय देखैं तौ मोदी कै कार्यकाल मां देश मां साढ़े पांच सौ सय ज्यादा विश्वविद्यालय होइ चुके हैं। नेहरू समर्थक कहत हैं कि आजादी कय वक्त 15 मेडिकल कॉलेज रहे, जौन नेहरू 81 कइ दिहिन। पै जब मोदी कार्यकाल सम्हारिन तौ देश मां 393 मेडिकल कॉलेज रहे, जौन उ 818 तक कइ दिहिन। 431 मेडिकल कॉलेज तौ 2014 कै बाद ही बने हैं। निस्संदेह नेहरू आपन विदेश नीति कय ताईं जानि जात हैं, पै मोदी भारत कै स्वत्व बोध कय राष्ट्रीय अउर अंतरराष्ट्रीय स्तर पय बहुत बढ़ायें हैं।